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Quant MF के खिलाफ क्यों हुई सेबी की कार्रवाई? क्या जारी रखनी चाहिए SIP
Quant MF पर फ्रंट रनिंग के आरोप लगे हैं. इन्हीं फ्रंट रनिंग के आरोपों के चलते कंपनी पर सेबी ने कार्रवाई की है. कंपनी ने भी सेबी के आरोपों पर जवाब दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
म्यूचुअल फंड की दुनिया में एक बड़ी कंपनी Quant MF पर फ्रंट रनिंग के आरोप लगे हैं. अब Quant MF पर लगे इन आरोपों के चलते सेबी ने कंपनी के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है. सेबी ने इस फ्रंट रनिंग के आरोपों के चलते कंपनी के कई ऑफिसों में छापेमारी की है और कंपनी के एजेंटों से पूछताछ भी की है. इस मामले में सबसे बड़ी समस्या कंपनी में पैसा लगाने वालों की तरह से है जिन्हें ये समझ में नहीं आ रहा है कि उन्हें अपनी SIP जारी रखनी चाहिए या नहीं.
आखिर क्या हैं ये आरोप?
Quant MF पर फ्रंट रनिंग के आरोप लगे हैं. सबसे पहले आपको बताते हैं कि आखिर फ्रंट रनिंग क्या होता है. क्वांट पर फ्रंट रनिंग का आरोप है. फ्रंट रनिंग असल में भेदिया कारोबार (Insider Trading) और मार्केट हेरफेर (Market Manipulation) का ही एक रूप है. इसमें फंड मैनेजर या ब्रोकर को भविष्य में आने वाले डील की जानकारी होती है. इस जानकारी का पता होने के साथ वे डील होने से पहले अपने व्यक्तिगत खाते से उस कंपनी के शेयर खरीद लेते हैं और जब शेयर बढ़ता है, तो वे उसे बेचकर तगड़ा मुनाफा कमाते है.
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फ्रंट रनिंग के आरोपों पर कंपनी ने कही ये बात
Quant MF पर लगे फ्रंट रनिंग के आरोपों को लेकर कंपनी ने सफाई दी है. कंपनी का कहना है कि ये हमारी पॉलिसी का हिस्सा है कि हम मीडिया रिपोर्टस पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी नहीं करते हैं. लेकिन हम अपने निवेशकों के प्रति पारदर्शिता बरतते हुए कुछ प्वॉइंट के बारे में बताना चाहते हैं. क्वांट ने स्वीकार किया कि सेबी ने उससे इंक्वायरी की है। हालांकि, अपने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि वह एक रेगुलेटेड एंटिटी है और वह किसी भी समीक्षा के दौरान कैपिटल रेगुलटर का सहयोग करना जारी रखेगी. उसने कहा कि हम जरूरत के मुताबिक सेबी जरूरी डेटा उपलब्ध कराते रहेंगे.
अब निवेशक पर हो रहा है क्या असर?
क्वांट म्यूचुअल फंड बाजार में एक बड़ा म्यूचुअल फंड है. इस फंड में लाखों लोग हर महीने एसआईपी के जरिए योगदान देते हैं. सेबी की इस कार्रवाई के बाद अब उनकी समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर अब अपने इस निवेश को भविष्य में जारी रखें या नहीं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जानकारों का कहना है कि फ्रंट रनिंग का आरोप कंपनी पर नहीं लगा है बल्कि व्यक्ति पर लगा है. अगर सेबी की जांच में दोषी पाया जाता है तो उसे कंपनी से निकाल दिया जाएगा. वहीं दूसरी ओर फंड के रिजल्ट पर नजर डालें तो वो बेहतर रहा है. ऐसे में जानकार कह रहे हैं कि निवेशकों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है.
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