1 मई से बढ़ेगी एटीएम इंटरचेंज फीस, जानें कितना देना होगा ज्यादा चार्ज?

1 मई से लागू होने वाले इन नए नियमों का असर उन ग्राहकों पर ज्यादा पड़ेगा जो बार-बार एटीएम का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए बेहतर होगा कि ग्राहक डिजिटल पेमेंट की ओर रुख करें.

Last Modified:
Tuesday, 25 March, 2025
BWHindi

अगर आप एटीएम से बार-बार कैश निकालते हैं या बैलेंस चेक करते हैं, तो 1 मई, 2025 से आपको ज्यादा चार्ज देना होगा. दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एटीएम इंटरचेंज फीस बढ़ाने की मंजूरी दे दी है. इसका असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जो अपने बैंक के अलावा किसी और बैंक के एटीएम का इस्तेमाल करते हैं और मुफ्त ट्रांजैक्शन की लिमिट पार कर लेते हैं.

कितना बढ़ेगा चार्ज?

1 मई 2025 से लागू होने वाले नए नियमों के तहत एटीएम से कैश निकालने और बैलेंस चेक करने पर ज्यादा पैसे देने होंगे.

- कैश निकालने का चार्ज : 17 रुपये से बढ़कर 19 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन  
- बैलेंस चेक करने का चार्ज : 6 रुपये से बढ़कर 7 रुपये प्रति ट्रांजैक्शन  

यह चार्ज तभी लगेगा जब ग्राहक अपने बैंक द्वारा दी गई मुफ्त ट्रांजैक्शन लिमिट को पार कर लेंगे.

कितनी मिलेगी मुफ्त ट्रांजैक्शन की सुविधा?

आरबीआई के नियमों के अनुसार, हर महीने ग्राहक को कुछ मुफ्त ट्रांजैक्शन की सुविधा मिलती है.

- मेट्रो शहरों में: 5 मुफ्त ट्रांजैक्शन  
- नॉन-मेट्रो शहरों में : 3 मुफ्त ट्रांजैक्शन  

इस सीमा के बाद किए गए हर ट्रांजैक्शन पर बढ़ा हुआ चार्ज लागू होगा.

बढ़ोतरी की वजह क्या है?

व्हाइट-लेबल एटीएम ऑपरेटर्स (WLAO) लंबे समय से इंटरचेंज फीस बढ़ाने की मांग कर रहे थे. उनका कहना था कि बढ़ते खर्चों के कारण पुरानी फीस में काम करना मुश्किल हो रहा है. इसके बाद नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने एक प्रस्ताव दिया, जिसे आरबीआई ने मंजूरी दे दी.

छोटे बैंकों पर ज्यादा असर

छोटे बैंकों पर इस बदलाव का ज्यादा असर पड़ेगा क्योंकि उनके पास सीमित संख्या में एटीएम होते हैं. ऐसे में उनके ग्राहक अक्सर दूसरे बैंकों के एटीएम का इस्तेमाल करते हैं, जिससे इंटरचेंज फीस बढ़ने का सीधा असर उन पर पड़ेगा.

बढ़े हुए चार्ज से बचने के उपाय

अगर आप बढ़ी हुई फीस से बचना चाहते हैं, तो निम्नलिखित उपाय अपना सकते हैं:  

1. अपने बैंक के एटीएम का ज्यादा इस्तेमाल करें – इससे अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा.
2. डिजिटल पेमेंट को अपनाएं – UPI, नेट बैंकिंग और मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल कर कैश ट्रांजैक्शन से बच सकते हैं.
3. ट्रांजैक्शन लिमिट का ध्यान रखें– महीने में मुफ्त ट्रांजैक्शन की संख्या के भीतर ही एटीएम का उपयोग करें.