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Vedanta ने दिखाई तकनीकी ताकत, 1000 मेगावाट की क्षमता के साथ लौटी मीनाक्षी एनर्जी
1,000 मेगावाट की मीनाक्षी ऊर्जा परियोजना पूरी तरह चालू, भारत की ऊर्जा जरूरतों को देगा नया बल
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
वेदांता लिमिटेड (Vedanta) की अनुषंगी कंपनी मीनाक्षी एनर्जी लिमिटेड (MEL) ने अपनी 1,000 मेगावाट की थर्मल पावर प्लांट परियोजना के अब पूरी तरह से चालू होने की घोषणा की है. इस परियोजना में दो इकाइयाँ 350 मेगावाट की और दो इकाइयाँ 150 मेगावाट की हैं.
वर्ष 2023 में वेदांता द्वारा अधिग्रहित की गई मीनाक्षी एनर्जी ने केवल दो वर्षों के भीतर उल्लेखनीय पुनरुद्धार करते हुए एक संरचित और तीव्र चालूकरण योजना के तहत अपनी पूरी क्षमता हासिल की है. इस वर्ष की शुरुआत में 150 मेगावाट की दोनों इकाइयाँ चालू कर दी गई थीं, और इसी माह 350 मेगावाट की दोनों इकाइयाँ भी सफलतापूर्वक चालू कर दी गई हैं. इसके साथ ही मीनाक्षी एनर्जी की संपूर्ण 1,000 मेगावाट क्षमता अब राष्ट्रीय ग्रिड में स्थिर और टिकाऊ ऊर्जा प्रदान करने के लिए तैयार है.
वेदांता की तकनीकी दक्षता से सशक्त MEL, आधुनिकतम तकनीक से सुसज्जित है जो दक्षता, विश्वसनीयता और सततता को सुनिश्चित करती है. उच्च दक्षता वाली टरबाइनों, उन्नत नियंत्रण प्रणालियों और अनुकूलित संचालन प्रक्रियाओं के साथ यह संयंत्र भारत के नवीनतम और सबसे प्रभावी थर्मल प्लांट्स में से एक बन गया है. यह संयंत्र न केवल आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति करता है, बल्कि ग्रिड को भी स्थिर बेसलोड पावर देने में सक्षम है.
इस उपलब्धि पर वेदांता लिमिटेड के पावर डिवीजन के सीईओ राजिंदर सिंह आहूजा ने कहा, "भारत की 70% से अधिक बिजली उत्पादन क्षमता थर्मल परियोजनाओं से आती है, जो देश की ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़ हैं. मीनाक्षी एनर्जी की पुनरारंभ सफलता भारत की ऊर्जा मांग को पूरा करने में वेदांता की प्रतिबद्धता को दर्शाती है और हमें देश का सबसे कुशल और सतत ऊर्जा उत्पादक बनने की दिशा में आगे बढ़ाती है."
MEL की एक विशिष्ट विशेषता यह है कि यह संयंत्र अपने सभी औद्योगिक कार्यों के लिए 100% खारे पानी का उपयोग करता है, जिससे मीठे पानी पर निर्भरता समाप्त हो जाती है. यह कदम कृषि और स्थानीय समुदायों के लिए जल संरक्षण में योगदान देता है और भारत के जल-सुरक्षा लक्ष्यों के अनुरूप है. संयंत्र ने राख ताल से जल पुनर्प्राप्ति प्रणाली भी लागू की है और पुराने राख-कचरे का भी समापन कर दिया गया है, जिससे यह परियोजना पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में अग्रसर है.
इसके अतिरिक्त, संयंत्र में कार्यरत 1150 कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए MEL ने एक विश्व-स्तरीय डिजिटल सुरक्षा और जोखिम प्रबंधन प्रणाली अपनाई है, जिससे रिपोर्टिंग को मानकीकृत किया गया है और एक सक्रिय सुरक्षा संस्कृति को बढ़ावा मिला है.
वेदांता पावर भारत के प्रमुख निजी बिजली उत्पादकों में से एक है जिसकी कुल स्थापित क्षमता 4,780 मेगावाट है. इसका पोर्टफोलियो निम्नलिखित संयंत्रों को सम्मिलित करता है:
- तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (1980 मेगावाट, पंजाब)
- वेदांता लिमिटेड छत्तीसगढ़ थर्मल पावर प्लांट (1200 मेगावाट, सिंहीतराई, छत्तीसगढ़)
- मीनाक्षी एनर्जी (1000 मेगावाट, तिरुपति, आंध्र प्रदेश)
- झारसुगुड़ा थर्मल पावर प्लांट (600 मेगावाट, ओडिशा)
मीनाक्षी एनर्जी का यह पुनरुद्धार भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और औद्योगिक विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा.
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