स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को सराहा, Indus जल संधि निलंबन को बताया किसानों का अधिकार
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो ।।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को 79वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए साफ शब्दों में कहा, “हम अब न्यूक्लियर ब्लैकमेल बर्दाश्त नहीं करेंगे.” यह उनका लगातार 12वां स्वतंत्रता दिवस भाषण था.
तिरंगा फहराने के बाद पीएम मोदी ने स्वतंत्रता पर्व को “140 करोड़ संकल्पों का पर्व” बताते हुए सभी देशवासियों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि बीते 75 वर्षों से संविधान देश का मार्गदर्शन “एक लाइटहाउस की तरह” कर रहा है.
पीएम मोदी ने अप्रैल 22 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले (जिसमें 26 लोगों, ज्यादातर पर्यटकों की, जान गई) के बाद शुरू किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय सशस्त्र बलों की सफलता की प्रशंसा की. उन्होंने बताया कि हमले के बाद सेना को रणनीति और लक्ष्य तय करने की पूरी छूट दी गई थी, और उन्होंने वह कर दिखाया जो दशकों से नहीं हुआ था.
मोदी ने 6-7 मई की रात को भारतीय बलों द्वारा पाकिस्तान में किए गए नुकसान का जिक्र करते हुए कहा कि तबाही इतनी बड़ी थी कि आज भी नई जानकारियां सामने आ रही हैं. उन्होंने कहा कि भारत दशकों से आतंकवाद सहता रहा है, लेकिन अब “नया सामान्य” तय हो चुका है—आतंकवाद को उसके समर्थकों से अलग नहीं किया जाएगा.
पीएम मोदी ने पाकिस्तान के साथ कूटनीतिक रिश्तों में कमी के बाद इंदुस जल संधि को निलंबित करने के फैसले का समर्थन किया. उन्होंने कहा, “खून और पानी अब साथ नहीं बहेंगे.” संधि को एकतरफा और अन्यायपूर्ण बताते हुए प्रधानमंत्री ने दावा किया कि देश के हिस्से के इंदुस नदी के पानी पर भारत और किसानों का “पूर्ण अधिकार” है.