77वां गणतंत्र दिवस न केवल भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक परंपराओं का उत्सव है, बल्कि यह देश के भविष्य की दिशा तय करने का भी अवसर है.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो ।।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को देशवासियों को 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह अवसर एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक संकल्प को और मजबूत करेगा.
पीएम मोदी ने विकसित भारत का दोहराया संकल्प
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गणतंत्र दिवस ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को पाने के लिए नई ऊर्जा और उत्साह लेकर आए, उन्होंने इसे राष्ट्रीय एकता और सामूहिक प्रयासों का प्रतीक बताया.
गणतंत्र दिवस को बताया गौरव और सम्मान का प्रतीक
एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस भारत के सम्मान, गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक है. उन्होंने देशभर के नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय पर्व नए आत्मविश्वास को जन्म दे और विकसित भारत के प्रति प्रतिबद्धता को मजबूत करे.
10.30 बजे कर्तव्य पथ पर शुरू होगी गणतंत्र दिवस परेड
गणतंत्र दिवस परेड का आयोजन सुबह 10.30 बजे नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर किया जाएगा. परेड में सशस्त्र बलों की भव्य शक्ति प्रदर्शन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और रंग-बिरंगी झांकियां शामिल होंगी. ये झांकियां भारत की सांस्कृतिक विविधता और तकनीकी प्रगति को प्रदर्शित करेंगी.
‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ थीम पर आधारित समारोह
इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह की थीम ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’ रखी गई है. यह थीम राष्ट्रगीत वंदे मातरम के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में तय की गई है. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह थीम परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, झांकियों, जनभागीदारी अभियानों और विभिन्न प्रतियोगिताओं में दिखाई देगी.
ईयू के शीर्ष नेता होंगे मुख्य अतिथि
इस बार गणतंत्र दिवस परेड में यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन रविवार को भारत पहुंचे, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया.
27 जनवरी को भारत-ईयू वार्ता की संभावना
गणतंत्र दिवस समारोह के बाद 27 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी और यूरोपीय संघ के नेताओं के बीच अहम बातचीत होने की संभावना है. इस दौरान भारत–ईयू व्यापक रणनीतिक एजेंडा अपनाने के साथ-साथ क्षेत्रीय और बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की जाएगी.