होम / टेक / OTT ऐप्स के रेगुलेशन पर मंत्रालय आपस में ही उलझे, आखिर क्या है मामला, समझिए

OTT ऐप्स के रेगुलेशन पर मंत्रालय आपस में ही उलझे, आखिर क्या है मामला, समझिए

DoT को लगता है कि ऐसा कोई मैकेनिज्म होना चाहिए जिससे वो ऐसी ऐप्स को नियंत्रित और रियल टाइम एनालिसिस कर सकें ताकि गलत सूचनाओं को फैलने से रोका जा सके.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्ली: WhatsApp, Telegram और Signal जैसी OTT यानी over-the-top कंपनियों को रेगुलेट करने के मामले में सरकार के कई मंत्रालय आपस में ही उलझ गए हैं. इसे लेकर उनके अपने अपने मत और विचार है. पिछले हफ्ते DoT ने TRAI से कहा था कि वो OTT कम्यूनिकेशंस ऐप्स को रेगुलेट करने के लिए एक कंसल्टेशन पेपर जारी करे

OTT ऐप्स रेगुलेशन पर मंत्रालय आपस में उलझे
राष्ट्रीय सुरक्षा और लोगों की सुरक्षा का हवाला देते हुए गृह मंत्रालय और टेलीकॉम मंत्रालय का कहना है कि OTT ऐप्स को रेगुलेट करना चाहिए. जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय (MeitY) इसके खिलाफ है, MeitY का कहना है कि इस तरह का रेगुलेशन सही नहीं है. टेलीकॉम मंत्रालय (DoT) ने OTT और ऐप्स को रेगुलेट करने के लिए सभी के विचार मंगवाए थे. मंत्रालयों ने अपनी राय DoT को भेजी है. जिससे ये पता चला है कि मंत्रालय इस मामले पर अपनी अलग-अलग राय रखते हैं. सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने इस मामले पर अपनी राय नहीं दी है. मामले की जानकारी रखने वाले एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक MIB को लगता है कि कंटेंट और ऑनलाइन न्यूज उसके अधिकार क्षेत्र में आता है, किसी अन्य विभाग को इसमें दखल देने की जरूरत नहीं है.

OTT ऐप्स को बैन करने की शक्ति जरूरी!
सरकारी सूत्रों के मुताबिक DoT ने इन सभी टिप्पणियों को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी (TRAI) को एक रेफरेंस के रूप में भेज दिया है और कहा है कि वो OTT ऐप्स को लेकर अपने 2020 के प्रस्तावों पर दोबारा विचार करे. सितंबर 2020 में TRAI ने कहा था कि OTT ऐप्स को रेगुलेट करने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन समय समय पर इसकी समीक्षा की जाएगी. अपने रेफरेंस में DoT ने कहा है कि एक ऐसा मैकेनिज्म तैयार होने चाहिए जिसमें उसके पास किसी OTT ऐप या कंटेंट को बैन करने की शक्ति हो ताकि किसी गलत सूचना को प्रसारित होने से रोका जा सके. एक सरकारी अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि -डेटा सिक्योरिटी और उपभोक्ताओं की निजता की सुरक्षा के लिए OTT ऐप्स को रेगुलेट करना बेहद जरूरी है. 

मोबाइल एसोसिशएन लाइसेंसिंग के पक्ष में 
एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि DoT को लगता है कि ऐसा कोई मैकेनिज्म होना चाहिए जिससे वो ऐसी ऐप्स को नियंत्रित और रियल टाइम एनालिसिस कर सकें ताकि गलत सूचनाओं को फैलने से रोका जा सके. जबकि MeitY टेलीकॉम मंत्रालय के विचारों से इत्तेफाक नहीं रखती है, MeitY को लगता है TRAI के 2020 के सुझाव OTT कंपनियों के लिए काफी हैं और किसी तरह के रेगुलेशन की कोई जरूरत नहीं है. मंत्रालयों से अलग दूसरी ओर सेलुलर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) का कहना है कि OTT ऐप्स को लाइसेंसिंग के तहत लाना चाहिए क्योंकि वो भी समान सेवाएं देती हैं. अब उम्मीद की जा रही है कि TRAI एक कंसल्टेशन पेपर लेकर आएगा, जिसमें सभी स्टेकहोल्डर्स से टिप्पणियां होंगी और फिर अपना प्रस्ताव देगा.

VIDEO: अगले महीने लॉन्च होंगी Airtel की 5G सेवाएं

 

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

बजट सेगमेंट में Vivo का नया दांव, AI फीचर्स और 5500mAh बैटरी के साथ लॉन्च हुआ T5e

कंपनी का दावा है कि यह फोन दमदार बैटरी बैकअप, मजबूत बिल्ड क्वालिटी और स्मार्ट AI टूल्स के साथ बजट सेगमेंट के ग्राहकों को बेहतर अनुभव देगा.

1 day ago

बजट सेगमेंट में OnePlus का नया दांव, N6x नए डिजाइन के साथ 31 जुलाई को होगा लॉन्च

लॉन्च के बाद यह फोन Amazon और OnePlus के ऑनलाइन स्टोर पर बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. तो आइए इस समार्टफोन के फीचर्स और कीमत पर एक नजर डालते हैं.

5 days ago

सैमसंग की Galaxy Z Series लॉन्च: AI फीचर्स, दमदार कैमरा और कीमत, जानिए क्या है खास

नई सीरीज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), बेहतर मल्टीटास्किंग, उन्नत कैमरा तकनीक और मजबूत प्राइवेसी फीचर्स पर खास जोर दिया गया है.

5 days ago

अमेरिकी आदेश के बाद एंथ्रोपिक ने दुनिया भर में अपने सबसे उन्नत AI मॉडल बंद किए

यह कदम अमेरिकी सरकार के एक निर्यात नियंत्रण (Export Control) आदेश के बाद उठाया गया है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला दिया गया है.

14-June-2026

4 जून को भारत में Motorola Edge 70 Pro+ की एंट्री, प्रीमियम डिजाइन और दमदार कैमरे से करेगा बड़ा धमाका

मोटोरोला (Motorola Edge 70 Pro+) में फोटोग्राफी पर खास फोकस देखने को मिलेगा. कंपनी ने कन्फर्म किया है कि फोन में 50MP पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा मिलेगा, जो 50x जूम सपोर्ट करेगा.

25-May-2026


बड़ी खबरें

GST फ्रॉड पर बड़ा शिकंजा: ₹74,782 करोड़ के फर्जी ITC दावों का खुलासा, महाराष्ट्र-गुजरात में सबसे ज्यादा मामले

सरकार ने फर्जी GST रजिस्ट्रेशन के मामलों की जानकारी भी साझा की. वित्त वर्ष 2025-26 में जाली PAN और आधार कार्ड जैसे दस्तावेजों के जरिए बनाए गए 1,517 नकली GST रजिस्ट्रेशन पकड़े गए.

2 hours ago

पावर प्ले: क्या रिटायर्ड नौकरशाहों के हाथों में सिमट गई है भारत की वित्तीय व्यवस्था?

तीस रिटायर्ड नौकरशाह. सबसे ताकतवर कुर्सियां. भारत की पूरी वित्तीय व्यवस्था पर खामोश कब्जा

16 minutes ago

फ्लिपकार्ट का बड़ा दांव, MSME और D2C ब्रांड्स के लिए खुला Ekart Logistics नेटवर्क

फ्रेंचाइजी मॉडल के जरिए 2026 के अंत तक 1,000 आउटलेट्स का लक्ष्य, 10 लाख वर्गफुट से ज्यादा वेयरहाउसिंग क्षमता उपलब्ध कराएगी कंपनी

2 hours ago

भारत के एक्सपोर्ट को मिली रिकॉर्ड रफ्तार, FY26 में पहली बार $863 अरब के पार पहुंचा आंकड़ा

भारत के FTA साझेदार देशों में ASEAN क्षेत्र को सबसे ज्यादा निर्यात किया गया. वित्त वर्ष 2025-26 में ASEAN देशों को भारत का निर्यात 38.42 अरब डॉलर रहा.

5 hours ago

Coal India का कैपेक्स Q1 में 16% बढ़ा, ₹3,399 करोड़ खर्च किए; तिमाही लक्ष्य से भी आगे निकली कंपनी

कोयले की ढुलाई और निकासी क्षमता बढ़ाने के लिए कंपनी ने रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी बड़ा खर्च किया है. पहली तिमाही में रेलवे साइडिंग और रेल कॉरिडोर के विकास पर ₹754 करोड़ खर्च किए गए.

5 hours ago