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...तो इसलिए फेसबुक का नाम Meta कर दिया गया? Meta, India के MD ने बताया कारण
कंपनी का प्लान बताते हुए उन्होंने कहा, "हम लोगों के लिए 3D संसार बना रहे हैं. कंपनी ऐसी टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है, जिससे महसूस करने की आपकी पूरी दुनिया बदल जाएगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: BW Disrupt 30 Under 30 2022 इवेंट में जिस शख्स का सबको बेसब्री से इंतजार था, वे थे, Meta, India के Managing Director & Vice President अजीत मोहन. उन्होंने BW Business World के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ और एक्सचेंज4मीडिया के फाउंडर डॉक्टर अनुराग बत्रा के साथ शानदार कन्वर्सेशन किया. इस दौरान उन्होंने बताया कि 'फेसबुक' कंपनी का नाम बदलकर 'मेटा' क्यों कर दिया गया?
फेसबुक का नाम Meta क्यों कर दिया गया?
अजीत मोहन ने बताया, "कंपनी का विस्तार हो रहा था. इवेंट्स, रिसर्च, प्रोडक्ट, कमर्शियल डील सबका विस्तार हो रहा था. लोगों में भी फेसबुक ऐप और फंसबुक कंपनी को लेकर कन्फ्यूजन रहता था. कंपनी यह नहीं चाहती थी कि उसकी पहचान सिर्फ एक सोशल मीडिया कंपनी के तौर पर ही रह जाए, जबकि हम सोशल मीडिया से कहीं आगे बढ़कर काम कर रहे हैं. कंपनी मेटावर्स वर्ल्ड (वर्चुअल रियलटी) की तैयारी में जुटी है. ऐसे में कंपनी को एक ऐसे नाम की जरूरत थी, जो इसके सभी कामों को रिप्रजेंट करे."
'मेटा' का आगे का प्लान
कंपनी का प्लान बताते हुए उन्होंने कहा, "हम लोगों के लिए 3D संसार बना रहे हैं. कंपनी ऐसी टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है, जिससे महसूस करने की आपकी पूरी दुनिया बदल जाएगी. आप जब लोगों से डिजिटली जुड़ेंगे तो ऐसा महसूस ही नहीं होगा कि आपके बगल वाला व्यक्ति आपसे दूर है. आपको उसे स्पर्श करने का अहसास होगा."
वर्चुअल वर्ल्ड की दुनिया
उन्होंने बताया, "मेटा जिस टेक्नोलॉजी पर काम कर रही है, वह वर्चुअल वर्ल्ड की एक ऐसी दुनिया होगी, जहां पर आप रियल वर्ल्ड का अनुभव करेंगे. उदाहरण के तौर पर आप घर बैठे किसी दुकान से खरीदारी कर सकेंगे, यानी आपके सामने एक ऐसी वर्चुअल दुनिया क्रिएट हो जाएगी, जिससे लगेगा कि आप उस दुकान में जाकर खरीददारी करके आए हैं. आप कोई ऑनलाइन मीटिंग करेंगे तो एक ऐसा वर्चुअल मीटिंग रूम क्रिएट हो जाएगा, जिससे आपको लगेगा कि दूर बैठा व्यक्ति भी आपकी बगल में बैठा है और आप मीटिंग रूम के अंदर है."
मेटावर्स का है फ्यूचर
अजीत मोहन ने बताया कि फ्यूचर मेटावर्स का है. कंपनी इस दुनिया में काफी आगे बढ़ चुकी है. इसलिए कंपनी का नाम बदलना जरूरी हो गया था. मेटावर्स के जरिए लोग डिजिटली एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे, एक-दूसरे को स्पर्श करने जैसा महसूस कर सकेंगे. आपको बता दें कि 'फेसबुक' ने अक्टूबर, 2021 में कंपनी का नाम बदलकर 'मेटा' कर दिया था.
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