HCL Tech ने मिलाया SAP से हाथ, Generative AI को मिलेगा बढ़ावा!

HCL टेक (HCL Technologies) SAP के साथ मिलकर ऐसे सोल्यूशंस विकसित करेगा जो कारोबारों को बेहतर परिणाम और तेजी भी प्रदान करेंगे.

Last Modified:
Monday, 15 January, 2024
HCL Tech

IT क्षेत्र की जानी-मानी कंपनियों SAP और HCL टेक (HCL Technologies) को लेकर इस वक्त एक काफी बड़ी खबर सामने आ रही है. हाल ही में कंपनी ने घोषणा कर जानकारी दी है कि कंपनी ने SAP के साथ साझेदारी की है ताकि वह जनरेटिव AI को अपनाए जाने और इसके इनोवेशन से संबंधित कामों को बढ़ावा दे सके. आइये जानते हैं कि इस पार्टनरशिप की बदौलत जनरेटिव AI के क्षेत्र में हमें क्या बदलाव देखने को मिलेंगे.

SAP और HCL टेक की साझेदारी
HCL टेक ने एक रिलीज के माध्यम से जानकारी देते हुए बताया है कि HCL टेक (HCL Technologies) SAP के साथ मिलकर ऐसे सोल्यूशंस विकसित करेगा जो विभिन्न कारोबारों को बेहतर परिणाम और कारोबार को बदलने में तेजी भी प्रदान करेंगे. SAP के साथ साझेदारी में HCL टेक जनरेटिव AI के लिए ऐसे केसों का एक भंडार तैयार करना चाहता है जो SAP के सोफ्टवेयर को ध्यान में रखकर बनाए गए होंगे. इन केसों से SAP के क्लाउड सोल्यूशंस अपने कस्टमर्स को जनरेटिव AI के माध्यम से SAP के सोल्यूशंस की क्षमता के बारे में जानने में मदद करेंगे. 

HCL बनाएगा डेडिकेटेड AI सेंटर
रिलीज में कहा गया है कि SAP के बिजनेस टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभिन्न उद्योगों तक HCL टेक की इंजिनीयरिंग और अनुभव को पहुंचाया जाएगा ताकि HCL टेक ऐसे इनोवेटिव सोल्यूशन बना सके जो कर्मचारियों की उत्पादकता में वृद्धि कर सकें, काम करने के तरीके को सुविधापूर्ण बना सके, एप्लीकेशन को विकसित कर सके और कारोबार की प्रक्रिया को अनुकूल बना सके. HCL टेक अलग से एक डेडिकेटेड जनरेटिव AI सेंटर बनाने के बारे में भी विचार कर रहा है और इस सेंटर का प्रमुख काम जनरेटिव AI और SAP के बिजनेस टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के माध्यम से उद्योग-आधारित सोल्यूशन विकसित करना होगा.

सोल्यूशन की मदद से बढ़ाएंगे अपनी क्षमता
कंपनी द्वारा  जारी की गई रिलीज में यह भी कहा गया है कि इन सोल्यूशंस की मदद से क्लाइंट्स SAP बिजनेस टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म में उपलब्ध विभिन्न उपकरणों का इस्तेमाल करके अपनी क्षमता में वृद्धि कर सकते हैं और जल्द से जल्द इन सोल्यूशंस को अपना सकते हैं. इतना ही नहीं, इन उपकरणों में लो-कोड और नो-कोड क्षमताएं भी मौजूद होंगी. इसके साथ ही रिलीज में यह भी कहा गया है कि ये सोल्यूशंस विभिन्न कारोबारों को टेक्नोलॉजी संबंधित आवश्यक फंक्शन भी प्रदान करवा पायेंगे.
 

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Samsung के इस प्रोडक्ट को टक्कर देने को तैयार Apple, जानते हैं क्या है इसमें खास

Apple अपनी स्मार्ट रिंग के साथ स्रमार्ट ग्लासेस और इंडीग्रेटेड कैमरे वाले एयरपॉड्स लॉन्च  करने के लिए तैयार .Samsung की गैलेक्सी रिंग को देगी टक्कर देगी की Apple रिंग

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Monday, 26 February, 2024
Last Modified:
Monday, 26 February, 2024
APPLE

Samsung के बाद अब Apple भी अपनी स्मार्ट रिंग लॉन्च कर  सकता है. उम्मीद है कि Apple आर्टिफिशिलय इंटेलीजेंस (एआई) फीचर्स को प्रस्तुत करने के लिए स्मार्ट ग्लासेस (चश्मा)  और एकीकृत कैमरों के साथ अपने नए एयरपॉड्स भी लॉन्च करेगी. इससे संकेत मिलता है कि Apple बाजार में अपनी पैठ बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. विशेष रूप से Apple वॉच और एयरपॉड्स जैसे उत्पाद इस कंपनी की कमाई में 10 प्रतिशत का योगदान देते हैं.

हेल्थ को ट्रैक करेगी Apple स्मार्ट रिंग

ब्लूमबर्ग्स मार्क गुरमन की एक रिपोर्ट के अनुसार Apple फिटनेस रिंग में Apple वॉच की तरह ही हेल्थ को ट्रैक करने की संभावना है. जो उपयोगकर्ता घड़ी पहनना पसंद नहीं करते, वे स्वास्थ्य संबंधी फीचर्स के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं. यह छोटी सी रिंग आपके हाथों में पहने हुए दिखने में भी सुंदर लगेगी और लाभकारी भी होगी. इसमें Apple वॉच की तुलना में अधिक लंबे समय तक चलने वाली बैटरी की सुविधा भी मिल सकती है. रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि यह स्मार्ट रिंग Apple वॉच का एक सस्ता विकल्प हो सकती है, जो आईफोन के साथ जोड़े जाने पर स्वास्थ्य और फिटनेस डेटा को आसानी से सिंक कर सकता है. अगर यह रिंग मार्केट में आती है तो यह ओरा रिंग और सैमसंग की गैलेक्सी रिंग जैसी को टक्कर देगी.


स्मार्ट Apple एआर ग्लासेस (चश्मा) एयरपॉड्स को कर सकते हैं रिप्लेस

Apple विजन प्रो हेडसेट लॉन्च  के बाद अब Apple द्वारा नए एआर ग्लासेस  लॉन्च करने की भी उम्मीद है. इंटीग्रेटेड स्पीकर, एआई फीचर्स, हेल्थ फीचर्स और पर्यावरण की पहचान करने वाले कैमरे जैसे फीचर के साथ ये स्मार्ट ग्लासेस एयरपॉड्स का रिप्लेसमेंट हो सकते हैं. ये ग्लासेस मेटा के रे-बैन स्मार्ट ग्लासेस और अमेजन के इको फ्रेम्स के मुकाबले प्रतिस्पर्धा करेंगे. गुरमन की रिपोर्ट में कहा गया है कि ये ग्लासेस Apple के हार्डवेयर इंजीनियरिंग डिवीजन के भीतर आइटी जांच की चरण में हैं इसलिए, अभी इन्हें रिलीज करने में काफी समय लग सकता है.

इंटीग्रेटेड कैमरे के साथ Apple एयरपॉड्स

जो लोग चश्मा पहनना पसंद नहीं करते, वे कैमरे और हेल्थ सेंसर वाले एयरपॉड्स का विकल्प चुन सकते हैं. पिछले वर्ष Apple ने यह पता लगाना शुरू किया कि वह एयरपॉड्स में कम-रिजाल्यूशन वाले कैमरा सेंसर को कैसे एकीकृत कर सकता है. कहा जा रहा है कि जब भी ये एयरपॉड्स रिलीज होंगे, तो ये लोगों की नियमित दिनचर्या की ओर ध्यान केंद्रित कराने में सहायक होंगे. उधर, Samsung बार्सिलोना, स्पेन में चल रहे एमडब्ल्यूसी 2024 इवेंट में गैलेक्सी रिंग नाम से अपनी पहली स्मार्ट रिंग लॉन्च करने के लिए तैयार है.


किसके अकाउंट पर रोक लगवाना चाहती है सरकार? Elon Musk के X ने किया बड़ा दावा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर जिसे अब X के रूप में जाना जाता है, ने बड़ा दावा किया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Thursday, 22 February, 2024
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Thursday, 22 February, 2024
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दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क (Elon Musk) के सोशल मीडिया प्लेटफार्म ट्विटर (अब X) ने एक ऐसा दावा किया है, जिससे केंद्र की मोदी सरकार सवालों के घेरे में आ गई है. एक्स का दावा है कि मोदी सरकार ने कुछ अकाउंट और पोस्ट को हटाने का आदेश दिया है और ऐसा न करने की सूरत में जुर्माने की बात भी कही गई है. X की तरफ से आगे कहा गया है कि हम सरकार के इस आदेश से सहमत नहीं हैं, लेकिन फिर भी कार्रवाई कर रहे हैं. जिसके तहत कुछ पोस्ट और अकाउंट सिर्फ भारत में दिखाई नहीं देंगे.

जुर्माना या जेल भी संभव
एक्स ने अपने ग्लोबल गवर्नेंस अफेयर्स अकाउंट के जरिए यह दावा करते हुए कहा है कि भारत सरकार ने एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी किए हैं, जिसमें एक्स से कुछ अकाउंट और पोस्ट पर कार्रवाई करने को कहा गया है. साथ ही ऐसा न करने पर जुर्माना और जेल की बात भी कही गई है. आदेश के अनुपालन में, हम इन खातों और पोस्ट को केवल भारत में ब्लॉक कर रहे हैं. हम इन कार्रवाइयों से असहमत हैं और मानते हैं कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को मिलनी चाहिए.

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सरकार फिलहाल खामोश
एलन मस्क की कंपनी ने आगे कहा है कि भारत सरकार के ब्लॉकिंग ऑर्डर्स को चुनौती देने वाली एक रिट अपील फिलहाल लंबित है. हमने अपनी नीतियों के अनुसार प्रभावित यूजर्स को इन कार्रवाइयों की सूचना भी दे दी है. कानूनी प्रतिबंधों के कारण, हम एग्जीक्यूटिव ऑर्डर को प्रकाशित करने में असमर्थ हैं, लेकिन हमारा मानना ​​है कि पारदर्शिता के लिए उन्हें सार्वजनिक करना आवश्यक है. X के इस दावे पर अभी तक सरकार की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. एक मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि जिन अकाउंट को बैन करने के आदेश दिए गए हैं, उनमें से अधिकांश किसान प्रदर्शन के समर्थन में ट्वीट कर रहे थे. गौरतलब है कि 2021 में भी किसानों के प्रदर्शन के दौरान ट्विटर और भारत सरकार के बीच तनाव देखने को मिला था. 


खुद को बचाने के लिए BSNL ने बनाया है ये धांसू प्लान, बस सरकार की मंजूरी का है इंतजार 

सरकारी दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल ने अपनी स्थिति में सुधार के लिए एक नई योजना तैयार की है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Monday, 19 February, 2024
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Monday, 19 February, 2024
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किसी जमाने में टेलीकॉम सेक्टर पर सरकारी कंपनी BSNL यानी भारत संचार निगम लिमिटेड का कब्जा था, लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह से बदल गई है. BSNL का यूजर बेस लगातार कमजोर हो रहा है और कंपनी के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी अब एक खास प्लान के साथ सामने आई है. मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि BSNL ने नए ग्राहकों को आकर्षित करने और मौजूदा ग्राहकों को साथ जोड़े रखने के लिए एक योजना तैयार की है. कंपनी को बस सरकार की मंजूरी का इंतजार है.

सरकार से मांगी ये इजाजत
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीएसएनएल ने सरकार से 4G सर्विस के लिए वोडाफोन आइडिया (Vi) के 4G नेटवर्क के इस्तेमाल की इजाजत मांगी है. दरअसल, वोडाफोन आइडिया में सरकार की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है. इस कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी करीब 33.1 प्रतिशत है. इसलिए BSNL ने सरकार को पत्र लिखकर वोडाफोन आइडिया के 4G नेटवर्क के इस्तेमाल की मंजूरी देने का आग्रह किया है. यदि सरकार की तरफ से BSNL के इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया जाता है, तो कंपनी को अपनी बिगड़ती स्थिति को संभालने में कुछ मदद मिल सकती है.

इस तरह मिल सकती है मदद
बीएसएनएल कर्मचारी यूनियन ने आईटी मिनिस्ट अश्विनी वैष्णव को इस संबंध में एक पत्र लिखा है. इस पत्र में कहा गया है कि BSNL का नेटवर्क जहां मौजूद नहीं है वहां पर वोडाफोन आइडिया के नेटवर्क को बीएसएनल द्वारा इस्तेमाल करने की छूट दी जानी चाहिए. BSNL का कहना है कि कंपनी के पास 4G सर्विस उपलब्ध नहीं है, इसके चलते यूजर्स दूसरे टेलीकॉम ऑपरेटर पर शिफ्ट हो रहे हैं. गौरतलब है कि जियो और एयरटेल द्वारा 5G सर्विस प्रदान की जा रही है, जबकि BSNL को 4G के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है. नतीजतन इस सरकारी कंपनी के यूजर्स Jio और Airtel का रुख कर रहे हैं. बीएसएनएल का मानना है कि Vi के 4G नेटवर्क इस्तेमाल करने की अनुमति मिलने से वह देशभर में तेजी से 4G सर्विस रोलआउट कर पाएगी.


Budget में वित्त मंत्री ने कर दी ऐसी घोषणा, पड़ोसी China की बढ़ जाएगी टेंशन!

वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में इनोवेशन को बढ़ावा देने को लेकर बड़ी घोषणा की है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Thursday, 01 February, 2024
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Thursday, 01 February, 2024
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने बजट में एक ऐसी घोषणा भी की है, जिससे चीन की टेंशन बढ़ जाएगी. केंद्रीय बजट 2024 पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपए का कॉर्पस (फंड) तैयार किया जाएगा. इसके साथ ही सरकार की पड़ोसी देश चीन से टेक ब्रैंड्स को भारत बुलाने की भी तैयारी है. दुनिया की तमाम बड़ी टेक कंपनियां चीन में मैन्युफैक्चरिंग करती हैं, लेकिन कोरोना के बाद से उनका रुझान भारत की ओर बढ़ा है. ऐसे में फाइनेंस मिनिस्टर की ये घोषणा उन्हें आकर्षित कर सकती है. 

जल्द पेश होगी नई योजना
भारत सरकार चीन की मौजूद टेक इंडस्ट्री को पीछे छोड़ने की तैयारी में जुटी हुई है और बजट की घोषणा इसी का हिस्सा है. वित्त मंत्री ने बताया कि किस तरह भारत ने विदेशी कंपनियों के लिए दरवाजे खोले हैं और उनके साथ मिलकर स्वदेशी कंपनियां विकास कर रही हैं. निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा कि देश में डीप-टेक टेक्नोलॉजी को मजबूत करने और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए भी जल्द एक नई योजना लाई जाएगी. इनोवेशन को विकास की नींव बताते हुए फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा कि इसके लिए 50 वर्षों का इंट्रेस्ट-फ्री लोन देते हुए 1 लाख करोड़ रुपए का कॉर्पस (फंड) तैयार किया जाएगा. ताकि रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा दिया जा सके.

सप्लाई चेन हुई है प्रभावित
वित्त मंत्री ने कहा कि इनोवेशन या रिसर्च से जुड़ी कंपनियों को लंबे समय के लिए वित्तीय मदद और कम या शून्य ब्याज दर पर लोन की सुविधा प्रदान की जाएगी. मालूम हो कि COVID-19 महामारी के चलते चीन में सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसकी वजह से टेक कंपिनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. ऐसे में यह कंपनियां भारत का रुख कर रही हैं. iPhone बनाने वाली कंपनी Apple भारत को लेकर अपनी योजना पहले ही स्पष्ट कर चुकी है. इसके अलावा, ताइवान की कंपनी फॉक्सकॉन सहित कई दूसरी कंपनियां भी भारत में पैर जमाने पर फोकस कर रही हैं.  
 


Apple iPhone 16: नए iPhone में आपको मिल सकते हैं ये शानदार फीचर्स!

जून या फिर जुलाई तक Apple द्वारा फ्लैगशिप स्मार्टफोन सीरीज iPhone के लेटेस्ट मॉडल, iPhone 16 से पर्दा उठाया जा सकता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Tuesday, 16 January, 2024
Last Modified:
Tuesday, 16 January, 2024
IPHONE

एप्पल (Apple) दुनिया की उन चंद कंपनियों में शामिल है जिसकी फ्लैगशिप स्मार्टफोन सीरीज iPhone इतनी ज्यादा प्रसिद्ध है कि हर साल लोग इस सीरीज के अगले स्मार्टफोन का बेसब्री से इन्तजार करते हैं. जहां पिछले साल iPhone 15 को लॉन्च किया गया था वहीं अब इस साल iPhone 16 के लॉन्च और इसके अनुमानित फीचर्स ने मार्केट में काफी हलचल मचा दी है.

Apple iPhone 16
माना जा रहा है कि इस साल जून या फिर जुलाई तक एप्पल (Apple) द्वारा फ्लैगशिप स्मार्टफोन सीरीज iPhone के लेटेस्ट मॉडल, iPhone 16 से पर्दा उठाया जा सकता है. साथ ही खबर ये भी आ रही है कि इस नए मॉडल में काफी सारे नए फीचर्स और सुधार भी देखने को मिलेंगे. हाल ही में ऐसी कुछ रिपोर्ट्स सामने आई हैं जिनमें एप्पल के इस नए फ्लैगशिप डिवाइस के कुछ फीचर्स और इसमें किये जाने वाले सुधारों के बारे में बात की गई है. माना जा रहा है कि iPhone 16 और iPhone 16 प्लस (iPhone 16 Plus) में आपको A18 प्रोसेसर देखने को मिलेगा और ऐसा पहली बार होगा जब किसी iPhone के बेस मॉडल में आपको 3nm वाला ताकतवर प्रोसेसर देखने को मिलेगा. 

iPhone 16 Pro होगा और ज्यादा प्रो
iPhone 16 में आपको 8GB रैम मिलेगी और यह भीई एक ज्यादा बेहतर फीचर है जो iPhone 16 में आपको देखने को मिलेगा. आपको बता दें कि फिलहाल iPhone 15 और iPhone 15 प्लस (iPhone 15 Plus) में आपको 6GB की रैम ही मिलती है. इसके साथ ही यह भी माना जा रहा है कि iPhone 16 का प्रो वर्जन (iPhone 16 Pro) और भी जबरदस्त होगा क्योंकि इस वर्जन में आपको A18 Pro प्रोसेसर देखने को मिलेगा जिससे इस डिवाइस की क्षमता में और भी वृद्धि हो जायेगी. 

Apple के डिवाइस और प्रो मॉडेम
एप्प्ल (Apple) के लिए ध्यान देने योग्य एक अन्य प्रमुख क्षेत्र कनेक्टिविटी है और iPhone 16 एवं iPhone 16 प्लस में क्वालकॉम X70 मॉडेम देखने को मिलेगा जबकि डिवाइस के प्रो वर्जन में आपको क्वालकॉम X75 मॉडेम देखने को मिलेगा. इसके साथ ही इन डिवाइसों में वाई-फाई 6E का सपोर्ट भी दिया जायेगा जिससे इन डिवाइसों में आपको बेहतर स्पीड, कम लेटेंसी और नेटवर्क की परफॉरमेंस में भी सुधार देखने को मिलेगा. 
 

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जनरेटिव AI बनाने के लिए उत्सुक Apple ने मांगी मीडिया से मदद, क्या है पूरा मामला?

अपने जनरेटिव AI मॉडल को विकसित करने के लिए एप्पल न्यूज कंपनियों से मंजूरी मांग रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Saturday, 23 December, 2023
Last Modified:
Saturday, 23 December, 2023
Apple

नवंबर 2022 में जब OpenAI के द्वारा चैटबॉट ChatGPT को लॉन्च किया गया तो पूरी दुनिया को जनरेटिव AI की क्षमता दिखने लगी और उसके बाद से ChatGPT ने पूरी दुनिया में हलचल मचाकर रख दी. माइक्रोसॉफ्ट ने भी ChatGPT को अपने ब्राउजर बिंग के साथ जोड़कर उसका भरपूर फायदा उठाना चाहा अब ऐसे में दुनिया की सबसे बड़ी और जानी-मानी टेक कंपनी एप्पल (Apple) कैसे पीछे रह जाती? इसीलिए Apple ने तय किया कि वह भी अपना एक अलग जनरेटिव AI मॉडल बनाएगी. अब खबर आ रही है कि Apple ने इस मॉडल से संबंधित रिसर्च के लिए मीडिया वेबसाइटों से मदद मांगी है. 

Apple ने किस से की बात?
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो एप्पल (Apple) ने पिछले कुछ हफ्तों के दौरान प्रमुख न्यूज एजेंसियों से बातचीत की है और अपने जनरेटिव AI मॉडल को विकसित करने के लिए एप्पल न्यूज कंपनियों से मंजूरी मांग रहा है ताकि वह अपने AI मॉडल में उनके मैटेरियल का इस्तेमाल कर सके. मामले के जानकारों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि iPhone निर्माता कंपनी 50 मिलियन डॉलर की कीमत के आर्काइव न्यूज आर्टिकल्स के लिए लाइसेंस जारी कर सकती है. एप्पल ने इस मामले में जिन न्यूज एजेंसियों से बात की है उनमें कोंडे नास्ट (Conde Nast), पब्लिशर ऑफ वोग (Publisher Of Vogue), न्यू योर्कर (New Yorker), NBC न्यूज (NBC News), IAC, पीपल (People), द डेली बीस्ट (The Daily Beast) और बेटर होम्स एंड गार्डन्स (Better Homes And Gardens) के नाम शामिल हैं. 

AI और Apple 
रिपोर्ट में यह दावा भी किया जा रहा है कि जिन न्यूज एजेंसियों से एप्पल (Apple) ने बात की है उनमें से कुछ एजेंसियां इस लाइसेंस को लेकर काफी उत्सुक हैं. फिलहाल एप्पल द्वारा इस मुद्दे को लेकर कुछ भी साफ़ नहीं किया गया है और मीडिया के सवालों का जवाब भी अभी तक नहीं दिया गया है. पिछले कुछ समय के दौरान एप्प्ल ने काफी बढ़-चढ़कर जनरेटिव AI के क्षेत्र में इन्वेस्टमेंट किया है और एप्प्ल अपनी इस तकनीक के इस्तेमाल से अपने डिवाइसों के आम फंक्शनों को भी बेहतर बना रहा है. इसके साथ ही एप्पल ने नया मैकबुक प्रो और आई-मैक कंप्यूटर भी जारी किया है और कंपनी का दावा है कि ये ऐप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के रिसर्चर्स के द्वारा भी इस्तेमाल किये जा सकते हैं.
 

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OpenAI इकट्ठा करना चाहती है 100 बिलियन डॉलर्स, क्या है पूरा मामला?

OpenAI, अबू-धाबी स्थित G42 के साथ एक नए चिप वेंचर की शुरुआत के लिए भी बातचीत कर रहा है.

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Published - Saturday, 23 December, 2023
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Saturday, 23 December, 2023
chatgpt

ChatGPT की पैरेंट कंपनी OpenAI को लेकर इस वक्त एक काफी बड़ी खबर सामने आ रही है. माना जा रहा है कि OpenAI द्वारा 100 बिलियन डॉलर्स या उससे ज्यादा रकम इकट्ठा करने के बारे में विचार किया जा रहा है. 

क्या है पूरा मामला?
मामले से संबंधित लोगों के हवाले से ऐसी कई मीडिया रिपोर्ट्स सामने आई हैनी जिनमें इस बात का दावा किया जा रहा है. इस फंडिंग की शर्तें, वैल्युएशन और टाइमिंग फिलहाल तय नहीं हो पाई है और इनमें अभी भी बदलाव हो सकता है. रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके साथ ही OpenAI, अबू-धाबी स्थित G42 के साथ एक नए चिप वेंचर की शुरुआत के लिए भी बातचीत कर रहा है. यह भी साफ नहीं हो पाया है कि यह चिप वेंचर और कंपनी की फंडिंग आपस में संबंधित हैं या नहीं. इसके साथ ही मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि G42 से कंपनी 8 बिलियन डॉलर्स से 10 बिलियन डॉलर्स जितनी रकम इकट्ठी करने के बारे में विचार कर रही है. 

OpenAI को यहां से भी मिलेंगे पैसे
मीडिया रिपोर्ट में सामने आ रही जानकारी के अनुसार कंपनी को Thrive कैपिटल से जनवरी की शुरुआत में एक अलग ऑफर प्राप्त हो सकता है और इस ऑफर के माध्यम से कर्मचारी 86 बिलियन डॉलर्स की वैल्यूएशन पर शेयर बेच सकेंगे. इसके साथ ही आपको बता दें कि जानी मानी सोफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के द्वारा भी OpenAI में लगभग 10 बिलियन डॉलर्स का निवेश किया जाएगा. आपको बता दें कि नवंबर 2022 में ChatGPT को रिलीज करके कंपनी ने पूरी दुनिया को जनरेटिव AI की क्षमताओं का ऐसा प्रदर्शन किया कि लोग इसके दीवाने हो गए थे. 

माइक्रोसॉफ्ट को मिलेगी यह  जगह
ChatGPT एक चैटबॉट है और यह मानवों की तरह ही जवाब दे सकता है. इंसानों के जैसे जवाब देने की वजह से ही AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का यह मॉडल काफी लोकप्रिय हो गया. कंपनी ने पहले 300 मिलियन डॉलर की एक सेल की थी और इस दौरान कंपनी की वैल्यूएशन 30 बिलियन डॉलर थी. नवंबर के अंत में OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने कहा था कि माइक्रोसॉफ्ट को कंपनी के बोर्ड में एक ऑब्जर्वर की जगह दी जायेगी और कंपनी के बोर्ड में माइक्रोसॉफ्ट को एक नॉन-वोटिंग पद दिया जाएगा.
 

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Nikhil Kamath ने लॉन्च किया WTF फंड, भारत के उभरते सितारों को मिलेगा सहारा!

क्रिएटर इकॉनमी में पिछले कुछ समय के दौरान क्रिएटर्स इकॉनमी में काफी उल्लेखनीय विकास देखने को मिला है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Tuesday, 19 December, 2023
Last Modified:
Tuesday, 19 December, 2023
Nikhil Kamath

जाने-माने उद्यमी निखिल कामथ (Nikhil Kamath) को लेकर इस वक्त एक काफी बड़ी खबर सामने आ रही है. निखिल कामथ ने तन्मय भट्ट (Tanmay Bhatt), रणवीर अल्लाहबादिया (Ranveer Allahbadia), प्राजकता कोहली (Prajakta Kohli), और नुसीर यासीन (Nuseir Yassin) जैसे जाने-माने क्रिएटर्स के साथ मिलकर भारत के उभरते हुए सितारों के लिए WTF फंड को लॉन्च किया है. 

Nikhil Kamath ने क्या कहा?
अपनी तरह का यह पहला फंड है और इसका उद्देश्य तेजी से बढ़ते हुए टैलेंट के परिदृश्य में क्रांति लाना और इन्फ्लुएंसर्स की अगली जनरेशन को मजबूती प्रदान करना है. इस विशेष फंड के बारे में बात करते हुए निखिल कामथ ने कहा कि क्रिएटर इकॉनमी में पिछले कुछ समय के दौरान क्रिएटर्स इकॉनमी में काफी उल्लेखनीय विकास देखने को मिला है और आने वाले दशकों में इस इकॉनमी में और अधिक वृद्धि देखने को मिल सकती है. WTF फंड का लक्ष्य प्लेटफॉर्म, उपकरण और मेंटरशिप प्रदान करवाना है ताकि क्रिएटर्स ऐसी कला का निर्माण कर सकें जो ऑडियंस से जुड़ सके. 

इस तरह लें कम्पटीशन में हिस्सा
भारतीय क्रिएटर्स के परिदृश्य में WTF फंड की भूमिका काफी महत्त्वपूर्ण है और यह योग्य टैलेंट का पालन पोषण करने के लिए आवश्यक है. नए क्रिएटर्स एक मिनट लंबी एक विडियो में अपनी कला और विजन दर्शा सकते हैं. आवेदक अपने शहर के बारे में, संस्कृति के बारे में और खाने के बारे में ऐसी विशेष कहानियां सुना सकते हैं जो उन्हें लगता है कि लोगों तक पहुंचनी चाहिए. इन कहानियों को वह 1 मिनट के भीतर एक विडियो के माध्यम से सुना सकते हैं और भागीदारी के लिए (@nikhilkamathcio) और @wtf_is_podcast का इस्तेमाल करके उन्हें अपनी विडियो में टैग करें. जीतने वाले को अल्टीमेट क्रिएटर किट मिलेगी जिसमें एक मोबाइल फोन, ट्राईपॉड, लाइटिंग का उपकरण और अन्य आवश्यक उपकरण प्रदान किये जाएंगे. 

अन्य महत्त्वपूर्ण जानकारी
इस प्रतियोगिता को 50 लोग जीत सकते हैं और यां कम्पटीशन ऐसे लोगों के लिए है जो क्रिएटर बनना चाहते हैं लेकिन उनके पास विडियो बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले खास उपकरण नहीं हैं. ऐसे व्यक्तियों को 300 शब्दों वाला एक ईमेल लिखना होगा और उसे wtf@nksqr.com पर भेजना होगा. इस ईमेल में उन्हें क्रिएटर्स की दुनिया में शामिल होने के अपने सपने के बारे में बताना होगा.
 

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आज लोकसभा में पेश होने वाले Telecommunication Bill के बारे में कितना जानते हैं आप?

कथित तौर पर OTT कम्युनिकेशन ऐप्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय के अंतर्गत आते हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Monday, 18 December, 2023
Last Modified:
Monday, 18 December, 2023
telecom

भारत सरकार द्वारा आज लोकसभा में टेलीकम्युनिकेशन बिल 2023 (Telecommunication Bill) पेश किया जाने वाला है. आपको बता दें कि इस बिल को भारतीय टेलीग्राफ एक्ट (Indian Telegraph Act) की रिप्लेसमेंट के रूप में देखा जा रहा है. आपको बता दें कि भारतीय टेलीग्राफ एक्ट का इस्तेमाल टेलीकम्युनिकेशन क्षेत्र में लगभग पिछले 138 सालों से किया जा रहा है. 

Telecommunications Bill से होंगे ये बदलाव
OTT कम्युनिकेशन ऐप्स से संबंधित नियम (Telecommunication Bill) इस बिल की सीमा से बाहर होंगे. आपको बता दें कि कथित तौर पर OTT कम्युनिकेशन ऐप्स, सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय के अंतर्गत आते हैं और इसीलिए किसी प्रकार का विवाद न हो इसलिए इन्हें टेलीकम्युनिकेशन बिल से बाहर कर दिया गया है. इसके साथ ही बिल में टेलीकम्युनिकेशन सुविधाओं को ओपन रखा गया है और अंतिम वर्जन में टेलीकम्युनिकेशन सुविधाओं का मतलब किसी भी प्रकार की टेलीकम्युनिकेशन सुविधा है. बिल द्वारा किये गए अन्य महत्त्वपूर्ण बदलाव इस प्रकार हैं: 

1.    इंडस्ट्री की प्रमुख कंपनियों द्वारा उठाये गए सवालों के आधार पर TRAI (टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया) की शक्तियों पर नियंत्रण लगाना. 

2.    कंपनी द्वारा अपने परमिट को सरेंडर किए जाने के बाद लाइसेंस शुल्क की वापसी और रजिस्ट्रेशन संबंधित निश्चित नियमों को आसान बनाना.

3.    राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर सरकार किसी व्यक्ति या फिर किसी देश से इम्पोर्ट किये हुए टेलिकॉम उपकरण पर रोक लगा सकती है या उसके इस्तेमाल को सस्पेंड भी कर सकती है. 

4.    केवल विश्वसनीय सूत्रों से ही टेलिकॉम उपकरण लिए जायें.

5.    प्रमोशनल या फिर एडवरटाइजिंग से संबंधित संदेश भेजने से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगा.

6.    यह एक ही बिल टेलिकॉम क्षेत्र के तीन बड़े बिलों भारतीय टेलीग्राफ एक्ट 1885, भारतीय वायरलेस टेलीग्राफी एक्ट 1933 और टेलीग्राफ वायर्ज एक्ट 1950 की जगह ले लेगा.

7.    सैटलाईट ब्रॉडबैंड सुविधा से संबंधित स्पेक्ट्रम के आवंटन के लिए महत्त्वपूर्ण बदलाव किये जायेंगे.

8.    टेलिकॉम नेटवर्क में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने, डेटा हैक करने और गैर-कानूनी रूप से डेटा प्राप्त करने की वजह से तीन साल तक की जेल हो सकती है और 2 करोड़ रुपयों का जुर्माना भी लगाया जा सकता है. 

9.    इसके साथ ही बिल में सुझाव दिया गया है कि ‘यूनिवर्सल सर्विसेज ऑब्लिगेशन फंड’ का नाम बदलकर डिजिटल भारत निधि कर दिया जाए.
 

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सावधान! हैकर्स के निशाने पर हैं Samsung यूजर्स, भारत सरकार ने जारी की चेतावनी!

Samsung के बहुत स्मार्टफोन्स की सिक्योरिटी खतरे में है और सैमसंग यूजर्स फिलहाल हैकर्स के निशाने पर हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Saturday, 16 December, 2023
Last Modified:
Saturday, 16 December, 2023
Samsung

हाल ही में भारत सरकार की संस्था CERT-In (कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम) द्वारा कोरियाई फोन निर्माता कंपनी सैमसंग (Samsung) के फोन का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए एक चेतावनी जारी की गई है. यह मुद्दा फिलहाल काफी जोर पकड़ रहा है, लेकिन अभी भी बहुत से लोग ऐसे हैं जो इस चेतावनी को महत्त्वपूर्ण नहीं मान रहे हैं. अगर आपको भी लग रहा है कि मुद्दा कुछ खास नहीं है तो आपको बता दें कि आपका फोन हैकर्स के निशाने पर है और ये चेतावनी आपको हैकर्स का शिकार बनने से रोकने के लिए ही जारी की गई है. 

क्या है पूरा मामला?
CERT-In की मानें तो सैमसंग (Samsung) के बहुत स्मार्टफोन्स की सिक्योरिटी खतरे में है और सैमसंग यूजर्स फिलहाल हैकर्स के निशाने पर हैं और हैकर्स कभी भी बहुत ही आसानी से इन्हें हैक करके आपको अपना शिकार बना सकते हैं. इतना ही नहीं, एंड्राइड 11 (Android 11), एंड्राइड 12 (Android 12) और एंड्राइड 13 (Android 13) ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करने वाले सैमसंग के सभी स्मार्टफोन की सिक्योरिटी अवस्था को काफी गंभीर स्थिति में बताया जा रहा है. CERT-In के अनुसार मोबाइल के सिक्योरिटी फीचर्स काफी कमजोर हैं और उनमें बहुत ही आसानी से सेंध लगाकर हैकर्स डिवाइस को हैक किया जा सकता है और आपकी संवेदनशील जानकारी जैसे आपकी बैंक डिटेल्स, पर्सनल डिटेल्स आदि चुराई जा सकती हैं. 

कैसे करें बचाव?
CERT-In के अनुसार आपकी संवेदनशील जानकारी के साथ-साथ आपके कॉन्टैक्ट यानी फोन में सेव नंबरों को भी प्राप्त किया जा सकता है और उनका गलत इस्तेमाल भी किया जा सकता है. अब सवाल उठता है कि खुद का बचाव कैसे करें. CERT-In का कहना है कि अगर आप अपना बचाव करना चाहते हैं तो अपने सैमसंग (Samsung) डिवाइस को अपडेट जरूर कर लें. साथ ही आपको यह भी बता दें कि यह चेतावनी केवल कुछ चुनिंदा डिवाइसों और कुछ चुनिंदा यूजर्स के लिए ही जारी की गई है. 

क्यों जारी करनी पड़ी चेतावनी?
आपको बता दें कि सैमसंग (Samsung) से पहले जानी-मानी वैश्विक स्मार्टफोन निर्माता कंपनी एप्पल (Apple) और सोफ्टवेयर निर्माता कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के लिए भी ऐसी चेतावनी जारी की जा चुकी है. सैमसंग के ऐसे स्मार्टफोन जो एंड्राइड 11, एंड्राइड 12 और एंड्राइड 13 पर चल रहे थे उनके सिक्योरिटी फीचर्स में कमी देखने को मिली और साथ ही डिवाइस में वायरस के प्रवेश करने की संभावनाएं भी CERT-In को दिखने लगीं और इसी वजह से संस्था को सैमसंग के कुछ चुनिंदा डिवाइसों के लिए चेतावनी जारी करनी पड़ी.
 

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