ब्रेंट 67.74 डॉलर और डब्ल्यूटीआई 63.79 डॉलर प्रति बैरल पर फिसला, रूस से आयात पर भारत को चुनौती
by
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो ।।
गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई क्योंकि निवेशकों ने अमेरिका में ईंधन की मांग के आउटलुक का आकलन किया. गर्मियों के ड्राइविंग सीजन के अंत के करीब पहुंचने से खपत धीमी पड़ने की आशंका है. साथ ही भारत पर अमेरिकी टैरिफ के दबाव के चलते रूसी तेल आपूर्ति में संभावित बदलावों को भी बाजार तौल रहा है.
ब्रेंट क्रूड वायदा 31 सेंट या 0.46% गिरकर 67.74 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 36 सेंट या 0.56% घटकर 63.79 डॉलर प्रति बैरल पर रहा. इससे पहले दोनों बेंचमार्क्स पिछले सत्र में 1% से ज्यादा चढ़े थे.
अमेरिकी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 22 अगस्त को समाप्त सप्ताह में कच्चे तेल के भंडार 24 लाख बैरल घटे. यह गिरावट विश्लेषकों के अनुमानित 19 लाख बैरल से ज्यादा रही और लेबर डे हॉलिडे वीकेंड से पहले मांग के मजबूत रहने का संकेत देती है.
फिर भी ट्रेडर्स का कहना है कि कीमतों को तकनीकी स्तर पर चुनौतियां हैं. डब्ल्यूटीआई के लिए 64-65 डॉलर पर रेजिस्टेंस और 60 डॉलर पर सपोर्ट देखा जा रहा है.
भू-राजनीतिक मोर्चे पर भी ध्यान केंद्रित है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को भारत से आयात पर टैरिफ दोगुना कर अधिकतम 50% कर दिया. यह कदम नई दिल्ली पर रूस से तेल खरीद रोकने का दबाव बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
उधर, न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जॉन विलियम्स ने कहा कि ब्याज दरों में कटौती भविष्य में संभव है, लेकिन 16-17 सितंबर की बैठक से पहले नीति निर्माताओं को और आंकड़ों की जरूरत है.