राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड का हुआ उद्घाटन, निजामाबाद की हल्दी को मिलेगी वैश्विक पहचान
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो ।।
भारत सरकार ने 2030 तक हल्दी निर्यात को 1 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है और इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. यह घोषणा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड के मुख्यालय के उद्घाटन के अवसर पर की. अमित शाह ने कहा कि निजामाबाद दशकों से 'हल्दी की राजधानी' के रूप में जाना जाता रहा है. यहां के किसान पीढ़ियों से हल्दी की खेती करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक यह वैश्विक बाजारों में अपनी जगह नहीं बना सकी है.
शाह ने कहा, “राष्ट्रीय हल्दी बोर्ड के गठन के साथ, अगले तीन से चार वर्षों में निजामाबाद की हल्दी कई देशों तक पहुंचेगी.” उन्होंने आश्वासन दिया कि बोर्ड के संचालन से किसानों को बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी और हल्दी की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, विपणन और निर्यात के लिए पूरी वैल्यू चेन विकसित की जाएगी.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बोर्ड का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा कि हल्दी का अधिकतम मूल्य सीधे किसानों तक पहुंचे, भारतीय हल्दी के औषधीय गुणों का वैश्विक स्तर पर प्रचार किया जाए और गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाया जाए.
मंत्रालय के बयान के अनुसार, बोर्ड किसानों को उचित पैकेजिंग, कटाई के वैज्ञानिक तरीके, और निर्यात में आ रही तकनीकी बाधाओं को समझाने के लिए प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रम भी शुरू करेगा.
शाह ने बताया कि निजामाबाद, जगतियाल, निर्मल और कमारेड्डी जिले देश के शीर्ष हल्दी उत्पादक जिलों में शामिल हैं. 2025 में किसानों को प्रति क्विंटल हल्दी के लिए 18,000 से 19,000 रुपये तक कीमत मिली है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अगले तीन वर्षों में किसानों को प्रति क्विंटल 6,000 से 7,000 रुपये अतिरिक्त दिलाने की दिशा में प्रयास करेगी.