2026 में छोटे कारोबारों का नया दौर: उद्यमिता, एआई और ब्रांड भरोसे ने बदली भारत की SMB तस्वीर - LinkedIn रिपोर्ट

LinkedIn के मुताबिक, बीते एक वर्ष में प्लेटफॉर्म पर अपने प्रोफाइल में ‘Founder’ जोड़ने वाले भारतीय सदस्यों की संख्या 104% बढ़ी है

Last Modified:
Friday, 05 December, 2025
BWHindi

भारत 2026 में ऐसे दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां उसका छोटा कारोबार (SMB) इकोसिस्टम तेज़ी से स्ट्रक्चरल ट्रांज़िशन से गुजर रहा है. LinkedIn की ‘Small Business Work Change India Report’ के अनुसार, बढ़ती उद्यमिता, एआई अपनाने की तेज रफ्तार और ब्रांड विश्वसनीयता का महत्व इस बदलाव के प्रमुख कारक बनकर उभरे हैं.

LinkedIn के मुताबिक, बीते एक वर्ष में प्लेटफॉर्म पर अपने प्रोफाइल में ‘Founder’ जोड़ने वाले भारतीय सदस्यों की संख्या 104% बढ़ी है — यह हाल के वर्षों में नए बिज़नेस निर्माण की सबसे बड़ी लहरों में से एक है. साथ ही, सर्वे में शामिल 10 में से 7 पेशेवरों ने कहा कि वे निकट भविष्य में स्व-रोजगार अपनाना चाहते हैं. डिजिटलाइजेशन, लचीले कार्य मॉडल और एआई-टूल्स की आसान उपलब्धता इस परिवर्तन को गति दे रहे हैं.

AI: भारत के SMB ग्रोथ का शुरुआती इंजन
रिपोर्ट बताती है कि भारत में छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए अब एआई ग्रोथ का शुरुआती बिंदु बन चुका है.

97% SMB लीडर्स किसी न किसी रूप में एआई का उपयोग कर रहे हैं.
82% का कहना है कि एआई ने बिज़नेस शुरू करने और चलाने को आसान बना दिया है.
83% मानते हैं कि ग्रोथ के लिए एआई अनिवार्य है.
एआई स्किलिंग भी तेजी से बढ़ रही है. 11–200 कर्मचारियों वाले SMBs में एआई-संबंधी कौशल 52% साल-दर-साल बढ़े हैं.

LinkedIn का अनुमान है कि जेनरेटिव एआई भारत में USD 621 बिलियन तक की कुल उत्पादकता वृद्धि ला सकता है. इसमें SMB सेक्टर 30% तक योगदान दे सकता है. रिपोर्ट के अनुसार, आने वाले वर्षों में भारत का SMB सेक्टर न केवल टेक्नोलॉजी-ड्रिवन होगा, बल्कि ब्रांड क्रेडिबिलिटी, प्रोफेशनल नेटवर्क, और डिजिटल स्किल्स पर अधिक निर्भर करेगा.

फाउंडर बनने का बढ़ता रुझान, एआई-समर्थ व्यवसाय मॉडल और बदलती कार्य प्राथमिकताएं भारत की छोटे कारोबार वाली अर्थव्यवस्था को 2026 में एक नए विकास-चरण की ओर धकेल रही हैं.

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