ईरानी कमांडर ने दी चेतावनी, कहा सैन्य जवाब सिर्फ शुरुआत है
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो ।।
अमेरिका द्वारा ईरान के भूमिगत परमाणु ठिकानों पर किए गए हवाई हमलों के बाद, ईरान अब होरमुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने पर विचार कर रहा है. यह जानकारी रविवार को मीडिया रिपोर्ट में सामने आई. यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, और इसके बंद होने से यूरोप समेत पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ सकता है.
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर और सांसद सरदार इस्माईल कोसरी ने स्थानीय मीडिया को बताया कि जलडमरूमध्य को बंद करने का विकल्प विचाराधीन है. उन्होंने कहा, “ईरान दृढ़ निश्चय के साथ सबसे उपयुक्त फैसला करेगा.”
कोसरी ने कहा, “दुश्मन को सज़ा देने के लिए हमारे हाथ खुले हैं. अब तक जो सैन्य जवाब दिया गया है, वह हमारे समग्र प्रतिशोध का केवल एक हिस्सा है.”
अमेरिका ने हमले को बताया 'बहुत सफल'
इसी दिन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नतांज, फोर्दो और इस्फहान स्थित परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों को 'बहुत सफल' बताया. ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान की तरफ से कोई प्रतिशोध होता है तो अमेरिका उससे भी अधिक ताकत के साथ जवाब देगा.
वैश्विक चिंता बढ़ी
होरमुज़ जलडमरूमध्य के ज़रिए दुनिया का करीब 20% तेल व्यापार होता है. यदि ईरान इसे बंद करता है, तो न सिर्फ कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आएगा, बल्कि यूरोपीय देशों की ऊर्जा सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने रविवार को चीन से आग्रह किया कि वह ईरान को होरमुज़ जलडमरूमध्य बंद करने से रोके. रूबियो ने कहा, “मैं बीजिंग की चीनी सरकार से आग्रह करता हूं कि वे ईरान को इस कदम से रोकें, क्योंकि चीन की ऊर्जा ज़रूरतें भी इसी मार्ग से पूरी होती हैं.” उन्होंने यह भी कहा कि चीन ईरान का सबसे बड़ा तेल ग्राहक है और दोनों देशों के बीच पुराने रणनीतिक संबंध हैं.
तनाव बढ़ने की आशंका
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक सुरक्षा विशेषज्ञों और ऊर्जा बाजारों को अलर्ट कर दिया है. अगर ईरान वाकई में जलडमरूमध्य बंद करने की दिशा में आगे बढ़ता है, तो यह मध्य पूर्व में एक बड़े भू-राजनीतिक संकट की शुरुआत हो सकती है.