मौजूदा वक्त में तमाम पड़ोसी मुल्कों की तुलना में भारत की स्थिति कई मामलों में बेहतर है, बावजूद इसके कुछ मामलों में हम वैश्विक रूप से पिछड़े हैं जो हमें कमजोर करते हैं.
मौजूदा व्यवस्था के तहत आगरा के खेरिया स्थित एयरफ़ोर्स के एयरपोर्ट का ही इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन तमाम तरह की पाबंदियों के चलते यहां आने-जाने वालीं फ्लाइट्स की संख्या बेहद सीमित है.
दुनिया भर के अमीरों और निवेश से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखने वाली संस्था हेनली ग्लोबल सिटिजन्स रिपोर्ट में कहा गया है कि कम से कम 8000 हाई-नेट वर्थ इंडिविजुअल भारत छोड़ सकते हैं.