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महंगाई के आंकड़ों से डरे अमेरिकी बाजार, डाओ 1200 अंक टूटा, ब्याज दर बढ़ने की चिंता हावी
अमेरिकी बाजारों और निवेशकों को अनुमान था कि अगस्त में रिटेल महंगाई दर ज्यादा आएगी, लेकिन कल के आंकड़ों ने उन सभी को चौंका दिया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
मुंबई: मंगलवार का दिन अमेरिकी शेयर बाजारों के लिए अमंगल साबित हुआ. कल अमेरिका के अगस्त महीने के रिटेल महंगाई के आंकड़े क्या जारी हुए अमेरिकी बाजार औंधे मुंह गिर गए. अगस्त की महंगाई दर उम्मीद से कहीं ज्यादा आने से अमेरिकी बाजारों में ब्याज दरों में एक बड़ी बढ़ोतरी का भय फिर लौट आया है.
अमेरिकी बाजार औंधे मुंह गिरे
लगातार पांच ट्रेडिंग सेशन से अच्छी तेजी दिखा रहे अमेरिकी बाजार मंगलवार को धड़ाम हो गए, डाओ जोंस 1276 अंक टूटकर बंद हुआ है, जो कि परसेंट के लिहाज से करीब 4 परसेंट होता है. जबकि नैस्डेक 5 परसेंट से ज्यादा या 633 अंक टूटकर बंद हुआ है. S&P500 में भी 4 परसेंट से ज्यादा की गिरावट रही है. 11 जून 2020 के बाद वॉल स्ट्रीट का ये सबसे खराब दिन था. मंगलवार को आए महंगाई के आंकड़ों ने इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है कि महंगाई के कम होने की शुरुआत हो चुकी है. अगस्त के आंकड़ों के बाद अब इस बात की पूरी संभावना है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लेकर कोई नरम रुख नहीं अख्तियार करेगा, जिसका सीधा असर अमेरिकी इकोनॉमी पर पड़ेगा.
अगस्त रिटेल महंगाई दर के आंकड़ों से निराश
अमेरिकी बाजारों और निवेशकों को अनुमान था कि अगस्त में रिटेल महंगाई दर ज्यादा आएगी, लेकिन कल के आंकड़ों ने उन सभी को चौंका दिया. अगस्त के महीने में अमेरिका की सालाना महंगाई दर 8.3 परसेंट आई है, जबकि अनुमान जताया जा रहा था कि ये 8.1 परसेंट के करीब रहेगी. हालांकि जुलाई में 8.5 परसेंट के मुकाबले रिटेल महंगाई दर भले ही कम है. लेकिन उम्मीद इससे कहीं ज्यादा कटौती की थी. जुलाई और अगस्त में महंगाई दर में जो भी कमी आई है वो ईंधन की कीमतें गिरने की वजह हैं. खाने-पीने की चीजें, घर और कार समेत दूसरे घरेलू सामानों की कीमतें बढ़ी हैं. जून में CPI 9.1 परसेंट रही थी, जो कि नवंबर 1981 के बाद से सबसे बड़ा आंकड़ा है.
फेड से नरमी की उम्मीद खत्म
महंगाई के ये आंकड़े फेडरल रिजर्व की 20-21 सितंबर को होने वाली बैठक से पहले आए हैं. CPI के इन नए आंकड़ों से फेड की ओर से अब किसी नरमी की गुंजाइश भी खत्म हो गई है. निवेशकों को उम्मीद थी कि फेड ब्याज दरें तो बढ़ाएगा लेकिन एक दायरे में रहकर. लेकिन मनी मार्केट में अब कहा जा रहा है कि 80 परसेंट का अनुमान है कि फेडरल रिजर्व 75 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी करेगा जबकि 20 परसेंट मानते हैं 100 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी होगी. फेडरल रिजर्व के लिए महंगाई का लक्ष्य 2 परसेंट है, जो कि इस वक्त इससे कहीं ज्यादा है. फेड ये साफ कर चुका है कि उसका पहला काम महंगाई को काबू करना है, इसके लिए वो लगातार ब्याज दरें बढ़ाता भी रहा है. अबतक फेडरल रिजर्व 225 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर चुका है, अमेरिका में ब्याज दरें जीरो परसेंट से बढ़कर 2.25-2.5 परसेंट की रेंज में आ गई हैं और 2023 तक ये बढ़ोतरी जारी रहने का अनुमान है.
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