हिंदुस्तान कॉपर और कोल इंडिया ने मिलाया हाथ, तांबा और क्रिटिकल मिनरल्स में संभावनाएं तलाशने के लिए रणनीतिक साझेदारी

यह समझौता 30 जून 2025 को हुआ, जिसकी जानकारी कंपनी ने सोमवार को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के माध्यम से दी

Last Modified:
Tuesday, 01 July, 2025
BWHindi

राज्य संचालित हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) और कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने तांबा और क्रिटिकल मिनरल्स क्षेत्र में संभावित परियोजनाओं की पहचान और वैश्विक साझेदारियों की खोज के लिए आपसी सहयोग को लेकर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं.

यह समझौता 30 जून 2025 को हुआ, जिसकी जानकारी कंपनी ने सोमवार को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के माध्यम से दी. समझौता सहयोग के इरादे को दर्शाता है, लेकिन यह दोनों पक्षों के बीच कोई कानूनी रूप से बाध्यकारी संबंध स्थापित नहीं करता.

HCL देश की एकमात्र वर्टिकली इंटीग्रेटेड कॉपर निर्माता कंपनी है, जिसके पास भारत में तांबे के अयस्क की सभी परिचालन खनन लीज हैं. कंपनी वर्तमान में मध्य प्रदेश के मलांजखंड, राजस्थान के खेतड़ी और झारखंड के घाटशिला में खदानों का संचालन करती है.

कंपनी तांबे के अयस्क की खोज, खनन और बेनिफिशिएशन (धातु शुद्धिकरण) पर ध्यान केंद्रित करती है, जिसके तहत वह कॉपर कंसंट्रेट तैयार करती है - यह रणनीति अस्थिर बाजार में उसकी लाभप्रदता को मजबूत करने में मददगार रही है.

वित्त वर्ष 2024-25 में HCL ने अब तक का सबसे ऊंचा परिचालन राजस्व हासिल किया, जो 2,070.97 करोड़ रुपये रहा. यह पिछले वर्ष के 1,717 करोड़ रुपये की तुलना में 21 प्रतिशत की वृद्धि है। कंपनी का कर-पहले लाभ (PBT) 54 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ 633.51 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.

यह साझेदारी दोनों सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के लिए न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर खनिज क्षेत्र में सहयोग और विस्तार का एक नया रास्ता खोल सकती है.

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