एनआईआई में 0.13 प्रतिशत की गिरावट और मार्जिन में कमी के बावजूद, एसबीआई ने पहली तिमाही में 30,544 करोड़ रुपये का परिचालन लाभ और 19.70 प्रतिशत ROI दर्ज किया
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो ।।
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में साल-दर-साल आधार पर शुद्ध मुनाफे में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है, जो 17,035 करोड़ रुपये से बढ़कर 19,160 करोड़ रुपये हो गया. बैंक की कुल आय 10.31 प्रतिशत बढ़कर 1.35 लाख करोड़ रुपये रही, जो एक साल पहले 1.22 लाख करोड़ रुपये थी.
हालांकि, मुख्य ब्याज आय में वृद्धि सुस्त रही. एसबीआई की शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर मामूली 0.13 प्रतिशत घटकर 41,072 करोड़ रुपये रही. एनआईआई में यह ठहराव आंशिक रूप से शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) में गिरावट के कारण था. बैंक का कुल एनआईएम 32 बेसिस प्वाइंट घटकर 2.90 प्रतिशत हो गया, जबकि घरेलू एनआईएम 33 बेसिस प्वाइंट घटकर 3.02 प्रतिशत पर आ गया.
इसके बावजूद, एसबीआई का परिचालन लाभ 15.49 प्रतिशत बढ़कर 30,544 करोड़ रुपये हो गया. यह सुधार मुख्य रूप से गैर-ब्याज आय में तेज वृद्धि के कारण हुआ, जो साल-दर-साल 55.40 प्रतिशत बढ़कर 17,346 करोड़ रुपये हो गई. इसमें फीस, ट्रेडिंग लाभ और अन्य गैर-कोर क्षेत्रों से आय में सुधार शामिल रहा.
मुख्य लाभप्रदता अनुपातों में मिश्रित रुझान देखने को मिला. परिसंपत्ति पर रिटर्न (RoA) 1.10 प्रतिशत से थोड़ा बढ़कर 1.14 प्रतिशत हो गया, जो बेहतर परिसंपत्ति उत्पादकता को दर्शाता है. वहीं, इक्विटी पर रिटर्न (RoE) 20.98 प्रतिशत से घटकर 19.70 प्रतिशत हो गया. लागत-से-आय अनुपात में सुधार हुआ, जो Q1 FY25 के 49.42 प्रतिशत से घटकर 47.71 प्रतिशत पर आ गया.
व्यापार के मोर्चे पर, सकल अग्रिम साल-दर-साल 11.61 प्रतिशत बढ़कर 42.55 लाख करोड़ रुपये हो गया. इस वृद्धि में विभिन्न श्रेणियों का योगदान रहा: खुदरा व्यक्तिगत ऋण 12.56 प्रतिशत बढ़ा, एसएमई ऋण 19.10 प्रतिशत, कृषि ऋण 12.67 प्रतिशत और कॉरपोरेट ऋण 5.70 प्रतिशत बढ़ा.
कुल जमा 11.66 प्रतिशत बढ़कर 54.73 लाख करोड़ रुपये हो गया. इसमें चालू खाता जमा 30.69 प्रतिशत बढ़ा, जबकि बचत जमा 4.71 प्रतिशत बढ़ा. बैंक का चालू और बचत खाता (CASA) अनुपात 39.36 प्रतिशत रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही में 40.70 प्रतिशत था.
संपत्ति की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ. सकल अनर्जक परिसंपत्ति (NPA) अनुपात 2.21 प्रतिशत से घटकर 1.83 प्रतिशत हो गया, जबकि शुद्ध एनपीए अनुपात 0.57 प्रतिशत से घटकर 0.47 प्रतिशत पर आ गया. प्रावधान कवरेज अनुपात (PCR) 74.49 प्रतिशत रहा (कलेक्शन के तहत खातों को शामिल करने पर 91.71 प्रतिशत), जबकि क्रेडिट लागत 0.47 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रही.
पूंजी की मजबूती के लिहाज से एसबीआई की स्थिति ठोस रही. 30 जून 2025 तक पूंजी पर्याप्तता अनुपात (CRAR) 14.63 प्रतिशत रहा, जबकि कॉमन इक्विटी टियर-1 (CET-1) अनुपात 11.10 प्रतिशत था. पहली तिमाही के मुनाफे को शामिल करने पर CRAR 15.16 प्रतिशत हो जाता है.