एक रिपोर्ट में बताया गया है कि Millennials और GenZ पी2पी लेंडिंग में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं. इसमें यूपीआई उनके लिए एक पसंदीदा पेमेंट मेथड के रूप में उभरा है.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो ।।
लेनदेन क्लब (LenDenClub) की "मैनुअल लेंडिंग पल्स" रिपोर्ट के अनुसार भारत में पीयर टू पीयर (P2P) लेंडिंग प्लेटफॉर्म के विकास में मिलेनियल्स (Millennials) और जनरेशन जेड (Gen Z) का बड़ा योगदान है. दरअसल, इसमें 61 प्रतिशत लेंडर्स की उम्र 40 साल से कम है. यह प्रमुख स्टडी लेंडर्स के व्यवहार और पी2पी लेंडिंग क्षेत्र में ट्रेंड्स को उजागर करता है, जो युवा निवेशकों और डिजिटल भुगतान प्रणालियों के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है.
60 प्रतिशत से अधिक लेंडर्स को मिला 20 प्रतिशत से अधिक रिटर्न
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 36 प्रतिशत लेंडर्स की उम्र 26-35 वर्ष के बीच है, जबकि 25 प्रतिशत लेंडर्स की उम्र 36-45 वर्ष है. इसके अलावा, यह भी उल्लेख किया गया कि 60 प्रतिशत से अधिक लेंडर्स ने 20 प्रतिशत से अधिक रिटर्न प्राप्त किया, जिससे पी2पी लेंडिंग पारंपरिक निवेश विकल्पों का एक प्रतिस्पर्धी विकल्प बन गया है. हालांकि, 14 प्रतिशत प्रतिभागियों ने आंशिक नुकसान की रिपोर्ट दी, जो क्षेत्र के अंतर्निहित जोखिमों को उजागर करता है.
सबसे टॉप कांट्रीब्यूटर महाराष्ट्र
महाराष्ट्र प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में उभरा है, जहां 23 प्रतिशत लेंडिंग वॉल्यूम और 40 प्रतिशत लेंडर संख्या का है. इसके बाद कर्नाटका का स्थान है जो 20 प्रतिशत पर है. दिलचस्प बात यह है कि बिहार और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों ने भी महत्वपूर्ण गतिविधि रिपोर्ट की, जो इस क्षेत्र की पहुंच को आर्थिक रूप से विकसित क्षेत्रों के बाहर दर्शाता है.
लेंडर बेस में पुरुषों का दबदबा
लेंडर बेस में पुरुषों का दबदबा है, जो 72 प्रतिशत वॉल्यूम का योगदान करते हैं, जबकि महिलाएं 21 प्रतिशत का योगदान करती हैं, जो पी2पी लेंडिंग में महिला भागीदारी के बढ़ते रुझान को दर्शाता है. रिपोर्ट में डिजिटल सॉल्यूशंस जैसे यूपीआई के महत्व को भी रेखांकित किया गया है, जिसे 90 प्रतिशत लेंडर्स लेनदेन के लिए उपयोग करते हैं, जो सुविधा और दक्षता की ओर एक बदलाव को दर्शाता है. शॉर्ट टर्म कमिटमेंट्स भी पसंद की जाती हैं, जिसमें 34 प्रतिशत लेंडर्स तीन महीने की अवधि को चुनते हैं, जो तेजी से रिटर्न और सक्रिय फंड प्रबंधन के लिए बढ़ती हुई भूख को दर्शाता है.
पी2पी लेंडिंग लोगों को आकर्षक रिटर्न के साथ बना रहा सशक्त
लेनदेन क्लब के सह-संस्थापक और सीईओ भाविन पटेल ने कहा कि भारत में मैनुअल लेंडिंग, जहां व्यक्ति विशिष्ट लोन को फंड करने के लिए चयन करते हैं, एक लोकप्रिय विकल्प बनता जा रहा है. यह रिपोर्ट इस बात का प्रमाण है कि पी2पी लेंडिंग कैसे व्यक्तियों को आकर्षक रिटर्न के साथ सशक्त बनाता है, जबकि वित्तीय समावेशन को उन क्षेत्रों में बढ़ावा देता है, जिन्हें पर्याप्त सेवाएं नहीं मिल पा रही हैं. यह रिपोर्ट नवंबर 2023 से अक्टूबर 2024 तक 13,107 लेंडर्स के डेटा पर आधारित है, जोकि पी2पी प्लेटफॉर्म्स की क्षमता को उजागर करती है जो वित्तीय अंतर को पाटने और वैकल्पिक वित्तपोषण समाधानों की पेशकश करती है, जो भारत के विकसित हो रहे वित्तीय परिदृश्य में अपनी भूमिका को मजबूत करती है.