मालदीव का विपक्ष मोहम्मद मुइज्जू सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहा है. वहीं, मालदीव के बहिष्कार का अभियान भी तेज हो गया है.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो ।।
भारत को नाराज करना मालदीव की मोहम्मद मुइज्जू सरकार को बहुत भारी पड़ने वाला है. मालदीव के बायकॉट को लेकर तो अभियान चल ही रहा है. इस बीच, विपक्षी दल ने मुइज्जू सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की है. विपक्ष राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू को सत्ता से हटाना चाहता है, इसलिए उसने अविश्वास प्रस्ताव की मांग की है. दरअसल, अब तक मालदीव के रिश्ते भारत के साथ काफी अच्छे रहे हैं. मालदीव की अर्थव्यवस्था काफी हद तक भारतीय पर्यटकों पर निर्भर करती है. विपक्षी नेता जानते हैं कि यदि इंडियन टूरिस्ट मालदीव से मुंह मोड़ लेते हैं, तो पूरा मुल्क गंभीर संकट में फंस जाएगा.
तुरंत माफी मांगे सरकार
मालदीव के पूर्व उपराष्ट्रपति ने का कहना है कि मालदीव की मौजूदा सरकार को भारत से माफी मांगनी चाहिए. वहीं, संसदीय अल्पसंख्यक नेता अली अजीम ने सोशल मीडिया पर लिखा है - हम डेमोक्रेट्स देश की विदेश नीति की स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं. क्या आप राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू को सत्ता से हटाने की इच्छा रखते हैं? क्या मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP) अविश्वास प्रस्ताव में मतदान के लिए तैयार है? हालांकि, मालदीव सरकार ने PM मोदी और भारत के खिलाफ बदजुबानी करने वाले अपने तीनों मंत्रियों को सस्पेंड कर दिया है, लेकिन भारतीयों का गुस्सा इससे कम होने वाला नहीं है. वह सरकार की माफी और तीनों की बर्खास्तगी चाहते हैं.
We, d Democrats, r dedicated to upholding d stability of the nation's foreign policy n preventing d isolation of any neighboring country.
— ??? ???? (@aliaazim) January 8, 2024
R u willing to take all necessary steps to remove prez @MMuizzu from power? Is @MDPSecretariat prepared to initiate a vote of no confidence?
इस तरह शुरू हुआ विवाद
अली अजीम MDP पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम सोलिह की पार्टी 'द डेमोक्रेट' पार्टी के सांसद हैं. पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद भी इसी पार्टी से हैं. मोहम्मद मुइज्जू से पहले सोलिह मालदीव के राष्ट्रपति थे. बता दें कि इस पूरे मामले की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्षद्वीप दौरे के बाद हुई थी. पीएम मोदी ने लक्षद्वीप का दौरा करने के बाद एक वीडियो शेयर किया था. उन्होंने भारतीयों से अपील की थी कि वह यहां घूमने के लिए आएं. इसके बाद सोशल मीडिया पर लोग कहने लगे कि लाखों रुपए खर्च कर मालदीव जाने से बेहतर होगा कि लक्षद्वीप जाएं. बस इसी बात से मालदीव के मंत्री माल्शा शरीफ, मरियम शिउना और अब्दुल्लाह महजूम माजिद नाराज हो गए और आपत्तिजनक पोस्ट कर बैठे. इन मंत्रियों ने PM मोदी के खिलाफ टिप्पणी की साथ ही भारत में पर्यटन को लेकर भी कमेंट किए थे.
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अब तक इतनी बुकिंग रद्द
एक रिपोर्ट के अनुसार, करीब 15 हजार लोग अब तक मालदीव की बुकिंग रद्द करा चुके हैं. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह आंकड़ा काफी बड़ा हो सकता है. ऑनलाइन ट्रैवल पोर्टल कंपनी EaseMyTrip तो पहले ही मालदीव की सभी फ्लाइट बुकिंग रद्द कर चुकी है. साथ ही उसका कहना है कि वो आगे भी मालदीव की कोई बुकिंग नहीं लेगी. कुछ दूसरी कंपनियां के भी EaseMyTrip की राह चलने की संभावना जताई जा रही है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि BoycottMaldives से मालदीव का पर्यटन प्रभावित होगा. मालदीव को सबक सिखाने के लिए चलाये जा रहे ऑनलाइन अभियान में कई सेलेब्रिटीज भी शामिल हो गए हैं. सचिन तेंदुलकर से लेकर फिल्मी दुनिया के कई बड़े नामों ने लक्षद्वीप में पर्यटन को बढ़ावा देने का समर्थन किया है. वे #ExploreIndianIsland का हिस्सा बन गए हैं. इन हस्तियों के सोशल मीडिया पर करोड़ों फॉलोअर्स हैं, ऐसे में उनकी अपील खाली जाए, इसकी संभावना बेहद कम है.