होम / बिजनेस / अब इस देश में भी चलेगा अपना UPI, जानें किस तरह मिलेगा फायदा
अब इस देश में भी चलेगा अपना UPI, जानें किस तरह मिलेगा फायदा
UPI के सिंगापुर के पे-नाऊ के साथ जुड़ने से दोनों देशों के बीच क्रॉस-बॉर्डर कनेक्टिविटी के तहत आसानी और तेजी से पैसे ट्रासंफर किए जा सकेंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी UPI इस्तेमाल करने वालों के लिए अच्छी खबर है. अब वो सिंगापुर में रहने वाले अपनों को आसानी से पैसा भेज और प्राप्त कर सकेंगे. दरअसल, भारत और सिंगापुर के बीच मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से मनी ट्रांसफर की सुविधा का उद्घाटन PM मोदी और सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली हेसिन लूंग ने किया है. इसके तहत UPI, सिंगापुर के Paynow से कनेक्ट किया जाएगा.
डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा
UPI के सिंगापुर के पे-नाऊ के साथ जुड़ने से दोनों देशों के बीच क्रॉस-बॉर्डर कनेक्टिविटी के तहत आसानी और तेजी से पैसे ट्रासंफर किए जा सकेंगे. इस सुविधा के तहत सिंगापुर में रहने वाले भारतीय अब UPI का इस्तेमाल कर भारत में पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे. वहीं, सिंगापुर में पढ़ने वाले छात्रों के पेरेंट्स भी भारत से उन्हें आसानी से मनी ट्रांसफर कर पाएंगे. इससे दोनों देशों के बीच डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा मिलेगा.
सिंगापुर में इतने भारतीय
UPI और Paynow कनेक्टिविटी का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली हेसिन लूंग ने किया. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आज इस सुविधा की लॉन्च के मौके पर आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास भी मौजूद रहे. एक रिपोर्ट के मुताबिक, सिंगापुर में भारतीय मूल के करीब 3.45 लाख से ज्यादा लोग हैं. बड़ी संख्या में छात्र और प्रवासी कामगार भी वहां रहते हैं. अब सभी आसानी से UPI की मदद से पैसों का लेनदेन कर सकेंगे. यूपीआई और पे-नाऊ कनेक्टिविटी दोनों देशों के बीच व्यापार के लिहाज से भी फायदेमंद साबित होगी.
क्या है मौजूदा व्यवस्था?
मौजूदा व्यवस्था के तहत NRI को यूपीआई के जरिए ट्रांजैक्शन की सुविधा तो मिलती थी, लेकिन केवल उन्हीं को जिनके पास भारतीय सिमकार्ड वाला फोन उपलब्ध था. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा अब सिंगापुर के लोग बिना किसी झंझट के आसानी से ट्रांजैक्शन कर सकेंगे. बता दें UPI भारत में मोबाइल आधारित रैपिड पेमेंट सिस्टम है, जो वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (VPA) का इस्तेमाल करते हुए यूजर्स को किसी भी वक्त पेमेंट्स करने देता है.
ये है भविष्य की योजना
सिंगापुर के साथ यूपीआई की शुरुआत के बाद अन्य कई देशों में इसके उपयोग की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है. बताया जा रहा है कि इस लिस्ट में आस्ट्रेलिया, कनाडा, कंबोडिया, वियतनाम, जापान, ताइवान जैसे देश शामिल हैं. सरकार तकरीबन 30 देशों के साथ UPI प्रणाली को अपनाने को लेकर बातचीत कर रही है.
टैग्स