11 साल में बदली उत्तर-पूर्व की तस्वीर, धुबड़ी-फूलबाड़ी ब्रिज बनेगा विकास की मिसाल

नई दिल्ली स्थित तालकटोरा स्टेडियम में दो दिवसीय 8वें नॉर्थ ईस्ट इंडिया स्टूडेंट्स फेस्टिवल का शुभारंभ हुआ.

रितु राणा by
Published - Saturday, 04 October, 2025
Last Modified:
Saturday, 04 October, 2025
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नई दिल्ली स्थित तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित हो रहे दो दिवसीय 8वें नॉर्थ ईस्ट इंडिया स्टूडेंट्स फेस्ट के शुभारंभ पर मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर-पूर्व क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के 65 वर्षों तक उत्तर-पूर्वी राज्यों के लोग उपेक्षित महसूस करते रहे, लेकिन मोदी सरकार ने इस क्षेत्र को राष्ट्र की मुख्यधारा से जोड़ने और विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं.

प्रधानमंत्री का विशेष विजन

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रियों को यह निर्देश दिया है कि वे हर तीन महीने में कम से कम दो दिन उत्तर-पूर्वी राज्यों के किसी न किसी एस्पिरेशनल डिस्टिक्ट में बिताएं. यह इस बात का प्रमाण है कि मोदी जी के मन में इस क्षेत्र के विकास के लिए कितना गहरा संकल्प है. उन्होंने कहा कि 2014 से पहले 65 वर्षों में केवल दो प्रधानमंत्री ही उत्तर-पूर्व गए थे, पहले अटल बिहारी वाजपेयी और दूसरे डॉ. मनमोहन सिंह, जबकि नरेंद्र मोदी पिछले 12 वर्षों में 62 से अधिक बार यहां का दौरा कर चुके हैं.

सड़क और अवसंरचना में रिकॉर्ड प्रगति

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 2014 तक उत्तर-पूर्व में लगभग 10,000 किलोमीटर नेशनल हाईवे था, जो अब बढ़कर करीब 16,000 किलोमीटर हो गया है, यानी 65 सालों में जितना काम हुआ, उससे कहीं अधिक केवल 11 वर्षों में मोदी सरकार ने पूरा कर दिखाया है.

धुबड़ी-फूलबाड़ी ब्रिज: 35-40 मिनट में तय होगा घंटों का सफर

हर्ष मल्होत्रा ने विशेष रूप से असम और मेघालय को जोड़ने वाले धुबड़ी-फूलबाड़ी ब्रिज का उल्लेख भी किया. उन्होंने हुए कहा कि धुबड़ी-फूलबाड़ी ब्रिज ब्रह्मपुत्र नदी पर बनने वाला लगभग 19.28 किलोमीटर लंबा चार-लेन का ब्रिज होगा, जिसमें मुख्य संरचना 12.6 किलोमीटर और दोनों ओर एप्रोच वायडक्ट्स भी शामिल हैं. इस ब्रिज के बनने से धुबड़ी और फूलबाड़ी के बीच की दूरी 205 किलोमीटर से घटकर सिर्फ 19 किलोमीटर रह जाएगी और यात्रा समय कई घंटों से घटकर मात्र 35-40 मिनट तक पहुंच जाएगा. उन्होंने कहा यह परियोजना निचले असम के जिलों और पड़ोसी राज्य मेघालय में सड़क संचार के लिए महत्वपूर्ण है. पुल परियोजना ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तरी तट पर स्थित धुबरी को एनएच 127 बी पर नदी के दक्षिणी तट पर मेघालय के फूलबाड़ी से जोड़ेगी. बता दें, वर्तमान में यहां केवल नावों और नौकाओं जैसे नदी के जहाज ही लाल नदी के विपरीत किनारों पर स्थित दो स्थानों के बीच चलते हैं. इस परियोजना का कुल बजट लगभग ₹ 4,997 करोड़ है. मार्च 2025 तक इस परियोजना की भौतिक प्रगति 58.57% दर्ज की गई है और सरकार ने इसे सितंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है.

उत्तर-पूर्व के लिए नई दिशा

मल्होत्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विजन केवल सड़क और पुल बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर-पूर्व को ‘दिल्ली से घर जैसी दिल्ली’ देने का है. अंत में उन्होंने कहा “यह प्रयास प्रधानमंत्री जी की उत्तर-पूर्व के प्रति संवेदनशीलता और दूरदर्शी सोच का परिणाम है. भारत माता की जय.”