मोदी सरकार का यू टर्न, लेटरल एंट्री पर लगाई रोक, PM के आदेश पर फैसला बदला

इस वैकेंसी का राहुल गांधी ने भी विरोध किया था, राहुल ने कहा था- लेटरल एंट्री के जरिए खुलेआम SC-ST और OBC वर्ग का हक छीना जा रहा है.

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Tuesday, 20 August, 2024
BWHindi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर केंद्र सरकार में लेटरल एंट्री पर रोक लगा दी गई है. UPSC से कहा गया है कि वो लेटरल एंट्री से नियुक्ति न करे. कार्मिक विभाग के मंत्री जितेंद्र सिंह ने UPSC चेयरमैन प्रीति सूदन को पत्र लिखकर कहा है कि इस नीति को लागू करने में सामाजिक न्याय और आरक्षण का ध्यान रखा जाना चाहिए. दरअसल, लेटरल एंट्री में आरक्षण का मुद्दा कांग्रेस पार्टी ने उठाया जिसके बाद एनडीए के सहयोगियों जेडीयू और एलजेपी (रामविलास) ने भी आपत्ति जताई. लोकसभा चुनावों में आरक्षण के मुद्दे पर तगड़ा झटका खा चुकी बीजेपी ने इस मुद्दे पर राजनीति गरमाने से पहले कदम वापस ले लिया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर लगी रोक

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने आगे कहा कि मौजूदा सरकार 'लेटरल एंट्री' की प्रक्रिया को संस्थागत, पारदर्शी और खुला बनाने का प्रयास कर रही है, उन्होंने जोर देकर कहा कि यह प्रक्रिया हमारे संविधान में निहित समानता और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप होनी चाहिए. मंत्री ने विशेष रूप से आरक्षण के प्रावधानों का जिक्र किया और कहा कि प्रधानमंत्री का मानना है कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण हमारे सामाजिक न्याय की नींव है, जिसका लक्ष्य ऐतिहासिक अन्यायों को दूर करना और समावेशी समाज बनाना है.

मंत्री ने चिट्ठी में कांग्रेस को दिखाया आईना

विभागीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने UPSC चेयरमैन को लिखे अपने पत्र में कहा है कि केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर 'लेटरल एंट्री' के जरिए लोगों को नियुक्त किया जा रहा है. हाल ही में यूपीएससी ने केंद्र सरकार के विभिन्न स्तरों पर 'लेटरल एंट्री' के लिए विज्ञापन जारी किया था. मंत्री ने अपनी चिट्ठी में कांग्रेस सरकारों में बिना आरक्षण के लेटरल एंट्री का भी जिक्र किया. उन्होंने लिखा कि कई मंत्रालयों और यूआईडीएआई के प्रमुखों जैसे पदों पर बिना आरक्षण की प्रक्रिया का पालन किए ही भर्तियां की गई थीं. यह बात भी किसी से छिपी नहीं है कि किस तरह कुख्यात राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (NAC) के सदस्य प्रधानमंत्री कार्यालयल (PMO को नियंत्रित करने के लिए सुपर-ब्यूरोक्रेसी की तरह संचालित हो रहे थे.

UPSC ने निकाली थी वैकेंसी

संघ लोकसेवा आयोग (UPSC) की ओर से पिछले हफ्ते 17 अगस्त को 45 पदों के लिए लेटरल एंट्री के जरिए वैकेंसी निकाली गई थी. ये भर्तियां विभिन्न मंत्रालयों में सचिव और उपसचिव पदों को लेकर निकाली गई थी. हालांकि इसमें आरक्षण की व्यवस्था नहीं की गई थी. इससे पहले लेटरल एंट्री के जरिये लोक सेवकों की भर्ती को लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कल सोमवार को भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि बीजेपी का रामराज्य का विकृत संस्करण संविधान नष्ट करना चाहता है और बहुजनों से उसके आरक्षण का हक छीनना चाहता है.