कतर में फुटबॉल वर्ल्ड कप के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है. अभी से वहां 80% होटल रूम बुक हो चुके हैं.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो ।।
20 नवंबर से शुरू होने वाले फुटबॉल विश्व कप को देखने के लिए हजारों भारतीयों ने कतर जाने के लिए टिकट खरीदी हैं. इनके लिए सलाह है कि वहां रहने-खाने का इंतजाम भी अभी से कर लें, वरना परेशानी हो सकती. दरअसल, कतर में 30 हजार होटल रूम हैं, जिनमें से 80% बुकिंग फुटबॉल फेडरेशन फीफा अपने अधिकारियों और खिलाड़ियों के लिए कर चुका है.
अब तक का सबसे छोटा आयोजक देश
कतर क्षेत्रफल के लिहाज से विश्व कप कराने वाला अब तक का सबसे छोटा देश है. ऐसे में जब यहां वर्ल्ड अप देखने लाखों लोग पहुंचेंगे, तो उनके ठहरने की व्यवस्था एक बड़ा मुद्दा होगी. हालांकि, स्थानीय सरकार तैयारियों में जुटी हुई है. आयोजक खाली अपार्टमेंट में कमरे ऑफर कर रहे हैं. इसके अलावा, पारंपरिक तंबू, फैन विलेज, विला के विकल्प भी तैयार किए जा रहे हैं. इसके साथ ही साथ दो क्रूज जहाजों को ‘तैरते होटल’ में बदल दिया गया है, जिन्हें दोहा के बंदरगाह पर लगाया जाएगा. इन सब उपायों से करीब 70 हजार कमरे और बढ़ने की उम्मीद है.
रिकॉर्ड दर्शक पहुंचने की उम्मीद
कतर की वितरण और विरासत समिति ने कहा है कि विश्व प्रतियोगिता के समय तक 130000 कमरों का प्रबंध कर लिया जाएगा. विश्व कप के लिए यहां आने वाले प्रशंसकों, टीम और स्पॉन्सर के लिहाज से इतनी व्यवस्था पर्याप्त होनी चाहिए. वहीं, फीफा के मुताबिक 30 लाख में से 25 लाख टिकट बिक चुके हैं और इस बार रिकॉर्ड 12 लाख लोगों के कतर पहुंचने की उम्मीद है. यह संख्या कतर की कुल जनसंख्या के करीब 40% है. इसीलिए इतने लोगों की व्यवस्था कराने में कतर के पसीने छूट रहे हैं.
एक रात का किराया 17 हजार
कतर की राजधानी दोहा में जो फैन विलेज बनाए गए हैं, उनमें एक रात रुकने का किराया 17 हजार हैं. प्रशंसकों को पैसे के लिहाज से ये जगह इतनी अच्छी लग रही है कि उन्होंने पहले से ही अपनी बुकिंग यहां पर करा ली है. कतर अब तक अपने इंफ्रास्ट्रक्चर पर करीब 200 अरब डॉलर जो कि भारतीय मुद्रा में 160 खरब ररुपए होते हैं, खर्च चुका है.
हजारों भारतीय जाएंगे
उम्मीद है कि बड़ी संख्या में भारतीय दर्शक विश्व कप फुटबॉल देखने जाएंगे. पहले चरण की टिकट बिक्री में 23500 टिकट भारतीयों ने ही खरीदी हैं. हालांकि, टिकट बिक्री में भारत का नंबर दुनियाभर में सातवां है. बता दें कि बढ़ेगी रूस में 2018 के विश्व कप में 18 हजार भारतीयों ने टिकट खरीदी थीं.
3 अप्रैल को खेले गए मुकाबले में पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने स्लो ओवर रेट का नियम तोड़ा. इससे पहले भी गुजरात टाइटंस के खिलाफ मैच में उन पर इसी वजह से जुर्माना लगाया गया था.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मुकाबले के बाद पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर पर बड़ी कार्रवाई हुई है. दरअसल, स्लो ओवर रेट की गलती दोहराने पर बीसीसीआई ने उन पर ₹24 लाख का जुर्माना लगाया, जबकि पूरी टीम को भी आर्थिक सजा झेलनी पड़ी. जीत के बावजूद यह मुकाबला पंजाब के लिए विवादों में घिर गया.
लगातार दूसरी बार लगा जुर्माना
3 अप्रैल को खेले गए मुकाबले में पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर ने स्लो ओवर रेट का नियम तोड़ा. इससे पहले भी गुजरात टाइटंस के खिलाफ मैच में उन पर इसी वजह से जुर्माना लगाया गया था. लगातार दूसरी बार हुई इस चूक ने टीम को सख्त सजा दिला दी. आईपीएल आचार संहिता के तहत दूसरी बार स्लो ओवर रेट का दोषी पाए जाने पर श्रेयस अय्यर पर ₹24 लाख का जुर्माना लगाया गया. यह उल्लंघन नियमों के आर्टिकल 2.22 के अंतर्गत आता है, जिसके तहत कप्तान को कड़ी सजा दी जाती है.
पूरी टीम को भी भुगतनी पड़ी सजा
सिर्फ कप्तान ही नहीं, बल्कि इम्पैक्ट प्लेयर समेत पूरी प्लेइंग इलेवन पर भी जुर्माना लगाया गया. टीम के सभी खिलाड़ियों की मैच फीस से ₹6 लाख या 25 प्रतिशत (जो भी कम हो) काटे जाएंगे. इस फैसले ने टीम के प्रदर्शन पर भी असर डालने की चर्चा शुरू कर दी है.
मैच में पंजाब की शानदार जीत
मैच की बात करें तो चेन्नई सूपर किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 209 रन बनाए. टीम की ओर से आयुष म्हात्रे ने 73 रन की तेज पारी खेली, जबकि शिवम दुबे ने नाबाद 45 रन बनाए और सरफराज खान ने 32 रन का योगदान दिया.
जवाब में पंजाब किंग्स ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 210 रन का लक्ष्य 18.4 ओवर में 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया. कप्तान श्रेयस अय्यर ने 50 रन की पारी खेली. प्रभसिमरन सिंह ने 43, प्रियांश आर्य ने 39 और कूपर कोनोली ने 36 रन बनाकर जीत में अहम भूमिका निभाई.
गेंदबाजों का प्रदर्शन
पंजाब की ओर से विजयकुमार विशक ने 2 विकेट लिए, जबकि जेवियर बार्टलेट, मार्को यानसन और युजवेंद्र चहल को 1-1 विकेट मिला. वहीं चेन्नई की तरफ से मैट हेनरी और अंशुल कंबोज ने 2-2 विकेट झटके, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके.
पंजाब किंग्स ने मैदान पर शानदार प्रदर्शन कर जीत जरूर हासिल की, लेकिन अनुशासनहीनता ने इस जीत की चमक फीकी कर दी. श्रेयस अय्यर और उनकी टीम के लिए यह एक स्पष्ट संकेत है कि भविष्य में ऐसी गलतियों से बचना जरूरी होगा, वरना सजा और भी कड़ी हो सकती है.
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली कैपिटल्स इस टूर्नामेंट की सबसे पुरानी टीम है, जिसकी औसत उम्र 29.3 वर्ष है. इसके ठीक पीछे मुंबई इंडियंस हैं, जिनकी औसत उम्र 29.1 वर्ष है. यह दर्शाता है कि कुछ फ्रैंचाइजियों ने अनुभव, संयम और बड़े मैचों की समझ को प्राथमिकता दी है.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
2026 के इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के लिए उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और Rediffusion के ICYMI प्लेटफॉर्म की एक रिपोर्ट इस सीज़न की कहानी पर रोशनी डालती है: फ्रैंचाइजियों के बीच एक पीढ़ीगत अंतर, जहाँ अनुभव और युवा प्रतिभा केवल खिलाड़ियों की विशेषताएँ नहीं, बल्कि रणनीतिक दर्शन भी बन गए हैं. ‘IPL 2026 स्क्वाड्स, दो पीढ़ियों की कहानी’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में बताया गया है कि अब टीमों में उम्र का सामंजस्य केवल आकस्मिक नहीं रह गया है, बल्कि यह टीम रणनीति का केंद्र बन चुका है.
अनुभव बनाम युवा प्रतिभा
रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली कैपिटल्स इस टूर्नामेंट की सबसे पुरानी टीम है, जिसकी औसत उम्र 29.3 वर्ष है. इसके ठीक पीछे मुंबई इंडियंस हैं, जिनकी औसत उम्र 29.1 वर्ष है. यह दर्शाता है कि कुछ फ्रैंचाइजियों ने अनुभव, संयम और बड़े मैचों की समझ को प्राथमिकता दी है.
इसके विपरीत, सनराइजर्स हैदराबाद और राजस्थान रॉयल्स जैसी टीमें सबसे युवा स्क्वाड्स के साथ मैदान में उतर रही हैं, जिनकी औसत उम्र 27.0 वर्ष है. इनकी रणनीति लंबी अवधि के दृष्टिकोण को दर्शाती है, कच्ची प्रतिभा, निडर क्रिकेट और भविष्य की क्षमता को महत्व देना.
कोलकाता नाइट राइडर्स और गुजरात टाइटन्स (दोनों 28.9 वर्ष) तथा रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (28.6 वर्ष) जैसी टीमें संतुलन साध रही हैं, युवा और अनुभव को मिलाकर निरंतरता हासिल करने का प्रयास कर रही हैं.
चरम अंतर
रिपोर्ट में टीमों के भीतर उम्र के बड़े अंतर को भी उजागर किया गया है. चेन्नई सुपर किंग्स में एमएस धोनी (44.7 वर्ष) और आयुष म्हात्रे (18.7 वर्ष) के बीच उम्र का अंतर 26 साल है, जो लीग का सबसे बड़ा है. मुंबई इंडियंस में भी ऐसे अंतर हैं, जहाँ रोहित शर्मा एक ऐसे स्क्वाड का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें खिलाड़ी उनसे लगभग दो दशक छोटे हैं.
लीग के सबसे युवा खिलाड़ी हैं राजस्थान रॉयल्स के 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी, जो इस नई पीढ़ी का प्रतीक हैं, जो पहले से ही प्रमुख मंच पर अपनी छाप छोड़ रही है. वहीं, विराट कोहली, सुनील नराइन और रविंद्र जडेजा जैसी वरिष्ठ खिलाड़ी अपनी टीमों के लिए निरंतर आधार बने हुए हैं, उम्र को चुनौती देते हुए अपनी पकड़ बनाए रख रहे हैं.
IPL 2026: केवल टूर्नामेंट नहीं, बल्कि पीढ़ियों की टकराहट
ICYMI रिपोर्ट के अनुसार, यह सीजन सिर्फ मैचों का संग्रह नहीं है, बल्कि टाइमलाइन का संघर्ष है. “कुछ फ्रैंचाइजियों ने विरासत को चुना, कुछ ने संभावनाओं को. और अधिकांश ने दोनों को मिलाकर इसे संतुलन कहा.” दस टीमों, विभिन्न रणनीतियों और ड्रेसिंग रूम में पीढ़ियों के अंतर के साथ, IPL 2026 सिर्फ क्रिकेट की रोमांचक कार्रवाई ही नहीं लाएगा, बल्कि यह देखने का मौका भी देगा कि आखिरकार कौन सी पीढ़ी बाजी मारती है.
पहले चरण के मैच देश के कई प्रमुख शहरों में आयोजित किए जाएंगे. इनमें बेंगलुरु, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद, लखनऊ, गुवाहाटी और मुल्लांपुर शामिल हैं.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के पहले चरण का कार्यक्रम जारी कर दिया है. इस सीजन का पहला मुकाबला 28 मार्च को खेला जाएगा. आगामी राज्य विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए इस बार टूर्नामेंट को दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है. पहले चरण में 28 मार्च से 12 अप्रैल के बीच कुल 20 मैच खेले जाएंगे.
28 मार्च को होगा सीजन का पहला मुकाबला
IPL 2026 का उद्घाटन मुकाबला 28 मार्च को बेंगलुरु में खेला जाएगा. इस मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का सामना सनराइजर्स हैदराबाद से होगा. यह मुकाबला नए सीजन की शुरुआत करेगा और क्रिकेट प्रशंसकों के लिए रोमांचक सीजन की नींव रखेगा.
दूसरे दिन मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स आमने-सामने
टूर्नामेंट के दूसरे दिन यानी 29 मार्च को पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस अपने घरेलू मैदान पर कोलकाता नाइट राइडर्स से भिड़ेगी. वहीं 30 मार्च को राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच गुवाहाटी में मुकाबला खेला जाएगा.
कई शहरों में खेले जाएंगे पहले चरण के मुकाबले
पहले चरण के मैच देश के कई प्रमुख शहरों में आयोजित किए जाएंगे. इनमें बेंगलुरु, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, दिल्ली, अहमदाबाद, हैदराबाद, लखनऊ, गुवाहाटी और मुल्लांपुर शामिल हैं. इससे अलग-अलग शहरों के दर्शकों को लाइव मुकाबलों का आनंद लेने का मौका मिलेगा.
चुनावों के कारण दो हिस्सों में होगा टूर्नामेंट
BCCI के अनुसार, आगामी राज्य विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए इस बार IPL को दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है. हालांकि टूर्नामेंट के दूसरे चरण की तारीखों की घोषणा अभी नहीं की गई है.
IPL 2026 होगा अब तक का सबसे बड़ा सीजन
IPL 2026 टूर्नामेंट के इतिहास का सबसे बड़ा सीजन होगा. इस बार कुल 84 मुकाबले खेले जाएंगे, जो पहले के मुकाबले अधिक हैं. इससे लीग का रोमांच और प्रतिस्पर्धा दोनों बढ़ने की उम्मीद है.
RCB करेगी खिताब बचाने की कोशिश
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु इस सीजन में डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में उतरेगी. टीम ने 2025 में पहली बार IPL खिताब जीता था. जब उसने फाइनल में पंजाब किंग्स को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की थी.
कहां देख सकेंगे मैच
IPL 2026 के मैचों का डिजिटल प्रसारण जियोहॉटस्टार प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा. जबकि टेलीविजन पर इसका प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर होगा. पहले चरण के मुकाबलों के लिए टिकट बिक्री भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है.
टी20 वर्ल्ड कप 2026 आक्रामक बल्लेबाजी, रणनीतिक गेंदबाजी और करीबी मुकाबलों के लिए याद किया जाएगा. इस टूर्नामेंट के आंकड़े क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और रोमांच को भी दर्शाते हैं.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 ने क्रिकेट प्रशंसकों को रोमांचक मुकाबलों, आक्रामक बल्लेबाजी और अनुशासित गेंदबाजी का शानदार मिश्रण देखने को दिया. रेडिफ्यूजन और ICYMI के एक विश्लेषण के अनुसार इस टूर्नामेंट में कई ऐसे आंकड़े सामने आए, जिन्होंने इसे हाल के सबसे यादगार टी20 टूर्नामेंटों में शामिल कर दिया.
सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी
ICYMI की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के साहिबजादा फरहान टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. उन्होंने कुल 383 रन बनाए. उनके बाद न्यूजीलैंड के टिम सिफर्ट 326 रनों के साथ दूसरे स्थान पर रहे.
भारत के संजू सैमसन और ईशान किशन भी टूर्नामेंट के शीर्ष बल्लेबाजों में शामिल रहे. सैमसन ने 321 रन बनाए, जबकि किशन ने 317 रन बनाए. न्यूजीलैंड के फिन एलन 298 रनों के साथ शीर्ष पांच बल्लेबाजों की सूची में शामिल रहे.
सिक्स हिटिंग में संजू सैमसन सबसे आगे
टूर्नामेंट में आक्रामक बल्लेबाजी का अंदाज साफ दिखाई दिया. भारत के संजू सैमसन ने 24 छक्के लगाकर सिक्स हिटिंग की सूची में पहला स्थान हासिल किया. न्यूजीलैंड के फिन एलन ने 20 छक्के लगाए, जबकि वेस्टइंडीज के शिमरॉन हेटमायर ने 19 छक्के जड़े. ईशान किशन और साहिबजादा फरहान ने भी टूर्नामेंट में 18-18 छक्के लगाए.
गेंदबाजी में बुमराह और वरुण चक्रवर्ती का दबदबा
गेंदबाजी में भारत के जसप्रीत बुमराह और वरुण चक्रवर्ती संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे. दोनों ने टूर्नामेंट में 14-14 विकेट लिए. उनके बाद शैडली वैन शाल्कविक, आदिल राशिद और ब्लेसिंग मुजरबानी ने 13-13 विकेट लेकर प्रभावशाली प्रदर्शन किया.
इकॉनमी रेट में मोहम्मद मोहसिन सबसे किफायती
पाकिस्तान के मोहम्मद मोहसिन ने कम से कम 12 ओवर फेंकने वाले गेंदबाजों में सबसे बेहतर इकॉनमी रेट दर्ज की. उनका इकॉनमी रेट 6.00 रन प्रति ओवर रहा. भारत के जसप्रीत बुमराह 6.21 की इकॉनमी के साथ दूसरे स्थान पर रहे. वहीं मैथ्यू फोर्ड, मिचेल सैंटनर और राशिद खान ने भी किफायती गेंदबाजी का प्रदर्शन किया.
टीम प्रदर्शन में भारत सबसे आगे
टीम प्रदर्शन की बात करें तो भारत ने टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा आठ मैच जीतकर शीर्ष स्थान हासिल किया. दक्षिण अफ्रीका सात जीत के साथ दूसरे स्थान पर रहा, जबकि इंग्लैंड ने छह मुकाबले जीते. वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड पांच-पांच जीत के साथ शीर्ष पांच टीमों में शामिल रहे.
कई हाई-स्कोरिंग मुकाबले भी देखने को मिलेटूर्नामेंट में कई हाई-स्कोरिंग मुकाबले भी देखने को मिले. भारत ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 4 विकेट पर 256 रन बनाकर टूर्नामेंट का सबसे बड़ा स्कोर दर्ज किया. इसके अलावा भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 विकेट पर 255 रन बनाए. वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 6 विकेट पर 254 रन बनाए, जबकि भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ 7 विकेट पर 253 रन बनाए.
भारतीय टीम ने फाइनल में धमाकेदार बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट के नुकसान पर 255 रन बनाए, जो T20 वर्ल्ड कप फाइनल का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
भारतीय क्रिकेट टीम ने 2026 के आईसीसी पुरुष T20 वर्ल्ड कप फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर इतिहास रच दिया. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए रिकॉर्ड 255 रन बनाए और फिर शानदार गेंदबाजी के दम पर न्यूजीलैंड को लक्ष्य से काफी दूर रोक दिया. इस जीत के साथ भारत T20 वर्ल्ड कप का खिताब सफलतापूर्वक बचाने वाली पहली टीम बन गया.
फाइनल में भारत का रिकॉर्ड स्कोर
भारतीय टीम ने फाइनल में धमाकेदार बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट के नुकसान पर 255 रन बनाए, जो T20 वर्ल्ड कप फाइनल का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है. कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा.
इस जीत के साथ भारत मेजबान देश के रूप में अपने ही घर में पुरुष T20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश भी बन गया. इससे पहले भारत ने 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में अमेरिका और वेस्टइंडीज में आयोजित टूर्नामेंट में खिताब जीता था.
सैमसन की धमाकेदार पारी
भारत की बड़ी जीत की नींव विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन की शानदार पारी ने रखी. उन्होंने 46 गेंदों में 89 रन बनाए और अपनी पारी में कई चौके-छक्के जड़कर न्यूजीलैंड के गेंदबाजों की जमकर खबर ली. सैमसन ने अभिषेक शर्मा के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए सिर्फ 7.1 ओवर में 98 रन जोड़कर टीम को तेज शुरुआत दिलाई. अभिषेक शर्मा ने भी 52 रन की उपयोगी पारी खेली. इसके बाद ईशान किशन ने 54 रन बनाकर रन गति को बनाए रखा. भारत ने 15 ओवर के भीतर ही 200 रन का आंकड़ा पार कर लिया, जिससे न्यूजीलैंड की टीम पूरी तरह दबाव में आ गई.
आखिरी ओवरों में तेज रन
न्यूजीलैंड के जेम्स नीशम ने 16वें ओवर में संजू सैमसन, ईशान किशन और कप्तान सूर्यकुमार यादव को आउट कर भारत को थोड़ा झटका जरूर दिया. हालांकि इसके बाद शिवम दुबे ने नाबाद 26 रन बनाकर टीम को मजबूत अंत दिलाया. उन्होंने आखिरी ओवर में ही 24 रन बटोर लिए. वहीं हार्दिक पांड्या ने 18 रन की पारी खेलकर भारत का स्कोर 250 के पार पहुंचा दिया.
गेंदबाजों ने दिलाई शानदार जीत
256 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड की शुरुआत खराब रही. भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाकर रखा और कीवी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया. फिन एलन और ग्लेन फिलिप्स जल्दी आउट हो गए. हालांकि टिम सिफर्ट ने 26 गेंदों में 52 रन बनाकर थोड़ी लड़ाई जरूर लड़ी, लेकिन दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे.
बुमराह और अक्षर की घातक गेंदबाजी
भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 15 रन देकर 4 विकेट लिए. वहीं ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने 27 रन देकर 3 विकेट झटके. इन दोनों गेंदबाजों की घातक गेंदबाजी के सामने न्यूजीलैंड की पूरी टीम लक्ष्य से काफी दूर सिमट गई और भारत ने 96 रन से ऐतिहासिक जीत दर्ज की.
न्यूजीलैंड की रणनीति भी पड़ी भारी
न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर का एक रणनीतिक फैसला भी टीम पर भारी पड़ा. बल्लेबाजों के अनुकूल पिच होने के बावजूद उन्होंने ऑफ स्पिनर कोल मैककॉन्ची को टीम में शामिल नहीं किया और उनकी जगह तेज गेंदबाज जैकब डफी को मौका दिया. हालांकि यह फैसला भारतीय बल्लेबाजों की आक्रामक बल्लेबाजी के सामने ज्यादा असरदार साबित नहीं हुआ और मेजबान भारत ने शानदार प्रदर्शन के साथ खिताब अपने नाम कर लिया.
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की यह जीत केवल एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, संघर्ष और समर्पण की कहानी है. बीसीसीआई का 51 करोड़ रुपये का इनाम इस ऐतिहासिक सफलता की सराहना है, जिसने महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
हरमनप्रीत कौर की अगुवाई में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इतिहास रच दिया है. टीम इंडिया ने रविवार को दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार आईसीसी महिला वनडे विश्व कप अपने नाम किया. इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम को ₹51 करोड़ के नकद इनाम की घोषणा की है.
बीसीसीआई ने खोला खजाना
बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने सोमवार को कहा कि यह राशि खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और राष्ट्रीय चयन समिति के सदस्यों को सम्मान के रूप में दी जाएगी. उन्होंने कहा, “विश्व कप जीतने पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम को ₹51 करोड़ का नकद पुरस्कार दिया जाएगा. इसमें टीम की सभी खिलाड़ी, सहयोगी स्टाफ और चयन समिति के सदस्य शामिल होंगे.”
सैकिया ने इस उपलब्धि को भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया. उनके अनुसार, “इस जीत ने महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है और भविष्य की खिलाड़ियों को प्रेरणा दी है.”
1983 की जीत जैसा पल: अरुण धूमल
आईपीएल अध्यक्ष अरुण धूमल ने भारतीय महिला टीम की जीत को भारतीय क्रिकेट इतिहास का स्वर्ण अध्याय बताया. उन्होंने कहा, “यह भारतीय महिला क्रिकेट के लिए वैसा ही पल है, जैसा 1983 में पुरुष टीम ने रचा था. मुंबई में हमारी बेटियों ने जो कमाल किया है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा.”
ऐसे जीता भारत ने फाइनल
फाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 298 रन बनाए. जवाब में दक्षिण अफ्रीका की टीम कप्तान लौरा वोलवार्ट (101 रन) के शानदार शतक के बावजूद 45.3 ओवर में 246 रन पर सिमट गई. भारत की दीप्ति शर्मा ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 39 रन देकर 5 विकेट लिए, जबकि शेफाली वर्मा ने 2 और श्री चरणी ने 1 विकेट हासिल किया.
महिला क्रिकेट में नया अध्याय
यह जीत न सिर्फ भारत के लिए पहला महिला वनडे विश्व कप खिताब है, बल्कि यह भारतीय महिला क्रिकेट की लोकप्रियता और पहचान के नए युग की शुरुआत भी है. देशभर में जश्न का माहौल है और खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और टीम स्पिरिट की सराहना हो रही है.
IHL और डीडी स्पोर्ट्स की साझेदारी के जरिए यह संदेश लाखों लोगों तक पहुंचेगा कि स्वास्थ्य सेवा पेशेवर सिर्फ इलाज नहीं करते, बल्कि फिटनेस और समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
भारत की अग्रणी मेडिकल स्पोर्ट्स लीग, इंडियन हेल्थकेयर लीग (IHL) ने आज यानी 06 अक्टूबर को राष्ट्रीय प्रसारणकर्ता डीडी स्पोर्ट्स के साथ अपनी आधिकारिक साझेदारी की घोषणा की है. इस समझौते के तहत, IHL के सभी मैच 14 से 21 दिसंबर 2025 तक पूरे भारत में लाइव प्रसारित किए जाएंगे. इस पहल का उद्देश्य न केवल खेल भावना को बढ़ावा देना है, बल्कि स्वास्थ्य सेवा, फिटनेस और सामाजिक जागरूकता को भी जन-जन तक पहुंचाना है.
पूरे देश में पहुंचेगी डॉक्टरों की खेल भावना
IHL का उद्देश्य सिर्फ एक लीग बनना नहीं, बल्कि भारत के मेडिकल समुदाय की फिटनेस, प्रतिबद्धता और सामाजिक जिम्मेदारी को मंच देना है. डीडी स्पोर्ट्स के माध्यम से शहरी और ग्रामीण, दोनों दर्शकों को इन प्रेरक कहानियों से जोड़ा जाएगा. लीग में 150 से अधिक डॉक्टर और स्वास्थ्य सेवा पेशेवर हिस्सा लेंगे जो अपने मेडिकल करियर और खेल के प्रति जुनून के बीच बेहतरीन संतुलन दिखाएंगे.
डीडी स्पोर्ट्स पर होगा सीधा प्रसारण
लीग का प्रसारण डीडी स्पोर्ट्स टीवी चैनल, डीडी वेव्स ओटीटी प्लेटफॉर्म, और डीडी स्पोर्ट्स यूट्यूब चैनल पर होगा, जिससे इसकी पहुंच लाखों घरों तक सुनिश्चित होगी. यह कदम न केवल लीग की लोकप्रियता को बढ़ाएगा, बल्कि हेल्थ-फोकस्ड स्पोर्ट्स इनिशिएटिव्स को भी नया मुकाम देगा.
कैंसर जागरूकता पर विशेष फोकस
इस वर्ष लीग का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य कैंसर जागरूकता है. खेलों के जरिए यह संदेश दिया जाएगा कि शीघ्र पहचान, निवारक उपाय और सामुदायिक भागीदारी से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है. मैचों के साथ-साथ जागरूकता अभियानों और डॉक्टरों की प्रेरणादायक कहानियों के जरिए यह उद्देश्य लोगों तक पहुँचाया जाएगा.
महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल
IHL की अंतिम दिन एक विशेष महिला मैच का आयोजन करेगी, जिसमें महिला डॉक्टर और स्वास्थ्य पेशेवर हिस्सा लेंगी. यह मैच महिला नेतृत्व, लचीलापन और समावेशिता को दर्शाएगा. यह पहल व्हाइटकोट स्पोर्ट्स के व्यापक मिशन का हिस्सा है, जो स्वास्थ्य सेवा और खेलों में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए काम करता है.
साझेदारी पर क्या बोले आयोजक
व्हाइटकोट स्पोर्ट्स के सीएमडी, डॉ. राहुल मंगल ने इस साझेदारी पर कहा “डीडी स्पोर्ट्स के साथ सहयोग इंडियन हेल्थकेयर लीग के लिए एक मील का पत्थर है. हमारा उद्देश्य न केवल खेल को बढ़ावा देना है, बल्कि कैंसर जैसे गंभीर स्वास्थ्य मुद्दों पर जन-जागरूकता पैदा करना भी है. महिला मैच का जुड़ना समानता और सशक्तिकरण की दिशा में हमारा मजबूत कदम है.”
इस सीजन में दर्शकों को सिर्फ रोमांचक मुकाबले ही नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे की प्रेरक कहानियाँ, स्वास्थ्य से जुड़ी जागरूकता, और समुदाय निर्माण का संदेश भी मिलेगा. इंडियन हेल्थकेयर लीग खेलों से आगे जाकर एक सामाजिक आंदोलन बनना चाहती है, जहाँ स्वास्थ्य सेवा पेशेवर अपनी ताकत, जुनून और सेवा भावना के साथ सामने आएं.
इस लीग की प्रमुख विशेषताएँ :
1. लाइव ब्रॉडकास्ट: सभी मैच डीडी स्पोर्ट्स, डीडी वेव्स और यूट्यूब पर लाइव
2. 150 डॉक्टरों की भागीदारी: पूरे भारत से मेडिकल पेशेवरों की सक्रिय भूमिका
3. कैंसर पर फोकस: जागरूकता, रोकथाम और शिक्षा के ज़रिए सामाजिक संदेश
4. महिला सशक्तिकरण मैच: लीग के अंतिम दिन महिला स्वास्थ्य पेशेवरों की भागीदारी
5. समावेशिता और फिटनेस: स्वास्थ्य के प्रति नया नजरिया देने वाली लीग
ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक को जन्मदिन पर नमन -एक ऐसी खिलाड़ी, जिनकी हिम्मत, संघर्ष और बदलाव की आवाज आज भी लाखों लोगों के लिए प्रेरणा है.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
साक्षी मलिक, भारतीय कुश्ती की दुनिया में वह नाम है जिसने 2016 के रियो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया. वह ओलंपिक में पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बनीं. उस समय जब देश में लड़कियों का कुश्ती में हिस्सा लेना भी असामान्य माना जाता था, साक्षी ने न केवल समाजिक बंधनों को तोड़ा, बल्कि परिवारिक संकोचों को भी मात दी.
एक छोटे गांव से बड़ी उड़ान
3 सितंबर 1992 को हरियाणा के रोहतक जिले के छोटे से गांव मोकड़ा में जन्मी साक्षी का सफर उनके दादा से प्रेरित था, जो खुद पहलवान थे. महज़ 12 साल की उम्र में उन्होंने कोच ईश्वर दहिया की देखरेख में स्थानीय अखाड़े में अभ्यास शुरू किया. पढ़ाई और कठिन प्रशिक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए साक्षी ने अपने जज़्बे और मेहनत से अपने लिए एक अलग पहचान बनाई.
सफलता की सीढ़ी चढ़ती साक्षी
साक्षी की अंतरराष्ट्रीय यात्रा 2010 जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने के साथ शुरू हुई. इसके बाद उन्होंने 2014 के राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक और 2015 के एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता. ये उपलब्धियाँ उनकी निरंतर मेहनत और लगन का प्रमाण थीं.
रियो ओलंपिक: निर्णायक पल
2016 के रियो ओलंपिक में साक्षी की असली परीक्षा थी. पहले दौर में स्वीडन की जोहाना मैटसन और मोल्डोवा की मरीआना चेर्दिवारा को हराने के बाद वह क्वार्टर फाइनल में रूस की वलेरिया कोब्लोवा से हार गईं. लेकिन कोब्लोवा के फाइनल में पहुंचने के चलते साक्षी को रेपचेज (Repechage) राउंड में दूसरा मौका मिला.
इस मौके का फायदा उठाते हुए साक्षी ने मंगोलिया की पुएरवदोर्जिन ओरखोन को हराया और फिर एशियाई चैंपियन ऐसुलू तिनिबेकोवा को 8-5 से हराकर कांस्य पदक जीत लिया. यह जीत केवल एक पदक नहीं थी, यह एक नई सोच, नई शुरुआत और नई उम्मीद का प्रतीक बन गई.
सम्मान और प्रेरणा का स्रोत
रियो ओलंपिक के बाद साक्षी को भारत सरकार ने 2016 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार और 2017 में पद्म श्री से सम्मानित किया. ये पुरस्कार सिर्फ उनकी खेल उपलब्धियों के लिए नहीं थे, बल्कि उन लाखों लड़कियों के लिए प्रेरणा भी थे, जो अपने सपनों को पंख देना चाहती हैं.
खिलाड़ी से समाज सुधारक तक
खेलों के मैदान से बाहर भी साक्षी ने अपनी आवाज बुलंद की. महिला खिलाड़ियों के अधिकारों और खेल संघों में हो रहे दुर्व्यवहार के खिलाफ वह मजबूती से खड़ी रहीं. उनकी निडरता ने कुश्ती में न केवल बदलाव लाया, बल्कि महिला खिलाड़ियों के लिए एक सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल बनाने की दिशा में भी पहल की.
कुश्ती के बाद भी सक्रिय योगदान
2022 के राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर साक्षी ने अपने खेल जीवन को नई ऊंचाई दी. 2023 में अपने शानदार करियर के बाद उन्होंने संन्यास की घोषणा की. इसके बाद उन्होंने महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में कुश्ती निदेशक के रूप में और भारतीय रेलवे में अपनी सेवा जारी रखी.
व्यक्तिगत जीवन और विरासत
2017 में उन्होंने साथी पहलवान सत्यव्रत कादियन से विवाह किया. यह रिश्ता भी उनके जीवन में मजबूती और समानता का प्रतीक बना. साक्षी की कहानी सिर्फ पदकों की नहीं, बल्कि हिम्मत, संघर्ष और बदलाव की है. वह उन लड़कियों के लिए मिसाल हैं जो सीमाओं को तोड़कर अपना भविष्य खुद लिखना चाहती हैं.
साक्षी मलिक की नेट वर्थ
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार साक्षी मलिक की कुल नेट वर्थ 2024–25 में ₹ 40 करोड़(लगभग $5 मिलियन) है. यह संपत्ति उनकी खेल उपलब्धियों, ओलंपिक से मिलने वाले पुरस्कार, ब्रांड एंडोर्समेंट्स और सरकारी सम्मान जैसे फंड समारोहों से जुटी है. उन्हें रियो ओलंपिक की जीत के बाद ₹ 3.5 करोड़ की इनाम राशि मिली थी, वहीं उनकी सालाना आय लगभग ₹ 1 करोड़ है. वह Asics और JSW Sports जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स एंडोर्स करती हैं. साक्षी के पास BMW 320d और Datsun Go जैसी कारें हैं, जिन्हें उन्हें ओलंपिक जीत के उपलक्ष्य में दिया गया था.
BW Businessworld साक्षी मलिक को उनके जन्मदिन पर सलाम करता है - एक ऐसी प्रेरणादायक महिला जिन्होंने न सिर्फ भारत की पहली महिला ओलंपिक पदक विजेता पहलवान बनकर इतिहास रचा, बल्कि सामाजिक बंधनों और अन्याय के खिलाफ डटकर खड़ी रहीं.
जन्मदिन मुबारक हो, साक्षी मलिक
आपकी कहानी आने वाली पीढ़ियों को लड़ने, बढ़ने और जीतने की प्रेरणा देती रहेगी.
IPL2025 में जहां RCB ने अपने लंबे इंतजार को खत्म किया, वहीं PBKS की ट्रॉफी की चाहत एक बार फिर अधूरी रह गई, लेकिन क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह फाइनल हमेशा यादगार रहेगा.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने आखिरकार इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का खिताब जीत ही लिया. कल यानी मंगलवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में बेंगलुरु ने पंजाब किंग्स को 6 रन से हराकर पहली बार IPL चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया. इस जीत के साथ ही टीम का 17 साल का लंबा इंतजार खत्म हो गया.
RCB ने तोड़ा फाइनल हार का सिलसिला
पिछले तीन फाइनल में RCB को हार का सामना करना पड़ा था, जिसमें टीम ने सभी बार लक्ष्य का पीछा किया था. इस बार रणनीति बदली गई—टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 190 रन बनाए और गेंदबाजों के दम पर स्कोर को सफलतापूर्वक डिफेंड किया. कप्तान रजत पाटीदार की अगुवाई में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम ने IPL 2025 की ट्रॉफी अपने नाम की.
18 का ‘संयोग’: विराट और RCB के लिए बना ऐतिहासिक
इस बार 18 नंबर की जर्सी पहनने वाले विराट कोहली के लिए यह सीजन बेहद खास रहा. यह IPL का 18वां सीजन था और जैसे फैंस पहले से ही उम्मीद जता रहे थे, 18 का आंकड़ा विराट के लिए लकी साबित हुआ. मैच से पहले सोशल मीडिया पर महाभारत के 18वें दिन की समाप्ति और विराट के 18 नंबर के जर्सी को जोड़ते हुए चर्चाएं हो रही थीं, जो अंततः सच साबित हुईं.
क्रुणाल पंड्या ने पलटा मैच का रुख
पंजाब की टीम ने तेज शुरुआत की थी, लेकिन क्रुणाल पंड्या ने आते ही मैच का रुख मोड़ दिया. उन्होंने न सिर्फ दो विकेट (2/17) लिए, बल्कि रनगति पर भी अंकुश लगाया. 10वें ओवर में रोमारियो शेफर्ड ने श्रेयस अय्यर को सिर्फ 1 रन पर आउट किया. इसके बाद 13वें ओवर में क्रुणाल ने जॉश इंग्लिस (39) का अहम विकेट लेकर पंजाब की मुश्किलें बढ़ा दीं.
भुवनेश्वर और यश दयाल ने किया क्लिनिकल फिनिश
भुवनेश्वर कुमार और यश दयाल ने अंतिम ओवरों में पंजाब को पूरी तरह से दबाव में ला दिया. 17वें ओवर में भुवनेश्वर ने वढ़ेरा और स्टोइनिस के विकेट झटककर पंजाब की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. हालांकि शशांक सिंह ने आखिरी ओवर में 3 छक्के और 1 चौका लगाकर 60 रन की नाबाद पारी खेली, लेकिन टीम 184 रन ही बना सकी.
विजेता को 20 करोड़, उपविजेता को 13.5 करोड़
RCB की जीत के साथ ही फैंस के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि इस बार प्राइज मनी में क्या बदलाव हुआ. BCCI की ओर से कोई आधिकारिक बदलाव नहीं किया गया है, ऐसे में प्राइज मनी 2022 की तरह ही रहा है. विजेता टीम यानी आरसीबी को 20 करोड़ रुपये, उप-विजेता यानी पंजाब किंग्स को 13.5 करोड़ रुपये, क्वालीफायर-2 से बाहर होने वाली टीम को 7 करोड़ रुपये और एलिमिनेटर से बाहर होने वाली टीम को 6.5 करोड़ रुपये मिलेंगे.
प्लेयर अवॉर्ड्स में भी बरसी धनवर्षा
हर साल की तरह इस बार भी खिलाड़ियों को प्रदर्शन के आधार पर कई पुरस्कार दिए गए. विजेताओं को नकद इनाम भी मिला है. साथ ही ऑरेंज कैप के लिए 10 लाख, पर्पल कैप 10 लाख, इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन 20 लाख, मौस्ट वैल्यूएबल प्लेयर ऑफ द सीजन 10 लाख,सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन 10 लाख, पावर प्लेयर ऑफ द सीजन 10 लाख , सबसे ज्यादा छक्के 10 लाख, गेम चेंजर ऑफ द सीजन को 10 लाख रुपये मिले.
IPL 2025 अब फिर से शुरू होने जा रहा है, BCCI द्वारा जारी किए गए नए शेड्यूल के अनुसार, टूर्नामेंट 17 मई से दोबारा शुरू होगा और फाइनल मुकाबला 3 जून को खेला जाएगा.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
सीजफायर की घोषणा के साथ भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 के स्थगन के बाद अब इसका संशोधित शेड्यूल जारी कर दिया है. टूर्नामेंट की फिर से शुरुआत 17 मई से होगी, जबकि फाइनल मुकाबला 3 जून को खेला जाएगा. टूर्नामेंट का पहला मुकाबला रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच खेला जाएगा. यह मैच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में शनिवार शाम 7:30 बजे से होगा.
बैठक के बाद हुआ अहम फैसला
BCCI ने यह निर्णय एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद लिया, जिसमें सभी 10 फ्रेंचाइज़ी, आईपीएल गवर्निंग काउंसिल और अन्य संबंधित पक्ष शामिल थे. हालांकि, यह संशोधित कार्यक्रम पूरी तरह से लागू होगा या नहीं, यह भारत-पाकिस्तान के मौजूदा हालात पर निर्भर करेगा. हाल ही में दोनों देशों द्वारा सीजफायर की घोषणा के बाद हालात सामान्य माने जा रहे हैं.
IPL 2025 का पूरा संशोधित शेड्यूल
तारीख दिन समय मुकाबला स्थान
17 मई शनिवार 7:30 PM RCB vs KKR बेंगलुरु
18 मई रविवार 3:30 PM RR vs PBKS जयपुर
18 मई रविवार 7:30 PM DC vs GT दिल्ली
19 मई सोमवार 7:30 PM LSG vs SRH लखनऊ
20 मई मंगलवार 7:30 PM CSK vs RR दिल्ली
21 मई बुधवार 7:30 PM MI vs DC मुंबई
22 मई गुरुवार 7:30 PM GT vs LSG अहमदाबाद
23 मई शुक्रवार 7:30 PM RCB vs SRH बेंगलुरु
24 मई शनिवार 7:30 PM PBKS vs DC जयपुर
25 मई रविवार 3:30 PM GT vs CSK अहमदाबाद
25 मई रविवार 7:30 PM SRH vs KKR दिल्ली
26 मई सोमवार 7:30 PM PBKS vs MI जयपुर
27 मई मंगलवार 7:30 PM LSG vs RCB लखनऊ
प्लेऑफ का शेड्यूल:
क्वालिफायर 1 : 29 मई 2025
एलिमिनेटर : 30 मई 2025
क्वालिफायर 2 : 1 जून 2025
फाइनल : 3 जून 2025
PBKS बनाम DC मैच की नई तारीख घोषित
धर्मशाला में खेला जा रहा मैच नंबर 58, जिसे सुरक्षा कारणों से बीच में रोक दिया गया था, अब 24 मई को रात 7:30 बजे दोबारा खेला जाएगा. यह मैच पंजाब किंग्स (PBKS) और दिल्ली कैपिटल्स (DC) के बीच होगा. बता दें, टूर्नामेंट के स्थगन के बाद भारत छोड़ चुके विदेशी खिलाड़ियों की वापसी को लेकर अब भी अनिश्चितता बनी हुई है. बीसीसीआई की ओर से इस पर अभी कोई औपचारिक बयान नहीं आया है, जिससे प्रशंसकों को थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है.
IPL 2025 पॉइंट्स टेबल: कौन कहां खड़ा है?
टूर्नामेंट के स्थगित होने से पहले पॉइंट्स टेबल इस प्रकार थी:
गुजरात टाइटंस (GT): 11 मैच, 16 अंक - शीर्ष स्थान
रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB): 16 अंक (नेट रन रेट के कारण दूसरे स्थान पर)
पंजाब किंग्स (PBKS): 15 अंक
मुंबई इंडियंस (MI): 14 अंक
दिल्ली कैपिटल्स (DC): 13 अंक
GT, RCB और PBKS को प्लेऑफ में जगह बनाने के लिए सिर्फ एक और जीत की जरूरत है. वहीं MI और DC को कम से कम दो मुकाबले जीतने होंगे.
किन टीमों का प्लेऑफ सपना टूट चुका है?
कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR): 11 अंकों के साथ छठे स्थान पर
लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG): 10 अंक, सभी बचे मुकाबले जीतने होंगे
सनराइजर्स हैदराबाद, राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स: प्लेऑफ की दौड़ से बाहर