PM मोदी का ट्रंप को करारा जवाब: किसानों और स्वदेशी उत्पादों के हित में नहीं होगा समझौता

PM मोदी का स्वतंत्रता दिवस का यह संबोधन केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि भारत की आर्थिक, कृषि और रणनीतिक स्वतंत्रता की दिशा में एक स्पष्ट संदेश था कि भारत किसी दबाव में झुकने वाला नहीं है.

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Friday, 15 August, 2025
BWHindi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए अमेरिका और खासकर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से व्यापारिक दबाव को सख्त शब्दों में खारिज कर दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपने किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के हितों से किसी भी हाल में समझौता नहीं करेगा.

अमेरिका द्वारा प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते में कृषि और डेयरी क्षेत्र को खोलने के दबाव के बीच प्रधानमंत्री का यह बयान बेहद अहम माना जा रहा है. वाशिंगटन लगातार भारत से सोयाबीन, बादाम, एथनॉल और डेयरी प्रोडक्ट्स पर टैरिफ कम करने की मांग कर रहा है, लेकिन मोदी सरकार ने इन मांगों को सीधे तौर पर नकारते हुए ‘नेशन फर्स्ट’ नीति को प्राथमिकता दी है.

किसानों के खिलाफ नीति के सामने दीवार बनकर खड़ा हूं : मोदी

अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने दो टूक कहा, “भारत के मछुआरों और पशुपालकों के खिलाफ जो भी नीति होगी, मैं उसके सामने दीवार बनकर खड़ा रहूंगा. देश के किसानों के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा.” इस बयान के बाद किसान संगठनों और नेता भी खुलकर समर्थन में आ गए हैं. हाल ही में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की किसान नेताओं से बैठक में मोदी सरकार के इस फैसले की प्रशंसा की गई.

स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर विशेष जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया. उन्होंने देश को आश्वस्त करते हुए कहा कि अब भारत अपने स्वदेशी लड़ाकू जेट इंजन और सेमीकंडक्टर बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. मोदी ने कहा, “हमारे युवा वैज्ञानिक, इंजीनियर और प्रतिभाशाली युवा अगर ठान लें तो मेड इन इंडिया जेट इंजन और सेमीकंडक्टर तैयार करना कोई मुश्किल नहीं, जो देश दूसरों पर निर्भर होता है, उसकी स्वतंत्रता स्थायी नहीं रह सकती.”

सेमीकंडक्टर उत्पादन में ऐतिहासिक छलांग

प्रधानमंत्री ने बताया कि देश में अब तक छह सेमीकंडक्टर यूनिट तैयार हो चुकी हैं और चार अन्य को मंजूरी दी गई है. उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष के अंत तक भारत अपना पहला घरेलू सेमीकंडक्टर बाजार में उतार देगा. उन्होंने आगे कहा, “50 साल पहले यह सपना देखा गया था, लेकिन फाइलें दब गई थीं. आज भारत न केवल उस सपने को साकार कर रहा है, बल्कि ताइवान, अमेरिका, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे देशों से प्रतिस्पर्धा करने को भी तैयार है.”

ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी

पीएम मोदी ने सौर ऊर्जा की उपलब्धियों की चर्चा करते हुए बताया कि पिछले 11 वर्षों में भारत में सोलर एनर्जी का उत्पादन 30 गुना बढ़ा है. उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में विदेशी निर्भरता को खत्म करने और पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधनों में आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता पर जोर दिया.