Viacom18 और Warner Bros Discovery के बीच हुई डील, JioCinema यूजर्स को मिलेगा फायदा

JioCinema यूजर्स अब HBO के कंटेंट का भी लुत्फ उठा सकेंगे. Viacom18 और Warner Bros Discovery के बीच एक नया मल्टी-ईयर एग्रीमेंट साइन हुआ है.

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Thursday, 27 April, 2023
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Viacom18 और Warner Bros. Discovery के बीच एक नया मल्टी-ईयर एग्रीमेंट साइन हुआ है. इसके तहत अब भारत में JioCinema पर अगले महीने से HBO का कंटेंट उपलब्ध कराया जाएगा. दोनों कंपनियों के बीच हुई इस डील के मुताबिक, JioCinema यूजर HBO Original, Max Orginal और Warner Bros. टेलीविजन सीरीज का आनंद उठा सकेंगे. खास बात ये है कि भारत में जियो सिनेमा पर ये कंटेंट उसी दिन प्रीमियर होगा, जिस दिन इसे अमेरिका में रिलीज किया जाएगा.

ये भी देख सकेंगे
डील में यह समझौता भी हुआ है कि HBO Original की मोस्ट-अवेटेड सीरीज भी JioCinema पर उपलब्ध कराई जाएंगी. इसमें White House Plumbers, The Idol, The Regime और The Sympathizer भी शामिल हैं. इतना ही नहीं, जियो सिनेमा यूजर्स Warner Bros. की ब्लॉकबस्टर सीरीज जैसे कि Harry Potter, Lord of the Rings और DC Universe के साथ-साथ Dexter's Laboratory और Tom & Jerry Kids जैसी बच्चों की एनिमेशन मूवीज का लुत्फ भी उठा सकेंगे.

साझेदारी पर जताई खुशी
वहीं, Max Original कंटेंट की बात करें, तो अब JioCinema यूजर्स And Just Like That, Peacemaker और The Flight Attendant जैसी सीरीज भी देख पाएंगे. Warner Bros. Discovery के भारत, दक्षिण पूर्व एशिया और कोरिया के प्रेसिडेंट Clement Schwebig ने डील के बारे में बताते हुए कहा कि वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के ब्रैंड पूरे भारत में अविश्वसनीय रूप से लोकप्रिय हैं, और हम अपने स्थानीय फैंस को अपने प्रीमियम एचबीओ, मैक्स ओरिजिनल और वार्नर कंटेंट उपलब्ध कराने के लिए वायकॉम 18 के साथ साझेदारी करके खुश हैं.

बनाएंगे परफेक्ट डेस्टिनेशन
Viacom18 के SVOD और इंटरनेशनल बिजनेस के प्रमुख Ferzad Palia ने कहा कि जियो सिनेमा लाइव स्पोर्ट्स के लिए सबसे बड़ा मंच बन गया है. अब हम इसे सभी भारतीयों के मनोरंजन के लिए एक परफेक्ट डेस्टिनेशन बनाने के मिशन पर हैं. Warner Bros. Discovery के साथ रणनीतिक साझेदारी हमारे एलिट कंज्यूमर्स को हॉलीवुड का बेस्ट कंटेंट प्रदान करने की हमारी यात्रा में मील का पत्थर है. हमारा मानना है कि Warner Bros. Discovery प्रीमियम कंटेंट के लिए ग्लोबल स्टैण्डर्ड तय करता है और यह साझेदारी हमें अपने उपयोगकर्ताओं के लिए सबसे अच्छा और सबसे व्यापक गंतव्य बनाने देती है.


छह साल बाद फिर शुरू होगा इंडियन रीडरशिप सर्वे, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पाठकों की संख्या भी मापेगा IRS

MRUCI ने दो चरणों में सर्वे कराने की योजना बनाई है. नए सर्वे में पाठकों की संख्या के साथ मीडिया की विश्वसनीयता और उसके प्रभाव को भी मापने की कोशिश होगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Friday, 06 November, 2026
Last Modified:
Friday, 06 November, 2026
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मीडिया रिसर्च यूजर्स काउंसिल इंडिया (MRUCI) ने अपने प्रमुख इंडियन रीडरशिप सर्वे (IRS) को करीब छह साल के अंतराल के बाद दोबारा शुरू करने की घोषणा की है. यह सर्वे आखिरी बार 2020 की शुरुआत में जारी किया गया था. कोविड-19 महामारी के दौरान इसे रोक दिया गया था. अब इसे ऐसे समय में फिर शुरू किया जा रहा है, जब मीडिया और विज्ञापन उद्योग को दर्शकों और पाठकों की संख्या का विश्वसनीय और मौजूदा आंकड़ा उपलब्ध कराने की जरूरत बढ़ रही है.

नए IRS के जरिए प्रकाशकों, विज्ञापनदाताओं और विज्ञापन एजेंसियों को देशभर में पाठकों की संख्या और मीडिया की खपत से जुड़ी नई जानकारी मिलेगी. इसका इस्तेमाल मीडिया प्लानिंग और निवेश से जुड़े फैसले लेने में किया जा सकेगा.

सर्वे के डिजाइन और सैंपल में बदलाव

MRUCI के मुताबिक, नए सर्वे के डिजाइन और कार्यप्रणाली की व्यापक समीक्षा की गई है. इसका उद्देश्य सर्वे की विश्वसनीयता और मजबूती से समझौता किए बिना उसकी प्रक्रिया को बेहतर बनाना है. इसके तहत सैंपल साइज को तर्कसंगत बनाया गया है और संपन्न तथा अति-संपन्न परिवारों का बेहतर प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए सर्वे के डिजाइन में बदलाव किए गए हैं.

बदलते मीडिया परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए इस बार डिजिटल रीडरशिप को भी मापा जाएगा. इसमें ऐप, ई-पेपर, वेबसाइट और ऑनलाइन संस्करणों पर पाठकों की संख्या शामिल होगी. इस तरह पारंपरिक और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म को एक ही सर्वे के तहत मापने की योजना है. इससे भारत में क्रॉस-मीडिया मापन के लिए एक बड़ा सिंगल-सोर्स डेटा तैयार करने में मदद मिलेगी.

मीडिया की विश्वसनीयता और प्रभाव पर भी होगा फोकस

इस सर्वे में एक अहम पहल मीडिया क्वालिटी और इम्पैक्ट मेट्रिक विकसित करने की है. MRUCI की तकनीकी समिति ने इस दिशा में काम किया है. इसमें सर्वे की रिसर्च पार्टनर Inteliphyle के शुरुआती काम को आगे बढ़ाया गया है.

इस प्रस्तावित मेट्रिक के तहत मीडिया का मूल्यांकन केवल उसकी पहुंच (Reach) के आधार पर नहीं होगा, बल्कि उसमें भरोसे और पाठकों का ध्यान जैसे पहलुओं को भी शामिल करने की कोशिश की जाएगी. इससे मीडिया की प्रभावशीलता और उसकी उपयोगिता का अधिक व्यापक आकलन किया जा सकेगा. साथ ही अलग-अलग मीडिया प्लेटफॉर्म की तुलना और विश्लेषण करना भी आसान होगा.

दो चरणों में लागू होगा सर्वे

MRUCI ने सर्वे को लागू करने के लिए दो चरणों की योजना बनाई है. पहले चरण में दो राज्यों को शामिल किया जाएगा, जिनमें एक मेट्रो शहर भी होगा. इसके बाद सर्वे का विस्तार बाकी बाजारों तक किया जाएगा. इससे पहले एक छोटे स्तर पर प्री-पायलट सर्वे कराया जाएगा, ताकि अध्ययन के डिजाइन के प्रमुख पहलुओं की मजबूती और प्रभावशीलता को परखा जा सके.

पहले चरण की रिपोर्ट सर्वे शुरू होने के छह महीने के भीतर आने की उम्मीद है. इस चरण का खर्च MRUCI उठाएगा.

MRUCI के चेयरमैन और Madison World के पार्टनर एवं डायरेक्टर विक्रम सखुजा ने सर्वे की वापसी पर कहा कि देश के हर हिस्से में विश्वसनीय ऑडियंस मापन की जरूरत पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है. नए IRS में मीडिया की पहुंच के साथ उसके प्रभाव को भी मापने पर ध्यान दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि सर्वे को दो चरणों में लागू किया जाएगा और उन्हें भरोसा है कि उद्योग इसे एक मानक के रूप में स्वीकार करेगा.

वहीं, MRUCI की IRS तकनीकी समिति के चेयरमैन और मीडिया उद्योग के अनुभवी पेशेवर शशिधर सिन्हा ने कहा कि बदलते मीडिया परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए सर्वे के डिजाइन को बेहतर बनाया गया है. साथ ही इसकी विश्वसनीयता और सख्त कार्यप्रणाली को बनाए रखने पर भी ध्यान दिया गया है. सैंपल डिजाइन को मजबूत करने, प्रतिनिधित्व में सुधार करने और मीडिया मापन का दायरा बढ़ाने पर काम किया गया है, ताकि उद्योग को अधिक व्यापक और भरोसेमंद जानकारी मिल सके.

Inteliphyle को रिसर्च एजेंसी की जिम्मेदारी

MRUCI ने इस सर्वे के लिए Inteliphyle को रिसर्च एजेंसी नियुक्त किया है. MRUCI की तकनीकी समिति के परामर्श से Inteliphyle ने प्रस्ताव के लिए अनुरोध (RFP) प्रक्रिया के तहत मिले आवेदनों की विस्तृत समीक्षा के बाद फील्डवर्क एजेंसियों का चयन किया है.

नए IRS का उद्देश्य प्रकाशकों, विज्ञापनदाताओं और एजेंसियों को भारत में पाठकों और मीडिया उपभोग की बदलती स्थिति की स्पष्ट जानकारी देना है. इससे मीडिया और विज्ञापन उद्योग को कारोबारी फैसले लेने के लिए एक साझा मानक उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
 


AAAI ने बनाई मीडिया काउंसिल, WPP, ओमनीकॉम, पब्लिसिस, हवास और मैडिसन के वरिष्ठ अधिकारी होंगे शामिल

भारतीय विज्ञापन एजेंसियों का संगठन AAAI मीडिया इंडस्ट्री के सामने उभरती चुनौतियों पर चर्चा और आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए नई मीडिया काउंसिल बनाएगा. ओमनीकॉम मीडिया के कार्तिक शर्मा को काउंसिल का अध्यक्ष बनाया गया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Monday, 02 November, 2026
Last Modified:
Monday, 02 November, 2026
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भारतीय विज्ञापन एजेंसियों के संगठन एडवरटाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (AAAI) ने देश की प्रमुख मीडिया और विज्ञापन एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल करते हुए एक नई मीडिया काउंसिल का गठन किया है. इसमें डब्ल्यूपीपी मीडिया, ओमनीकॉम मीडिया, पब्लिसिस मीडिया, हवास और मैडिसन वर्ल्ड जैसी प्रमुख एजेंसी नेटवर्क के प्रतिनिधि शामिल हैं. इस पहल का उद्देश्य भारतीय मीडिया और विज्ञापन उद्योग में आपसी सहयोग बढ़ाना और इस क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों के समाधान के लिए साझा मंच तैयार करना है.

2 नवंबर को मुंबई में काउंसिल की पहली बैठक आयोजित की गई. इसकी अध्यक्षता ओमनीकॉम मीडिया के कार्तिक शर्मा ने की. उन्हें AAAI मीडिया काउंसिल का अध्यक्ष बनाया गया है. बैठक में ओमनीकॉम मीडिया, डब्ल्यूपीपी मीडिया, पब्लिसिस मीडिया, हवास, मैडिसन वर्ल्ड, आरके स्वामी और नेटवर्क एडवरटाइजिंग के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया.

इन अधिकारियों को मिली काउंसिल में जगह

मीडिया काउंसिल में विभिन्न एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है. इनमें ओमनीकॉम मीडिया से मोनाज टोडीवाला और अनीशा अय्यर, डब्ल्यूपीपी मीडिया से अमीन लखानी और नवीन खेमका, पब्लिसिस मीडिया से नीति कुमार और जय लाला शामिल हैं.

इसके अलावा हवास से उदय मोहन और शिबू शिवानंदन, मैडिसन वर्ल्ड से मयंक भटनागर, आरके स्वामी से नवीन कथूरिया और नेटवर्क एडवरटाइजिंग से रोहन नायर को काउंसिल का सदस्य बनाया गया है.

तीन प्रमुख क्षेत्रों पर रहेगा फोकस

AAAI के 2026-27 के एजेंडे के तहत गठित यह काउंसिल मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों पर काम करेगी. इनमें प्रतिभा और कौशल विकास, उद्योग के भीतर सहयोग और विचार नेतृत्व शामिल हैं.

प्रतिभा और कौशल विकास के तहत काउंसिल भारत में वैश्विक स्तर की सीखने की व्यवस्था और विशेषज्ञता उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों की संभावनाएं तलाशेगी. इसका उद्देश्य मीडिया क्षेत्र में कुशल पेशेवरों की बढ़ती मांग को पूरा करना और एजेंसियों की कार्यक्षमता को मजबूत करना है.

वहीं, उद्योग के भीतर सहयोग बढ़ाने के लिए एक वार्षिक प्रमुख मंच तैयार करने की योजना है. इसके जरिए मीडिया क्षेत्र से जुड़ी एजेंसियों, विज्ञापनदाताओं और अन्य हितधारकों को एक साथ लाकर विचारों के आदान-प्रदान और उद्योग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी.

तीसरे क्षेत्र के तहत काउंसिल विज्ञापन और मीडिया के उभरते रुझानों पर शोध आधारित जानकारियां और व्यावहारिक दिशा-निर्देश तैयार करेगी. इससे एजेंसियों को मीडिया उपभोग के बदलते तरीकों, तकनीक और विज्ञापन से जुड़ी नई प्रथाओं को समझने में मदद मिलेगी.

नियमित बैठकें और तीन कार्य समूह बनाए

काउंसिल ने अपनी प्राथमिकताओं को अमल में लाने के लिए नियमित बैठकें करने का फैसला किया है. इसके साथ ही ज्ञान साझा करने, आयोजनों और विचार नेतृत्व पर काम करने के लिए तीन कार्य समूह भी बनाए गए हैं. ये समूह संबंधित क्षेत्रों में पहल करेंगे और उद्योग के लिए व्यावहारिक कार्यक्रम तैयार करेंगे.

AAAI मीडिया काउंसिल के अध्यक्ष कार्तिक शर्मा ने कहा कि मीडिया कारोबार के सामने आने वाली चुनौतियां और अवसर अब किसी एक एजेंसी तक सीमित नहीं हैं. ऐसे में पूरे उद्योग के विकास के लिए मिलकर काम करना जरूरी हो गया है.

उन्होंने कहा कि भारत की प्रमुख मीडिया एजेंसियों को एक साझा मंच पर लाना पूरे उद्योग को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उनका उद्देश्य उद्योग की साझा प्राथमिकताओं को व्यावहारिक पहलों में बदलना है, ताकि मीडिया क्षेत्र को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार किया जा सके.

छोटी और मध्यम एजेंसियों के हितों पर भी जोर

AAAI के अध्यक्ष डॉ. संदीप गोयल ने कहा कि काउंसिल में छोटी और मध्यम आकार की एजेंसियों के हितों और चिंताओं को भी पर्याप्त महत्व दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह काउंसिल एजेंसियों को उद्योग में हो रहे बदलावों को समझने और अपने ग्राहकों को सही मार्गदर्शन देने में मदद करेगी.

बैठक में AAAI के उपाध्यक्ष और अनदर आइडिया के संस्थापक जयदीप गांधी, AAAI की मानद सचिव और वीएमएल इंडिया की वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रमुख बबीता बरुआ तथा AAAI के मानद कोषाध्यक्ष और रतन बत्रा एडवरटाइजिंग के प्रबंध निदेशक पुनीत बत्रा ने भी मार्गदर्शन दिया.

इस काउंसिल का गठन भारतीय विज्ञापन उद्योग की दिशा तय करने में सदस्य एजेंसियों की भूमिका मजबूत करने की AAAI की व्यापक पहल का हिस्सा है. इसके जरिए मीडिया एजेंसियों को साझा मुद्दों पर विचार-विमर्श करने और उद्योग के विकास के लिए मिलकर काम करने का अवसर मिलेगा.


जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग के बाद अनंत अंबानी का Network18 कर्मचारियों को दिवाली गिफ्ट, मिलेगा विशेष बोनस

जियो प्लेटफॉर्म्स की ऐतिहासिक लिस्टिंग के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनंत एम. अंबानी ने Network18 के कर्मचारियों के लिए विशेष मिड-ईयर वेरिएबल पे जारी करने का ऐलान किया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Wednesday, 28 October, 2026
Last Modified:
Wednesday, 28 October, 2026
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जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio) की ऐतिहासिक लिस्टिंग के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनंत एम. अंबानी ने Network18 के कर्मचारियों के लिए विशेष मिड-ईयर वेरिएबल पे जारी करने का ऐलान किया है. रिलायंस समूह की उपलब्धियों में कर्मचारियों के योगदान को सराहते हुए उन्होंने कहा कि यह भुगतान उसी दिन कर्मचारियों के खातों में क्रेडिट किया जाएगा.

कर्मचारियों की मेहनत को दिया उपलब्धि का श्रेय

रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनंत एम. अंबानी ने Network18 के कर्मचारियों के लिए विशेष वेरिएबल पे की घोषणा की है. यह घोषणा जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग के कुछ दिनों बाद की गई है. कंपनी की ओर से इसे कर्मचारियों की मेहनत, प्रतिबद्धता और महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को हासिल करने में उनके योगदान के सम्मान के तौर पर देखा जा रहा है.

कर्मचारियों को भेजे गए संदेश में अनंत अंबानी ने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग रिलायंस की विकास यात्रा में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि है. उन्होंने इसे भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बताते हुए कहा कि यह रिलायंस परिवार के हर सदस्य के लिए गर्व का क्षण है. कर्मचारियों के योगदान को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, 'जियो आपने बनाया.'

उसी दिन कर्मचारियों के खातों में आएगा भुगतान

अनंत अंबानी ने अपने संदेश में बताया कि रिलायंस अपने 50वें वर्ष में प्रवेश करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर कर्मचारियों के योगदान को सम्मान देने के लिए विशेष वेरिएबल पे जारी किया जा रहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह भुगतान उसी दिन कर्मचारियों के बैंक खातों में क्रेडिट किया जाएगा.

हालांकि, वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अंतिम भुगतान प्रदर्शन वर्ष पूरा होने के बाद लागू दिशानिर्देशों के अनुसार किया जाएगा. यानी मौजूदा घोषणा मिड-ईयर इंसेंटिव से जुड़ी है, जबकि वित्त वर्ष के अंतिम भुगतान का निर्धारण संबंधित नियमों के तहत होगा.

'आप सिर्फ रिलायंस का हिस्सा नहीं, आप ही रिलायंस हैं'

अनंत अंबानी ने कहा कि कंपनी की हर बड़ी उपलब्धि के पीछे कर्मचारियों की मेहनत और प्रतिबद्धता रही है. कर्मचारियों ने लगातार नए मानक स्थापित किए हैं और अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाया है. उन्होंने कहा कि कारोबार के हर क्षेत्र में कर्मचारियों ने महत्वाकांक्षी सपनों को हकीकत में बदलने में अहम भूमिका निभाई है.

उन्होंने कहा कि जियो की मौजूदा उपलब्धि प्रत्येक कर्मचारी की उपलब्धि है. अनंत अंबानी के मुताबिक, रिलायंस की मौजूदा स्थिति कर्मचारियों की कड़ी मेहनत, प्रतिबद्धता और साझा उद्देश्य में उनके विश्वास का परिणाम है. उन्होंने कहा, 'आप सिर्फ रिलायंस का हिस्सा नहीं हैं. आप ही रिलायंस हैं.'

ईशा और आकाश अंबानी के साथ आगे बढ़ने का संकल्प

अनंत अंबानी ने कहा कि वह, ईशा अंबानी और आकाश अंबानी कर्मचारियों के साथ मिलकर रिलायंस को आने वाले वर्षों में नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए काम करते रहेंगे. उन्होंने कंपनी के चेयरमैन के नेतृत्व में अपने दादा के सपनों और विजन को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता भी जताई.

अपने संदेश के अंत में उन्होंने सभी कर्मचारियों और उनके परिवारों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कामना की कि रोशनी का यह त्योहार सभी के जीवन में खुशियां, अच्छा स्वास्थ्य और समृद्धि लेकर आए. साथ ही उन्होंने सभी को सुरक्षित और खुशहाल दिवाली की शुभकामनाएं दीं.


क्रिस्टियन अमनपोर जून 2027 में छोड़ेंगी CNN, 43 साल का सफर होगा खत्म

इंटरनेशनल जर्नलिज्म की प्रमुख हस्तियों में शामिल क्रिस्टियन अमनपोर ने CNN से अलग होने का फैसला किया है. महीनों तक विचार करने के बाद उन्होंने यह निर्णय लिया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Tuesday, 20 October, 2026
Last Modified:
Tuesday, 20 October, 2026
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सीएनएन (CNN) की चीफ इंटरनेशनल एंकर क्रिस्टियन अमनपोर जून 2027 में न्यूज नेटवर्क छोड़ देंगी. इसके साथ ही CNN के साथ उनका 43 साल का जुड़ाव खत्म हो जाएगा. CNN की ओर से साझा किए गए बयान में अमनपोर ने कहा कि उन्होंने कई महीनों तक विचार करने के बाद यह फैसला लिया है. उन्होंने कहा, “कई महीनों तक सोचने और कुछ रातों की नींद उड़ने के बाद मैंने CNN से अलग होने का फैसला किया है. CNN के साथ मेरे 43 शानदार साल रहे हैं.”

क्रिस्टियन अमनपोर ने 1983 में CNN के अटलांटा मुख्यालय में इंटरनेशनल असाइनमेंट डेस्क पर शुरुआती स्तर की सहायक के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी. इसके बाद उन्होंने नेटवर्क के न्यूयॉर्क ब्यूरो में रिपोर्टर के रूप में काम किया और आगे चलकर प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संवाददाताओं में अपनी जगह बनाई.

अमनपोर दुनिया भर के संघर्षों, अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक घटनाक्रमों पर अपनी रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं. विश्व नेताओं और प्रभावशाली हस्तियों से तीखे सवाल पूछने की उनकी शैली भी उनकी पहचान रही है. फिलहाल वह CNN International के प्रमुख वैश्विक मामलों के कार्यक्रम Amanpour की एंकर हैं. इसके अलावा वह The Amanpour Hour की भी मेजबानी करती हैं.

वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी के अधिग्रहण के बाद आया फैसला

अमनपोर के CNN छोड़ने की घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब कुछ सप्ताह पहले ही स्काईडांस (Skydance), जिसे पहले पैरामाउंट स्काईडांस के नाम से जाना जाता था, ने वार्नर ब्रदर्स डिस्कवरी का 110 अरब डॉलर का अधिग्रहण पूरा किया था. इस सौदे के बाद CNN और CBS News एक ही स्वामित्व के अंतर्गत आ गए हैं.

 


ओम्निकॉम मीडिया इंडिया से शशि सिन्हा ने छोड़ा रणनीतिक सलाहकार पद

शशि सिन्हा, IPG Mediabrands India के सीईओ के तौर पर लंबे समय तक कंपनी का नेतृत्व कर चुके हैं और ओम्निकॉम-आईपीजी मीडियाब्रांड्स के भारत में विलय के दौरान भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी.

Last Modified:
Tuesday, 28 July, 2026
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भारत के विज्ञापन और मीडिया जगत के प्रमुख नामों में शामिल शशि सिन्हा ने ओम्निकॉम मीडिया इंडिया में अपनी रणनीतिक सलाहकार की भूमिका से कदम पीछे खींच लिए हैं. इसके साथ ही कंपनी के साथ उनका कार्यकाल समाप्त हो गया है. सिन्हा ने ओम्निकॉम और IPG Mediabrands के भारत में एकीकरण के दौरान संगठन को रणनीतिक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

शशि सिन्हा वर्ष 2012 में IPG Mediabrands India के बाजार में प्रवेश के समय से लेकर 2025 में ओम्निकॉम के साथ विलय तक कंपनी के सीईओ रहे. विलय के बाद उन्हें स्ट्रैटेजिक एडवाइजर की जिम्मेदारी दी गई थी, जहां उन्होंने नेतृत्व टीमों के साथ मिलकर काम किया और ग्राहकों को रणनीतिक सलाह देने के साथ-साथ संयुक्त संगठन के बदलाव के दौर में सहयोग किया.

ओम्निकॉम मीडिया APAC के CEO ने की योगदान की सराहना

ओम्निकॉम मीडिया APAC के सीईओ टोनी हैराडाइन ने शशि सिन्हा के योगदान की सराहना करते हुए कहा, "शशि ने ओम्निकॉम मीडिया इंडिया और व्यापक मीडिया उद्योग में कई वर्षों तक महत्वपूर्ण योगदान दिया है. स्ट्रैटेजिक एडवाइजर के रूप में उनके अनुभव और दृष्टिकोण को काफी महत्व दिया गया. उन्होंने हमारी टीम, ग्राहकों और कारोबार के एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. हम उनके योगदान के लिए आभारी हैं और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हैं." वहीं, इस मामले पर शशि सिन्हा से संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

आधुनिक मीडिया प्लानिंग के प्रमुख वास्तुकारों में शामिल

शशि सिन्हा का जाना भारतीय मीडिया और विज्ञापन उद्योग में करीब चार दशक लंबे प्रभावशाली करियर के अंत का संकेत है. उन्हें भारत में आधुनिक मीडिया प्लानिंग के प्रमुख निर्माताओं में से एक माना जाता है.

उन्होंने भारत की पहली विशेषीकृत मीडिया एजेंसी Lodestar की स्थापना की थी. उस दौर में जब मीडिया प्लानिंग और मीडिया बाइंग एक अलग क्षेत्र के रूप में विकसित हो रहे थे, सिन्हा ने इसे एक स्वतंत्र और महत्वपूर्ण अनुशासन के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई.

IPG Mediabrands India को बनाया बड़ा मीडिया नेटवर्क

IPG Mediabrands India में नेतृत्व करते हुए उन्होंने कंपनी को देश के बड़े मीडिया एजेंसी समूहों में शामिल किया. उनके नेतृत्व में कंपनी ने कई बड़े ग्राहकों के साथ काम किया और रिसर्च आधारित प्लानिंग, डेटा आधारित निर्णय लेने और दीर्घकालिक रणनीतिक सोच को बढ़ावा दिया.

इंडस्ट्री संस्थाओं में भी निभाई अहम भूमिका

एजेंसी नेतृत्व से आगे बढ़कर शशि सिन्हा ने मीडिया उद्योग की संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने में भी योगदान दिया है. वह वर्तमान में भारत की टेलीविजन ऑडियंस मापन संस्था BARC India के चेयरमैन हैं. इससे पहले वह The Ad Club और Audit Bureau of Circulations (ABC) जैसी प्रमुख उद्योग संस्थाओं के चेयरमैन रह चुके हैं.

क्लाइंट, एजेंसी और उद्योग के हितों के बीच संतुलन बनाने की उनकी क्षमता ने उन्हें विज्ञापन जगत में व्यापक सम्मान दिलाया है.

2024 में मिला लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

मीडिया उद्योग में उनके योगदान को देखते हुए वर्ष 2024 में e4m Media Ace Awards में उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था. IIT कानपुर से इंजीनियरिंग और IIM बेंगलुरु से MBA करने वाले शशि सिन्हा ने मीडिया उद्योग के हर बड़े बदलाव को करीब से देखा है. उन्होंने दूरदर्शन के दौर से लेकर आज के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा आधारित मीडिया लैंडस्केप तक उद्योग के विकास में अहम भूमिका निभाई है.

ओम्निकॉम मीडिया ने अभी तक स्ट्रैटेजिक एडवाइजर पद के लिए किसी उत्तराधिकारी की घोषणा नहीं की है. सिन्हा का जाना भारतीय मीडिया प्लानिंग, मीडिया बाइंग और ऑडियंस मापन क्षेत्र में उनके लंबे और प्रभावशाली योगदान के एक महत्वपूर्ण अध्याय के समापन के रूप में देखा जा रहा है.
 


‘कृषि जागरण’ को कोर्ट से बड़ी राहत, जागरण प्रकाशन का मुकदमा खारिज, ₹10 लाख का जुर्माना भी लगा

कोर्ट ने 29 सितंबर 2020 को जारी निषेधाज्ञा आदेश को भी रद्द कर दिया. कोर्ट ने कहा कि प्रतिवादियों को सार्वजनिक रूप से जो नुकसान और अपमान झेलना पड़ा, उसके मद्देनजर वादी कंपनी को ₹10 लाख की लागत प्रतिवादियों को चुकानी होगी.

Last Modified:
Thursday, 28 May, 2026
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दिल्ली की साकेत कोर्ट ने ‘जागरण’ ट्रेडमार्क विवाद मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए जागरण प्रकाशन लिमिटेड द्वारा दायर मुकदमे को पूरी तरह खारिज कर दिया है. अदालत ने न केवल ‘कृषि जागरण’ को इस मामले में राहत दी, बल्कि वादी कंपनी पर ₹10 लाख का जुर्माना भी लगाया है. कोर्ट ने माना कि ‘कृषि जागरण’ वर्ष 1996 से इस नाम का वैध और पूर्व उपयोगकर्ता है.

साकेत कोर्ट ने रद्द किया पुराना निषेधाज्ञा आदेश

दक्षिण जिला, साकेत कोर्ट के जिला न्यायाधीश अरुल वर्मा ने 25 मई 2026 को दिए अपने फैसले में कहा कि वादी द्वारा दायर मुकदमा निराधार था और इससे प्रतिवादियों को अनावश्यक रूप से लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी.

अदालत ने 29 सितंबर 2020 को जारी निषेधाज्ञा (Injunction) आदेश को भी रद्द कर दिया. कोर्ट ने कहा कि प्रतिवादियों को सार्वजनिक रूप से जो नुकसान और अपमान झेलना पड़ा, उसके मद्देनजर वादी कंपनी को ₹10 लाख की लागत प्रतिवादियों को चुकानी होगी.

‘कृषि जागरण’ ने फैसले को बताया बड़ी नैतिक जीत

‘कृषि जागरण’ के संस्थापक और एडिटर-इन-चीफ एम.सी. डॉमिनिक ने इस फैसले को सिर्फ कानूनी जीत नहीं बल्कि भारतीय कृषि, किसानों और ग्रामीण पत्रकारिता के लिए लगभग तीन दशकों की सेवा की मान्यता बताया. उन्होंने कहा कि यह सफर लंबा और चुनौतीपूर्ण रहा. कई प्रयासों के बावजूद ‘कृषि जागरण’ ने हमेशा सच्चाई, पेशेवर ईमानदारी और किसानों के हितों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी.

1996 से ‘कृषि जागरण’ नाम का इस्तेमाल

अदालत ने अपने फैसले में माना कि ‘कृषि जागरण’ लंबे समय से इस नाम का उपयोग कर रहा है और वह इस ट्रेडमार्क का पूर्व और वैध उपयोगकर्ता है. इसी आधार पर कोर्ट ने वादी कंपनी के दावों को खारिज कर दिया. यह मामला मीडिया और ट्रेडमार्क अधिकारों से जुड़े क्षेत्र में काफी चर्चित रहा, क्योंकि इसमें दो बड़े मीडिया ब्रांड आमने-सामने थे.

मीडिया और कृषि जगत का जताया आभार

एम.सी. डॉमिनिक ने अपने बयान में मीडिया जगत, उद्योग जगत और कृषि क्षेत्र से जुड़े उन सभी लोगों का आभार जताया, जिन्होंने इस कानूनी लड़ाई के दौरान ‘कृषि जागरण’ का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि ‘कृषि जागरण’ आगे भी भारतीय कृषि और ग्रामीण भारत के लिए पहले से अधिक मजबूती और प्रतिबद्धता के साथ काम करता रहेगा.

क्या था पूरा मामला

जागरण प्रकाशन लिमिटेड ने ‘कृषि जागरण’ के खिलाफ ट्रेडमार्क और नाम उपयोग को लेकर अदालत में मामला दायर किया था. इस पर 2020 में कोर्ट ने अंतरिम निषेधाज्ञा जारी की थी. हालांकि, अब अंतिम फैसले में अदालत ने वादी के सभी दावों को खारिज करते हुए प्रतिवादियों के पक्ष में फैसला सुनाया है.
 


जागरण ग्रुप ने डिजिटल स्टाफ को पैरेंट कंपनी में किया ट्रांसफर, आंतरिक पुनर्गठन के तहत बदलाव

कंपनी लागत नियंत्रण और डिजिटल ऑपरेशन को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश में जुट गई है.

Last Modified:
Thursday, 02 April, 2026
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जागरण ग्रुप की डिजिटल शाखा, जागरण न्यू मीडिया, अपने कई कर्मचारियों को आंतरिक पुनर्गठन के तहत मूल कंपनी जागरण प्रकाशन लिमिटेड में स्थानांतरित कर रही है. सूत्रों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य लागत को नियंत्रित करना और नुकसान को कम करना बताया जा रहा है. अब इन कर्मचारियों का वेतन सीधे जागरण प्रकाशन लिमिटेड द्वारा भुगतान किया जाएगा. कुछ कर्मचारियों को पहले ही पेरेंट कंपनी से भुगतान मिलना शुरू हो गया है.

कर्मचारियों और संचालन पर असर

प्रभावित कर्मचारियों को इस बदलाव की जानकारी दे दी गई है और इसे डिजिटल कारोबार को अधिक लागत-कुशल बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है. वहीं, अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि कुछ वरिष्ठ पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को कंपनी से बाहर निकलने के लिए कहा गया है.

डिजिटल मीडिया पर बढ़ती प्रतिस्पर्धा

उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि यह पुनर्गठन डिजिटल मीडिया क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और राजस्व दबाव के बीच हुआ है. कंपनी ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. इस कदम से जागरण ग्रुप का लक्ष्य अपने डिजिटल व्यवसाय को अधिक स्थिर और प्रभावी बनाना है, जबकि कर्मचारियों की भूमिका और संसाधनों का पुनर्संगठन भी किया जा रहा है.


Network18 में बड़ा फेरबदल, नई पीढ़ी के नेतृत्व को मिली कमान

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पुनर्गठन Network18 को तेजी से बदलते मीडिया परिदृश्य में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में मदद करेगा.

Last Modified:
Saturday, 21 March, 2026
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मीडिया नेटवर्क Network18 ने अपने शीर्ष प्रबंधन में बड़ा फेरबदल करते हुए अगली पीढ़ी के नेतृत्व को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम उठाया है. इस बदलाव की जानकारी कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल जोशी ने एक आंतरिक नोट के जरिए दी.

नई संरचना के तहत स्मृति मेहरा, एस शिवकुमार और मितुल सांगानी सीधे ग्रुप लीडरशिप को रिपोर्ट करेंगे. ये तीनों अब गणेश अय्यर और अभिनय चौहान के साथ कंपनी के कोर लीडरशिप फ्रेमवर्क का हिस्सा होंगे.

राजस्व और प्रोडक्ट ग्रोथ पर जोर
फेरबदल के तहत, फोर्ब्स के बिजनेस हेड प्रभात चटर्जी और AETN-18 के प्रेसिडेंट अरुण थापर अब स्मृति मेहरा को रिपोर्ट करेंगे. इस बदलाव का उद्देश्य कंपनी के राजस्व में वृद्धि और प्रोडक्ट डेवलपमेंट को मजबूत करना है. वहीं, मल्लिका नाथ हांडा को भी मेहरा की टीम में शामिल किया गया है, जहां वे विशेष प्रोजेक्ट्स और नॉन-लीनियर बिजनेस संभालेंगी.

हिंदी और रीजनल बाजार पर फोकस
दूसरी ओर, ILC के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर सिद्धार्थ नेवतिया और मार्केटिंग हेड पंकज सोनी अब मितुल सांगानी को रिपोर्ट करेंगे. उनकी जिम्मेदारी खासकर हिंदी और क्षेत्रीय बाजारों विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में दर्शकों की पहुंच बढ़ाने और राजस्व में इजाफा करने पर केंद्रित होगी.

कंटेंट ऑपरेशंस का इंटीग्रेशन
एक अन्य अहम बदलाव में Moneycontrol के ब्रांडेड कंटेंट ऑपरेशंस को News18 स्टूडियो के साथ जोड़ा जा रहा है. इस संयुक्त इकाई को डॉन जर्रार, एस शिवकुमार के साथ मिलकर संभालेंगे.

अंतरराष्ट्रीय विस्तार की जिम्मेदारी
प्रणव बक्शी को भी विस्तारित जिम्मेदारी दी गई है. अब वे सोशल और कनेक्टेड टीवी के साथ-साथ कंपनी के अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशंस को भी देखेंगे.

टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव
टेक्नोलॉजी क्षेत्र में, पुनीत सिंहवी को ब्रॉडकास्ट टेक्नोलॉजी, आईटी और सिक्योरिटी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. उनके अधीन राजेश शर्मा, राहुल सिंह और भूपेंद्र भारद्वाज काम करेंगे.

बेहतर तालमेल और कंटेंट रणनीति पर जोर
इसके अलावा, सेल्स स्ट्रैटेजी के प्रमुख दर्शिल पारेख एग्जीक्यूटिव ऑफिस के साथ मिलकर विभिन्न बिजनेस टीमों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करेंगे. वहीं, जीतमित्र मोहंती, संतोष मेनन के साथ मिलकर ऑडियंस इनसाइट्स को प्रभावी कंटेंट रणनीति में बदलने पर काम करेंगे.

भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयारी
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पुनर्गठन Network18 को तेजी से बदलते मीडिया परिदृश्य में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में मदद करेगा.
 


रोहित सावल का नया दांव: Zingabad के साथ Gen Z पर फोकस

Zingabad ने अपनी अनोखी मार्केटिंग रणनीति और म्यूजिक के जरिए दर्शकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाकर डिजिटल दुनिया में जोरदार शुरुआत की है.

Last Modified:
Thursday, 19 March, 2026
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रोहित सावल ने भारतीय मीडिया परिदृश्य में नई दिशा देते हुए Zingabad नामक डिजिटल-फर्स्ट प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिसे खास तौर पर Gen Z दर्शकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. ABP नेटवर्क में अपने लंबे करियर के बाद सावल ने इस नए स्टार्टअप की कमान संभाली है.

लॉन्च एंथम बना सुपरहिट

Zingabad की शुरुआत यो यो हनी सिंह के एंथम के साथ हुई, जिसने रिलीज होते ही जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की. 14 मार्च को रिलीज हुए इस एंथम को 10 मिलियन से अधिक व्यूज और 200 मिलियन से ज्यादा रीच मिली. यह यूट्यूब पर #1 ट्रेंडिंग वीडियो भी रहा.

सेलिब्रिटी सपोर्ट से मिली मजबूती

इस प्लेटफॉर्म को कई बड़े सितारों का समर्थन मिला है, जिनमें अनुपम खेर, कपिल शर्मा, शहनाज गिल, एमसी स्क्वायर, राघव जुयाल, मोहम्मद शमी, बोनी कपूर, रकुल प्रीत सिंह, सोनम बाजवा, जैकी भगनानी, सोनू सूद, नुसरत भरुचा जैसे नाम शामिल हैं. इसके अलावा एल्विश यादव, अमित भड़ाना, अवनीत कौर और भावेश मंग्लानी जैसे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने भी इसे प्रमोट किया है.

युवाओं को सशक्त बनाने पर फोकस

रोहित सावल का कहना है कि आज के युवा सिर्फ जानकारी नहीं, बल्कि सशक्तिकरण चाहते हैं. इसी सोच के साथ Zingabad को डिजाइन किया गया है, जो कम गुणवत्ता वाले डिजिटल कंटेंट के ट्रेंड को चुनौती देता है. यह प्लेटफॉर्म एंटरटेनमेंट और गहन जानकारी का अनोखा मिश्रण पेश करता है.

कंटेंट और रणनीति में नया प्रयोग

Zingabad “वायरलिटी” के बजाय “वाइटैलिटी” पर जोर देता है. यह प्लेटफॉर्म सामाजिक मुद्दों से लेकर लाइफस्टाइल और टेक्नोलॉजी तक के विषयों को आधुनिक डिजिटल दर्शकों के अनुरूप प्रस्तुत करता है. इसका उद्देश्य सिर्फ कंटेंट देना नहीं, बल्कि एक नया मीडिया स्टैंडर्ड स्थापित करना है.

टीम में बड़े नाम शामिल

Zingabad की ग्रोथ को आगे बढ़ाने के लिए नेहा टंडन को चीफ ग्रोथ ऑफिसर नियुक्त किया गया है. उन्हें ABP डिजिटल, ABP नेटवर्क, द क्विंट और नेटवर्क18 में काम करने का व्यापक अनुभव है और वे प्लेटफॉर्म के विस्तार की जिम्मेदारी संभालेंगी. वहीं, कंटेंट की कमान दर्पण साह को चीफ कंटेंट ऑफिसर के रूप में सौंपी गई है, जो पहले द लल्लनटॉप से जुड़े रहे हैं. वे प्लेटफॉर्म की क्रिएटिव दिशा और कंटेंट रणनीति का नेतृत्व करेंगे.

डिजिटल स्पेस में मजबूत एंट्री

Zingabad ने अपनी अनोखी मार्केटिंग रणनीति और म्यूजिक के जरिए दर्शकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाकर डिजिटल दुनिया में जोरदार शुरुआत की है. यह प्लेटफॉर्म युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और आने वाले समय में एक बड़े डिजिटल मीडिया ब्रांड के रूप में उभरने की क्षमता रखता है.


ABP न्यूज का YouTube पर व्यूअरशिप में दबदबा, 13वें हफ्ते में हासिल की महत्वपूर्ण उपलब्धि

यह बड़ी सफलता दिखाती है कि ABP न्यूज अपने दर्शकों को भरोसेमंद और रोचक खबरें देने के लिए हमेशा समर्पित है.

Last Modified:
Thursday, 03 April, 2025
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भारत का प्रमुख हिंदी न्यूज चैनल ABP न्यूज ने हिंदी न्यूज बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है. मार्च के आखिरी हफ्ते में संभल ग्राउंड रिपोर्ट्स और अपडेट्स की कवरेज के दौरान, यह वीडियो ऑन डिमांड (VOD) के लिए सबसे ज्यादा देखा जाने वाला चैनल बन गया. डेटा बीइंग्स के अनुसार, 13वें हफ्ते के व्यूअरशिप आंकड़ों में ABP न्यूज ने हिंदी न्यूज वीडियो ऑन डिमांड देखने वालों के बीच 21% हिस्सेदारी हासिल की और इस कैटेगरी में टॉप पर रहा.

ABP न्यूज ने हिंदी न्यूज कैटेगरी में कुल 178 मिलियन वीडियो व्यूज़ हासिल किए. इसने अपने नजदीकी प्रतिद्वंद्वियों News18 India और TimesNow Navbharat को 35 मिलियन व्यूज़ के बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया, जिससे डिजिटल न्यूज में इसकी मजबूत स्थिति फिर से साबित हुई. यह बड़ी सफलता दिखाती है कि ABP न्यूज अपने दर्शकों को भरोसेमंद और रोचक खबरें देने के लिए हमेशा समर्पित है. यह चैनल अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बेहतरीन खबरें पहुंचाने का काम कर रहा है.

ABP नेटवर्क के बारे में

ABP नेटवर्क एक आधुनिक मीडिया और कंटेंट बनाने वाली कंपनी है, जो टीवी और डिजिटल दोनों जगहों पर अपनी विश्वसनीय पहचान रखती है. इसके कई भाषाओं में न्यूज चैनल हैं, जो भारत में 535 मिलियन (53.5 करोड़) लोगों तक पहुंचते हैं. ABP नेटवर्क की एक शाखा ABP स्टूडियोज है, जो ABP क्रिएशंस के अंतर्गत आती है. यह न्यूज के अलावा नए और अनोखे कंटेंट बनाती, प्रोड्यूस करती और बेचती है. ABP नेटवर्क, ABP ग्रुप का हिस्सा है, जिसकी स्थापना करीब 100 साल पहले हुई थी और आज भी यह भारत की बड़ी मीडिया कंपनियों में शामिल है.