डॉ. अनुराग बत्रा ने 25 वर्षों की मीडिया यात्रा को बताया संयोग का फल

BW बिज़नेसवर्ल्ड के चेयरमैन और Exchange4media के संस्थापक डॉ. बत्रा ने Good Life पॉडकास्ट पर साझा की मीडिया इंडस्ट्री, AI और कंटेंट इकोनॉमी पर अपनी बेबाक राय

Last Modified:
Friday, 04 July, 2025
BWHindi

भारत के मीडिया परिदृश्य में 25 वर्षों की सफल यात्रा पूरी करने के अवसर पर, BW बिज़नेसवर्ल्ड के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ तथा Exchange4media के संस्थापक डॉ. अनुराग बत्रा ने Good Life पॉडकास्ट के दौरान अपने अनुभवों और विचारों को साझा किया. उन्होंने अपने मीडिया साम्राज्य की शुरुआत को "रणनीति नहीं, संयोग" करार दिया और ब्रायन क्लास की किताब Fluke का हवाला देते हुए कहा, "हम खुद को बहुत ज्यादा और संयोग को बहुत कम क्रेडिट देते हैं."

एक साधारण B2B मार्केटप्लेस के रूप में शुरू हुआ Exchange4media आज एक संपूर्ण मीडिया इकोसिस्टम में बदल चुका है. इसके तहत Pitch, Impact, Realty+ और Samachar4media जैसे ब्रांड्स खड़े किए गए हैं। वहीं, Exchange4media और BW बिज़नेसवर्ल्ड अब स्वतंत्र रूप से संचालित होते हैं, लेकिन दोनों की नींव विश्वसनीयता, विशेषज्ञता और कहानी कहने की कला पर टिकी है.

 

कंटेंट, कम्युनिटी और कॉमर्स का संगम
मीडिया इंडस्ट्री में हो रहे व्यापक बदलावों पर बात करते हुए डॉ. बत्रा ने कंटेंट, कम्युनिटी और कॉमर्स के विलय को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि वैश्विक विज्ञापन उद्योग अब ट्रिलियन-डॉलर के आंकड़े को छू रहा है, जिसमें US$ 650 बिलियन डिजिटल विज्ञापन से आ रहा है. इसमें से Meta और Google अकेले US$ 460 बिलियन का योगदान दे रहे हैं. उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे पारंपरिक मीडिया सिमट रहा है, क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स की भूमिका बढ़ रही है. “YouTube ने भारतीय क्रिएटर्स को अब तक 21,000 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया है,” उन्होंने कहा, जो भारत में क्रिएटर इकॉनॉमी की परिपक्वता को दर्शाता है.

 

AI पत्रकारों की जगह नहीं ले सकता
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर चर्चा करते हुए डॉ. बत्रा ने इसके परिवर्तनकारी प्रभाव को स्वीकारा। “AI अब टेक्स्ट को वीडियो में बदल सकता है, यहां तक कि AI एंकर्स भी बना सकता है,” उन्होंने कहा. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि AI कभी भी पत्रकारों की जगह नहीं ले सकता—जब तक पत्रकार खुद AI को अपनाने और उसका प्रभावी उपयोग करने में विफल न रहें.

फेक न्यूज़ और गलत जानकारी की बढ़ती चुनौती को लेकर डॉ. बत्रा ने आगाह किया, “हम नैरेटिव्स की जंग के बीच हैं.” उन्होंने लोगों से अपील की कि वायरल कंटेंट के बजाय सत्यापित स्रोतों पर भरोसा करें.

 

आने वाले समय को लेकर डॉ. बत्रा आशावादी दिखे. उन्होंने कहा कि आज के दर्शक “अच्छा, अलग और अनुभवात्मक कंटेंट” चाहते हैं और The Ken, Morning Context, Mint और ET Prime जैसे सब्सक्रिप्शन-आधारित प्लेटफॉर्म इसका उदाहरण हैं.

25 वर्षों के अनुभव के बाद भी डॉ. बत्रा का दृष्टिकोण स्पष्ट और सादा है—सफलता पूरी तरह से योजना का नतीजा नहीं होती, उसमें किस्मत भी शामिल होती है. लेकिन उसकी नींव हमेशा विश्वास और सच्चाई पर टिकी होनी चाहिए.

 

 

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