NESt Fest 2025 : उद्यमिता से पर्यावरण तक, युवा बन रहे हैं भविष्य के निर्माता

नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स फेस्ट 2025 ने न केवल पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक विविधता को एक मंच दिया बल्कि भारत के युवाओं की सोच, जिम्मेदारी और नेतृत्व क्षमता का सशक्त प्रदर्शन भी किया.

रितु राणा by
Published - Saturday, 04 October, 2025
Last Modified:
Saturday, 04 October, 2025
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नई दिल्ली के टॉकाटोरा इंडोर स्टेडियम में दो दिवसीय 8वें नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स फेस्टिवल (NESt. Fest 2025) का आयोजन हुआ. ‘माय होम इंडिया’ द्वारा आयोजित इस उत्सव में देश-विदेश से आए 25,000 से अधिक छात्रों, नीति-निर्माताओं, कलाकारों और नेताओं ने भाग लिया. इस वर्ष का आयोजन विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा क्योंकि यह ‘माय होम इंडिया’ के 20 वर्षों की राष्ट्रीय एकता को समर्पित यात्रा के साथ मेल खाता है.

संस्कृति से जलवायु तक: युवाओं का संकल्प

फेस्टिवल की इस वर्ष का थीम “संस्कृति से जलवायु तक: युवाओं का संकल्प” थी. दो दिनों के दौरान छात्रों ने वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार साझा किए, वहीं दर्शकों ने पूर्वोत्तर भारत के सभी आठ राज्यों के साथ ओडिशा और छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक झलकियों का आनंद लिया. पारंपरिक नृत्य और संगीत प्रस्तुतियों ने दर्शकों से भरपूर तालियां बटोरीं. सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद संगीत मंच पर रितो रिबा, शंकराज कोंवर, एंजेलिया मारवीन, लिलाक एंड जैक्स, केएल पामेई, टेटे सापम समेत कई कलाकारों के प्रदर्शन ने पूरे स्टेडियम को देर रात तक झूमने पर मजबूर कर दिया.

जुबीन गर्ग को विशेष श्रद्धांजलि

फेस्टिवल के पहले दिन का आकर्षण रहा दिग्गज कलाकार *जुबीन गर्ग* को दी गई श्रद्धांजलि, जिनके संगीत ने पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और युवा कलाकारों को प्रेरित किया.

युवाओं की सोच, सतत विकास पर केंद्रित

कार्यक्रम में ‘अरुणोदय’ नामक तकनीकी सत्र भी शामिल था, जहां छात्रों ने सस्टेनेबिलिटी, उद्यमिता और पर्यावरणीय दृढ़ता पर अपने व्यावहारिक विचार प्रस्तुत किए. इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मिजोरम के राज्यपाल जनरल वी.के. सिंह (सेवानिवृत्त), दक्षिण अफ्रीका के उच्चायुक्त प्रो. अनिल सुकलाल, ‘माय होम इंडिया’ के संस्थापक और भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय सचिव सुनील देओधर, केंद्रीय राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा, उत्तर प्रदेश के खेल व युवा मामलों के मंत्री गिरीश यादव और लोकसभा सदस्य बंसुरी स्वराज शामिल हुए. इन सभी की उपस्थिति ने उत्सव को संस्कृति, नीति और युवा आकांक्षाओं का वास्तविक संगम बना दिया.

इस मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा,“नॉर्थ ईस्ट फेस्ट दोस्ती, संस्कृति और युवा ऊर्जा का उत्सव है. मुझे गर्व है कि दिल्ली इस आयोजन की मेजबानी कर रही है, जहां पूर्वोत्तर के युवा अपने विचार, प्रतिभा और परंपराएं लेकर आते हैं. दिल्ली आपकी भी उतनी ही है जितनी किसी और की. शिक्षा, अवसर या सुरक्षा दिल्ली सरकार हमेशा आपके साथ खड़ी है. अगले संस्करण से यह उत्सव दिल्ली सरकार के साथ मिलकर और भी बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा.”

‘माय होम इंडिया’ के संस्थापक सुनील देओधर ने कहा, “जुबीन दा को श्रद्धांजलि देते हुए मैं कहना चाहूंगा कि हमारे युवा प्रतिभागियों का आत्मविश्वास और स्पष्ट सोच वास्तव में प्रेरणादायक है. वे बदलाव का इंतजार नहीं कर रहे, बल्कि खुद बदलाव के वाहक हैं. यही भाव ‘विकसित भारत’ के निर्माण में मार्गदर्शक बनेगा.” उन्होंने आगे कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर भारत आज भारत की विकास गाथा का अग्रणी क्षेत्र बन चुका है. कनेक्टिविटी, सांस्कृतिक पहचान और सशक्तिकरण पर केंद्रित सरकारी नीतियों ने न केवल भौगोलिक दूरी घटाई है बल्कि भावनात्मक बंधन भी मजबूत किए हैं. नॉर्थ ईस्ट फेस्ट जैसी पहल एक नए भारत की झलक है विविधता में एकता, गर्व और उद्देश्य के साथ आगे बढ़ता भारत. यह ‘जनजातीय गौरव वर्ष’ को समर्पित एक गर्वपूर्ण श्रद्धांजलि है.”

मिजोरम के राज्यपाल जनरल वी.के. सिंह ने कहा, यह फेस्टिवल अब एक प्रमुख मंच बन गया है जो छात्रों, कलाकारों, संस्कृति और उत्तर-पूर्व की जीवंतता को सामने लाता है. इस वर्ष का विषय “संस्कृति से जलवायु तक युवा संकल्प” समयानुकूल और दूरदर्शी है, क्योंकि उत्तर-पूर्व भारत पर्यावरण से गहराई से जुड़ा हुआ है. उन्होंने मिजोरम सहित सभी उत्तर-पूर्वी राज्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां की परंपराएं, त्योहार, संगीत और जीवनशैली हमेशा प्रकृति के साथ सामंजस्य में रही हैं. यही संदेश पूरे भारत और विश्व को देना चाहिए ताकि सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित हो सके. उन्होंने कहा कि उत्तर-पूर्व का युवा पीढ़ी पारंपरिक “इकोलॉजिकल विजडम” की धरोहर लेकर चल रही है और इसे आगे साझा करना उनकी जिम्मेदारी है.