✕

होम / बिजनेस / अच्छी खबरः ऐसा हुआ तो ही मिलेगी महंगाई से राहत, इकोनॉमी को लग जाएंगे पंख

अच्छी खबरः ऐसा हुआ तो ही मिलेगी महंगाई से राहत, इकोनॉमी को लग जाएंगे पंख

इस बार अगर पूरे देश में बारिश का स्तर सामान्य रहा तो भी यह देश की इकोनॉमी को सुहाना करने वाला होगा। जहां एक तरफ जून में देश के तमाम हिस्सों में 50 फीसदी से अधिक सूखा रहा

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

नई दिल्लीः इस बार अगर पूरे देश में बारिश का स्तर सामान्य रहा तो भी यह देश की इकोनॉमी को सुहाना करने वाला होगा। जहां एक तरफ जून में देश के तमाम हिस्सों में 50 फीसदी से अधिक सूखा रहा, वहीं अगले तीन महीनों की बारिश महंगाई से लोगों को राहत दिला सकती है। एक्सपर्ट की मानें तो ग्रामीण क्षेत्रों में जो फिलहाल महंगाई की दर मई माह में सात फीसदी तक पहुंच गई थी, उसमें भी राहत मिलेगी।

खाद्यान, सब्जियां हो जाएंगी सस्ती

दलहन, तिलहन सहित इस वक्त फल-सब्जियों की कीमतें आसमान पर पहुंच गई हैं। मानसून फिलहाल देश के ज्यादातर हिस्सों में पहुंच तो गया है। फिलहाल पूर्वी, दक्षिण और पश्चिमी हिस्से में बारिश अच्छी हुई है, लेकिन मध्य और उत्तरी भारत में मानसून अभी पहुंचा ही है। हालत ये है कि जून माह में देश के आधे हिस्से में मानसून सक्रिय था वहीं आधे हिस्से में जून के आखिर और जुलाई के पहले हफ्ते में बारिश होना शुरू हुई है।

खाद्य वस्तुओं पर महंगाई की मार

केंद्र सरकार के द्वारा जारी डाटा के अनुसार मई में महंगाई दर 7.04 फीसदी थी जो कि अप्रैल के मुकाबले कम थी। अप्रैल में यह दर 7.79 फीसदी थी। यह दर खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ने और रूस-यूक्रेन का युद्ध शुरू होने के बाद से हुई थी।

इकोनॉमी को मानसून देगा बूस्टर डोज

 जैसे कोरोना काल में सरकार लोगों को चौथे चरण से बचाने के लिए बूस्टर डोज भी दे रही है, वैसे ही इकोनॉमी को ऐसा डोज मानसून से मिलने जा रहा है। एसएलसीएम ग्रुप के सीईओ संदीप सभरवाल के अनुसार, लगातार चौथे साल मानसून के सामान्य रहने की उम्मीद है जो इकोनॉमी पर एक पॉजिटिव इम्पैक्ट देगा।

इनकी कीमतों में भी आएगी कमी

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटी के सीनियर इकोनॉमिस्ट सुवोदीप रक्शित ने कहा कि फल-सब्जी के अलावा फर्टिलाइजर्स, खाद्य तेल और मेटल्स की कीमतों में भी कमी आने की संभावना है। मानसून के अच्छा रहने से भारत में इन ग्लोबल आइटम्स की कीमतों में भी कमी आने की संभावना है।

खेती पर 14 फीसदी निर्भरता  

खेती पर भारत की जीडीपी की 14 फीसदी निर्भरता है और यह 42 फीसदी लोगों को रोजगार मुहैया कराता है। ग्राम उन्नति के फाउंडर अनीश जैन ने कहा कि जहां देश की 55 फीसदी भूमि पर खेती होती है, तो इसका अच्छे मानसून से असर पड़ना स्वाभाविक है, क्योंकि इससे जुड़ी इंडस्ट्री भी सीधे तौर पर लाभान्वित होती है।

गेहूं, दाल और चावल जो भारत के खाने में अपना एक अभिन्न स्थान रखते हैं उनको भारी बारिश चाहिए होती है उगने के लिए। बारिश अच्छी होने पर खेती अच्छी होती है वर्ना सूखे की मार पड़ती है। ग्रामीण भारत के लिए खरीफ की फसल अच्छी होना जरूरी है, क्योंकि यह वहां की महंगाई पर असर डालता है। अगर फसल अच्छी होगी तो ग्रामीण इलाकों में महंगाई कम होगी, जो इकोनॉमी के लिए अच्छी बात है।
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

2030 तक भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 530 GW पहुंचने का अनुमान, सौर ऊर्जा की होगी 80% से ज्यादा हिस्सेदारी: IEA

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के मुताबिक, भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 2030 तक बढ़कर करीब 530 गीगावॉट हो सकती है. इस विस्तार में सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी 80 फीसदी से अधिक रहने का अनुमान है.

4 hours ago

NSE-Augmont के EGR सेगमेंट में पहले दिन ₹33.11 करोड़ का कारोबार, 2.27 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स की ट्रेडिंग

NSE और Augmont की साझेदारी में इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (EGR) सेगमेंट में 6 नवंबर को लाइव ट्रेडिंग की शुरुआत हुई. पहले ही दिन इसमें 33.11 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया गया.

4 hours ago

सरकार ने चावल बिक्री का लक्ष्य दोगुना किया, OMSS के तहत अब 50 लाख टन बेचेगी

सरकार 31 अक्टूबर तक ई-नीलामी के जरिए 25 लाख टन चावल बेच चुकी है. इसके साथ ही चावल और धान के स्टॉक की साप्ताहिक जानकारी देना भी अनिवार्य कर दिया गया है.

8 hours ago

भारतीय इक्विटी फंड्स का उभरते बाजारों से बेहतर प्रदर्शन, 17 साल में सबसे बड़ी बढ़त

अमेरिकी इक्विटी फंड्स में भी 32 अरब डॉलर का निवेश आया. वहीं, ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट (GEM) फंड्स में 3.6 अरब डॉलर का निवेश दर्ज किया गया, जो तीन महीने का उच्चतम स्तर है.

8 hours ago

दो सप्ताह में करीब 3.9 अरब डॉलर घटा भारत का विदेशी मुद्रा भंडार, 717 अरब डॉलर पर आया

RBI के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 30 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में देश का फॉरेक्स रिजर्व 2.6 अरब डॉलर घटकर 717 अरब डॉलर रह गया. इससे पिछले सप्ताह भी इसमें करीब 1.27 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी.

9 hours ago


बड़ी खबरें

“अगर बोर्ड बंटा हुआ है, तो सभी की ब्रांड वैल्यू घटती है”

रवि राजन एंड कंपनी के संस्थापक एवं मैनेजिंग पार्टनर और BSE के पूर्व चेयरमैन एस रवि ने BW Businessworld के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ अनुराग बत्रा के साथ इस बातचीत में उत्तराधिकारियों के मूल्यांकन, सार्वजनिक विवादों से कारोबार को बचाने और संपत्ति सृजन में कॉरपोरेट गवर्नेंस की अहमियत पर चर्चा की.

1 day ago

2030 तक भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 530 GW पहुंचने का अनुमान, सौर ऊर्जा की होगी 80% से ज्यादा हिस्सेदारी: IEA

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के मुताबिक, भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 2030 तक बढ़कर करीब 530 गीगावॉट हो सकती है. इस विस्तार में सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी 80 फीसदी से अधिक रहने का अनुमान है.

4 hours ago

NSE-Augmont के EGR सेगमेंट में पहले दिन ₹33.11 करोड़ का कारोबार, 2.27 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स की ट्रेडिंग

NSE और Augmont की साझेदारी में इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट (EGR) सेगमेंट में 6 नवंबर को लाइव ट्रेडिंग की शुरुआत हुई. पहले ही दिन इसमें 33.11 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया गया.

4 hours ago

सरकार ने चावल बिक्री का लक्ष्य दोगुना किया, OMSS के तहत अब 50 लाख टन बेचेगी

सरकार 31 अक्टूबर तक ई-नीलामी के जरिए 25 लाख टन चावल बेच चुकी है. इसके साथ ही चावल और धान के स्टॉक की साप्ताहिक जानकारी देना भी अनिवार्य कर दिया गया है.

8 hours ago

भारतीय इक्विटी फंड्स का उभरते बाजारों से बेहतर प्रदर्शन, 17 साल में सबसे बड़ी बढ़त

अमेरिकी इक्विटी फंड्स में भी 32 अरब डॉलर का निवेश आया. वहीं, ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट (GEM) फंड्स में 3.6 अरब डॉलर का निवेश दर्ज किया गया, जो तीन महीने का उच्चतम स्तर है.

8 hours ago