पिता टूलमेकर, मां नर्स, लेकिन बेटा बनने जा रहा है ब्रिटेन का नया पीएम, जानिए पूरी कहानी

ब्रिटेन के नए पीएम एक साधारण परिवार से आते हैं. वो अपने परिवार के पहले ऐसे सदस्‍य हैं जो यूनिवर्सिटी तक पढ़ाई करने पहुंचे. 

Last Modified:
Friday, 05 July, 2024
BWHindi

भारतीय आईटी कंपनी इंफोसिस के चेयरमैन रहे नारायण मूर्ति के दामाद और ब्रिटेन के पीएम ऋषि सूनक चुनाव हार गए हैं. जिस शख्‍स को ब्रिटेन की जनता ने अपना पीएम बनाया है वो एक सामान्‍य परिवार से आने वाला शख्‍स है. उनके पिता एक टूलमेकर थे और मां नर्स. लेकिन बेटा आज पूरी दुनिया पर किसी दौर में राज करने वाले देश के पीएम बनने जा रहे हैं.  ब्रिटेन की जनता ने वहां हुए चुनावों में जिस शख्‍स को अपना नया पीएम चुना है उसका नाम है किएर स्‍टार्मर. उनकी पार्टी को अब तक 405 सीटें मिल चुकी हैं, जबकि मौजूदा पीएम ऋषि सूनक हार मान चुके हैं. 

आखिर कौन हैं किएर स्‍टार्मर? 
ब्रिटेन में कुल 650 सीटों पर चुनाव होता है जिसमें से अब तक स्‍टार्मर की पार्टी को 405 सीटें मिल चुकी हैं, जबकि कंजर्वेटिव पार्टी के उम्‍मीदवार ऋषि सुनक 111 सीटें जीत चुकी है. किएर स्‍टार्मर का जन्‍म 2 सितंबर 1962 को ब्रिटेन में हुआ. उनके पिता एक टूलमेकर थे जबकि उनकी मां एक नर्स के रूप में काम करती थी. उनकी मां एक दुर्लभ बीमारी स्टिल्‍स रोग से भी पीडि़त थी. ये एक तरह की दुर्लभ ऑटोइम्‍यून बीमारी है.  उनकी प्रारंभिक शिक्षा रीगेट ग्रामर स्‍कूल में हुई. परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्‍छी नहीं थी इसलिए 16 साल तक उनकी फीस स्‍थानीय परिषद भरता था. स्‍टार्मर प‍ढ़ाई में होनहार थे इसलिए वो अपने परिवार से पहले ऐसे शख्‍स बने जो यूनिवर्सिटी पढ़ने गया. 1987 में वकील बनने के बाद अपने काम के सिलसिले में कैरिबिया और अफ्रीका में रहे जहां उन्‍होंने मौत की सजा काट रहे कैदियों का केस लड़ा. 

राजनीति में कब आए स्‍टार्मर? 
2008 तक सक्रिय तौर पर वकालत करने के बाद स्‍टार्मर 2015 में उत्‍तरी लंदन में हाबर्न और सेंट पैनक्रास के सांसद बने. वो इससे पहले लेबर पार्टी के नेता जर्मी कार्बिन के ब्रेग्जिट सचिव के तौर पर काम कर चुके हैं. यहां उन्‍होंने दूसरे ब्रग्जिट चुनाव कराए जाने की बात कही थी. यूरोपीय यूनियन से ब्रिटेन ब्रेग्जिट प्रक्रिया के जरिए ही अलग हुआ था. 2019 मे हुए आम चुनाव में हार के बाद स्‍टार्मर ने लेबर नेता के पद के लिए चुनाव लड़ा लेकिन वो नहीं जीत सके. इसके बाद 2020 में वो लेबर पद के नेता बन गए. 

इन मुद्दों पर लड़ा था चुनाव 
किएर स्‍टार्मर ने जिन मुद्दों पर चुनाव लड़ा उनमें स्‍वास्‍थ्‍य से जुड़ा एनएचएस का मामला था जिसमें भीड़ कम करने को उन्‍होंने मुद्दा बनाया. उन्‍होंने कहा कि इस भीड़ को कम करने के लिए वो हर हफ्ते 40 हजार नियुक्तियां करेंगे. इसके लिए पैसा टैक्‍स सुधार करके लाया जाएगा. इसी तरह उन्‍होंने छोटी नावों से मानव तस्‍करी रोकने के लिए बॉर्डर सिक्‍योरिटी कमांड बनाने की भी बात कही थी. 15 लाख नए घर बनाने की बात भी उन्‍होंने कही थी और पहली बार घर खरीदने वालों को घर का अधिकार देने की बात भी कही थी. 6500 शिक्षकों की भर्ती करने की बात भी उन्‍होंने कही थी.