भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निधन, 92 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के AIIMS में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया, वह 92 वर्ष के थे और लंबे समय से बीमार चल रहे थे.

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Thursday, 26 December, 2024
BWHindi

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का 92 साल की उम्र में निधन हो गया, उन्होंने गुरुवार रात को दिल्ली एम्स में आखिरी सांस ली. उन्हें देर शाम एम्स में भर्ती कराया गया था. हालत गंभीर होने के कारण उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था, बताया जा रहा है कि उन्हें सांस लेने में परेशानी हो रही थी. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा ने ट्वीट किया, "प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी के निधन के बारे में जानकर मुझे गहरा दुख हुआ है. उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. हमारे राष्ट्र के प्रति आपकी सेवा के लिए धन्यवाद. 

दो बार रहे देश के प्रधानमंत्री

साल 2004 से 2014 तक दो बार देश के प्रधानमंत्री रहे थे और भारत के बड़े अर्थशास्त्रियों में उनकी गिनती होती थी. उन्होंने चंडीगढ़ में पंजाब विश्वविद्यालय और ग्रेट ब्रिटेन में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में शिक्षा प्राप्त की थी. उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की थी. मनमोहन सिंह को हमेशा अपने सरल और शांत स्वभाव के लिए याद किया जाएगा.

RBI के गवर्नर रह चुके हैं मनमोहन

पूर्व पीएम राजीव गांधी की सरकार में वह 1985 से 1987 तक भारतीय योजना आयोग के प्रमुख के पद पर भी रहे. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के साथ भी काम किया। इसके अलावा वह 1982 से 1985 तक भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर भी रहे. इस दौरान उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र में कई सुधार किए, जिसके लिए उन्हें आज भी याद किया जाता है.

वित्त मंत्री के रूप में योगदान 

1991 से 1996 तक, डॉ. सिंह भारत के वित्त मंत्री रहे. इस दौरान उन्होंने आर्थिक सुधारों की एक व्यापक नीति लागू की, जिसे विश्वभर में सराहा गया. इन सुधारों ने भारत को आर्थिक संकट से उबारकर एक नई दिशा दी. डॉ. मनमोहन सिंह 1991 में पहली बार राज्यसभा के सदस्य बने। उन्होंने असम का प्रतिनिधित्व पांच बार किया और 2019 में राजस्थान से राज्यसभा सदस्य बने. 1998 से 2004 तक, जब भारतीय जनता पार्टी सत्ता में थी, डॉ. सिंह राज्यसभा में विपक्ष के नेता रहे. उन्होंने 1999 में दक्षिण दिल्ली से लोकसभा चुनाव भी लड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिली.

मनमोहन के निधन पर PM मोदी ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व पीएम के निधन पर पोस्ट किया, 'भारत अपने सबसे प्रतिष्ठित नेताओं में से एक डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन पर शोक मना रहा है. साधारण पृष्ठभूमि से उठकर वे एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री बने. उन्होंने वित्त मंत्री सहित विभिन्न सरकारी पदों पर कार्य किया और वर्षों तक हमारी आर्थिक नीति पर अपनी गहरी छाप छोड़ी. संसद में उनके हस्तक्षेप भी बहुत ही व्यावहारिक थे. हमारे प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए व्यापक प्रयास किए.

मोदी ने आगे लिखा, 'डॉ. मनमोहन सिंह जी और मैं उस समय नियमित रूप से बातचीत करते थे जब वे प्रधानमंत्री थे और मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था. हम शासन से संबंधित विभिन्न विषयों पर गहन विचार-विमर्श करते थे. उनकी बुद्धिमत्ता और विनम्रता हमेशा देखने को मिलती थी. दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं डॉ. मनमोहन सिंह जी के परिवार, उनके मित्रों और असंख्य प्रशंसकों के साथ हैं. ओम शांति.'