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शांत उदयपुर में चंद घंटे की अशांति टूरिज्म इंडस्ट्री को पड़ी भारी, होटलों की बुकिंग रद्द
राजस्थान के शहर उदयपुर में दो स्कूली छात्रों के झगड़े को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई. फिलहाल वहां हालात पूरी तरह सामान्य हैं.
नीरज नैयर 1 year ago
उदयपुर में स्कूली बच्चों के झगड़े के बाद हुई हिंसा पर काबू पा लिया गया है. पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और लोगों से कानून व्यवस्था को बनाए रखने की अपील की जा रही है. शुक्रवार को शहर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में छात्रों के बीच चाकूबाजी की घटना हुई, इसके बाद पूरे मामले को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश के तहत गाड़ियों को आग के हवाले किया गया. पुलिस-प्रशासन ने चंद ही घंटों में पूरी स्थिति को काबू में कर लिया, लेकिन ये चंद घंटे शहर की टूरिज्म इंडस्ट्री के लिए बड़ा झटका साबित हुए हैं.
पिछले साल टूटा रिकॉर्ड
शांत उदयपुर में अशांति की यह घटना शुक्रवार को हुई, ऐसे में वीकेंड यानी शनिवार-रविवार को यहां पहुंचने वाले पर्यटकों में से अधिकांश ने अपनी यात्रा स्थगित कर दी है. बड़े पैमाने पर होटलों की बुकिंग कैंसिल हुई हैं. झीलों की नगरी उदयपुर देशी-विदेशी पर्यटकों को काफी आकर्षित करता है. पिछले साल यहां रिकॉर्डतोड़ 19.90 लाख पर्यटक पहुंचे थे. यह आंकड़ा बीते 14 सालों में सबसे ज्यादा है. उदयपुर की अर्थव्यवस्था काफी हद तक टूरिज्म पर निर्भर है. ऐसे में यहां होने वाली हर घटना सीधे तौर पर राज्य की आर्थिक सेहत और पर्यटन से जुड़े लोगों को प्रभावित करती है.
बड़ा करके दिखाया गया
कारोबारियों का कहना है कि शुक्रवार की घटना बच्चों के बीच का संघर्ष थी, जिसे बेवजह साम्प्रदायिक रंग देने का प्रयास हुआ. उनका यह भी कहना है कि नेशनल मीडिया में इस घटना को इतना बड़ा करके दिखाया कि बाहर से यहां आने वालों में खौफ निर्मित हो गया. BW हिंदी से बातचीत में उदयपुर होटल एसोसिएशन के प्रेसिडेंट सुदर्शन देव कारोही ने कहा कि इस घटना से शहर की टूरिज्म इंडस्ट्री को बड़ा नुकसान हुआ है. शनिवार-रविवार के लिए होटलों को काफी बुकिंग मिली थीं, जिनमें से अधिकांश रद्द हो गई हैं.
19 तक पीक सीजन
सुदर्शन देव कारोही ने कहा कि उदयपुर शांत रहता है. पर्यटकों को यहां किसी किस्म का कोई खतरा नहीं है. लेकिन इस तरह की घटनाओं को जिस ढंग से पेश किया जाता है, उससे टूरिस्ट में खौफ पैदा हो जाता है. उन्होंने कहा कि पर्यटन के लिहाज से 19 तारीख तक हमारे लिए पीक सीजन है. इसके अलावा, जन्माष्टमी पर भी पर्यटकों के जमावड़े की उम्मीद है. ऐसे में शुक्रवार की घटना इंडस्ट्री के लिए बड़े झटके से कम नहीं है.
खबर देखकर न बनाएं राय
कारोही ने कहा कि दूसरे राज्यों से यहां आने वाले पर्यटक न्यूज़ चैनलों पर खबर देखकर शहर के बारे में राय कायम कर लेते हैं, जबकि कई बार असलियत काफी अलग होती है. शुक्रवार की घटना को भी काफी बड़ा करके दिखाया गया, जिसका खामियाजा हमें उठाना पड़ रहा है. उदयपुर होटल एसोसिएशन ने पुलिस-प्रशासन से गाड़ियों में आगजनी करके माहौल गर्माने वालों को तुरंत गिरफ्तार करके कड़ी सजा देने की मांग की है. एसोसिएशन का कहना है कि शहर की शांत फिजा खराब करने वाले ऐसे असामाजिक तत्वों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.
2022 में मिले थे गहरे ज़ख्म
इससे पहले, 2022 में उदयपुर में दर्जी कन्हैयालाल की तालिबानी स्टाइल में हुई हत्या ने शहर की टूरिज्म इंडस्ट्री को गहरे जख्म दिए थे. इस घटना के बाद होटलों की 60 से 70% बुकिंग रद्द हो गयी थी. केवल होटल इंडस्ट्री ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े हर व्यक्ति को कीमत चुकानी पड़ी थी. हैंडीक्राफ्ट, टूर गाइड, टूर ऑपरेटर से लेकर कच्चे माल के आपूर्तिकर्ता तक प्रभावित हुए थे. राजस्थान के इस शहर में हर साल बड़ी संख्या में भारतीय और विदेशी सैलानी पहुंचते हैं. उदयपुर टूरिस्ट के साथ-साथ वेडिंग डेस्टिनेशन भी है.
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