भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन से हुई बातचीत को “बहुत अच्छी और विस्तृत” बताया और यूक्रेन के ताज़ा घटनाक्रम साझा करने के लिए धन्यवाद दिया
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो ।।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को चीन, भारत और कई पूर्व सोवियत देशों के नेताओं से फोन पर बात कर उन्हें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ होने वाली संभावित बैठक और यूक्रेन युद्ध पर चर्चा की जानकारी दी. पुतिन ने बुधवार को मॉस्को में ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ से मुलाक़ात की थी. क्रेमलिन ने संकेत दिया है कि पुतिन-ट्रंप शिखर वार्ता अगले हफ्ते तक हो सकती है, हालांकि तारीख, स्थान और एजेंडा अभी तय नहीं हुआ है.
चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने फोन पर रूस-अमेरिका वार्ता को लेकर संतोष जताया और यूक्रेन संकट के राजनीतिक समाधान को आगे बढ़ाने का समर्थन किया. सीसीटीवी के अनुसार, शी ने सितंबर में द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर पुतिन के चीन दौरे का भी ज़िक्र किया.
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुतिन से हुई बातचीत को “बहुत अच्छी और विस्तृत” बताया और यूक्रेन के ताज़ा घटनाक्रम साझा करने के लिए धन्यवाद दिया. यह कॉल ऐसे समय में हुई है जब ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ़ लगाने की घोषणा की है. अमेरिका का कहना है कि यह कदम भारत के रूसी तेल की ख़रीद जारी रखने के कारण उठाया गया है.
गुरुवार को पुतिन ने दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा से शांति प्रयासों पर चर्चा की, जिन्होंने स्थायी समाधान के लिए पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया. मॉस्को में पुतिन ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नहयान से भी मुलाक़ात की और यूएई को रूस-अमेरिका शिखर वार्ता के संभावित स्थल के रूप में सुझाया.
क्रेमलिन ने बताया कि पुतिन ने बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्ज़ेंडर लुकाशेंको के अलावा कज़ाख़स्तान और उज़्बेकिस्तान के नेताओं से भी विटकॉफ़ से हुई अपनी बैठक का परिणाम साझा किया.
रूस, चीन, भारत, दक्षिण अफ्रीका और यूएई — ये सभी ब्रिक्स समूह के सदस्य हैं, जिसे मॉस्को अमेरिकी राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव के संतुलन के रूप में देखता है.