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IPO के कद्रदानों के लिए अच्छी खबर, इन 3 कंपनियों को भी SEBI से मिल गई मंजूरी

इस साल अब तक आए आईपीओ में से अधिकांश ने निवेशकों को खुश होने का मौका दिया है. जबकि पिछले साल स्थिति खास अच्छी नहीं थी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी कि IPO में पैसा लगाने वालों के लिए अच्छी खबर है. तीन और कंपनियों को बाजार नियामक SEBI से आईपीओ के लिए मंजूरी मिल गई है. इन कंपनियों के नाम हैं - ज्योति CNC ऑटोमेशन लिमिटेड, BLS ई-सर्विसेज लिमिटेड और पॉपुलर व्हीकल्स एंड सर्विसेज लिमिटेड. तीनों कंपनियों ने अगस्त और अक्टूबर के बीच भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के समक्ष आईपीओ के लिए शुरुआती दस्तावेज पेश किए थे. हालांकि, कंपनियों ने आईपीओ के डेट के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है.

इसमें नहीं होगा OFS
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ज्योति CNC ऑटोमेशन की योजना अपने आईपीओ से 1000 करोड़ रुपए जुटाने की है. इस IPO में केवल नए शेयर जारी किए जाएंगे. इसमें बिक्री पेशकश (OFS) शामिल नहीं है. आईपीओ से प्राप्त होने वाली राशि का इस्तेमाल कंपनी कर्ज भुगतान, दीर्घकालिक कार्यशील पूंजी संबंधी जरूरतों के वित्तपोषण और सामान्य कामकाज के लिए करेगी. बता दें कि ज्योति सीएनसी ऑटोमेशन कंप्यूटर न्यूमेरिकल कंट्रोल मशीनों के लीडिंग निर्माताओं में शुमार है. 

ये है कंपनी की योजना
वहीं, BLS ई-सर्विसेज लिमिटेड अपने आईपीओ के तहत 2.41 करोड़ नए शेयर जारी करेगी. इसमें भी OFS यानी Offer for Sale शामिल नहीं है. कंपनी ने बताया है कि वो आईपीओ से प्राप्त धनराशि का इस्तेमाल नई क्षमताओं को विकसित करने और मौजूदा प्लेटफॉर्म को मजबूत करने के लिए करेगी. यह कंपनी BLS International की सब्सिडरी है, जो वीजा सेवाएं प्रदान करती है. इसी तरह, पॉपुलर व्हीकल्स एंड सर्विसेज के आईपीओ में 250 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे. साथ ही इसमें 1.42 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री OFS के जरिए होगी. कंपनी IPO से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और सामान्य कामकाज के लिए करेगी. यह कंपनी मारुति सुजुकी, होंडा की यात्री वाहन डीलरशिप और टाटा मोटर्स की वाणिज्यिक वाहन डीलरशिप का संचालन करती है. 

क्या होता है IPO?
जब कोई कंपनी इक्विटी मार्केट से यानी शेयर बाजार से पैसे जुटाना चाहती है तो उसके पास बहुत से तरीके होते हैं. उसी में से एक तरीका होता है IPO. दूसरे शब्दों में कहें तो जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर पब्लिक में बेचने के लिए ऑफर करती है, तो उसे Initial Public Offering या IPO कहते हैं. ये शेयर BSE और NSE जैसे स्टॉक एक्सचेंज के जरिए निवेशकों की खरीद के लिए रखे जाते हैं. जब ये शेयर निवेशकों द्वारा खरीद लिए जाते हैं तो वो कंपनी स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट हो जाती है. सरल शब्दों में कहें तो कंपनी शेयरों के रूप में अपनी कुछ हिस्सेदार निवेशकों को बेच देती है और उससे पैसा जुटाती है.


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