सरकार साल में दो बार, जनवरी और जुलाई में DA बढ़ाती है. हालांकि, घोषणा देर से हो सकती है, लेकिन DA की गणना जनवरी और दिसंबर के AICPI-IW (महंगाई आंकड़ों) के आधार पर होती है.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो ।।
केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी दी है, सरकार ने केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 2% की बढ़ोतरी की मंजूरी दे दी है. केंद्रीय कैबिनेट बैठक में सरकार की ओर से यह बड़ा फैसला लिया गया है. इस बढ़ोतरी के साथ ही अब केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स का महंगाई भत्ता (DA) और पेंशनर्स का महंगाई राहत (DR) 53 फीसदी से बढ़कर 55 फीसदी हो जाएगा. यह बढ़ोतरी 7th Pay Commission के तहत की गई है. इससे लगभग 48.66 लाख सरकारी कर्मचारियों और 66.55 लाख पेंशनरों को फायदा होगा.
कितनी बढ़ जाएगी सैलरी
इस बार महंगाई भत्ते में 2% की बढ़ोतरी हुई है. यह बढ़ोतरी औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर महंगाई को ध्यान में रखकर की गई है, इस साल महंगाई पिछले साल के मुकाबले कम रही है. पिछले साल अक्टूबर में महंगाई भत्ते में 3% और मार्च में 4% की बढ़ोतरी हुई थी. पिछले साल अक्टूबर में 3% की बढ़ोतरी के बाद महंगाई भत्ता बेसिक सैलरी का 53% हो गया था. अब 2% की बढ़ोतरी के बाद यह बेसिक सैलरी का 55% हो गया है. इसका मतलब है कि अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 10,000 रुपये है, तो उसे अब महंगाई भत्ते के रूप में 5500 रुपये मिलेंगे.
और बढ़ेगी सैलरी!
सरकार ने आठवां वेतन आयोग भी बनाया है. इसे सरकार ने जनवरी में ही मंजूरी दे दी थी. यह आयोग सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और भत्तों में बदलाव करने के लिए बनाया गया है. उम्मीद है कि जल्द ही आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति हो जाएगी. डीए और डीआर में बदलाव तो साल में दो बार होता रहेगा, लेकिन यह शायद आखिरी बदलाव होगा क्योंकि इसके बाद आयोग अलग-अलग लोगों से बात करके अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा. कर्मचारी संगठन यह भी चाहते हैं कि DA और DR को बेसिक सैलरी में मिला दिया जाए. उनका कहना है कि ऐसा करने से कर्मचारियों को ज्यादा फायदा होगा.
क्या था पहले नियम?
पांचवें वेतन आयोग के समय नियम था कि जब डीए 50% से ज्यादा हो जाएगा तो उसे बेसिक सैलरी में मिला दिया जाएगा. सरकार ने साल 2004 में ऐसा किया भी था. लेकिन बाद में छठे और सातवें वेतन आयोग में इस नियम को बंद कर दिया गया. कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि सरकार फिर से उसी नियम को लागू करे. उनका कहना है कि इससे कर्मचारियों को बहुत फायदा होगा. कर्मचारी चाहते हैं कि अगले वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू होने से पहले डीए और डीआर को बेसिक सैलरी में मिला दिया जाए.