पोलैंड से यूक्रेन की हवाई दूरी डेढ़ घंटा, फिर ट्रेन में 10 घंटे का सफर क्यों करेंगे मोदी?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात पोलैंड से यूक्रेन के लिए रवाना होंगे. मोदी की यात्रा 'रेल फोर्स वन' में होगी. यूक्रेन पिछले काफी समय से रूस के साथ युद्ध का सामना कर रहा है.

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Thursday, 22 August, 2024
BWHindi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय पोलैंड में हैं और आज रात वह यूक्रेन के लिए रवाना होंगे. खास बात यह है कि PM पोलैंड से यूक्रेन की दूरी हवाई जहाज से नहीं बल्कि ट्रेन से पूरी करेंगे. PM मोदी को यूक्रेन की राजधानी कीव तक पहुंचने में 10 घंटे का समय लगेगा. मोदी की वापसी भी इसी ट्रेन से होगी. पोलैंड से यूक्रेन की हवाई यात्रा में डेढ़ से दो घंटे का समय लगता है. ऐसे में सवाल उठता है कि फिर PM मोदी फ्लाइट के बजाए ट्रेन से क्यों यात्रा कर रहे हैं?

इसलिए ट्रेन को चुना
PM मोदी जिस ट्रेन से यूक्रेन पहुंचेंगे उसका नाम 'रेल फोर्स वन' है, जो अपनी लग्जरी सुविधाओं और वर्ल्ड क्लास सर्विस के लिए पहचानी जाती है. PM की यात्रा प्लेन के बजाये ट्रेन से इसलिए हो रही है, क्योंकि यूक्रेन अभी भी रूस के साथ युद्ध में उलझा है. ऐसे में हवाई या सड़क मार्ग से सफर जोखिमभरा हो सकता है. मोदी से पहले यूक्रेन गए वर्ल्ड लीडर्स ने भी अपनी यात्रा 'रेल फोर्स वन' में पूरी की थी.   

इन्होंने भी की है यात्रा
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी सहित दुनिया के कई बड़े नेता 'रेल फोर्स वन' में सफर कर चुके हैं. इतना ही नहीं, यूक्रेन जाने वाले पत्रकार और राजनयिक भी इसी रेल का इस्तेमाल करते हैं. सुरक्षा की दृष्टि से इस ट्रेन को केवल रात में चलाया जाता है. 'रेल फोर्स वन' पोलैंड से यूक्रेन की 600 की दूरी पूरी करने में 10 घंटे का समय लेती है. 

हथियारों से भी है लैस
'रेल फोर्स वन' का इंटीरियर किसी लग्जरी होटल की तरह है. यहां महत्वपूर्ण बैठकों के लिए बड़ी कॉन्फ्रेंस टेबल, आलीशान सोफा और टीवी भी मौजूद है. सुरक्षा के नजरिये से भी इस ट्रेन में काफी कुछ है.  'रेल फोर्स वन'हथियारों से लैस है. इसमें बेहद सुरक्षित कम्युनिकेशन सिस्टम है और हाई-टेक सुरक्षाकर्मियों की टीम लगातार इस पर नजर रखती है.  इस ट्रेन में इलेक्ट्रिक इंजन के जगह डीजल वाले इंजन हैं. इसकी वजह ये है कि अगर दुश्मन यूक्रेन की इलेक्ट्रिक ग्रिड पर हमला करता है, तो भी ट्रेन दौड़ती रहे. 60 किलोमीटर प्रति घंटे ट्रेन की रफ्तार वाली इस ट्रेन को ट्रैक नहीं किया जा सकता.

समय का पाबंद है रेलवे
रूस से जंग में यूक्रेन के रेल नेटवर्क को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है, लेकिन इसके बावजूद वर्ल्ड लीडर्स या VIP मेहमानों को लाने-ले जाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है. यूक्रेन का रेलवे ट्रेनों को सही समय पर चलाने के लिए प्रसिद्ध है. पिछले साल फरवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के यूक्रेन दौरे के समय सुरक्षा कारणों के चलते कुछ ट्रेनें लेट हो गई थीं. इसके लिए रेलवे ने बाकायदा ट्वीट करके माफी मांगी थी. उसने कहा था - आज सिर्फ 90% ट्रेन ही सही समय पर चल पाईं, जिसके लिए उन्हें खेद है.