जून में उपभोक्ता विश्वास में बड़ी उछाल, रोज़गार और आर्थिक उम्मीदों ने बढ़ाया आत्मविश्वास

LSEG-Ipsos सर्वे में भारत की रैंकिंग दूसरे स्थान पर, ऑपरेशन सिंदूर और कूटनीति से बदली मनोस्थिति

Last Modified:
Friday, 27 June, 2025
BWHindi

जून 2025 में भारत के उपभोक्ताओं का आत्मविश्वास 2.9 प्रतिशत अंकों की उल्लेखनीय वृद्धि के साथ बढ़ा है, जिससे राष्ट्रीय सूचकांक स्कोर 59 तक पहुंच गया है. यह जानकारी LSEG-Ipsos की ताज़ा प्राइमरी कंज़्यूमर सेंटिमेंट इंडेक्स (PCSI) रिपोर्ट में सामने आई है.

इस सर्वे के अनुसार, उपभोक्ता भावना के सभी चार उप-सूचकांकों में सकारात्मक सुधार देखा गया है. आर्थिक अपेक्षाएं उप-सूचकांक में 4.2 प्रतिशत अंक, जबकि रोज़गार विश्वास उप-सूचकांक में 6.5 प्रतिशत अंक की बड़ी छलांग दर्ज की गई है. रिपोर्ट में बताया गया है कि व्यक्तिगत वित्तीय स्थिति उप-सूचकांक में 3.2 प्रतिशत अंकों की बढ़त हुई है, वहीं निवेश माहौल उप-सूचकांक में भी 1 प्रतिशत अंक का सुधार दर्ज किया गया है.

Ipsos इंडिया के सीईओ अमित अडारकर ने कहा, “मई में युद्ध की स्थिति और अप्रैल में ट्रंप सरकार द्वारा घोषित सख्त व्यापार एवं इमिग्रेशन कानूनों के बाद उपजे तनाव के बीच, जून में नागरिकों के बीच स्थिरता की भावना लौटी है. 'ऑपरेशन सिंदूर' और भारत सरकार की कूटनीतिक पहल के बाद देश में एक सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है.”

उन्होंने आगे कहा कि सबसे बड़ी राहत यह है कि नागरिक अब रोज़गार और अर्थव्यवस्था को लेकर अधिक आशावादी महसूस कर रहे हैं, जो उपभोक्ता भावना में इस सुधार का मुख्य कारण है.

PCSI के अनुसार, 30 देशों में से इंडोनेशिया (61.1) सबसे अधिक स्कोर के साथ शीर्ष पर रहा. भारत 59 के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर है, और यह जून माह में 60 के करीब पहुंचने वाला एकमात्र अन्य देश है.

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