कॉर्पोरेट टैक्स से ₹2 लाख करोड़ और व्यक्तिगत आयकर से ₹3.45 लाख करोड़ की आमदनी; रिफंड में 38% की तेज़ी
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो ।।
वित्त मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में 10 जुलाई तक देश का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह (नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन) 1.34 प्रतिशत घटकर ₹5.63 लाख करोड़ रह गया है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह ₹5.70 लाख करोड़ था. यह गिरावट मुख्य रूप से कर रिफंड्स में तेज़ बढ़ोतरी के चलते दर्ज की गई है.
रिफंड्स में इस साल अब तक 38 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और कुल ₹1.02 लाख करोड़ की राशि टैक्सदाताओं को लौटाई गई है. इसके चलते नेट टैक्स कलेक्शन पर असर पड़ा है, हालांकि सकल कर संग्रह (ग्रोस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन) में बढ़त देखने को मिली है.
आंकड़ों के मुताबिक, सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹6.65 लाख करोड़ रहा है, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹6.44 लाख करोड़ था। यानी इसमें 3.17 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. इस साल 10 जुलाई तक के आंकड़ों में से ₹2 लाख करोड़ कॉर्पोरेट टैक्स से प्राप्त हुए हैं, जबकि ₹3.45 लाख करोड़ का संग्रह गैर-कॉर्पोरेट स्रोतों से हुआ है, जिसमें व्यक्तिगत आयकर, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) और फर्मों से मिलने वाला टैक्स शामिल है.
इस दौरान सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) से कुल ₹17,874 करोड़ की वसूली हुई है.
सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए कुल ₹25.20 लाख करोड़ के प्रत्यक्ष कर संग्रह का लक्ष्य तय किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.7 प्रतिशत अधिक है. इसमें से ₹78,000 करोड़ केवल STT के रूप में जुटाने की योजना है. भले ही साल की शुरुआत में टैक्स रसीदों में थोड़ी गिरावट दिख रही हो, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि टैक्स रिफंड प्रक्रिया में तेज़ी से सुधार हुआ है और आगे चलकर स्थिति संतुलित हो जाएगी. सरकार को उम्मीद है कि कॉर्पोरेट कमाई में सुधार और मजबूत आर्थिक संकेतकों के चलते वर्ष की दूसरी छमाही में टैक्स संग्रह गति पकड़ेगा, जिससे वित्तीय लक्ष्यों को पूरा किया जा सकेगा.