गुप्त साम्राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर की मिलेगी जानकारी, जानिए कब और कहां?

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) में ‘ट्रेजर्स ऑफ गुप्ता एंपायर’ नामक पुस्तक के दूसरे संस्करण का विमोचन होने जा रहा है. इस मौके पर गुप्त साग्राज्य के वास्तविक सिक्कों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Wednesday, 11 September, 2024
Last Modified:
Wednesday, 11 September, 2024
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इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) में ‘ट्रेजर्स ऑफ गुप्ता एंपायर’ नामक पुस्तक के दूसरे संस्करण का विमोचन होने जा रहा है. प्रख्यात इतिहासकार संजीव कुमार द्वारा लिखित यह पुस्तक भारत के सबसे गौरवशाली साम्राज्यों में से एक की समृद्ध धरोहर को उजागर करती है. इस पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में लोगों को गुप्त साम्राज्य के गौरवशाली इतिहास के साथ उस समय की  कला और सांस्कृतिक धरोहर के बारे में भी जानकारी मिलेगी.

कब होगा कार्यक्रम?
गुरुवार यानी 12 सितंबर 2024 को यह कार्यक्रम कल शाम 4:00 बजे नई दिल्ली स्थित IGNCA के समवेत ऑडिटोरियम में आयोजित होगा.  

गुप्त साग्राज्य के वास्तविक सिक्कों की प्रदर्शनी
गुप्त साम्राज्य (320-550 ईस्वी) को भारत का स्वर्ण युग माना जाता है, जो कला, साहित्य, विज्ञान और शासन में अतुलनीय उपलब्धियों के लिए प्रसिद्ध है. यह पुस्तक विशेष रूप से गुप्तकालीन कला और उनके दुर्लभ सिक्कों पर केंद्रित है, जो इस काल की सांस्कृतिक और आर्थिक समृद्धि को दर्शाते हैं. इस मौके पर दर्शकों को गुप्त साम्राज्य के वास्तविक सिक्कों का दुर्लभ संग्रह देखने का अवसर मिलेगा, जो उस दौर की अद्वितीय कलात्मकता और संपन्नता से साक्षात्कार कराएगा.

भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर से होगी पहचान
यह पुस्तक विमोचन न केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा बल्कि गुप्त साम्राज्य के ऐतिहासिक योगदान पर गहन अंतर्दृष्टि भी प्रदान करेगा. यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक धरोहर को समझने और उसकी गहराई को जानने के इच्छुक लोगों के लिए एक सुनहरा अवसर साबित होगा. यहां लोगों को विद्वानों की बहुमूल्य अंतर्दृष्टियों और दुर्लभ कलाकृतियों का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा.

ये होंगे वक्ता
कार्यक्रम में प्रमुख वक्ताओं के रूप में आईएनजीसीए के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी, राष्ट्रीय संग्रहालय के महानिदेशक डॉ. बी.आर. मणि, लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर के.के. थपलियाल, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. संजय कुमार मंजुल और भारतीय सिक्का सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुलकर्णी शामिल होंगे. इसके साथ ही, पुस्तक के लेखक संजीव कुमार और IGNCA के निदेशक प्रो. (डॉ.) रमेश सी. गौर भी अपने विचार साझा करेंगे.

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