ग्रीन एनर्जी ट्रांसफॉर्मेशन के लिए ONGC ने उठाया ये कदम!

ONGC द्वारा उठाये गए इस कदम की बदौलत हमें भविष्य में ज्यादा बेहतर और क्लीन एनर्जी मिल सकती है.

Last Modified:
Saturday, 14 October, 2023
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ONGC (Oil And Natural Gas Corporation) ने अपने ग्रीन एनर्जी ट्रांसफॉर्मेशन के लिए CCUS (कार्बन कैप्चर, यूटिलाइजेशन, और स्टोरेज) को एक सैद्धांतिक कारक के रूप में पहचाना है. अहमदाबाद में स्थित ONGC का IRS (इंस्टिट्यूट ऑफ रिजर्वायर स्टडीज) इस पूरी पहल में सबसे महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. 

ONGC के लक्ष्य के अनुरूप है यह फैसला
ONGC के नेट जीरो 2038 इनिशिएटिव के अनुरूप IRS ने एक काफी महत्त्वपूर्ण उपलब्धि प्राप्त की है. IRS ने हाल ही में सफल रूप से CO2 कोर-फ्लड एपरेटस (CO2 core-flood Apparatus) इनस्टॉल किया है. यह स्टेट-ऑफ-आर्ट एपरेटस IRS के गैस इंजेक्शन और CCUS लैब में काफी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा. इसकी मदद से CCUS से संबंधित एडवांस्ड स्टडी और प्रयोग भी बढ़ेंगे और CCUS से संबंधित टेक्नोलॉजी को विकसित करने में IRS एक महत्त्वपूर्ण खिलाड़ी भी बन जाएगा. 

एपरेटस के स्पेशल फीचर्स 
हाल ही में प्राप्त हुआ यह CO2 कोर फ्लड एपरेटस भूमिगत जलाशयों की नकल करके डिजाईन किया गया है जिससे CO2 की जांच करने में और फिजिकली इसे संभालने में मदद मिलती है. इस उपकरण के महत्त्वपूर्ण फीचर्स में सूक्ष्म नियंत्रण, हाई-क्वालिटी इमेजिनिंग, और Ph की रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसे फीचर्स शामिल हैं. इस उपकरण का निर्माण जंग रहित हेस्टलॉय मटेरियल से किया गया है जिसकी बदौलत यह काफी लंबे समय तक काम करेगा. यह उपकरण 150 डिग्री सेल्सियस और 10,000 psi प्रेशर तक सफल रूप से काम कर सकता है. 

ये होगा फायदा
CO2 कोर फ्लड एपरेटस को इनस्टॉल करना CCUS को लागू करने में ONGC द्वारा उठाये गए महत्त्वपूर्ण कदमों में से एक है. इस एपरेटस की मदद से IRS में मौजूद भूवैज्ञानिकों को भूवैज्ञानिक संरचनाओं में मौजूद CO2 के बर्ताव को समझने में मदद मिलेगी और इसकी बदौलत ही भविष्य में हम ज्यादा बेहतर और क्लीन एनर्जी की तरफ बढ़ पायेंगे.
 

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