TIME की टॉप 100 सर्वश्रेष्ठ कंपनियों में Infosys इकलौती भारतीय कंपनी!

लिस्ट में दुनिया भर की कुल 750 ग्लोबल कंपनियों को जगह दी गई थी और इन 750 कंपनियों में Infosys ने 64वां स्थान प्राप्त किया है.

Last Modified:
Friday, 15 September, 2023
Infosys

इस वक्त इन्फोसिस (Infosys) को लेकर एक काफी बड़ी खबर सामने आ रही है. हाल ही में TIME द्वारा साल 2023 के दौरान दुनिया भर में मौजूद सर्वश्रेष्ठ कंपनियों की लिस्ट जारी कर दी गई है. कमाल की बात ये है कि इस लिस्ट की टॉप 100 कंपनियों में सिर्फ एक ही भारतीय कंपनी शामिल है, और इस कंपनी का नाम Infosys है. 

Infosys बनी इकलौती भारतीय कंपनी
TIME ने अपनी लिस्ट में दुनिया भर की कुल 750 ग्लोबल कंपनियों को जगह दी थी और इन 750 कंपनियों में Infosys ने 64वां स्थान प्राप्त किया है. Infosys बैंगलोर आधारित ग्लोबल कंसल्टिंग और IT सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी है और TIME द्वारा कंपनी को 88.38 स्कोर दिया गया है. Infosys की स्थापना 1981 में हुई थी और यह NYSE में लिस्टेड एक ग्लोबल कंसल्टिंग और IT सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी है. कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट की मानें तो पिछले 40 सालों के दौरान कंपनी ने प्रमुख रूप से ऐसे बदलावों में योगदान दिया है जिनकी बदौलत भारत को दुनिया भर में प्रमुख सॉफ्टवेयर सेवाओं के रूप में पहचान मिली है. कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि प्रोफेशनल सेवाएं प्रदान करने वाली दुनिया की टॉप 3 कंपनियों में शामिल हैं और TIME की टॉप 100 कंपनियों में शामिल हम इकलौती भारतीय कंपनी भी है. 

लिस्ट में शामिल अन्य कंपनियां
TIME द्वारा बनाई गई इस लिस्ट में शामिल टॉप 4 कंपनियों की बात करें, तो यह सभी अमेरिका स्थित प्रमुख टेक कंपनियां हैं. TIME की इस लिस्ट में Microsoft, Apple, Alphabet और Meta को टॉप 4 शतान प्रदान किये गए हैं. Accenture, Pfizer, American Express, Electricite de France, BMW, Dell Technologies, LVMH Moet Hennessy – Louis Vuitton, Delta Air Lines, Enel, Starbucks Corp, Volkswagen Group, General Motors, Elevance Health, Bosch, Ford, Johnson & Johnson जैसी कंपनियां टॉप 20 में शामिल हैं. इन कंपनियों की लिस्टिंग के लिए TIME ने कर्मचारियों की संतुष्टि, कमाई में वृद्धि, सतत एवं सकरात्मक विकास के लक्ष्यों और सामाजिक एवं कॉर्पोरेट गवर्नेंस जैसे विभिन्न कारकों को आधार बनाया था. Infosys इस लिस्ट की टॉप 100 कंपनियों में शामिल होने वाली कंपनी ही नहीं है बल्कि साथ ही इस लिस्ट में शामिल 3 प्रोफेशनल सुविधाएं प्रदान करने वाली कंपनियों में से भी एक है. Infosys के अलावा प्रोफेशनल सेवाएं प्रदान करने वाली दो अन्य कंपनियां Accenture और Deloitte हैं. 
 

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अब पूरी तरह से गायब हुआ Twitter, Elon Musk ने बदला वेबसाइट का एड्रेस

एलन मस्क ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म Twitter का नाम और लोगो बदलने के साथ ही अब इसका वेब एड्रेस भी बदल दिया है.

Last Modified:
Friday, 17 May, 2024
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एलन मस्क (Elon Musk) ने अब ट्विटर की पहचान को पूरी तरह खत्म कर दिया है. ऐसे में अब आप भी एक्स को ट्विटर बोलने की आदत भूल जाइए, क्योंकि अब माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म Twitter के नाम, लोगो (Logo) के साथ उसका URL एड्रेस भी बदल चुका है. दरअसल, ट्विटर का नाम और लोगो तो एलन मस्क पहले ही बदल चुके हैं, लेकिन शुक्रवार यानी 17 मई से अब इसका URL भी नया (x.com) हो गया है.

मस्क ने एक्स पर पोस्ट के जरिए दी जानकारी
ट्विटर (अब X) की वेबसाइट में बड़ा बदलाव हुआ है. एलन मस्क लगातार इस प्लेटफॉर्म में बदलाव कर रहे थे. वहीं, अब इसकी वेबसाइट का यूआरएल एड्रेस बदल गया है. अब ट्विटर डॉट कॉम (Twitter.com) की जगह एक्स डॉट कॉम (X.com) लिखा नजर आ रहा है. इसे लेकर एलन मस्क ने शुक्रवार को अपने ऑफिशियल एक्स अकाउंट से पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा है कि अब पूरा कोर सिस्टम एक्स डॉट कॉम पर होगा. यह दिखाता है कि मस्क ने ट्विटर से लगभग पूरी तरह पीछा छुड़ा लिया है.

44 अरब डॉलर में खरीदा था ट्विटर
एलन मस्क ने अक्टूबर 2022 को ट्विटर का अधिग्रहण किया था और 23 जुलाई 2023 को इसका नाम बदलकर एक्स कर दिया था. हालांकि एक्स अभी तक ट्विटर डॉट कॉम यूआरएल पर ही चल रहा था और अब भी लोग इसे ट्विटर के नाम से बुलाते हैं. एलन मस्क ने इसे 44 अरब डॉलर में खरीदा था.  

X में बदलाव पर क्या बोली कंपनी?
अपनी वेबसाइट के एड्रेस में से ट्विटर को हटाकर एक्स अब एक्स डॉट कॉम पर शिफ्ट हो गया है. एक्स की वेबसाइट के अनुसार कंपनी ने कहा कि हम आपको बताना चाहते हैं कि हम अपना URL बदल रहे हैं, लेकिन आपकी प्राइवेसी और डेटा प्रोटेक्शन सेटिंग्स पहले के जैसी रहेंगी. इसके अलावा एक्स की वेबसाइट पर प्राइवेसी पॉलिसी देखने का लिंक भी दिया गया है.

URL बदलने से आपको नहीं होगी कोई परेशानी
एक्स का यूआरएल बदलने से इसे चलाने में कोई दिक्कत नहीं आएगी. लेकिन जब आप कुछ पोस्ट करेंगे, तो उस पोस्ट के यूआरएल में बदलाव नजर आएगा. पोस्ट के यूआरएल में ‘twitter.com’ की जगह ‘x.com’ हो गया है. अब सबकी पोस्ट के यूआरएल में ‘x.com’ ही शामिल रहेगा.


आ गई गले में पहनने वाली स्मार्ट वॉच, जानिए कीमत और फीचर?

आईटेल (Itel) भारत में अपनी यूनिकॉर्न सीरिज के साथ एक नई यूनिकॉर्न स्मार्टवॉच लॉन्च करने जा रहा है. ये खासतौर पर नई जेनरेशन के लिए तैयार की गई है.

Last Modified:
Thursday, 16 May, 2024
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आईटेल (Itel जल्द भारत में अपनी यूनिकॉर्न सीरिज के साथ एक नई यूनिकॉर्न स्मार्टवॉच लॉन्च करने जा रहा है. आईटेल यूनिकॉर्न भारत की पहली पेंडेंट स्मार्टवॉच होगी. ये वॉच खासतौर पर युवा पीढ़ी को आकर्षित करने के लिए तैयार की गई है. इसके फीचर्स और डिजाइन भी नई जेनेरेशन की पसंद को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं. तो चलिए आपको इसके फीचर्स और कीमत की जानकारी देते हैं.

टू इन वन होगी वॉच
स्मार्टवॉच और पेंडेंट की फीचर को मिलाकर इस एक्सेसरीज को कलाई पर या पेंडेंट के रूप में गले में पहना जा सकता है. इस वॉच में 1.43 AMOLLED डिस्पले और फास्ट चार्जिंग की सुविधा होगी. 

क्या है खास?
आईटेल की अपकमिंग पेंडेंट स्मार्टवॉच में इनोवेटिव और स्टाइलिश स्मार्ट किफायती कीमत में प्रीमियम फीचर के साथ आएगी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आईटेल की क्रिस्टल क्लियर डिस्प्ले विजिबिल्टी ऑफर करती है. इसमें डुअल-कोर प्रोसेसर और 1000 निट्स तक की ब्राइटनेस वाला AMOLED डिस्प्ले है. आपकी आवाज पहचानने की क्षमताओं के साथ इसमें वॉयस कमांड के जरिए वॉच को नियंत्रित करने की सुविधा भी मिलेगी. वॉच में एक बड़ा डिस्प्ले दिया जाएगा. वॉच में आपको डेली यूज के फीचर्स के साथ रोटेटिंग क्राउन बटन दिया जाएगा. इसके अलावा वॉच लंबी बैटरी लाइफ के साथ आएगी. वॉच में हेल्थ और फिटनेस फीचर्स दिए जाएंगे. इसके अलावा यूजर्स को कई सारे वॉच फेस दिए जाएंगे. 

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टेक्नोलॉजी और फैशन दोनों में बेस्ट
कंपनी द्वारा जारी टीजर पोस्टर में नजर आई पेंडेंट स्मार्टवॉच में एक गोलाकार डॉयल, सोने के रंग की चेनऔर पावर बटन के रूप में काम करने वाला एक घूमता हुआ क्राउन, एक लटकन जैसा डिजाइन दिखाया गया है. यूनिकॉर्न पेंडेंट वॉच टेक्नोलॉजी और फैशन दोनों में ही बेस्ट रहने वाली है. इस वॉच में मेटल बॉडी, आईपी 68 रेटिंग, स्पोर्ट्स टैकिंग और ब्लूटूथ कॉलिंग आदि फीचर्स शामिल है. जानकारी के अनुसार इस पेंडेंट स्मार्टवॉच की कीमत 3,799 रुपये से शुरू होगी. 
 


अब आंखों के इशारों पर चलेगा IPhone और IPad, आ रहा ये गजब का फीचर

एप्पल (Apple) ने अपने आईफोन में एक नए एक्सेसिबिलिटी फीचर को रोल आउट करने की घोषणा की है. इस फीचर के जरिए यूजर अपने फोन को अपनी आंखों से कंट्रोल कर सकेंगे.

Last Modified:
Thursday, 16 May, 2024
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एप्पल (Apple) अपने आईफोन (Iphone) यूजर्स के लिए जल्द ही एक गजब का फीचर लाने जा रहा है. इससे यूजर्स अपने फोन को आंखों के इशारों से कंट्रोल कर सकेंगे. ऐसा माना जा रहा है कि ये फीचर आईफोन को यूज करने का तरीका ही बदल देगा. तो चलिए जनाते हैं क्या है ये फीचर और ये कैसे काम करेगा?

Eyes To Scroll एंड Navigate फीचर
जल्द ही आप अपने आईफोन को आंखों के इशारों पर चला सकेंगे. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी Eyes To Scroll एंड Navigate फीचर ला रही है. इसमें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) का इस्तेमाल किया गया है. नॉर्मल यूजर्स के साथ-साथ ये फीचर दिव्यांग लोगों की काफी ज्यादा मदद करेगा. इसमें आप अपने iPhone पर नेविगेट करने और स्क्रॉल करने के लिए अपनी आंखों का यूज कर सकते हैं. खास बात यह है कि कंपनी इस फीचर को iPad के लिए भी ला रही है.

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नए आईफोन पर खर्च करने की नहीं है जरूरत
यह फीचर आपके iPhone या iPad के फ्रंट कैमरे का यूज करके काम करेगा और आपको यह जानकर खुशी होगी कि Apple का ये जबरदस्त फीचर नए और पुराने सभी iPhone और iPad यूजर्स को भी मिलेगा. इस फीचर के लिए आपको नए आईफोन पर खर्च करने की जरूरत नहीं होगी. वहीं कंपनी के अनुसार इस फीचर को साल के अंत तक अपडेट किया जाएगा.

ऐसे काम करेगा फीचर
Apple का कहना है कि ये नया एक्सेसिबिलिटी फीचर आपको A12 चिपसेट या उसके बाद के सभी iPhone या iPad पर मिल जाएगा. इस आई ट्रैकिंग पीचर का यूज करने के लिए किसी एक्स्ट्रा हार्डवेयर या टूल की भी जरूरत नहीं है. ये कई लोगों के लिए इफेक्टिव हैंड्स-फ्री सुविधा देगा. iPhone यूजर्स इस फीचर का यूज करके स्क्रीन पर किसी चीज को सेलेक्ट भी कर सकेंगे. इससे किसी भी ऐप में घूम सकते हैं. ड्वेल कंट्रोल (Dwell Control) का उपयोग करके अलग अलग पार्ट्स को एक्टिवेट कर सकते हैं, बटन दबा सकते हैं और स्वाइप भी कर सकते हैं.


लॉन्च होने जा रहा है दुनिया का सबसे तगड़ा प्रोसेसर वाला फोन, मिलेंगे ये फीचर

ओप्पो (Oppo) जल्द ही अपनी Reno 12 सीरीज के स्मार्टफोन्स को लॉन्च करने जा रहा है. इसमें यूजर्स के लिए कई खास फीचर्स शामिल होंगे.

Last Modified:
Wednesday, 15 May, 2024
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ओप्पो (Oppo) के नए फोन्स का इंतजार कर रहे यूजर्स को लिए बड़ी खुशखबरी है. कंपनी अपनी Reno 12 सीरीज के स्मार्टफोन्स को लॉन्च करने वाली है. इसे लेकर कंपनी ने एक टीजर भी जारी किया है. जानकारी के अनुसार कंपनी इस सीरीज के दो स्मार्टफोन- Oppo Reno 12 और Oppo Reno 12 Pro को मार्केट में ला सकती है. इन दोनों ही स्मार्टफोन में यूजर्स को कई खास फीचर्स मिलेंगे, तो चलिए आपको इन फीचर्स की जानकारी देते हैं. 

कब लॉन्च होगा फोन?
ओप्पो 23 मई 2024 को अपमे ये नए फोन लॉन्च करेगी. कंपनी द्वारा जारी टीजर के अनुसार रेनो 12 सीरीज के फोन सिल्वर कलरटोन में आएंगे. अब तक आई लीक्स के अनुसार रेनो 12 दुनिया का पहला फोन होगा, जिसमें यूजर्स को मीडियाटेक का लेटेस्ट Dimensity 8250 चिपसेट देखने को मिलेगा. वहीं, रेनो 12 प्रो में कंपनी डाइमेंसिटी 9200 स्टार स्पीड एडिशन ऑफर कर सकती है. हालांकि कंपनी ने अभी इन फोन की कीमत को लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है. 

रेनो 12 में मिलेंगे ये फीचर्स
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी इस फोन में 1.5K रेजॉलूशन के साथ 6.7 इंच का OLED डिस्प्ले दे सकती है. फोन 12जीबी तक की रैम और 512जीबी तक के इंटरनल स्टोरेज ऑप्शन में आ सकता है. प्रोसेसर के तौर पर फोन में आपको डाइमेंसिटी 8250 चिपसेट देखने को मिल सकता है. फोटोग्राफी के लिए कंपनी इस फोन में एलईडी फ्लैश के साथ तीन रियर कैमरे देने वाली है. इसमें 50 मेगापिक्सल के मेन लेंस के साथ एक 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड ऐंगल लेंस और एक 50 मेगापिक्सल का टेलिफोटो सेंसर शामिल हो सकता है. वहीं, सेल्फी के लिए कंपनी इस फोन में 50 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा और 80 वॉट तक की फास्ट चार्जिंग देने वाली है.

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ओप्पो रेनो 12 प्रो में होंगे ये फीचर्स
कंपनी इस फोन में 2772x1240 पिक्सल रेजॉलूशन के साथ 6.7 इंच का फुल एचडी+ कर्व्ड OLED डिस्प्ले दे सकती है. यह डिस्प्ले 120Hz के रिफ्रेश रेट और 1600 निट्स के पीक ब्राइटनेस लेवल के साथ आ सकता है. कंपनी इस फोन को 16जीबी तक की LPDDR5x रैम और 512जीबी तक के UFS 3.1 स्टोरेज में ला सकती है. प्रोसेसर के तौर पर इसमें आपको डाइमेंसिटी 9200 स्टार स्पीड Catch मिलेगा.फोटोग्राफी के लिए फोन में कंपनी 50 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा दे रही है. वहीं, फोन के रियर में कंपनी OIS के साथ 50 मेगापिक्सल का मेन कैमरा, 8 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड ऐंगल सेंसर और एक 50 मेगापिक्सल का 2x टेलिफोटो कैमरा देने वाली है. फोन में आपको 5000mAh की बैटरी देखने को मिलेगी, जो 80W की SuperVOOC चार्जिंग को सपोर्ट करेगी.

दोनों फोन में AI ब्लास्टर 
कंपनी के इन दोनों ही फोन में एक आईआर ब्लास्टर, एक इन-स्क्रीन फिंगरप्रिंट स्कैनर, एक आईपी 65-रेटेड चेसिस होगा. ये डिवाइस एंड्रॉयड 14 पर आधारित ColorOS 14 ओएस के साथ आने की उम्मीद है.
 


अब इंसान की तरह बात करेगा, इमोशन समझेगा ChatGPT, लॉन्च हुआ ये नया वर्जन

हाल ही में कंपनी ने चैटजीपीटी (ChatGPT) का नया वर्जन GPT-4o (जीपीटी-40) लॉन्च हुआ है. यह चैटजीपीटी के मुकाबले दोगुनी स्पीड से काम करेगा.

Last Modified:
Tuesday, 14 May, 2024
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ओपन एआई (OpenAI) ने नए और पावरफुल AI मॉडल GPT-4o को लॉन्च किया. ChatGPT बनाने वाली कंपनी का यह सबसे एडवांस एआई मॉडल है. नया मॉडल वॉइस, टेक्स्ट और इमेज को बेहतर तरीके से समझ सकता है. इसके अलावा कंपनी ने इसमें इमोशन की भी सपोर्ट दी है, ताकि यह इंसानों की तरह भावनाएं समझे और जवाब दे सके.

आया सबसे पावरफुल वर्जन GPT वजर्न
चैटजीपीटी को दुनिया के सबसे लोकप्रिय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल में से एक माना जाता है. अभी तक कंपनी इसे GPT-4 वर्जन पर चला रही थी. मगर अब सबसे पावरफुल वर्जन GPT-4o आ गया है. इस वर्जन के आने से चैटजीपीटी को और भी ज्यादा मजबूती मिली है. अब ये लोगों की क्वेरी का जवाब जल्दी और बेहतर तरीके से दे पाएगा.

GPT-4o में ये है नया
चैटजीपीटी के नए डेस्कटॉप ऐप के बारे में कई ऐलान किए. इस दौरान उन्होंने कई शानदार AI फीचर्स की जानकारी दी है. ओपनएआई ने GPT-4o के नाम में o जोड़ा है, जिसका मतलब ओमनी मॉडल है. इसमें GPT-4 जितनी इंटेलिजेंस है, लेकिन ये GPT-4 के मुकाबले तेज है. इसमें टेक्स्ट, इमेज, वॉइस की पहचान करने की भी काबिलियत है. इसे लेकर ओपनएआई के ऑफिशियल अकाउंट से ट्वीट भी किया गया है.

50 प्रतिशत सस्ता भी है ये वर्जन
GPT-4o दोगुनी स्पीड से काम करता है. GPT-4 की तुलना में यह 50 फीसदी सस्ता है और 5 गुना हाई रेट लिमिट के साथ आता है. इसे इस्तेमाल करने पर यूजर्स को एक बेहतरीन अनुभव मिलेगा.

इंसान की तरह बात करेगा GPT-4o
चैटजीपीटी का नया वर्जन वॉइस मोड में पहले से बेहतर रिजल्ट दे सकता है. नए वर्जन में इमोशन सपोर्ट दी गई है. इमोटिव वॉइस मॉड्यूलेशन के साथ यह मॉडल इंसानों की तरह बातचीत कर सकता है. इसमें कई तरह के इमोशन में बात करने की काबिलियत है. आपको ऐसा लगेगा जैसे आप किसी इंसान से बात कर रहे हैं. वहीं, अगर चैटजीपीटी बोल रहा हो, तो भी आप उसे बीच में टोककर अपना प्रश्न पूछ सकते हैं. ऐसा करने के लिए आपको चैटजीपीटी के चुप होने का इंतजार करने की जरूरत नहीं है.
 
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दुनियाभर की 50 भाषाओं में काम करेगा ChatGPT-4o 
GPT-4o को जल्द ही चैटजीपीटी प्लस और टीम यूजर्स के लिए जारी किया जाएगा. ओपनएआई का कहना है कि वो जल्द ही इस मॉडल को एंटरप्राइज यूजर्स के लिए जारी करेगी. मुफ्त में चैटजीपीटी चलाने वाले यूजर्स इसका पूरी तरह इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. GPT-4o दुनिया भर की 50 भाषाओं में काम करेगा.

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Google Chrome और Apple यूजर्स के लिए चेतावनी, हैकिंग से बचने के लिए तुरंत करें ये काम

भारत सरकार की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी CERT-In ने Google Chrome और Apple यूजर्स के लिए एक चेतावनी जारी है. एजेंसी को इन दोनों ऐप्स में खतरा मिला है. 

Last Modified:
Monday, 13 May, 2024
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अगर आप गूगल क्रोम (Google Chrome) का इस्तेमाल करते हैं या फिर ऐप्पल (Apple) यूजर हैं तो ये खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. दरअसल, भारत सरकार की साइबर सिक्योरिटी एजेंसी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने दोनों कंपनी के यूजर्स के लिए चेतावनी जारी की है. गूगल क्रोम और Apple iTunes में कुछ गड़बड़ी मिली है. यूजर्स अगर सरकार की इस चेतावनी पर ध्यान नहीं देंगे, तो उनका डिवाइस हैक हो सकता है. तो चलिए जानते हैं कैसे आप अपने डिवाइस सुरक्षित रख सकते हैं?
 
हैकर्स ऐसे कर सकते हैं आपकी डिवाइस पर कंट्रोल
CERT-In को गूगल क्रोम और एपल आईट्यून्स डेस्कटॉप एप्लिकेशन में खतरे मिले हैं. इन खामियों की वजह से साइबर हैकर्स आपके डिवाइस पर अटैक करके कंट्रोल अपने हाथ में ले सकते हैं. इससे हैकर्स डिवाइस के आर्बिटरेरी कोड पर कंट्रोल हासिल कर सकते हैं. मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के तहत काम करने वाली सरकारी एजेंसी ने इससे बचने का तरीका बताया है.

गूगल क्रोम में मिली ये गड़बड़ी
एजेंसी के अनुसार गूगल क्रोम में कई गड़बड़ियां मिली हैं. Visuals और ANGLE कंपोनेंट जिन्हें यूज-आफ्टर-फ्री कहा जाता है. इनमें एक बग मिला है. इसके जरिए हैकर्स खास तौर पर तैयार किए HTML पेज से अटैक करते हैं, जो हीप करप्शन की वजह बन सकता है. ये खामियां विंडोज और मैक के लिए 124.0.6367.201/.202 वर्जन और लिनक्स के लिए 124.0.6367.201 वर्जन से पहले डेस्कटॉप पर गूगल क्रोम यूजर्स को प्रभावित करती हैं. यूजर्स को सलाह दी जाती है कि वे अपने ब्राउजर को तुरंत अपडेट करें.

Apple iTunes यूजर्स को सॉफ्टफेयर अपडेट करने की सलाह
CERT-In ने कहा है कि Apple iTunes में CoreMedia कंपोनेंट में गलत जांच की वजह से खतरा आया है. एक दूर बैठा हमलावर खास तौर पर तैयार रिक्वेस्ट भेजकर इसका फायदा उठा सकता है. अगर हैकर अटैक करने में सफल होता है तो डिवाइस पर मनमाने कोड डाल सकता है. यह दिक्कत 12.13.2 वर्जन से पहले विंडोज पर ऐप्पल आईट्यून्स के यूजर्स को प्रभावित करती है. CERT-In यूजर्स को एहतियातन सुरक्षा के लिए अपने सॉफ्टवेयर को अपडेट करने की सलाह देती है.

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WhatsApp पर ऐसे करें सिक्योरिटी मजबूत, अनचाहे कॉल, मैसेज होंगे मैनेज

व्हाट्सऐप (WhatsApp) पर यूजर्स की सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए कई फीचर दिए जाते हैं. इनके इस्तेमाल से आप अपनी प्राइवेसी को सिक्योरकर सकते हैं.

Last Modified:
Saturday, 11 May, 2024
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व्हाट्सऐप (WhatsApp) का इस्तेमाल दुनियाभर में करोड़ों यूजर्स करते हैं. यूजर्स की सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए कंपनी की ओर से कई फीचर दिए जाते हैं. अगर आप इनका इस्तेमाल करेंगे, तो पहले की तुलना में आपकी व्हाट्सऐप सिक्योरिटी काफी हद तक टाइट हो जाती है. तो चलिए हम आपको इन्हीं फीचर्स और इन्हें इनेबल करने का तरीका बताते हैं.

ऐसे करें प्राइवेसी फीचर का इस्तेमाल
वॉट्सऐप की ओर से यूजर्स की सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए एक प्राइवेसी चेकअप फीचर दिया जाता है. लेकिन,  अधिकतर यूजर्स को इसके बारे में जानकारी नहीं होती है. इस फीचर को इनेबल करने के लिए आपको कुछ स्टेप फॉलो करने होंगे.

1. सबसे पहले वॉट्सऐप की सेटिंग में जाएं और फिर प्राइवेसी वाले ऑप्शन पर क्लिक करें.

2. स्टार्ट चेकअप पर टैप करें.

3. यहां यूजर्स के सामने अपनी प्राइवेसी सेटिंग को कस्टमाइज करने का ऑप्शन मिलता है.

4. इस फीचर के इस्तेमाल के बाद आप तय कर पाते हैं कि आपके वॉट्सऐप कौन जुड़ सकता है और कौन आपको मैसेज या कॉल कर सकता है.

5. यहां यूजर्स को अनचाहे मैसेज और कॉल्स को मैनेज करने की सुविधा मिलती है. इसके अलावा बिना आपकी परमिशन कोई ग्रुप में भी एड नहीं कर पाएगा.

सिक्योरिटी हो जाएगी मजबूत
इस फीचर को इनेबल करने के बाद आपकी चैट प्राइवेसी पहले की तुलना में और भी बेहतर हो जाती है. यहां यूजर्स को एंड-टू-एंड एंक्रिप्टिड बैकअप लेने की सुविधा भी मिलती है. सिक्योरिटी को अधिक मजबूत करने के लिए यूजर्स फिंगरप्रिंट व पिन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा चैट लॉक की सुविधा भी वॉट्सऐप पर दी जाती है.

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अनचाहे ग्रुप्स, काल्स और चैट्स से मिलेगी मुक्ति

अक्सर देखा जाता है कि लोगों को उनके दोस्त या फिर कोई भी अनजान व्यक्ति उनकी अनुमित के बिना ही किसी भी ग्रुप में जोड़ देते हैं. इससे उनका नंबर भी दूसरे लोगों के साथ शेयर हो जाता है और उनमें से कुछ लोग फिर उन्हें मैसेज या कॉल करके परेशान भी करते है, ऐसे में ये फीचर बहुत काम का है. इसमें आप ऐसी सेटिंग भी कर सकते हैं, जिससे कोई भी हमें आपकी अनुमति के बिना किसी भी ग्रुप में नहीं जोड़ पाएगा.


ChatGPT की बादशाहत को चुनौती देने आ गया है हमारा Hanooman, दूसरों से कितना है अलग?

हमारे पहले जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस चैटबॉट हनुमान को बनाने वालों में रिलायंस भी शामिल है.

Last Modified:
Saturday, 11 May, 2024
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ChatGPT की बादशाहत को खत्म करने के लिए भारत ने अपना पहला जेनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस चैटबॉट लॉन्च कर दिया है. Hanooman AI 12 भारतीय भाषाओं सहित 98 वैश्विक भाषाओं में उपलब्ध है. इसे खासतौर पर उन लोगों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, जिनका हाथ अंग्रेजी में तंग है. हनुमान AI हिंदी, मराठी, गुजराती, बंगाली, कन्नड़, ओडिया, पंजाबी, असमिया, तमिल, तेलुगु, मलयालम और सिंधी में आपके सवालों का जवाब देगा. इस स्वदेशी AI चैटबॉट को रिलायंस, 7 आईआईटी, SML इंडिया और अबू धाबी की 3AI होल्डिंग ने मिलकर तैयार किया है.

हनुमान पर मिलेगी ये सर्विस
हनुमान AI चैटबॉट अंग्रेजी नहीं जानने वाले यूजर्स के हिसाब से विकसित किया गया है. एंड्रॉयड यूजर्स इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं. जबकि आईओएस यूजर्स के लिए यह जल्द ही प्ले स्टोर पर उपलब्ध होगा. Hanooman AI स्पीच टू टेक्स्ट जैसी यूजर फ्रेंडली सर्विस ऑफर करेगा. यानी आप बोलकर या फिर टाइप करके भी अपने सवाल इससे पूछ सकेंगे. इसे LLM मेथड कहा जाता है, इसके तहत चैट बड़ी मात्रा में डेटा से सीखता है  और नेचुरल साउंड रिस्पांस जनरेट करता है. हनुमान AI एक नए तरह की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बेस्ड है और आने वाले दिनों में OpenAI के ChatGPT और Google Gemini AI को टक्कर देगा.

इन सेक्टर्स को मिलेगा फायदा
हनुमान चैटबॉट और BharatGPT के अलावा कई दूसरे AI मॉडल भी डेवलप किए जा रहे हैं. Sarvam और Krutrim जैसी कंपनियां भी AI मॉडल विकसित करने में लगी हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि ये सभी AI मॉडल जल्द लॉन्च हो जाते हैं, तो भारतीय यूजर्स की Open AI और Gemini AI पर निर्भरता काफी हद तक कम हो सकेगी. इसके जरिये गवर्नेंस, मॉडल हेल्थ, एजुकेशन और फाइनेंस सेक्टर को काफी मदद मिलेगी. एसएमएल इंडिया के को-फाउंडर विष्णु वर्धन ने कहा कि ‘हनुमान’ भारत में AI इनोवेशन के एक नए युग का प्रतिनिधित्व करता है. हमारा लक्ष्य एक साल में 20 लाख उपयोगकर्ताओं को इससे फायदा पहुंचाना है. 80 प्रतिशत भारतीयों को अंग्रेजी ठीक से समझ नहीं आती. इसी को ध्यान में रखते हुए ‘हनुमान’ भारतीय भाषाओं का भी समर्थन करता है. 

ChatGPT से ऐसे अलग है हनुमान
चलिए अब यह भी जान लेते हैं कि हमारा हनुमान AI, ChatGPT जैसी दूसरे AI चैटबॉट से कितना अलग है. हनुमान और चैटजीपीटी का उद्देश्य भले ही समान हो, लेकिन उनमें बहुत अंतर है. हनुमान भाषाई विविधता और मल्टीमॉडल क्षमता पर जोर देता है, जो इसे दूसरों से अलग बनाता है. वैसे, ChatGPT 50 भाषाओं का समर्थन करता है, जिसमें अंग्रेजी, स्पेनिश, फ्रेंच, जर्मन, चीनी, जापानी, अरबी आदि शामिल हैं. लेकिन हनुमान भारत की 12 भाषाओं में जवाब देने की क्षमता रखता है. इसलिए भारत के लोगों के लिए यह बेस्ट चॉइस हो सकता है. इसके अलावा, दोनों में बड़ा अंतर है फीस का. ChatGPT अब प्रीमियम सर्विस है, यानी इसके लिए आपको पैसे देने होते हैं. जबकि हनुमान पूरी तरह फ्री. यदि आने वाले दिनों में इसे प्रीमियम सर्विस बनाया भी जाता है, तो भी फीस ChatGPT से कम हो रहेगी. ChatGPT प्रीमियम सर्विस के लिए हर महीने 20 डॉलर (करीब 1,671 रुपए) देने होते हैं.     
 


Meta लेकर आया AI Image और Text generation टूल्स, इन यूजर्स को होगा फायदा

मेटा (Meta) ने अपने यूजर्स के लिए एडवांस जनरेटिव एआई (AI) फीचर्स पेश किए हैं. इससे सोशल मीडिया पर एडवाइजमेंट देने वाले यूजर्स का काम बहुत आसान हो जाएगा.

Last Modified:
Wednesday, 08 May, 2024
BWHindia

मेटा (Meta) ने अपने यूजर्स के लिए एडवांस जनरेटिव एआई (AI) फीचर्स पेश किए हैं. ये नए फीचर्स विज्ञापनदाताओं (Advertisers) के लिए आए हैं. जानकारी के अनुसार जनरेटिव एआई फीचर्स के साथ एडवर्टाइजर क्रिएटिव वेरिएशन के साथ अपनी परफोर्मेंस को बेहतर बना सकते हैं. वहीं, मेटा वेरिफाइ्ड के साथ यूजर्स एड क्रिएशन प्रॉसेस को बहुत हद तक ऑटोमैटिक बना सकते हैं. तो चलिए जानते हैं इन नए फीचर्स क्या हैं और इनमें क्या खास है? 

एडवर्टाइर्स का काम होगा आसान
मेटा ने अपने यूजर्स के लिए एडवांस जनरेटिव एआई फीचर्स पेश किए हैं. इनमें यूजर्स को इमेज (Image) और टेक्स्ट जनरेशन (Text Generation) की सुविधा दी गई है. ये फीचर्स एडवर्टाइजर्स के लिए पेश किए गए हैं, ताकि वे अपने काम को बेहतर बना कर अपना बिजनेस ग्रो कर सकें. कंपनी का कहना है कि जनरेटिव एआई फीचर्स के साथ एडवर्टाइजर क्रिएटिव वेरिएशन के साथ अपनी परफोर्मेंस को बेहतर बना सकते हैं.  मेटा वेरिफाइ्ड के साथ यूजर्स एड क्रिएशन प्रॉसेस को बहुत हद तक ऑटोमैटिक बना सकते हैं.

एड बनाने के लिए ऐसे होगा फीचर्स का इस्तेमाल
यूजर्स मेटा के जनरेटिव एआई टूल्स का इस्तेमाल कर इमेज की कई वेरिएशन क्रिएट कर सकते हैं. इसके अलावा, इन इमेज के ऊपर यूजर टेक्स्ट को भी ऐड कर सकते हैं. यूजर को इसके साथ अलग-अलग बैकग्राउंट की सुविधा भी मिल रही है. अलग-अलग सेटिंग को सूट करने के लिए यूजर इमेज एलिमेंट को एडजस्ट कर सकता है. उदाहरण के लिए एक टी ब्रैंड अपने प्रोडक्ट को अलग-अलग एनवायरमेंट के साथ शोकेस कर सकता है. ब्रैंड के पास बैकग्राउंड के लिए खेतों से लेकर वाइब्रेंट रेस्तरां का ऑप्शन होगा. 

टेक्स्ट प्रॉम्प्ट जोड़ने की भी तैयारी
इस इमेज के साथ यूजर पॉपुलर फॉन्ट्स के साथ खुद का टेक्स्ट लिख सकता है और इन इमेज को इंस्टाग्राम और फेसबुक प्लेटफॉर्म के लिए एक खास साइज में तैयार कर सकता है. बता दें, इमेज जनेरेशन फीचर को फिलहाल रोलआउट किया जा रहा है. बहुत जल्द इसमें बेहतर कस्टमाइजेशन के लिए टेक्स्ट प्रॉम्प्ट को जोड़ा जाएगा.
 

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सरकारी Apps पर लगेगा ‘गर्वमेंट बैज’, फर्जी Apps पर लगेगी लगाम

Google Play Store ने सरकारी ऐप्स की पहचान के लिए गवर्मेंट बैज लॉन्च किया है.

Last Modified:
Wednesday, 08 May, 2024
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सरकारी ऐप्स के जरिए अब हमारे  बहुत से काम आसान हो गए हैं. ऐसी कई सुविधाएं हैं, जो हमें घर बैठे ही ऑनलाइन ऐप्स के जरिये मिल जाती हैं, लेकिन कई बार गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) से हम फर्जी ऐप भी डाउनलोड कर लेते हैं, जिनके चक्कर में कई बार नुकसान भी उठाना पड़ जाता है. ऐसे में अब सरकारी ऐप्स की पहचान के लिए गूगल ने एक पहल करते हुए बैज लॉन्च किया है. 

फर्जी ऐप्स के जरिए हो रहे ऑनलाइन फ्रॉड
गूगल ऐप्स के जरिए होने वाले फ्रॉड को रोकने के लिए समय-समय पर कदम उठाता रहता है. जिसमें गूगल अपने प्ले स्टोर से फर्जी ऐप्स को भी डिलीट कर देता है. वहीं, ऑनलाइन फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. कई ऑनलाइन फ्रॉड ऐप्स के जरिए भी हो रहे हैं. भारत में इन फर्जी ऐप्स पर रोक लगाने के लिए गूगल ने अब सरकारी ऐप्स के लिए एक बैज लॉन्च किया है, जिनसे सरकारी ऐप्स की पहचान होगी.

इन ऐप्स पर होगा गर्वमेंट बैज
अब गूगल प्ले स्टोर पर सरकारी एप्स के सामने गवर्नमेंट नामक बैज दिखाई देगा, जिससे यूजर्स ऐप की पहचान कर सकें. कंपनी के अनुसार इस नए गर्वमेंट बैज के तहत भारत, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जर्मनी, फ्रांस, इंडोनेशिया, मैक्सिको जैसे देशों के 2000 ऐप्स शामिल किए गए हैं. भारत में भी वोटर हेल्पलाइन, डिजिलॉकर, एम आधार, एपरिवहन जैसे ऐप इन बैज के तहत दिखाई देंगे. 

कैसा दिख रहा बैज
अगर आप गूगल प्ले स्टोर से कोई सरकारी ऐप इंस्टॉल करते हैं, तो आपके सामने प्ले वेरिफाइड दैट दिस ऐप इज एफिलियेटेड विद अ गवर्मेंट एनटिटी (Play verified that this app is affiliated with a government entity) यानी ये ऐप सरकारी है और इसे आप इंस्टॉल कर सकते हैं. अगर ऐसा मार्क नहीं आ रहा है तो समझ लें कि ऐप फर्जी है.

स्कैम और फ्रॉड पर लगेगी लगाम
ऐसा करने के पीछे गूगल का मकसद स्कैम और फ्रॉड पर लगाम लगाना है. गूगल का मानना है कि इससे यूजर्स फर्जी ऐप्स को सरकारी ऐप्स के नाम पर इंस्टॉल नहीं कर पाएंगे. सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि गूगल ने ये सुविधा कई अन्य देशों में भी शुरू की है. करीब 2000 से अधिक सरकारी ऐप्स पर ऐसा मार्क दिखाया जाएगा.

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