केंद्र सरकार का बड़ा ऐलान, लद्दाख में बनाए गए 5 नए जिले, PM मोदी ने दी बधाई

नए जिलों के गठन से प्रशासन को मजबूत बनाने और लोगों तक सरकारी सेवाओं को सुलभ बनाने में मदद मिलेगी, इससे क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी.

Last Modified:
Monday, 26 August, 2024
BWHindi

लद्दाख को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लद्दाख में 5 नए जिले बनाने का ऐलान किया है. अमित शाह ने कहा कि लद्दाख के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. गृह मंत्री ने कहा कि लद्दाख में जांस्कर, द्रास, शाम, नुब्रा और चांगथांग नए जिले बनाए गए हैं. अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कहा कि पीएम मोदी के विकसित और समृद्ध लद्दाख के निर्माण के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए गृह मंत्रालय ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में पांच नए जिले बनाने का फैसला किया है. लद्दाख में नए जिले जिनका नाम जांस्कर, द्रास, शाम, नुबरा और चांगथांग है.

 

यह घोषणा लद्दाख के लिए एक महत्वपूर्ण विकास

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार लद्दाख के लोगों के लिए प्रचुर मात्रा में अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नए जिले शासन को जमीनी स्तर तक मजबूत करके, लोगों के लिए बनाए गए लाभों को उनके दरवाजे तक पहुंचाएंगे. यह घोषणा लद्दाख के लिए एक महत्वपूर्ण विकास है, क्योंकि नए जिले प्रशासन को विकेंद्रीकृत करेंगे और लोगों के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाएंगे. दूर-दराज और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अब स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और रोजगार के अवसरों जैसी बुनियादी सुविधाओं तक बेहतर पहुंच प्राप्त होगी.

PM ने दी लोगों को बधाई

पीएम मोदी ने गृह मंत्रालय के फैसले की प्रशंसा करते हुए सोशल मीडिया पांच नए जिलों के लोगों को बधाई देते हुए एक्स पर लिखा कि लद्दाख में पांच नए जिलों का निर्माण बेहतर प्रशासन और समृद्धि की दिशा में एक कदम है. जांस्कर, द्रास, शाम, नुब्रा और चांगथांग पर अब अधिक ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जिससे सेवाएं और अवसर लोगों के और भी करीब आएंगे. वहां के लोगों को बधाई.

 

लद्दाख में पहले कितने जिले थे

इससे पहले लद्दाख में केवल दो जिले थे- लेह और कारगिल. बड़ी आबादी, भौगोलिक क्षेत्र और विकासात्मक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, पांच नए जिलों का निर्माण एक प्रगतिशील कदम माना जा रहा है. इससे न केवल प्रशासनिक दक्षता में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए बेहतर शासन और विकास के अवसर भी सुनिश्चित होंगे. बता दें कि भारत सरकार के द्वारा 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 की ताकतों को खत्म करने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दिय. इसके बाद 31 अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो अलग राज्य बन गए.