स्कीम में इंसेंटिव का दायरा बढ़ाया जा सकता है. जबकि दूसरी तरफ करीब 280 कंपनियां इस योजना को लागू करने की प्रक्रिया में हैं. वे जिलों में इंटर्नशिप के अवसर चिह्नित करेंगी.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो ।।
केंद्रीय बजट 2025 (Union Budget 2025) से पहले प्रधानमंत्री इंटर्नशिप स्कीम (PM Internship Scheme) को लेकर बड़ा अपडेट आया है. कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय इस स्कीम के दूसरे चरण की तैयारियों के दौरान इसमें राज्य सरकारों को शामिल कर सकता है, जिससे आवेदकों की हिस्सेदारी बढ़ सके. सूत्रों का कहना है कि, बजट में इस स्कीम के अपडेट को लेकर घोषणा संभव है. स्कीम में इंसेंटिव का दायरा बढ़ाया जा सकता है. जबकि दूसरी तरफ करीब 280 कंपनियां इस योजना को लागू करने की प्रक्रिया में हैं. वे जिलों में इंटर्नशिप के अवसर चिह्नित करेंगी.
क्या है सरकार की प्लानिंग?
दरअसल, इस समय प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (Prime Minister's Internship Scheme) प्रायोगिक स्तर पर है. इसमें 1,00,000 से कम इंटर्नशिप की पेशकश की गई है, जबकि कंपनियों ने पहले चरण में 1,27,000 अवसर मुहैया कराए थे. सूत्रों ने कहा कि सरकार इस कार्यक्रम की पहुंच व्यापक बनाने तथा इसे अधिक आकर्षक बनाने के लिए कदम उठा सकती है. इस योजना के तहत मार्च 2025 तक 1,25,000 अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है. लेकिन सरकार ज्यादा आवेदकों को आकर्षित करने के लिए सरकार कुछ बदलाव करने पर विचार कर रही है, जिसमें आयु सीमा बढ़ाना और शैक्षणिक मानदंडों में ढील दिया जाना शामिल है.
योजना में बदलाव करने की तैयारी
सूत्रों का कहना है कि, इस स्कीम के शुरुआती परिणामों के आधार पर ही योजना में बदलाव किया जाएगा. इसके बाद इस योजना को पूरी तरह लागू करने के लिए मंत्रालय, कैबिनेट से मंजूरी लेगा. पिछले 3 वर्षों के औसत कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पर किए गए खर्च के आधार पर शीर्ष 500 कंपनियां इस योजना में भाग लेंगी. इनमें से ज्यादातर कंपनियां अब इंटर्नशिप योजना का हिस्सा बन रही हैं. हम उनके साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे कि इंटर्नशिप योजना की पेशकश की जा सके. फरवरी में दूसरे चरण को लागू किए जाने की संभावना है, जब इंटर्न की अगली खेप कंपनियों में प्रशिक्षण लेगी.
दो हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के लिए वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे. इनमें से 20 नवंबर तक 6.04 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं. यह योजना शीर्ष 500 कंपनियों के साथ साझेदारी में चल रही है, जो पिछले तीन वर्षों में उनके औसत कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व व्यय पर आधारित होगी. इसमें भागीदारी स्वैच्छिक है, लेकिन इसका उद्देश्य युवाओं को एक बड़ा मंच प्रदान करना है. इस योजना का लक्ष्य न केवल युवाओं को अनुभव प्रदान करना है, बल्कि उन्हें रोजगार के अवसरों से भी जोड़ना है, जिससे उनका भविष्य उज्जवल हो सके. इस स्कीम के लिए चयनित उम्मीदवारों को एकमुश्त 6,000 रुपये का भत्ता और 4,500 रुपये का मासिक वजीफा मिलेगा. इसके अलावा, कंपनियों द्वारा प्रत्येक उम्मीदवार को प्रति माह 500 रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया जाएगा.