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ऑफर लेटर का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को Wipro ने दिया झटका, जानिए क्‍या है मामला

Wipro ने जिन कर्मचारियों को 6.5 लाख रुपये का ऑफर दिया था अब उन्‍हें मेल कर आधी सैलरी पर ज्‍वाइन करने को लेकर पूछा है. कंपनी ने इस सवाल ने नौकरी का इंतजार कर रहे कर्मचारियों की परेशानी बढ़ा दी है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

दुनियाभर में हो रहे ले ऑफ का असर भारत में भी दिख रहा है. आईटी सेक्‍टर की नामी कंपनी विप्रो पर भी इसका बड़ा असर दिखाई दे रहा है. हालात ये है कि कंपनी ने अपने उन कर्मचारियों को एक मेल किया है जो ऑफर लेटर का इंतजार कर रहे हैं. कंपनी की ओर से कहा गया है कि क्‍या वो आधी सैलरी पर ज्‍वाइन करेंगे. दुनियाभर में कंपनियां लगातार अपनी कॉस्‍ट कटिंग करने के लिए अलग-अलग तरह की कोशिश कर रही हैं. विप्रो के इस मेल को भी उसी कॉस्‍ट कटिंग के तौर पर देखा जा रहा है. इन कर्मचारियों की नियुक्ति वर्ष 2022 में हुई थी. जो कंपनी के कॉल का इंतजार कर रहे थे.

कंपनी ने अपने ईमेल में क्‍या कहा

कंपनी की ओर से कहा गया है कि हमारी इंडस्ट्री में दूसरों की तरह हम भी ग्लोबल इकोनामिक और कस्टमर की आवश्यकताओं का आकलन करते हैं. कंपनी ने कहा कि हमारी नियुक्ति कई चीजों पर निर्भर करती है. कंपनी की ओर से एंप्लाइज की सराहना करते हुए कहा कि हम आपके धैर्य की सराहना करते हैं. मेल में आगे कहा गया है कि हम आपके लिए सही अवसरों की पहचान करने का लगातार प्रयास करते रहते हैं. मौजूदा समय में हमारे पास 3.5 लाख LPA के पैकेज पर कुछ प्रोजेक्ट इंजीनियर रूल्स के लिए पद खाली हैं हम अपने सभी ग्रैजुएट्स को वर्ष 2023 के बैच में इन नौकरियों को चुनने का अवसर प्रदान करना चाहते हैं.

कंपनी ने यह भी कहा है कि अगर कोई ग्रैजुएट इन ऑफर को एक्सेप्ट करता है तो उसे मार्च से ऑनबोर्ड कर दिया जाएगा. कंपनी ने यह भी स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि इसके पहले के सभी ऑफर्स को खत्म माना जाएगा. कंपनी की ओर से यह भी कहा गया है कि अगर कोई कैंडिडेट इस ऑफर को मंजूर नहीं करना चाहता है तो वह अपने ओरिजिनल ऑफर पर जारी रह सकता है. कंपनी ने यह भी कहा है कि हम डेट ऑफ जॉइनिंग को लेकर अभी कोई वादा नहीं कर सकते हैं, क्योंकि हमारी भर्ती योजना मौजूदा इकोनामिक सिचुएशन और कस्टमर की जरूरतों के आधार पर तय हो रही हैं.

उम्‍मीदवार दे रहे हैं अपनी प्रतिक्रिया

कंपनी के इस मेल पर अलग-अलग कैंडिडेट अपनी अलग-अलग प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कई कैंडिडेट इस ऑफर से खुश नहीं है. कर्मचारियों का कहना है कि अगर कंपनी को हमें 3.5 LPA देने थे तो हम आखिर इसका इंतजार क्यों कर रहे हैं. हमें 3.5 LPA कोई भी कंपनी दे सकती है लेकिन हमने इसका इंतजार किया क्योंकि विप्रो जैसी कंपनी की ओर से हमारे पास ₹6.5 LPA  का ऑफर था. उम्मीदवारों का यह भी कहना है कि उनके पास कई विकल्प थे लेकिन बावजूद इसके उन्होंने विप्रो के लिए इंतजार किया.

विप्रो में हायरिंग का यह है सिस्टम

आईटी कंपनी विप्रो में कैंडिडेट्स को हेयर करने के लिए अपने अलग तरह का प्रोग्राम चलाती है कंपनी फ्रेश ग्रैजुएट्स को दो हाय रिंग प्रोग्राम प्रदान करती है, जिसमें पहला एलिट होता है और दूसरा टर्बो शामिल होता है. एलीट कैंडिडेट को 3.5 LPA के पैकेज की पेशकश की जाती है जबकि टर्बो कैंडिडेट को साडे ₹6.5LPA की पेशकश की जाती है. यदि एडिट कैंडिडेट को टर्बो के लिए क्वालीफाई करना है तो उन्हें कंपनी के वैलिडिटी प्रोग्राम के तहत ट्रेनिंग प्राप्त करनी होती है. यह कंपनी के टर्बो कैंडिडेट हैं जिन्हें ₹6.5 LPA  का पैकेज ऑफर किया गया था लेकिन अब उन्हें 3.5 LPA की पेशकश की जा रही है.


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