हंगामा क्यों है बरपा...राहुल गांधी ने ऐसा क्या लिख दिया कि शाही परिवारों का चढ़ गया पारा?

राहुल गांधी एक बार फिर से विरोधियों के निशाने पर आ गए हैं. उनके एक लेख पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं.

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Thursday, 07 November, 2024
BWHindi

कांग्रेस लीडर और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के एक लेख को लेकर हंगामा मचा हुआ है. भाजपा से ताल्लुख वाले शाही घराने के नेताओं को राहुल की लेखनी पसंद नहीं आई है. किसी जमाने में राहुल गांधी के 'खास' कहे जाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया इस लेख पर आगबबूला हो गए हैं. इसी तरह, राजस्थान की डिप्टी सीएम और जयपुर के पूर्व शाही परिवार की सदस्य दीया कुमारी ने भी राहुल गांधी की आलोचना की है.  

क्या लिखा है राहुल ने?
दरअसल, 'ए न्यू डील फॉर इंडियन बिजनेस ' शीर्षक तले राहुल गांधी ने बताने की कोशिश की है कि कैसे ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत पर हुकूमत की. इसी क्रम में उन्होंने उस दौर के राजा-महाराजाओं को भी कठघरे में खड़ा किया है. उन्होंने लिखे है - ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत को अपने व्यापारिक कौशल से नहीं बल्कि अपने दबदबे से चुप कराया था.  कंपनी ने हमारे अपेक्षाकृत अधिक लचीले महाराजाओं और नवाबों के साथ साझेदारी करके, उन्हें रिश्वत देकर और धमकाकर भारत का गला घोंटा. उसने हमारे बैंकिंग, नौकरशाही और सूचना नेटवर्क को नियंत्रित किया. हमने अपनी आज़ादी किसी दूसरे देश के हाथों नहीं खोई, हमने इसे एक एकाधिकारवादी निगम के हाथों इसे खो दिया जो एक दमनकारी तंत्र चलाता था.

सिंधिया ने दे डाली नसीहत 
शाही घराने के लोगों को राहुल का यह लेख नागवार गुजरा है. कभी कांग्रेस के बेनिफिट्स एन्जॉय करने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराज़गी जाहिर की है. उन्होंने लिखा है -  नफरत फैलाने वालों को भारतीय गौरव और इतिहास पर व्याख्यान देने का कोई अधिकार नहीं. राहुल गांधी की भारत की समृद्ध विरासत के बारे में अज्ञानता और उनकी औपनिवेशिक सोच ने सभी हदें पार कर दी हैं. यदि आप राष्ट्र के उत्थान का दावा करते हैं, तो भारत माता का अपमान करना बंद करें. महादजी सिंधिया, युवराज बीर टिकेंद्रजीत, कित्तूर चेन्नम्मा और रानी वेलु नचियार जैसे सच्चे नायकों के बारे में जानें, जिन्होंने हमारी स्वतंत्रता के लिए अपना सबकुछ न्यौछावर कर दिया .

तथ्यों की अधूरी व्याख्या
वहीं, दीया कुमारी ने लिखा - मैं राहुल गांधी की ओर से भारत के पूर्व शाही परिवारों को बदनाम करने के प्रयास की कड़ी निंदा करती हूं. एकजुट भारत का सपना भारत के पूर्व शाही परिवारों के बलिदान के चलते ही संभव हो सका. ऐतिहासिक तथ्यों की अधूरी व्याख्या के आधार पर लगाये गए ये आरोप पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं. मैसूर राज के प्रमुख और लोकसभा में सांसद यदुवीर कृष्णदत्त चामराज वोडयार, देवास के दिवंगत महाराजा सीनियर तुकोजी राव पवार की पत्नी और लोकसभा नेता गायत्री राजे पवार, महराजा हरि सिंह के पोते विक्रमादित्य सिंह ने भी राहुल गांधी के लेख पर आपत्ति जताई है.