होम / बिजनेस / इंदौर की जिस कंपनी को अपना बनाना चाहते हैं अंबानी, उसके बारे में जानें सबकुछ
इंदौर की जिस कंपनी को अपना बनाना चाहते हैं अंबानी, उसके बारे में जानें सबकुछ
रिलायंस रिटेल अपने पोर्टफोलियो में 'आकाश नमकीन' को शामिल करना चाहती है. मध्य प्रदेश से शुरू हुई 'आकाश नमकीन' के प्रोडक्ट विदेशों में एक्सपोर्ट होते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
इंदौर की प्रसिद्ध 'आकाश नमकीन' रिलायंस के नाम हो सकती है. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि सॉफ्ट ड्रिंक ब्रांड कैंपा के अधिग्रहण के बाद अब रिलायंस रिटेल अपने पोर्टफोलियो में 'आकाश नमकीन' को शामिल करना चाहती है. मध्य प्रदेश से शुरू हुई 'आकाश नमकीन' के प्रोडक्ट विदेशों में एक्सपोर्ट होते हैं. कंपनी रतलामी सेव, चिवड़ा और भेल जैसे नमकीन के साथ-साथ पारंपरिक मिठाइयां भी बनाती है. इस कंपनी के रूप में रिलायंस को एक बना-बनाया मार्केट मिल जाएगा, और उस मार्केट को कैसे ऊंचाइयों पर ले जाना है ये मुकेश अंबानी अच्छे से जानते हैं.
इसलिए है अंबानी की नज़र
भारत में नमकीन खाने वालों की कोई कमी नहीं है. इसलिए इस सेक्टर से जुड़ी कंपनियां नए-नए प्रोडक्ट बाजार में लाती रहती हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार, 2026 तक नमकीन बाजार के 2.88 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है. इसलिए अंबानी की रिलायंस इस क्षेत्र में अपने पैर जमाना चाहती है. हालांकि, उसे पहले से स्थापित और तेजी से आगे बढ़ रहे ब्रांड्स से कड़ी चुनौती भी मिलेगी. बता दें कि इस सेक्टर में Haldiram’s, Pepsico, Balaji, ITC (Bingo) और Bikanervala (Bikano) का अच्छा-खासा दबदबा है.
कब हुई थी शुरुआत?
जिस 'आकाश नमकीन' को रिलायंस अपना बनाना चाहती है. उसकी शुरुआत साल 1936 में मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से हुई थी. कंपनी के पास इंदौर में अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है. इसके साथ ही 7 को-पैकिंग यूनिट हैं. जिसमें पूर्वी भारत में 4, उत्तरी भारत में 2 और पश्चिमी भारत में 1 यूनिट है. देश के साथ-साथ कंपनी के प्रोडक्ट विदेशों में भी जाते हैं. खासकर अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, मिडिल ईस्ट, न्यूजीलैंड और श्रीलंका में 'आकाश नमकीन' के प्रोडक्ट एक्सपोर्ट होते हैं.
प्रोडक्ट पोर्टफोलियो
आकाश का प्रोडक्ट पोर्टफोलियो की बात करें, तो नमकीन में रतलामी सेव, मूंग दाल, मिक्सचर, पीनट, बूंदी, काजू मसाला, सालेटेड काजू, चिवड़ा, सोया स्टिक, गंठिया और भुजिया शामिल है. इसके अलावा, कंपनी मखाना, बॉम्बे फटाफट भेल, लाइट चिवड़ा और लाइट मिक्सचर भी बनाती है. कंपनी पारंपरिक मिठाई भी बेचती है. इसमें बेसन के लड्डू, सोहन पापड़ी, रसगुल्ला और गुलाब जामुन शामिल हैं. कंपनी की स्थापना हीरा लाल गुप्ता ने की थी और इसके डायरेक्टर रजनीश गुप्ता हैं.
क्यों बिक रही है कंपनी?
अब सवाल ये उठता है कि जब नमकीन सेक्टर के आगे और ग्रो करने की संभावना है, तो 'आकाश नमकीन' के बिकने की खबरें क्यों आ रही हैं? नमकीन सेक्टर में प्रतियोगिता काफी बढ़ गई है. बड़ी-बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियां इस बाजार में कूद चुकी हैं. आने वाले समय में इस प्रतियोगिता में और तेजी आने की उम्मीद है. इस लिहाज से 'आकाश नमकीन' को बड़े पैमाने पर बदलाव करना होगा और इसके लिए बड़ी पूंजी की आवश्यकता होगी. संभव है कि कंपनी के मालिक इसके लिए तैयार न हों. कहा ये भी जा रहा है कि 'आकाश नमकीन' का मार्केट अब पहले जितना नहीं रहा है.
टैग्स