देशभर के 26 रिसर्च इंस्टीट्यूट पहुंचेंगे इंडिया रिसर्च टूर के डेलीगेट्स, रिसर्च इंटिग्रिटी को मिलेगा बढ़ावा

स्प्रिंगर नेचर ने अपने नेशनल रिसर्च टूर के दूसरे संस्करण के लिए भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR), शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के साथ साझेदारी की है.

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Thursday, 19 September, 2024
BWHindi

स्प्रिंगर नेचर इंडिया ने अपने नेशनल रिसर्च टूर मिशन के दूसरे संस्करण के लिए भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR), शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के साथ साझेदारी की है. इसके तहत गुरुवार को आईसीएसएसआर कैंपस से एक डेलीगेशन टीम बस में बैठकर देशभर के रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए रवाना हुई. इस यात्रा के दौरान आईसीएसएसआर और स्प्रिंगर नेचर इंडिया सहित अलग अलग देशों के रिसर्चर्स एनआईटी, आईआईएम, प्रमुख मेडिकल स्कूलों, सीएसआईआर प्रयोगशालाओं और डीएसटी संस्थानों, सरकारी विश्वविद्यालयों के साथ-साथ कुछ प्रमुख निजी विश्वविद्यालय में जाकर अनुसंधान क्षमताओं को बढ़ाना और विश्व स्तरीय संसाधनों के साथ शोधकर्ताओं को सशक्त बनाने का काम करेगी.

देशभर के 26 शैक्षणिक संस्थानों में होगा भ्रमण

इस यात्रा के दौरान आयोजित होने वाले 26 समिट में से पहला रिसर्च समिट गुरुवार को आईसीएसएसआर में हुआ, जिसमें ‘रिसर्च इंटिग्रिटी एंड इट्स रोल इन स्ट्रेंथनिंग इन इंडियन रिसर्च आउटपुट' विषय पर आईसीएसएसआर के अध्यक्ष (कार्यवाहक) प्रोफेसर दीपक कुमार श्रीवास्तव, जेएनयू के प्रोफेसर विवेक कुमार, जेएनयू के प्रोफेसर एलुमनाई कन्नन और स्प्रिंगर नेचर की कम्युनिकेशन डाइरेक्टर इंडिया निधि गुलाटी ने अपने विचार रखे और शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित किया. बता दें, ये यात्रा पूरे 30 दिन की होगी, जिसमें आईसीएसएसआर, स्प्रिंगर नेचर सहित 6 अलग अलग देशों के करीब 15 डेलीगेशन देश के 9 राज्य, 17 शहरों के 26 विश्वविद्यालयों और शोध संस्थान का भ्रमण करेंगे. आईसीएसएसआई के बाद नेशनल रिसर्च टूर का अगला पड़ाव 23 सितंबर 2024 को बिट्स पिलानी, राजस्थान में होगा.

शोधकर्ताओं को उपकरण, ज्ञान और मार्गदर्शन प्रदान करेगी ये यात्रा  

साथ ही रिसर्च टूर की ये टीम संस्थानों में रिसर्च समिट, व्यावहारिक कार्यशालाएं, प्रशिक्षण सत्र, नवीनतम उपकरणों और जानकारियों तक पहुंच उपलब्ध कराएगी. यह दौरा अकादमिक और अनुसंधान के विभिन्न पहलुओं को भी कवर करेगा, जिसमें रिसर्च इंटीग्रिटी, ओपन एक्सेस और ट्रांसफॉर्मेटिव एग्रीमेंट पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. यात्रा का उद्देश्य विशेष रूप से भारत से अनुसंधान के परिणामों को बढ़ाना और प्रख्यात शोधकर्ताओं, शैक्षणिक संस्थानों और इंडस्ट्री के लीडर्स के साथ अच्छे संबंध स्थापित करना है. यात्रा के जरिए शोधकर्ताओं को वैश्विक मंच पर भारतीय शोध की गुणवत्ता और दृश्यता बढ़ाने के लिए आवश्यक उपकरण, ज्ञान और मार्गदर्शन प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाया जाएगा.

महिला शोधकर्ताओं को किया जाएगा प्रोत्साहित

इस यात्रा के दौरान ‘Every Research Our Future’ अभियान के माध्यम से महिला शोधकर्ताओं के साथ रिश्तों को मजबूत करके उन्हें प्रोत्साहित किया जाएगा. इसके अलावा वैश्विक मंच पर देशभर में सतत विकास लक्ष्य ( एसडीजी ) केंद्रित शोध की दृश्यता में सुधार करके एसडीजी एलाइनमेंट और भारत से स्प्रिंगर नेचर जर्नल्स के लिए अधिक एडिटोरियल बोर्ड मेम्बर्स (ईबीएम) की भर्ती करना है. बता दें, वर्तमान में भारत से ईबीएम का प्रतिशत 4.8 है. 

कोट्स

स्प्रिंगर नेचर में, हम विशेष रूप से रिसर्च इंटीग्रिटी, सतत विकास लक्ष्य (SDG) और ओपन एक्सेस पर ध्यान केंद्रित करके भारत मं  रिसर्च इकोसिस्टम के पोषण और समर्थन के लिए प्रतिबद्ध हैं. अपनी विशेषज्ञता और वैश्विक संसाधनों को सीधे देश भर के शोधकर्ताओं तक पहुंचाकर, हमारा लक्ष्य अधिक सहयोग, नवाचार और विश्व स्तरीय ज्ञान तक पहुंच को बढ़ावा देना है. यह पहल प्रभावशाली अनुसंधान को आगे बढ़ाने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जो राष्ट्रीय विकास और वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय दोनों में योगदान दे सकता है. वेंकटेश सर्वसिद्धि, मैनेजिंग डायरेक्टर, स्प्रिंगर नेचर इंडिया

इस टूर का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा युवा, बैकवार्ड स्कॉलर्स और महिला रिसर्चर्स को खोजना और उन्हें अवसर प्रदान करना हैं. यह पहल देश भर के शोधकर्ताओं तक महत्वपूर्ण संसाधन, ज्ञान और वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को सीधे पहुंचाती है, जिससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक संवादों में सार्थक योगदान देने के लिए सशक्त बनाया जाता है. हमारा मानना है कि यह सहयोग स्कालर्स की एक नई पीढ़ी को प्रेरित करेगा और नवीन अनुसंधान को बढ़ावा देगा, जो हमारे समाज के सामने आने वाली गंभीर चुनौतियों का समाधान करेगा.  प्रो. धनंजय सिंह, सदस्य सचिव, आईसीएसएसआर