स्टेट ऑफ द हरियाणा अरावलीज़: सिटिज़न्स रिपोर्ट – पार्ट 2’ नामक यह रिपोर्ट केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी को सौंप दी गई है
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो ।।
नागरिक समूह ‘पीपल फॉर अरावली’ ने अपनी नई रिपोर्ट में हरियाणा के अरावली क्षेत्र में 100 से अधिक स्थानों पर कचरा डंपिंग और खुले में जलाने की घटनाओं को उजागर किया है. यह रिपोर्ट हरियाणा के पांच जिलों—गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, रेवाड़ी और चरखी दादरी—में किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है और समूह द्वारा अरावली पर प्रकाशित की गई दूसरी नागरिक रिपोर्ट है.
‘स्टेट ऑफ द हरियाणा अरावलीज़: सिटिज़न्स रिपोर्ट – पार्ट 2’ नामक यह रिपोर्ट केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी को सौंप दी गई है. रिपोर्ट में चिन्हित सभी स्थानों की जियोटैगिंग की गई है और संबंधित स्थानों की तस्वीरों तथा स्थिति का दस्तावेजीकरण किया गया है.
रिपोर्ट को जल संरक्षण कार्यकर्ता राजेंद्र सिंह, जिन्हें ‘वाटरमैन ऑफ इंडिया’ के नाम से जाना जाता है, के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के सेवानिवृत्त वन सेवा अधिकारियों, अपशिष्ट प्रबंधन विशेषज्ञों और कई पर्यावरण संगठनों का समर्थन प्राप्त है.
रिपोर्ट में प्रमुख रूप से यह सिफारिश की गई है कि चिन्हित क्षेत्रों में नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाए, गैरकानूनी कचरा डंपिंग व जलाने की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई हो और स्थानीय समुदायों को जागरूक करके इस प्रक्रिया में शामिल किया जाए.
समूह का कहना है कि अरावली पर्वतमाला, जो भूगर्भीय दृष्टि से लगभग दो अरब वर्ष पुरानी मानी जाती है, गंभीर पर्यावरणीय दबाव में है और इसके संरक्षण के लिए प्रशासनिक और सामुदायिक स्तर पर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है.