NDTV-Adani Deal Update: 493 करोड़ का ओपन ऑफर, कल से 5 Dec तक होगी खरीदारी

भारत के पूंजी बाजार नियामक सेबी ने पिछले हफ्ते प्रस्तावित 492.81 करोड़ रुपये की खुली पेशकश को मंजूरी दे दी थी.

Last Modified:
Monday, 21 November, 2022
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नई दिल्लीः देश के प्रमुख मीडिया हाउसेज में से एक नई दिल्ली टेलीविजन (NDTV) में 26 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए अरबपति गौतम अडानी समूह की मीडिया कंपनी मंगलवार 22 नवंबर से ओपन ऑफर लेकर के आ रही है. ये ओपन ऑफर 493 करोड़ रुपये का है और 5 दिसंबर को बंद हो जाएगा. 

सेबी ने पिछले हफ्ते दी थी मंजूरी

अडानी समूह की फर्मों की ओर से पेशकश का प्रबंधन करने वाले जेएम फाइनेंशियल के एक नोटिस के मुताबिक, ऑफर जिसके लिए 294 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है. भारत के पूंजी बाजार नियामक सेबी ने पिछले हफ्ते प्रस्तावित 492.81 करोड़ रुपये की खुली पेशकश को मंजूरी दे दी थी, जो एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति और ब्रॉडकास्टर कंपनी के संस्थापकों प्रणय व राधिका रॉय के बीच अधिग्रहण की लड़ाई में फंसा हुआ था.

कैसे मिला अडानी को शेयर

AMG मीडिया नेटवर्क्स लिमिटेड (AMNL) अडानी ग्रुप की मीडिया कंपनी है. AMNL एडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) की 100 फीसदी सब्सिडियरी कंपनी है. AMNL की एक पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी है विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लमिटेड (VCPL). इस कंपनी ने NDTV की एक प्रमोटर कंपनी RRPR होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड के 99.5 फीसदी इक्विटी शेयर्स का अधिग्रहण किया था. आरआरपीआर होल्डिंग्स के पास NDTV में 29.30 फीसदी हिस्सेदारी थी. इस तरह एनडीटीवी की ये हिस्सेदारी अब अडानी ग्रुप के पास आ गई है. अडानी अब ओपन ऑफर के जरिए 26 फीसदी की अतिरिक्त हिस्सेदारी का अधिग्रहण करना चाहती है.

क्यों जरूरी है ओपन शेयर

अडानी ग्रुप के पास इस समय NDTV में सबसे अधिक हिस्सेदारी 29.30 फीसदी है. हालांकि, पूर्ण नियंत्रण के लिए उन्हें 51 फीसदी हिस्सेदारी चाहिए. अडानी ग्रुप के पास 29.30% हिस्सेदारी आने के बाद नियमों के तहत उसके पास ओपन ऑफर लाने का अधिकार है. इसके जरिए वह कंपनी के अन्य शेयरधारकों से अतिरिक्त 26 फीसदी हिस्सेदारी खरीदना चाहता है. इस तरह अडानी के पास एनडीटीवी में कुल 55.3 फीसदी हिस्सेदारी आ जाएगी और मालिकाना हक मिल जाएगा. यानी अडानी अपने हिसाब से NDTV में बदलाव कर सकेंगे.

सबसे उपयुक्त कंपनी है NDTV

अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप फर्म अडानी इंटरप्राइजेज ने अक्टूबर में कहा था, "NDTV का अधिग्रहण करने का निर्णय डिजिटल और ब्रॉडकास्ट सेगमेंट पर जोर देने के साथ एक विश्वसनीय अगली पीढ़ी का मीडिया प्लेटफॉर्म स्थापित करने के अदानी समूह के उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए लिया गया था और NDTV इस विजन को पूरा करने के लिए एक उपयुक्त ब्रॉडकास्टिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म है."

NDTV का शेयर आज बीएसई पर 5 फीसदी की गिरावट के साथ लोअर सर्किट लगाते हुए 382.20 रुपये पर बंद हुआ था.

VIDEO: कितना जरूरी है इंडस्ट्री का डिजिटलाइजेशन....बता रहे है TVS के डिजिटल हेड आदित्य टंडन

 


जागरण ग्रुप ने डिजिटल स्टाफ को पैरेंट कंपनी में किया ट्रांसफर, आंतरिक पुनर्गठन के तहत बदलाव

कंपनी लागत नियंत्रण और डिजिटल ऑपरेशन को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश में जुट गई है.

Last Modified:
Thursday, 02 April, 2026
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जागरण ग्रुप की डिजिटल शाखा, जागरण न्यू मीडिया, अपने कई कर्मचारियों को आंतरिक पुनर्गठन के तहत मूल कंपनी जागरण प्रकाशन लिमिटेड में स्थानांतरित कर रही है. सूत्रों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य लागत को नियंत्रित करना और नुकसान को कम करना बताया जा रहा है. अब इन कर्मचारियों का वेतन सीधे जागरण प्रकाशन लिमिटेड द्वारा भुगतान किया जाएगा. कुछ कर्मचारियों को पहले ही पेरेंट कंपनी से भुगतान मिलना शुरू हो गया है.

कर्मचारियों और संचालन पर असर

प्रभावित कर्मचारियों को इस बदलाव की जानकारी दे दी गई है और इसे डिजिटल कारोबार को अधिक लागत-कुशल बनाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है. वहीं, अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि कुछ वरिष्ठ पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को कंपनी से बाहर निकलने के लिए कहा गया है.

डिजिटल मीडिया पर बढ़ती प्रतिस्पर्धा

उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि यह पुनर्गठन डिजिटल मीडिया क्षेत्र में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और राजस्व दबाव के बीच हुआ है. कंपनी ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. इस कदम से जागरण ग्रुप का लक्ष्य अपने डिजिटल व्यवसाय को अधिक स्थिर और प्रभावी बनाना है, जबकि कर्मचारियों की भूमिका और संसाधनों का पुनर्संगठन भी किया जा रहा है.


Network18 में बड़ा फेरबदल, नई पीढ़ी के नेतृत्व को मिली कमान

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पुनर्गठन Network18 को तेजी से बदलते मीडिया परिदृश्य में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में मदद करेगा.

Last Modified:
Saturday, 21 March, 2026
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मीडिया नेटवर्क Network18 ने अपने शीर्ष प्रबंधन में बड़ा फेरबदल करते हुए अगली पीढ़ी के नेतृत्व को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम उठाया है. इस बदलाव की जानकारी कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल जोशी ने एक आंतरिक नोट के जरिए दी.

नई संरचना के तहत स्मृति मेहरा, एस शिवकुमार और मितुल सांगानी सीधे ग्रुप लीडरशिप को रिपोर्ट करेंगे. ये तीनों अब गणेश अय्यर और अभिनय चौहान के साथ कंपनी के कोर लीडरशिप फ्रेमवर्क का हिस्सा होंगे.

राजस्व और प्रोडक्ट ग्रोथ पर जोर
फेरबदल के तहत, फोर्ब्स के बिजनेस हेड प्रभात चटर्जी और AETN-18 के प्रेसिडेंट अरुण थापर अब स्मृति मेहरा को रिपोर्ट करेंगे. इस बदलाव का उद्देश्य कंपनी के राजस्व में वृद्धि और प्रोडक्ट डेवलपमेंट को मजबूत करना है. वहीं, मल्लिका नाथ हांडा को भी मेहरा की टीम में शामिल किया गया है, जहां वे विशेष प्रोजेक्ट्स और नॉन-लीनियर बिजनेस संभालेंगी.

हिंदी और रीजनल बाजार पर फोकस
दूसरी ओर, ILC के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर सिद्धार्थ नेवतिया और मार्केटिंग हेड पंकज सोनी अब मितुल सांगानी को रिपोर्ट करेंगे. उनकी जिम्मेदारी खासकर हिंदी और क्षेत्रीय बाजारों विशेष रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों में दर्शकों की पहुंच बढ़ाने और राजस्व में इजाफा करने पर केंद्रित होगी.

कंटेंट ऑपरेशंस का इंटीग्रेशन
एक अन्य अहम बदलाव में Moneycontrol के ब्रांडेड कंटेंट ऑपरेशंस को News18 स्टूडियो के साथ जोड़ा जा रहा है. इस संयुक्त इकाई को डॉन जर्रार, एस शिवकुमार के साथ मिलकर संभालेंगे.

अंतरराष्ट्रीय विस्तार की जिम्मेदारी
प्रणव बक्शी को भी विस्तारित जिम्मेदारी दी गई है. अब वे सोशल और कनेक्टेड टीवी के साथ-साथ कंपनी के अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशंस को भी देखेंगे.

टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव
टेक्नोलॉजी क्षेत्र में, पुनीत सिंहवी को ब्रॉडकास्ट टेक्नोलॉजी, आईटी और सिक्योरिटी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. उनके अधीन राजेश शर्मा, राहुल सिंह और भूपेंद्र भारद्वाज काम करेंगे.

बेहतर तालमेल और कंटेंट रणनीति पर जोर
इसके अलावा, सेल्स स्ट्रैटेजी के प्रमुख दर्शिल पारेख एग्जीक्यूटिव ऑफिस के साथ मिलकर विभिन्न बिजनेस टीमों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करेंगे. वहीं, जीतमित्र मोहंती, संतोष मेनन के साथ मिलकर ऑडियंस इनसाइट्स को प्रभावी कंटेंट रणनीति में बदलने पर काम करेंगे.

भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयारी
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पुनर्गठन Network18 को तेजी से बदलते मीडिया परिदृश्य में अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में मदद करेगा.
 


रोहित सावल का नया दांव: Zingabad के साथ Gen Z पर फोकस

Zingabad ने अपनी अनोखी मार्केटिंग रणनीति और म्यूजिक के जरिए दर्शकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाकर डिजिटल दुनिया में जोरदार शुरुआत की है.

Last Modified:
Thursday, 19 March, 2026
BWHindia

रोहित सावल ने भारतीय मीडिया परिदृश्य में नई दिशा देते हुए Zingabad नामक डिजिटल-फर्स्ट प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जिसे खास तौर पर Gen Z दर्शकों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. ABP नेटवर्क में अपने लंबे करियर के बाद सावल ने इस नए स्टार्टअप की कमान संभाली है.

लॉन्च एंथम बना सुपरहिट

Zingabad की शुरुआत यो यो हनी सिंह के एंथम के साथ हुई, जिसने रिलीज होते ही जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की. 14 मार्च को रिलीज हुए इस एंथम को 10 मिलियन से अधिक व्यूज और 200 मिलियन से ज्यादा रीच मिली. यह यूट्यूब पर #1 ट्रेंडिंग वीडियो भी रहा.

सेलिब्रिटी सपोर्ट से मिली मजबूती

इस प्लेटफॉर्म को कई बड़े सितारों का समर्थन मिला है, जिनमें अनुपम खेर, कपिल शर्मा, शहनाज गिल, एमसी स्क्वायर, राघव जुयाल, मोहम्मद शमी, बोनी कपूर, रकुल प्रीत सिंह, सोनम बाजवा, जैकी भगनानी, सोनू सूद, नुसरत भरुचा जैसे नाम शामिल हैं. इसके अलावा एल्विश यादव, अमित भड़ाना, अवनीत कौर और भावेश मंग्लानी जैसे सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने भी इसे प्रमोट किया है.

युवाओं को सशक्त बनाने पर फोकस

रोहित सावल का कहना है कि आज के युवा सिर्फ जानकारी नहीं, बल्कि सशक्तिकरण चाहते हैं. इसी सोच के साथ Zingabad को डिजाइन किया गया है, जो कम गुणवत्ता वाले डिजिटल कंटेंट के ट्रेंड को चुनौती देता है. यह प्लेटफॉर्म एंटरटेनमेंट और गहन जानकारी का अनोखा मिश्रण पेश करता है.

कंटेंट और रणनीति में नया प्रयोग

Zingabad “वायरलिटी” के बजाय “वाइटैलिटी” पर जोर देता है. यह प्लेटफॉर्म सामाजिक मुद्दों से लेकर लाइफस्टाइल और टेक्नोलॉजी तक के विषयों को आधुनिक डिजिटल दर्शकों के अनुरूप प्रस्तुत करता है. इसका उद्देश्य सिर्फ कंटेंट देना नहीं, बल्कि एक नया मीडिया स्टैंडर्ड स्थापित करना है.

टीम में बड़े नाम शामिल

Zingabad की ग्रोथ को आगे बढ़ाने के लिए नेहा टंडन को चीफ ग्रोथ ऑफिसर नियुक्त किया गया है. उन्हें ABP डिजिटल, ABP नेटवर्क, द क्विंट और नेटवर्क18 में काम करने का व्यापक अनुभव है और वे प्लेटफॉर्म के विस्तार की जिम्मेदारी संभालेंगी. वहीं, कंटेंट की कमान दर्पण साह को चीफ कंटेंट ऑफिसर के रूप में सौंपी गई है, जो पहले द लल्लनटॉप से जुड़े रहे हैं. वे प्लेटफॉर्म की क्रिएटिव दिशा और कंटेंट रणनीति का नेतृत्व करेंगे.

डिजिटल स्पेस में मजबूत एंट्री

Zingabad ने अपनी अनोखी मार्केटिंग रणनीति और म्यूजिक के जरिए दर्शकों से भावनात्मक जुड़ाव बनाकर डिजिटल दुनिया में जोरदार शुरुआत की है. यह प्लेटफॉर्म युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है और आने वाले समय में एक बड़े डिजिटल मीडिया ब्रांड के रूप में उभरने की क्षमता रखता है.


ABP न्यूज का YouTube पर व्यूअरशिप में दबदबा, 13वें हफ्ते में हासिल की महत्वपूर्ण उपलब्धि

यह बड़ी सफलता दिखाती है कि ABP न्यूज अपने दर्शकों को भरोसेमंद और रोचक खबरें देने के लिए हमेशा समर्पित है.

Last Modified:
Thursday, 03 April, 2025
BWHindia

भारत का प्रमुख हिंदी न्यूज चैनल ABP न्यूज ने हिंदी न्यूज बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है. मार्च के आखिरी हफ्ते में संभल ग्राउंड रिपोर्ट्स और अपडेट्स की कवरेज के दौरान, यह वीडियो ऑन डिमांड (VOD) के लिए सबसे ज्यादा देखा जाने वाला चैनल बन गया. डेटा बीइंग्स के अनुसार, 13वें हफ्ते के व्यूअरशिप आंकड़ों में ABP न्यूज ने हिंदी न्यूज वीडियो ऑन डिमांड देखने वालों के बीच 21% हिस्सेदारी हासिल की और इस कैटेगरी में टॉप पर रहा.

ABP न्यूज ने हिंदी न्यूज कैटेगरी में कुल 178 मिलियन वीडियो व्यूज़ हासिल किए. इसने अपने नजदीकी प्रतिद्वंद्वियों News18 India और TimesNow Navbharat को 35 मिलियन व्यूज़ के बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया, जिससे डिजिटल न्यूज में इसकी मजबूत स्थिति फिर से साबित हुई. यह बड़ी सफलता दिखाती है कि ABP न्यूज अपने दर्शकों को भरोसेमंद और रोचक खबरें देने के लिए हमेशा समर्पित है. यह चैनल अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बेहतरीन खबरें पहुंचाने का काम कर रहा है.

ABP नेटवर्क के बारे में

ABP नेटवर्क एक आधुनिक मीडिया और कंटेंट बनाने वाली कंपनी है, जो टीवी और डिजिटल दोनों जगहों पर अपनी विश्वसनीय पहचान रखती है. इसके कई भाषाओं में न्यूज चैनल हैं, जो भारत में 535 मिलियन (53.5 करोड़) लोगों तक पहुंचते हैं. ABP नेटवर्क की एक शाखा ABP स्टूडियोज है, जो ABP क्रिएशंस के अंतर्गत आती है. यह न्यूज के अलावा नए और अनोखे कंटेंट बनाती, प्रोड्यूस करती और बेचती है. ABP नेटवर्क, ABP ग्रुप का हिस्सा है, जिसकी स्थापना करीब 100 साल पहले हुई थी और आज भी यह भारत की बड़ी मीडिया कंपनियों में शामिल है.
 


एक साथ आए Reliance और Disney इस तरह बाजार में मचाएंगे तहलका

रिलायंस और डिज्नी ने एक बाइंडिंग पैक्ट यानी बाध्यकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Monday, 26 February, 2024
Last Modified:
Monday, 26 February, 2024
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रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) और वॉल्ट डिज्नी ने एक बड़ी डील की तरफ कदम बढ़ाया है. वॉल्ट डिज्नी ने अपने भारत में मीडिया ऑपरेशन को मर्ज करने के लिए RIL के साथ एक बाइंडिंग पैक्ट यानी बाध्यकारी समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. ब्लूमबर्ग के हवाले से आई इस रिपोर्ट के मुताबिक, मर्ज की गई यूनिट में रिलायंस और उसके पार्टनर्स की मीडिया यूनिट की कम से कम 61% प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि शेष हिस्सेदारी डिज्नी के पास रहेगी. हालांकि, इस पैटर्न में बदलाव भी संभव है. डील क्लोज होने तक डिज्नी के अन्य लोकल एसेट्स को मर्जर में कैसे शामिल किया जाता है, उसके आधार पर हिस्सेदारी में बदलाव हो सकता है.

इसी हफ्ते होगी घोषणा
RIL और डिज्नी ने इस समझौते के बारे में अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन माना जा रहा है कि इसी सप्ताह डील की घोषणा हो सकती है. पिछले महीने ZEE-Sony डील टूटने के बाद RIL और डिज्नी की डील को भारतीय मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है. डिज्नी की टाटा समूह ले ब्रॉडकास्ट सर्विस प्रोवाइडर 'टाटा प्ले लिमिटेड' में भी हिस्सेदारी है. रिलायंस इस हिस्सेदारी को भी खरीद सकती है. गौरतलब है कि डिज्नी को भारत में कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन उसकी स्थिति मजबूत है. वहीं, रिलायंस मीडिया एवं एंटरटेनमेंट सेक्टर में मजबूती से पैर जमाने में लगी है. ऐसे में ऐसे में रिलायंस और डिज्नी मीडिया सेक्टर में तहलका मचा सकते हैं.  

इतने वैल्यूएशन पर होगी डील 
हाल ही में डिज्नी ने अपने भारतीय बिजनेस का 60% हिस्सा वायाकॉम 18 को करीब 33,000 करोड़ रुपए के वैल्यूएशन पर बेचने पर सहमति व्यक्त की थी. वायाकॉम-18 के मालिक रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी हैं. पिछले साल अक्टूबर में रिलायंस द्वारा डिज्नी के इंडिया एसेट्स के वैल्यूएशन की खबर सामने आई थी, जिसमें डिज्नी+हॉटस्टार स्ट्रीमिंग सर्विस और स्टार इंडिया शामिल है. पिछले महीने यह बात सामने आई थी कि डिज्नी स्टार और वायाकॉम-18 आगामी इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2024 में एडवरटाइजिंग राइट्स हासिल करने की तैयारी कर रहे हैं.

लगातार बढ़ रहा है बाजार
भारत के वीडियो स्ट्रीमिंग मार्केट की बात करें, तो यह लगातार बड़ा होता जा रहा है. 2021 में यह बाजार 5390 करोड़ रुपए का था. 2022 में बढ़कर 6850 करोड़, 2023 में 7333 करोड़ रुपए का रहा और अगले साल यानि 2025 तक इसके 9120 करोड़ रुपए का होने का अनुमान है. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि रिलायंस और डिज्नी की डील दोनों कंपनियों के लिए फायदेमंद रहेगी. डिज्नी को जहां रिलायंस की मजबूत उपस्थिति से फायदा होगा. वहीं, रिलायंस को डिज्नी के रूप में एक बना-बनाया प्लेटफॉर्म मिलेगा. उनका यह भी कहना है कि दोनों कंपनियां मिलकर इंडस्ट्री में तूफान ला सकती हैं.  


रजनीश आहूजा ने ZEE News में अपनी पारी को दिया विराम, Editor का पद छोड़ा

जी न्यूज के साथ पिछले काफी समय से जुड़े रहे रजनीश आहूजा ने संपादक के पद से इस्तीफा दे दिया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Wednesday, 21 February, 2024
Last Modified:
Wednesday, 21 February, 2024
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जी न्यूज (ZEE News) के संपादक रजनीश आहूजा (Rajnish Ahuja) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. आहूजा पिछले 2 सालों से यह जिम्मेदारी संभाल रहे थे. विश्‍वसनीय सूत्रों ने हमारी सहयोगी वेबसाइट e4m से इसकी पुष्टि की है. हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि आहूजा अपनी नई पारी कहां से शुरू करेंगे.

25 सालों का अनुभव
रजनीश आहूजा के पास विभिन्न संपादकीय टीमों में पत्रकारिता का 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ZEE का हिस्सा बनने से पहले वह ABP न्यूज में वरिष्ठ उपाध्यक्ष - कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस के रूप में कार्यरत थे. इससे पहले, वह इसी कंपनी में डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में कंटेंट और संपादकीय टीम का नेतृत्व कर रहे थे. 

रजनीश आहूजा ANI रॉयटर्स टीवी के साथ न्यूज ऑपरेशंस के प्रमुख के रूप में भी जुड़े रहे हैं. साथ ही उन्होंने TV टुडे और DD न्यूज में भी अपनी सेवाएं दी हैं.  
 


ZEE के अनुरोध पर क्या बढ़ेगी Merger की डेडलाइन? आ गया Sony का जवाब

ZEE और Sony के मर्जर की फाइनल डेट क्या होगी, इस पर अब तक संशय बना हुआ है. ZEE ने डेडलाइन बढ़ाने की मांग की है, लेकिन सोनी अब तक कोई फैसला नहीं ले पाया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Tuesday, 19 December, 2023
Last Modified:
Tuesday, 19 December, 2023
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जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) के डेडलाइन बढ़ाने के अनुरोध पर सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (SPNI) ने अब तक कोई फैसला नहीं लिया है. सोनी की तरफ से मंगलवार को बताया गया कि मर्जर की डेडलाइन बढ़ाने के ZEEL के अनुरोध पर अभी तक सहमत नहीं बनी है. बता दें कि 10 अरब डॉलर की नई मीडिया एवं एंटरटेनमेंट कंपनी बनाने के लिए ZEE और Sony मर्जर की मौजूदा समय सीमा 21 दिसंबर है. 

Punit Goenka को है उम्मीद
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया ने एक बयान में कहा कि उसने ZEEL के अनुरोध पर अब तक कोई फैसला नही लिया है. हम ZEE से उसके प्रस्ताव और योजनाओं के बारे में जानेंगे कि उसका लक्ष्य शेष महत्वपूर्ण समापन शर्तों को कैसे पूरा करना है. जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) के अनुरोध और उस पर अब Sony के इस जवाब से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ZEE-Sony मर्जर जल्द पूरा होने की संभावना बेहद कम है. रविवार को Zeel ने Sony से मर्जर प्लान को प्रभावी बनाने के लिए 21 दिसंबर, 2023 की डेडलाइन आगे बढ़ाने का अनुरोध किया था. ZEEL के सीईओ पुनीत गोयनका (Punit Goenka) ने उम्मीद जताई है कि सोनी इस अनुरोध की समीक्षा करेगा. 

2021 में बनी थी मर्जर की सहमति
Zee और Sony ने 22 दिसंबर, 2021 को एक मर्जर एग्रीमेंट समझौता किया था, लेकिन तमाम कारणों के चलते ये मर्जर अब तक पूरा नहीं हो सका है. ZEEL ने सोनी, जिसे अब कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट के नाम से जाना जाता है, से डेडलाइन बढ़ाने को कहा है, लेकिन ये स्पष्ट नहीं है कि उसने मर्जर की डेडलाइन कितने समय के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया है. दोनों कंपनियों के मर्जर की प्रक्रिया कई वजहों से कई बार अटकी है. इसमें रेगुलेटरी जांच, कानूनी मुकदमे, SEBI की सख्ती आदि प्रमुख रहे हैं. हालांकि, माना जा रहा था कि 21 दिसंबर, 2023 की डेडलाइन को पूरा कर लिया जाएगा, लेकिन अब मामला एक फिर लटक गया है.  

नेतृत्व को लेकर है विवाद?
कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा भी किया गया है कि Zee और Sony के बीच मर्जर के बाद बनने वाली कंपनी के नेतृत्व को लेकर भी विवाद है. जहां सोनी के पास विलय की गई इकाई पर बोर्ड के अधिकांश सदस्यों को नामांकित करने का अधिकार है. वहीं, अग्रीमेंट में एक शर्त यह भी जोड़ी गई है कि पुनीत गोयनका नई कंपनी के MD और CEO होंगे. चूंकि, गोयनका को सेबी की जांच का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए सोनी उन्हें नई कंपनी के एमडी और सीईओ के रूप में नियुक्त करने को लेकर सावधान है. 


निर्धारित डेडलाइन पर नहीं होगा Zee-Sony Merger, सामने आई ये बड़ी खबर! 

जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड और सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के मर्जर की डेडलाइन एक बार फिर बढ़ने वाली है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Monday, 18 December, 2023
Last Modified:
Monday, 18 December, 2023
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जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड (ZEEL) और सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया के मर्जर (Zee-Sony Merger) की डेडलाइन एक बार फिर बढ़ने वाली है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Zeel ने सोनी से मर्जर प्लान को प्रभावी बनाने के लिए 21 दिसंबर, 2023 की डेडलाइन आगे बढ़ाने के लिए कहा है. ZEEL के सीईओ पुनीत गोयनका (Punit Goenka) ने उम्मीद जताई है कि सोनी इस अनुरोध की समीक्षा करेगा. बता दें कि Zee और Sony ने 22 दिसंबर, 2021 को एक मर्जर एग्रीमेंट समझौता किया था, लेकिन तमाम कारणों के चलते ये मर्जर अब तक पूरा नहीं हो सका है.

कई वजहों से अटकी प्रक्रिया
ZEEL ने सोनी, जिसे अब कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट के नाम से जाना जाता है, से डेडलाइन बढ़ाने को कहा है, लेकिन ये स्पष्ट नहीं है कि उसने मर्जर की डेडलाइन कितने समय के लिए बढ़ाने का अनुरोध किया है. दोनों कंपनियों के मर्जर की प्रक्रिया कई वजहों से कई बार अटकी है. इसमें रेगुलेटरी जांच, कानूनी मुकदमे, SEBI की सख्ती आदि प्रमुख रहे हैं. हालांकि, माना जा रहा था कि 21 दिसंबर, 2023 की डेडलाइन को पूरा कर लिया जाएगा, लेकिन अब मामला एक फिर लटक गया है. अब देखने वाली बात ये होगी कि ZEEL के इस अनुरोध पर सोनी की क्या प्रतिक्रिया होती है.

दोनों कंपनियों में विवाद!
कुछ रिपोर्ट्स में यह दावा भी किया गया है कि Zee और Sony के बीच मर्जर के बाद बनने वाली कंपनी के नेतृत्व को लेकर भी विवाद है. जहां सोनी के पास विलय की गई इकाई पर बोर्ड के अधिकांश सदस्यों को नामांकित करने का अधिकार है. वहीं, अग्रीमेंट में एक शर्त यह भी जोड़ी गई है कि पुनीत गोयनका नई कंपनी के MD और CEO होंगे. चूंकि, गोयनका को सेबी की जांच का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए सोनी उन्हें नई कंपनी के एमडी और सीईओ के रूप में नियुक्त करने को लेकर सावधान है. 

ये भी पढ़ें - मीडिया सेक्टर पर मजबूत पकड़ चाहते हैं Adani, इसलिए IANS पर लगाया दांव

NCLAT से मिली है राहत
हाल ही में जी-सोनी मर्जर (Zee-Sony Merger) को लेकर नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) से एक बड़ी खबर आई थी. NCLAT ने इस मर्जर पर रोक लगाने का आदेश जारी करने से इनकार कर दिया है. Axis Finance और IDBI बैंक ने 10 बिलियन डॉलर की दिग्गज मीडिया कंपनी बनाने के इस मर्जर पर रोक के लिए NCLAT का दरवाजा खटखटाया था. याचिका पर सुनवाई के दौरान, आईडीबीआई बैंक की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एन वेंकटरमन ने तर्क दिया कि जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज (ZEEL) ने Essel एंटिटी को दिए गए कर्ज के लिए गारंटी दी थी और यदि मर्जर होता है, तो बैंक कर्ज की वसूली नहीं कर पाएगा. इसलिए मर्जर की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए. 

अधिकार पर ही उठाए सवाल
वहीं ZEEL की तरफ से पेश वकीलों ने कहा था कि मर्जर पर रोक का कोई आधार नहीं है. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि कानून के अनुसार एक्सिस फाइनेंस और IDBI बैंक इसके खिलाफ याचिका दायर करने का अधिकार ही नहीं रखते. NCLAT ने कहा कि चूंकि ये मर्जर अदालत के आदेशों के अधीन है, लेकिन वे मेरिट के आधार पर मामले की सुनवाई किए बिना इस पर रोक नहीं लगा सकते. इसके साथ ही ट्रिब्यूनल ने मामले की सुनवाई को 8 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया.


मीडिया सेक्टर पर मजबूत पकड़ चाहते हैं Adani, इसलिए IANS पर लगाया दांव

अडानी समूह अब काफी हद तक हिंडनबर्ग के प्रभाव से बाहर निकल आया है. समूह अब अपनी विस्तार योजनाओं पर फोकस कर रहा है.

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Published - Saturday, 16 December, 2023
Last Modified:
Saturday, 16 December, 2023
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गौतम अडानी (Gautam Adani) विस्तार की योजनाओं पर वापस लौट चुके हैं. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के चलते उन्हें कुछ समय के लिए इन योजनाओं पर ब्रेक लगाना पड़ा था. अब जब हिंडनबर्ग का प्रभाव लगभग खत्म हो चुका है, अडानी ने 'ब्रेक' से पैर हटाकर 'एक्सीलेटर' पर रख लिया है. अडानी समूह (Adani Group) के चेयरमैन गौतम अडानी इस समय दो सेक्टर्स पर ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रहे हैं. पहला सीमेंट और दूसरा मीडिया. कुछ दिन पहले ही उन्होंने सीमेंट सेक्टर की कंपनी सांघी सीमेंट (Sanghi Cement) का अधिग्रहण किया है और अब मीडिया कंपनी IANS को भी अपना बना लिया है.

1986 में हुई थी स्थापना
आईएएनएस यानी Indo-Asian News Service एक प्रतिष्ठित न्यूज एजेंसी है. इसकी स्थापना 1986 में भारतीय अमेरिकी पब्लिशर Gopal Raju ने India Abroad News Service के रूप में की थी, बाद में इसका नाम बदल दिया गया. IANS अंग्रेजी के साथ-साथ हिंदी में भी समाचार उपलब्ध कराती है. इसकी हिंदी सेवा की शुरुआत 1995 में हुई थी. हिंदी सेवा के तहत हर रोज करीब 150 स्टोरी तैयार की जाती हैं. अडानी समूह के इस न्यूज एजेंसी को अपना बनाने की खबर अचानक ही सामने आई है. हालांकि, फिलहाल ये साफ नहीं है कि अडानी ने यह सौदा कितने में किया है. 

इन्हें भी बनाया है अपना
उद्योगपतियों का मीडिया से प्यार कोई नया नहीं है. मीडिया अपने साथ तमाम तरह के फायदे लाता है और साथ ही इसमें अपार संभावनाएं भी मौजूद हैं. इसलिए गौतम अडानी भी खुद को इस सेक्टर में मजबूत करना चाहते हैं. IANS के अधिग्रहण के साथ उनके मीडिया पोर्टफोलियो में कंपनियों की संख्या बढ़कर 3 हो गई है. पिछले साल मार्च में अडानी ने क्विंटिलियन बिजनेस मीडिया (Quintillion Business Media) का अधिग्रहण किया था. क्विंटिलियन डिजिटल प्लेटफॉर्म BQ प्राइम का संचालन करता है. इसी तरह, अडानी ग्रुप एनडीटीवी (NDTV) को भी अपना बना चुका है. NDTV के अधिग्रहण को लेकर देश में काफी बवाल मचा था, लेकिन अडानी ने बड़े आराम से डील पूरी कर ली. 

और भी हो सकती हैं डील!
एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अडानी समूह मीडिया सेक्टर में मजबूती से पैर जमाने की स्थिति में आ गया है. उसके पास NDTV जैसा बड़ा मीडिया हाउस है और IANS जैसी दिग्गज न्यूज़ एजेंसी. उनका यह भी कहना है कि गौतम अडानी आने वाले समय में कुछ और मीडिया कंपनियों को भी अपने पोर्टफोलियो में शामिल कर सकते हैं. अडानी के NDTV के अधिग्रहण से ही यह साफ हो गया था कि उन्होंने इस सेक्टर को लेकर बड़ा प्लान बना रखा है. अब IANS की डील लॉक करके उन्होंने फिर यह साबित कर दिया है. बता दें कि वित्त वर्ष 2022-23 में आईएएनएस का रिवेन्यु 11.86 करोड़ रुपए रहा था.


ENBA Awards: डिजिटल मीडिया को लेकर टेक्‍नोलॉजी तेजी से बदल रही है: बरखा दत्‍त 

उन्‍होंने कहा कि हमने तीन तरह का मीडिया देखा है जिसमें पहला शुरुआती दौर था दूसरा वो दौर था जब मार्केट के अनुसार पैसा खर्च हो रहा था तीसरा वो था जब हम डिजिटल का दौर देख रहे हैं. 

Last Modified:
Sunday, 27 August, 2023
Barkha Datt

एक्‍सचेंज4मीडिया द्वारा कराए जाने वाले ENBA अवॉर्ड इस बार नोएडा में आयोजित किए गए. ENBA अवॉर्ड के 15 वें संस्‍करण में Mojo Story की फाउंडर एडिटर बरखा दत्‍त ने कई अहम बातें कहीं. उन्‍होंने कहा कि हमें टीवी के पोटेंशियल को लेकर ये नहीं कहना चाहिए कि ये ऐसा नहीं होना चाहिए, कल ऐसा हो जाएगा आने वाले समय में ऐसा हो जाएगा. उन्‍होंने कुछ स्‍टोरी का उदाहरण देकर समझाने की कोशिश की कि आखिर कैसे कई अहम मौकों पर टेलीविजन न्‍यूज की मौजूदगी जीरो हो जाती है. उन्‍होंने अपनी बात रखते हुए कई और अहम बातें कहीं. 

मैं राजदीप के इस विचार से असहमत हूं
Mojo Story की फाउंडर एडिटर बरखा दत्‍त ने कहा कि मेरी राजदीप के कुछ विचारों से अहमति है, मैं जब भी अपने आप को टीवी का स्‍टूडेंट कहती हूं, जब टेलीविजन न्‍यूज वास्‍तव में आया, क्‍या आप में से कोई बता सकता है कि आखिर टेलीविजन न्‍यूज कब आया. 1995 में इंडिया टूडे और एनडीटीवी ने आधे घंटे के हिंदी और अंग्रेजी न्‍यूज बुलेटिन की शुरुआत की थी. उस वक्‍त स्क्रिप्‍ट ब्रॉडकास्‍टिंग मिनिस्‍ट्री में जाया करती थी, वहां से अप्रूवल मिलने के बाद ही न्‍यूज ऑन एयर हुआ करती थी. उस वक्‍त हम जैसे जितने लोग अखबार से टीवी मीडियम में आए वो लोग इसकी ताकत को समझ रहे थे.

एक टीवी की स्‍टूडेंट और एक डिजिटल एंटटी की होल्‍डर होने के नाते मैं राजदीप के एक विचार से असहमत हूं.  हम टीवी को लेकर जो अलग-अलग बात कहते हैं कि टीवी में टेंशन है, टीवी ऐसा बन सकता है टीवी वैसा बन सकता है, ये सबकुछ सही हो सकता है. लेकिन सवाल ये पैदा होता है कि हमने टीवी न्‍यूज को आज क्‍या बनाया है. मेरे साथ राजदीप ने दो स्‍टोरी का यहां जिक्र किया है, बीजेपी एमएलए मिस्‍टर वाल्‍टे को लेकर स्‍टोरी का जिक्र किया, जिसमें एक मॉब ने उनके ऊपर हमला कर दिया था. वो स्‍टोरी सबसे पहले द हिंदू ने पब्लिश की और उसके बाद मोजो ने उस स्‍टोरी को पब्लिश की. उसके बाद सभी टेलीविजन चैनलों ने उस स्‍टोरी को चलाया. जब हम टेलीविजन के पोटेंशियल की बात करते हैं तो वो आखिर इस स्‍टोरी में टेलीविजन कहां था. जब मैंने उस एमएलए का इंटरव्‍यू किया उसके 48 घंटों के बाद टेलीविजन वहां आया. उसके बाद टेलीविजन ने उसके इंटरव्‍यू को एक्‍सक्‍लूजिव कहकर चलाया.


आखिर क्‍या है एक्‍सक्‍लूजिव की परिभाषा? 
 Mojo Story की फाउंडर एडिटर बरखा दत्‍त ने इस जिक्र को आगे बढ़ाते हुए कहा कि एक्‍सक्‍लूजिव की परिभाषा ये है कि अगर किसी और का माइक ना हो तो वो एक्‍सक्‍लूजिव है. ये टेलीविजन न्‍यूज में अजीब सा टर्म है. उसके बाद राजदीप ने मणिपुर को लेकर जो बात कही, मुझे इस बात की खुशी है कि वो मणिपुर चुनाव को कवर करने के लिए वहां गए थे. मैं आपको बताना चाहूंगी कि मणिपुर चुनावों की कवरेज के लिए वहां की लोकल मीडिया को अगर छोड़ दें तो सबसे ज्‍यादा संख्‍या लोकल डिजिटल प्‍लेटफॉर्म की थी. मैंने टेलीविजन न्‍यूज को नहीं देखा जबकि जितना टेलीविजन ने उस वायरल वीडियो को लेकर कवरेज किया.  उससे पहले मैंने किसी भी तरह की कवरेज नहीं देखी. मैं ये कहना चाहती हूं कि आप टेलीविजन के पोटेंशियल को लेकर ये बातें करना बंद कर दीजिए. 

मैंने आखिर क्‍यों छोड़ा टेलीविजन न्‍यूज? 
Mozo Story की फाउंडर एडिटर बरखा दत्‍ता ने अपने टीवी छोड़ने को लेकर कारणों के बारे में बताते हुए कहा कि आखिर हम लोगों ने डिसाइड क्‍यों किया कि अब टेलीविजन हमारे लिए और ज्यादा ठीक नहीं है. इसके कारण बेहद कठिन हैं. मेरे मामले में मैं 20 साल से कर्मचारी की तरह काम करते हुए थक रही थी तो मैं चाहती थी कि मेरा अपना कुछ होना चाहिए. दूसरा इसका कारण ये है कि न्‍यूज को लेकर मेरी मेरे न्‍यूज मैनेजर से सहमति नहीं हो रही थी. आप किसी भी पत्रकार से पूछ लीजिए वो उसकी सुझाई अच्‍छी खबरों के लिए कभी न्‍यूज रूम के पास स्‍पेस नहीं होता है.  

इसका कारण हमेशा पॉलिटिक्‍स नहीं होती है, इसका कारण रेटिंग भी हो सकती है, इसका कारण विज्ञापनदाता भी हो सकते हैं या कुछ भी हो सकता है.  उन्‍होंने अपनी कोविड यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि मैने मोजो स्‍टोरी को अपने घर के बेसमेंट से शुरू किया. जहां मेरे ड्राइवर से बाकी लोगों तक चार लोग थे. सबसे दिलचस्‍प बात ये है कि ज्‍यादातर एयरपोर्ट बंद थे तो हमने रोड से सफर किया. उसके बाद हमने दिल्‍ली से लेकर केरल तक रोड से सफर किया. हमने जो स्‍टोरी की उन्‍हें लोकल से लेकर नेशनल मीडिया ने तक कवर किया.