मोदी ने बांटे 51,000 नियुक्ति पत्र, बोले - मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप्स से बन रहे करोड़ों रोज़गार

Rs 1 लाख करोड़ की एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड स्कीम से बनेगी 3.5 करोड़ नौकरियां; पीएलआई और मिशन मैन्युफैक्चरिंग से तेज़ हुई औद्योगिक वृद्धि

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Saturday, 12 July, 2025
BWHindi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिये सरकार की रोज़गार मेला पहल के तहत 51,000 से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए और कहा कि भारत का मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप इकोसिस्टम करोड़ों रोज़गार उत्पन्न कर रहा है. आगामी बजट चक्र से पहले सरकार का यह कदम रोज़गार सृजन पर उसके केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है.

पीएम मोदी ने नव-नियुक्त सरकारी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा, “भारत की जनसांख्यिकीय ताकत और लोकतांत्रिक नींव दो असीम शक्तियां हैं, जो देश की प्रगति को आगे बढ़ा रही हैं. रोजगार मेलों के ज़रिये लाखों युवाओं को पहले ही स्थायी सरकारी नौकरियां मिल चुकी हैं, और अब ये युवा देश निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.”

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, रोज़गार मेला अब तक देशभर में 1 करोड़ से अधिक नियुक्ति पत्र जारी कर चुका है. नई भर्तियां रेलवे, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य और श्रम मंत्रालय जैसे विभागों में की जा रही हैं.

मोदी ने बताया कि पीएलआई (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) योजना और बजट में घोषित मिशन मैन्युफैक्चरिंग जैसे कार्यक्रम औद्योगिक वृद्धि और नौकरियों को नई गति दे रहे हैं. उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग 11 सालों में ₹11 लाख करोड़ तक पहुंच चुकी है। मोबाइल निर्माण संयंत्रों की संख्या 5 से बढ़कर 300 हो गई है.

रक्षा विनिर्माण ₹1.25 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है, जबकि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकोमोटिव निर्माता बन चुका है और रेल कोच व मेट्रो ट्रेनों का प्रमुख निर्यातक भी. ऑटोमोबाइल क्षेत्र में पिछले 5 वर्षों में USD 40 बिलियन का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया है, जिससे नए कारखाने, रिकॉर्ड वाहन बिक्री और लाखों नौकरियां सृजित हुई हैं.

प्रधानमंत्री ने युवाओं को औपचारिक क्षेत्र में रोजगार दिलाने के लिए ₹1 लाख करोड़ की एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम की घोषणा की. इसके तहत पहली नौकरी पाने वाले युवाओं के पहले वेतन में ₹15,000 तक का योगदान दिया जाएगा। इस योजना से करीब 3.5 करोड़ नौकरियों के सृजन की उम्मीद है.

मोदी ने कहा कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स और डिजिटल सेवाओं की मांग देश में रोजगार के अवसरों को बढ़ा रही है. हाल ही में उनकी पांच देशों की विदेश यात्रा के दौरान रक्षा, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऊर्जा और रेयर अर्थ्स जैसे क्षेत्रों में हुए समझौतों से युवाओं को दूरगामी लाभ मिलेगा.

पीएम मोदी ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत, उज्ज्वला गैस कनेक्शन, रूफटॉप सोलर, और 'नमो ड्रोन दीदी' जैसी योजनाएं निर्माण श्रमिकों, तकनीशियनों, डिलीवरी एजेंटों और महिला उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा कर रही हैं.

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