लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगातार अग्निवीर योजना को लेकर मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा करते आए हैं.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो ।।
लोकसभा चुनाव के नतीजों और राहुल गांधी के (Rahul Gandhi) लगातार किए जा रहे हमलों का असर है कि केंद्र सरकार अग्निवीर योजना में बदलाव पर विचार कर रही है. एक रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा मंत्रालय ने तीनों सेना प्रमुखों से पूछा है कि क्या वे 25% से ज्यादा अग्निवीरों को स्थाई करने में सक्षम हैं? सेना प्रमुख जल्द इस बारे में सरकार को अपनी राय सौंप सकते हैं. बता दें कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी लगातार इस योजना पर सवाल उठाते रहे हैं. उन्होंने इसे युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ भी करार दिया है.
सरकार को जल्द सौंपेंगे अपनी राय
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि कोरोना काल में आर्मी, एयरफोर्स और नेवी में भर्ती नहीं होने के कारण तीनों सेनाओं में जवानों के पद रिक्त हैं, इसलिए आने वाले दिनों में 25 प्रतिशत से ज्यादा अग्निवीरों को स्थायी किया जा सकता है. वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने बताया कि सरकार ने तीनों सेनाओं से इस बारे में पूछा है. हम इस पर परामर्श कर रहे हैं और जल्द अपनी राय सरकार को सौंपेंगे.
योजना में अभी क्या है व्यवस्था?
केंद्र सरकार ने 2022 में अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी. इसके तहत तीनों सेनाओं में केवल चार साल के लिए अग्निवीरों की भर्ती की जाती है. चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर अधिकतम 25 प्रतिशत तक अग्निवीरों को स्स्थायी किया जाता है. हालांकि, इसके लिए उन्हें अलग से एक टेस्ट पास करना होता है. अब सरकार 25% से अधिक अग्निवीरों को स्थायी कर सकती है.
अगले साल कार्यमुक्त होगा पहला बैच
अग्निवीर योजना को लेकर विपक्ष लगातार सरकार को निशाना बना रहा है. इसलिए सरकार पर भी योजना में सुधार का दबाव है. राहुल गांधी लगातार इस मुद्दे पर सरकार को घेर रहे हैं. उन्होंने हाल ही में कहा था कि मोदी सरकार की इस योजना को सेना पर थोपा गया है. जबकि सरकार इसका बचाव करती आई है. हालांकि, लोकसभा चुनाव के नतीजों ने उसे अग्निवीर योजना में बदलाव के लिए काफी हद तक मजबूर कर दिया है. गौरतलब है कि अग्निवीरों का पहला बैच 2026 में कार्यमुक्त होगा.