अगले हफ्ते प्राइमरी मार्केट में 9 आईपीओ आने को तैयार हैं. जिसमें से दो आईपीओ मेनबोर्ड सेगमेंट के होंगे. बाकी एसएमई सेगमेंट के होंगे.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो ।।
यह हफ्ता काफी धमाकेदार होने के आसार हैं. उसका कारण भी है. अगले हफ्ते प्राइमरी मार्केट में 9 आईपीओ आने को तैयार हैं. जिसमें से 2 आईपीओ मेनबोर्ड सेगमेंट के होंगे. बाकी एसएमई सेगमेंट के होंगे. वहीं दूसरी ओर 6 कंपनियां सेकेंडरी मार्केट में लिस्ट होने के लिए भी पूरी तरह से तैयार हैं. अनुमान है कि इस साल कंपनियां आईपीओ के माध्यम से 3 लाख करोड़ रुपए जुटा सकते हैं. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर कौन-कौन सी कंपनियां अपना आईपीओ लेकर आ रही हैं.
मार्केट में ये आईपीओ होंगे लॉन्च
1. अजाक्स इंजीनियरिंग लिमिटेड आईपीओ (Ajax Engineering IPO)
अगले हफ्ते जो पहला मेनबोर्ड IPO खुलने वाला है, वह है अजाक्स इंजीनियरिंग लिमिटेड. यह 1269.35 करोड़ रुपये का एक बुक बिल्ट इश्यू है. यह इश्यू 2.02 करोड़ शेयरों का पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है. इस इश्यू का प्राइस बैंड 599-629 रुपये प्रति शेयर है. एक एप्लिकेशन के साथ न्यूनतम लॉट साइज 23 शेयरों का है. रिटेल इन्वेस्टर के लिए न्यूनतम निवेश राशि 14 हजार 467 रुपये है. यह आईपीओ 10 फरवरी को खुल कर 12 फरवरी को बंद होगा.
2. हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड आईपीओ (Hexaware Technologies IPO)
यह 8750 करोड़ रुपये का एक बुक बिल्ट इश्यू है. 12.36 करोड़ शेयरों का यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल है. Hexaware Technologies IPO का प्राइस बैंड 674-708 रुपये है. एक एप्लिकेशन के साथ न्यूनतम लॉट साइज 21 शेयरों का है. रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए न्यूनतम निवेश राशि 14 हजार 868 रुपये है. यह इश्यू 12 फरवरी को खुल कर 14 फरवरी को बंद होगा.
3. चंदन हेल्थकेयर लिमिटेड आईपीओ (Chandan Healthcare IPO)
यह एसएमई आईपीओ 10 फरवरी को खुलने जा रहा है. यह 107.36 करोड़ रुपये का एक बुक बिल्ट इश्यू है. यह 70.79 करोड़ रुपये मूल्य वाले 44.52 लाख शेयरों का फ्रेश इश्यू और 36.57 करोड़ रुपये वाले 23 लाख ऑफर फॉर सेल शेयरों का कॉम्बिनेशन है. Chandan Healthcare IPO का प्राइस बैंड 151-159 रुपये है. एक एप्लिकेशन के साथ न्यूनतम लॉट साइज 800 शेयरों का है. रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए न्यूनतम निवेश राशि 1 लाख 27 हजार 200 रुपये है.
4. वोलेर कार लिमिटेड आईपीओ (Voler Car IPO)
इस बुक बिल्ट इश्यू के जरिये कंपनी ने 27 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है. यह 30 लाख शेयरों का पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है. इस एसएमई आईपीओ का प्राइस बैंड 85-90 रुपये प्रति शेयर अनाउंस हुआ है. एक एप्लिकेशन के साथ न्यूनतम लॉट साइज 1600 शेयरों का है. रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए न्यूनतम निवेश राशि 1 लाख 44 हजार रुपये है. यह इश्यू 12 फरवरी को खुल कर 14 फरवरी को बंद होगा.
5. पीएस राज स्टील्स लिमिटेड आईपीओ (PS Raj Steels IPO)
12 फरवरी को यह इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा. यह 28.28 करोड़ रुपये का एक बुक बिल्ट इश्यू है, जो 20.20 लाख शेयरों का पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है. PS Raj Steels IPO का प्राइस बैंड 132-140 रुपये प्रति शेयर है. एक एप्लिकेशन के साथ न्यूनतम लॉट साइज 1000 शेयरों का है. रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए न्यूनतम निवेश राशि 1 लाख 40 हजार रुपये है.
6. मैक्सवोल्ट एनर्जी इंडस्ट्रीज लिमिटेड आईपीओ (Maxvolt Energy IPO)
यह 54 करोड़ रुपये का एक बुक बिल्ट इश्यू है. यह इश्यू 43.20 करोड़ रुपये मूल्य वाले 24 लाख शेयरों का फ्रेश इश्यू और 10.80 करोड़ रुपये के 6 लाख ऑफर फॉर सेल शेयरों का कॉम्बिनेशन है. Maxvolt Energy IPO का प्राइस बैंड 171-180 रुपये प्रति शेयर है. एक एप्लिकेशन के साथ न्यूनतम लॉट साइज 800 शेयरों का है. रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए न्यूनतम निवेश राशि 1 लाख 44 हजार रुपये है. 12 फरवरी को यह इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए खुल कर 14 फरवरी को बंद होगा.
7. एलके मेहता पॉलिमर्स लिमिटेड आईपीओ (L.K. Mehta Polymers IPO)
यह एसएमई आईपीओ 7.38 करोड़ रुपये का एक फिक्स्ड प्राइस इश्यू है. यह 10.40 लाख शेयरों का फ्रेश इश्यू है. यह सब्सक्रिप्शन के लिए 13 फरवरी को खुल कर 17 फरवरी को बंद होगा. L.K. Mehta Polymers IPO का प्राइस 71 रुपये प्रति शेयर है. एक एप्लिकेशन के साथ न्यूनतम लॉट साइज 1600 शेयरों का है. रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए न्यूनतम निवेश राशि 1 लाख 13 हजार 600 रुपये है.
8. शनमुगा हॉस्पिटल लिमिटेड आईपीओ (Shanmuga Hospital IPO)
यह एसएमई आईपीओ 20.62 करोड़ रुपये का एक फिक्स्ड प्राइस इश्यू है, जो 38.18 लाख शेयरों का पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है. सब्सक्रिप्शन के लिए यह इश्यू 13 फरवरी को खुल कर 17 फरवरी को बंद होगा. Shanmuga Hospital IPO का प्राइस 54 रुपये प्रति शेयर है. एक एप्लिकेशन के साथ न्यूनतम लॉट साइज 2000 शेयरों का है. रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए न्यूनतम निवेश राशि 1 लाख 8 हजार रुपये है.
9. क्वालिटी पावर इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट (Quality Power Electrical Equipments)
यह इश्यू 14 फरवरी को खुलने वाला है. क्लोजिंग 18 फरवरी को होगी. IPO में बोली लगाने के लिए प्राइस बैंड कितना होगा, इसकी डिटेल अभी सामने नहीं आई है. IPO बंद होने के बाद शेयरों की लिस्टिंग BSE, NSE पर 24 फरवरी को होगी.
ये 6 शेयर अगले हफ्ते होंगे लिस्ट
अब तक आपने उन IPO की लिस्ट पढ़ी, जो अगले हफ्ते खुलने वाले हैं. इनके अलावा अगले हफ्ते 6 आईपीओ लिस्ट भी हो रहे हैं. 11 फरवरी को चामुंजा इलेक्ट्रिकल का आईपीओ लिस्ट होगा. 12 फरवरी को केन एंटरप्राइजेज और एमविल हेल्थकेयर का आईपीओ लिस्ट होगा. 13 फरवरी को भी दो आईपीओ की लिस्टिंग है- रेडीमिक्स कंस्ट्रक्शन मशीनरी और सोलारियम ग्रीन एनर्जी. इसके अलावा 14 फरवरी को एलीगंज इंटीरियर्स के आईपीओ की लिस्टिंग होगी.
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है).
कंपनी 950 करोड़ रुपये के फ्रेश इश्यू के जरिए पूंजी जुटाएगी, जबकि मौजूदा निवेशक भी ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
देश की प्रमुख फिटनेस और वेलनेस कंपनी Cult.fit ने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है. कंपनी ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर दिया है. कंपनी 950 करोड़ रुपये के फ्रेश इश्यू के जरिए पूंजी जुटाएगी, जबकि मौजूदा निवेशक भी ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे. जुटाई गई राशि का इस्तेमाल नए फिटनेस सेंटर खोलने, ब्रांड विस्तार और कारोबार के विस्तार में किया जाएगा.
950 करोड़ रुपये का होगा फ्रेश इश्यू
ड्राफ्ट दस्तावेज के अनुसार, Cult.fit 950 करोड़ रुपये के नए इक्विटी शेयर जारी करेगी. इसके अलावा, टेमासेक, श्रोडर्स कैपिटल और जर्मनी की फिटनेस कंपनी लाइफफिट ग्रुप समेत मौजूदा निवेशक 17.86 करोड़ इक्विटी शेयरों तक की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए करेंगे. हालांकि कंपनी ने अभी आईपीओ के कुल आकार का खुलासा नहीं किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसका कुल आकार 3,500 करोड़ से 4,000 करोड़ रुपये के बीच हो सकता है.
देशभर में 708 फिटनेस सेंटर, करीब 10 लाख पेड सदस्य
31 मार्च 2026 तक Cult.fit के देशभर में 708 फिटनेस सेंटर संचालित हो रहे थे. कंपनी के करीब 9.87 लाख पेड सदस्य हैं. सदस्यता की बिक्री कंपनी अपनी वेबसाइट, मोबाइल ऐप, कॉर्पोरेट साझेदारियों और फिटनेस सेंटरों के माध्यम से करती है.
विस्तार और ब्रांडिंग पर खर्च होगी जुटाई गई पूंजी
कंपनी ने बताया कि आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग नए फिटनेस सेंटर खोलने, ब्रांडिंग और मार्केटिंग गतिविधियों को मजबूत करने तथा कारोबार के विस्तार में किया जाएगा. कंपनी ऐसे समय में बाजार में उतर रही है, जब देश में फिटनेस और प्रिवेंटिव हेल्थकेयर को लेकर लोगों की जागरूकता तेजी से बढ़ रही है. बढ़ती आय और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रवृत्ति से इस क्षेत्र में विकास की संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं.
IPO बाजार में बनी हुई है रौनक
भारतीय आईपीओ बाजार में इस समय काफी हलचल है. आने वाले महीनों में जियो प्लेटफॉर्म्स, एनएसई समेत कई बड़ी कंपनियां भी शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही हैं. ऐसे में Cult.fit का आईपीओ भी निवेशकों के लिए प्रमुख आकर्षण बन सकता है.
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.)
ASSOCHAM की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सरकार के नीतिगत सुधारों, बुनियादी ढांचे में निवेश, पीएलआई योजना और 'चीन+1' रणनीति के चलते भारत दुनिया के प्रमुख विनिर्माण केंद्रों में तेजी से उभर रहा है.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
वैश्विक कंपनियों के चीन पर निर्भरता कम करने और सप्लाई चेन में विविधता लाने की रणनीति का भारत को बड़ा फायदा मिल रहा है. उद्योग मंडल एसोचैम (ASSOCHAM) की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, कोविड-19 महामारी के बाद भारत की विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) वृद्धि वैश्विक औसत से बेहतर रही है. सरकार के नीतिगत सुधारों, बुनियादी ढांचे में निवेश, पीएलआई योजना और 'चीन+1' रणनीति के चलते भारत दुनिया के प्रमुख विनिर्माण केंद्रों में तेजी से उभर रहा है.
महामारी के बाद तेज हुई भारत की मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ
एसोचैम की रिपोर्ट 'ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग अंडरगोइंग स्ट्रैटेजिक रिअलाइनमेंट: इंडिया इमर्जेज ऐज अ की बेनिफिशियरी ऑफ सप्लाई चेन डाइवर्सिफिकेशन' के अनुसार, वर्ष 2022-25 के दौरान भारत की औसत मैन्युफैक्चरिंग वृद्धि दर बढ़कर 4.15% हो गई, जबकि 2016-19 के दौरान यह 3.44% थी. इसके विपरीत, महामारी के बाद वैश्विक औसत मैन्युफैक्चरिंग वृद्धि दर घटकर 2.19% रह गई, जो महामारी से पहले 4.39% थी.
दुनिया के शीर्ष विनिर्माण देशों में मजबूत हुई भारत की स्थिति
रिपोर्ट में दुनिया की 10 सबसे बड़ी विनिर्माण अर्थव्यवस्थाओं का विश्लेषण किया गया है, जिनका वैश्विक विनिर्माण उत्पादन में लगभग 65% योगदान है. अध्ययन के अनुसार, भारत अब 'उभरते हुए विनिर्माण नेताओं' (Emerging Manufacturing Leaders) में शामिल हो गया है और वैश्विक औसत की तुलना में उसका प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है.
वैश्विक औसत से ऊपर पहुंचा भारत
रिपोर्ट के मुताबिक, 2016-19 के दौरान भारत की मैन्युफैक्चरिंग वृद्धि वैश्विक औसत से 0.95 प्रतिशत अंक कम थी. हालांकि, 2022-25 में भारत वैश्विक औसत से 1.96 प्रतिशत अंक ऊपर पहुंच गया. वहीं, दुनिया की सबसे बड़ी विनिर्माण अर्थव्यवस्था चीन का प्रदर्शन इस दौरान कमजोर हुआ है. महामारी से पहले चीन की वृद्धि वैश्विक औसत से 2.40 प्रतिशत अंक अधिक थी, लेकिन अब यह वैश्विक औसत से 2.26 प्रतिशत अंक नीचे आ गई है.
चीन+1 रणनीति से मिला भारत को फायदा
रिपोर्ट में कहा गया है कि कोविड-19 महामारी के बाद कंपनियां अपनी उत्पादन इकाइयों को केवल चीन तक सीमित रखने के बजाय 'चीन+1', 'नियरशोरिंग' और 'फ्रेंडशोरिंग' जैसी रणनीतियां अपना रही हैं. इसका उद्देश्य सप्लाई चेन को अधिक मजबूत और विविध बनाना है. इस बदलाव से भारत निवेशकों के लिए एक आकर्षक विनिर्माण केंद्र बनकर उभरा है.
नीतिगत सुधारों ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा
एसोचैम के अध्यक्ष निर्मल के. मिंडा ने कहा कि वैश्विक विनिर्माण परिदृश्य में धीरे-धीरे लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव हो रहा है. कंपनियां अब केवल लागत और दक्षता पर नहीं, बल्कि सप्लाई चेन की मजबूती और विविधता पर भी ध्यान दे रही हैं. उन्होंने कहा कि भारत के बेहतर प्रदर्शन के पीछे लगातार किए गए आर्थिक सुधार और निवेशकों का बढ़ता विश्वास प्रमुख कारण हैं.
इन सरकारी पहलों का मिला फायदा
रिपोर्ट के अनुसार, भारत की विनिर्माण क्षमता मजबूत होने के पीछे कई प्रमुख कारण हैं. इनमें घरेलू मांग में वृद्धि, बुनियादी ढांचे का विकास, लॉजिस्टिक्स में सुधार, 'चीन+1' रणनीति के तहत बढ़ा विदेशी निवेश, उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना, पीएम गति शक्ति कार्यक्रम और औद्योगिक गलियारों का विकास शामिल हैं.
आगे किन क्षेत्रों पर देना होगा जोर?
एसोचैम का मानना है कि भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत करने के लिए लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक बुनियादी ढांचे में तेजी से निवेश करना होगा. इसके साथ ही घरेलू सप्लायर नेटवर्क को मजबूत करने, कारोबार सुगमता (Ease of Doing Business) में सुधार, इंडस्ट्री 4.0 तकनीकों को बढ़ावा देने और मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) का बेहतर उपयोग करने की जरूरत होगी.
निर्मल के. मिंडा ने कहा कि अब अगले चरण में सरकार और उद्योग को मिलकर ऐसे वैश्विक स्तर के विनिर्माण इकोसिस्टम तैयार करने पर ध्यान देना चाहिए, जो भारत को वैश्विक वैल्यू चेन में और अधिक मजबूत स्थिति दिला सकें.
अडानी ग्रुप और अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) ने 50:50 के संयुक्त उद्यम के तहत ओडिशा में एक एकीकृत एल्युमिनियम परियोजना विकसित करने का फैसला किया है.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
सीमेंट और तांबा कारोबार में विस्तार के बाद अब अडानी ग्रुप ने एल्युमिनियम उद्योग में भी बड़ी एंट्री की तैयारी कर ली है. समूह अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) के साथ संयुक्त उद्यम के जरिए ओडिशा में करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये का एकीकृत एल्युमिनियम परियोजना स्थापित करेगा. यह निवेश भारत के धातु क्षेत्र की सबसे बड़ी परियोजनाओं में शामिल होगा और देश के एल्युमिनियम बाजार में लंबे समय से मजबूत पकड़ रखने वाली हिंडाल्को और वेदांता के लिए नई प्रतिस्पर्धा खड़ी कर सकता है.
IHC के साथ संयुक्त उद्यम में बनेगा मेगा प्रोजेक्ट
अडानी ग्रुप और अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) ने 50:50 के संयुक्त उद्यम के तहत ओडिशा में एक एकीकृत एल्युमिनियम परियोजना विकसित करने का फैसला किया है. करीब 11.5 अरब डॉलर (लगभग 1.1 लाख करोड़ रुपये) की इस परियोजना में एल्युमिना रिफाइनरी, एल्युमिनियम स्मेल्टर, कैप्टिव पावर प्लांट और डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग पार्क स्थापित किए जाएंगे.
हिंडाल्को और वेदांता के दबदबे वाले बाजार में नई चुनौती
भारत के एल्युमिनियम उत्पादन का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा फिलहाल हिंडाल्को और वेदांता के पास है. ऐसे बाजार में नए खिलाड़ी के लिए प्रवेश आसान नहीं माना जाता, क्योंकि इसके लिए खनन, रिफाइनिंग, बिजली और लॉजिस्टिक्स का मजबूत नेटवर्क जरूरी होता है. अडानी ग्रुप की प्रस्तावित परियोजना पूरी तरह एकीकृत होगी, जिससे उत्पादन लागत और आपूर्ति श्रृंखला दोनों पर बेहतर नियंत्रण रहेगा.
20 लाख टन एल्युमिनियम उत्पादन क्षमता होगी
परियोजना के तहत सालाना 40 लाख टन क्षमता की एल्युमिना रिफाइनरी, 20 लाख टन क्षमता का एल्युमिनियम स्मेल्टर, 4,000 मेगावाट का कैप्टिव पावर प्लांट और 10 लाख टन क्षमता का डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग पार्क बनाया जाएगा. वित्त वर्ष 2025 में भारत का कुल एल्युमिनियम उत्पादन करीब 42 लाख टन रहा था. ऐसे में अकेले इस परियोजना से देश की उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा.
बढ़ती मांग को देखते हुए लगाया जा रहा दांव
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एल्युमिनियम उत्पादक होने के बावजूद अपनी जरूरतों का एक हिस्सा आयात से पूरा करता है. सरकारी अनुमानों के अनुसार वित्त वर्ष 2025 में देश में एल्युमिनियम की मांग करीब 55 लाख टन रही, जो 2030 तक 85 लाख टन और 2047 तक 2.8 करोड़ टन तक पहुंच सकती है. वहीं प्रति व्यक्ति एल्युमिनियम खपत अभी वैश्विक औसत से काफी कम है, जिससे भविष्य में इस धातु की मांग तेज़ी से बढ़ने की संभावना है.
सस्ती बिजली बनेगी सबसे बड़ी ताकत
एल्युमिनियम उत्पादन में ऊर्जा लागत सबसे महत्वपूर्ण होती है. अडानी ग्रुप के पास पहले से बड़ा बिजली उत्पादन पोर्टफोलियो है, जिसका लाभ इस परियोजना को मिलेगा. प्रस्तावित 4,000 मेगावाट के कैप्टिव पावर प्लांट के साथ 400 मेगावाट हरित ऊर्जा क्षमता भी जोड़ी जाएगी. इससे उत्पादन लागत कम रखने और प्रतिस्पर्धी बढ़त हासिल करने में मदद मिलेगी.
ओडिशा क्यों चुना गया?
इस परियोजना के लिए ओडिशा का चयन रणनीतिक रूप से किया गया है. भारत के आधे से अधिक बॉक्साइट भंडार इसी राज्य में हैं, जो एल्युमिनियम उत्पादन का प्रमुख कच्चा माल है. एल्युमिना रिफाइनरी रायगड़ा जिले में खदानों के निकट स्थापित की जाएगी, जबकि एल्युमिनियम स्मेल्टर सुंदरगढ़ में बनाया जाएगा. परियोजना के लिए कच्चा माल बल्लाडा, कुत्रुमाली समेत अन्य खदानों से आएगा. वहीं तैयार उत्पाद और कच्चे माल के परिवहन के लिए अडानी समूह के धामरा बंदरगाह और विशेष रेल एवं कन्वेयर नेटवर्क का उपयोग किया जाएगा.
मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से देश की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता मजबूत होगी और ऑटोमोबाइल, बिजली, निर्माण, रक्षा तथा इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों को घरेलू स्तर पर एल्युमिनियम की बेहतर उपलब्धता मिलेगी. साथ ही, अडानी समूह अपने बंदरगाह, डेटा सेंटर और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में भी इस धातु का उपयोग कर आपूर्ति श्रृंखला को और मजबूत कर सकेगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल भुगतान, शिक्षा, स्वास्थ्य, महत्वपूर्ण खनिजों और बंदरगाह विकास समेत कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान भारत और इंडोनेशिया ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल भुगतान, शिक्षा, स्वास्थ्य, महत्वपूर्ण खनिजों और बंदरगाह विकास समेत कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान इंडोनेशिया ने भारत की स्वदेशी ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलें खरीदने का फैसला किया, वहीं दोनों देशों ने यूपीआई को इंडोनेशिया के भुगतान तंत्र से जोड़ने, सबांग बंदरगाह के संयुक्त विकास और इंडोनेशिया में आईआईएम बेंगलुरु का कैंपस खोलने पर भी सहमति जताई. यात्रा के दौरान राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बिंतांग आदिपूर्णा' से भी सम्मानित किया.
ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों की खरीद पर बनी सहमति
भारत और इंडोनेशिया ने रक्षा सहयोग को नई मजबूती देते हुए ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल और अस्त्र हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली की खरीद पर सहमति बनाई है. इस समझौते के तहत भारत डायनेमिक्स लिमिटेड इंडोनेशियाई सेना को इन मिसाइल प्रणालियों की आपूर्ति करेगी. दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, रक्षा आदान-प्रदान, आपदा प्रबंधन और रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई.
सबांग पोर्ट का होगा संयुक्त विकास
दोनों देशों ने इंडोनेशिया के रणनीतिक महत्व वाले सबांग बंदरगाह को संयुक्त रूप से विकसित करने का फैसला किया है. मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थित यह बंदरगाह भारत की ग्रेट निकोबार पोर्ट परियोजना के काफी करीब है. माना जा रहा है कि इससे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की समुद्री कनेक्टिविटी मजबूत होगी और प्रस्तावित ट्रांसशिपमेंट हब को भी गति मिलेगी.
इंडोनेशिया में भी चलेगा भारत का UPI
दोनों देशों ने भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को इंडोनेशिया की भुगतान प्रणाली से जोड़ने का निर्णय लिया है. इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और सीमा-पार भुगतान पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज हो सकेंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह पहल कारोबार करने में सुगमता बढ़ाने के साथ डिजिटल आर्थिक सहयोग को भी नई दिशा देगी.
इंडोनेशिया में खुलेगा IIM बेंगलुरु का कैंपस
प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की है कि भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बेंगलुरु इंडोनेशिया में अपना कैंपस स्थापित करेगा. इसका उद्देश्य शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग को मजबूत करना है. इसके अलावा दोनों देशों ने विशेष इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के विकास और चुनावी सहयोग पर भी सहमति जताई.
क्रिटिकल मिनरल्स और उद्योगों में बढ़ेगा सहयोग
भारत और इंडोनेशिया ने महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने पर भी सहमति बनाई है. भारत इंडोनेशिया में स्टील, निकल और रेयर-अर्थ परमानेंट मैग्नेट निर्माण संयंत्रों में निवेश की योजना बना रहा है. इसका उद्देश्य वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में विविधता लाना और महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है.
स्वास्थ्य, कृषि और सामाजिक योजनाओं में भी साझेदारी
दोनों देशों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है, जिससे भारतीय दवाओं और चिकित्सा उत्पादों की पहुंच इंडोनेशिया तक आसान होगी. भारत इंडोनेशिया के डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण में भी सहयोग करेगा. इसके अलावा कृषि, दूरसंचार, आपदा प्रबंधन और दोनों देशों के चुनाव आयोगों के बीच भी कई समझौते हुए. भारत अपनी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) और मिड-डे मील जैसी सफल सामाजिक योजनाओं का अनुभव भी इंडोनेशिया के साथ साझा करेगा.
प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण में करेगा सहयोग
सांस्कृतिक सहयोग के तहत भारत और इंडोनेशिया ने इंडोनेशिया के ऐतिहासिक प्रम्बानन हिंदू मंदिर परिसर के संरक्षण और जीर्णोद्धार में सहयोग करने पर भी सहमति जताई. इससे दोनों देशों के सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है.
प्रधानमंत्री मोदी बोले- भारत-इंडोनेशिया संबंधों का शुरू हुआ 'स्वर्णिम अध्याय'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि भारत और इंडोनेशिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है. उन्होंने कहा कि दोनों देश रक्षा, सुरक्षा, ब्लू इकोनॉमी, समुद्री व्यापार, तकनीक, शिक्षा और संस्कृति सहित हर क्षेत्र में नए अवसरों पर साथ काम कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों के 'स्वर्णिम अध्याय' की शुरुआत साबित होगी, जिसका सकारात्मक प्रभाव पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र और वैश्विक व्यवस्था पर पड़ेगा.
एक्ट ईस्ट नीति को मिलेगी नई मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी की यह तीन दिवसीय यात्रा भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है. जकार्ता उनके तीन देशों के दौरे का पहला पड़ाव है. इस यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया सहित कई क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की. प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि भारत संवाद, कूटनीति और टू-स्टेट समाधान के माध्यम से स्थायी शांति का समर्थन करता है.
सेबी ने 24 जून 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज के कंपनी सचिव एवं कंप्लायंस अधिकारी को प्रशासनिक चेतावनी पत्र जारी किया. यह पत्र कंपनी को 6 जुलाई को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के माध्यम से प्राप्त हुआ.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों के कथित उल्लंघन के मामले में प्रशासनिक चेतावनी जारी की है. जांच में कंपनी के दो कर्मचारियों और एक कर्मचारी के करीबी रिश्तेदार द्वारा अप्रकाशित मूल्य-संवेदनशील जानकारी (UPSI) के दौरान शेयरों में ट्रेडिंग करने का मामला सामने आया है. हालांकि, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एहतियाती चेतावनी है और इससे कंपनी के वित्तीय या परिचालन कामकाज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.
क्या है पूरा मामला?
सेबी ने 1 जून 2024 से 30 अगस्त 2024 के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में हुई ट्रेडिंग की जांच की थी. इस दौरान नियामक ने सेबी (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015 के तहत नियमों के अनुपालन की समीक्षा की. जांच में पाया गया कि कंपनी के दो कर्मचारियों और एक कर्मचारी के करीबी रिश्तेदार ने अप्रकाशित मूल्य-संवेदनशील जानकारी (UPSI) की अवधि के दौरान कंपनी के शेयरों में कारोबार किया, जो इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों का उल्लंघन माना गया.
कंपनी को मिला चेतावनी पत्र
सेबी ने 24 जून 2026 को रिलायंस इंडस्ट्रीज के कंपनी सचिव एवं कंप्लायंस अधिकारी को प्रशासनिक चेतावनी पत्र जारी किया. यह पत्र कंपनी को 6 जुलाई को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के माध्यम से प्राप्त हुआ. इसके बाद रिलायंस ने स्टॉक एक्सचेंजों को इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह केवल एहतियाती कदम है और इसका कंपनी के कारोबार या वित्तीय स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
किन लोगों के नाम आए सामने?
सेबी ने अपने पत्र के परिशिष्ट (Annexure) में तीन लोगों का उल्लेख किया है.
1. हर्ष जैन ने 5 जुलाई 2024 को 6,385 रुपये में रिलायंस इंडस्ट्रीज के दो शेयर खरीदे.
2. कामिनी जैन, जो एक कर्मचारी की करीबी रिश्तेदार हैं, ने 10 जुलाई 2024 को 35 शेयर 1,09,695.25 रुपये में बेचे और अगले ही दिन 25 शेयर 78,871.25 रुपये में खरीद लिए.
3. हिराई उमंग दोषी ने 18 जुलाई 2024 को 15 शेयर 47,625 रुपये में बेचे.
सेबी ने क्या कहा?
बाजार नियामक के अनुसार, ये लेनदेन सेबी (इनसाइडर ट्रेडिंग निषेध) विनियम, 2015 के विनियम 4(1) तथा सेबी अधिनियम की धारा 12A(d) और 12A(e) का उल्लंघन हैं. सेबी ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि रिलायंस इंडस्ट्रीज को इन लेनदेन की जानकारी तब मिली, जब नियामक ने स्वयं कंपनी को इसकी सूचना दी.
भविष्य के लिए दी सख्त चेतावनी
सेबी ने कंप्लायंस अधिकारी को भविष्य में अधिक सतर्क रहने और इनसाइडर ट्रेडिंग नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की सलाह दी है. नियामक ने कहा कि यदि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोहराई गईं तो सेबी अधिनियम के तहत उचित कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
रिलायंस इंडस्ट्रीज का जवाब
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कहा है कि वह सेबी की ओर से उठाई गई चिंताओं को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी. हालांकि, कंपनी ने अभी तक यह नहीं बताया है कि जिन कर्मचारियों और संबंधित व्यक्ति के नाम सामने आए हैं, उनके खिलाफ कोई आंतरिक कार्रवाई की गई है या नहीं.
याप डिजिटल के अलावा अतुल हेगड़े भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम से भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे. नवाचार को बढ़ावा देना और नई पीढ़ी के उद्यमियों को सहयोग देना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल था.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
भारत के विज्ञापन और डिजिटल मार्केटिंग उद्योग के प्रमुख नामों में शामिल याप डिजिटल (Yaap Digital) के संस्थापक एवं चेयरमैन अतुल हेगड़े का मंगलवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. वह 57 वर्ष के थे. उनके निधन से देश के विज्ञापन, मार्केटिंग और स्टार्टअप इकोसिस्टम को बड़ा झटका लगा है.
25 वर्षों से अधिक समय तक उद्योग में निभाई अहम भूमिका
अतुल हेगड़े ने विज्ञापन, ब्रांडिंग और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक समय तक काम किया. इस दौरान उन्होंने खुद को एक दूरदर्शी उद्यमी और डिजिटल-फर्स्ट बिजनेस लीडर के रूप में स्थापित किया. उन्होंने रचनात्मकता, प्रौद्योगिकी और नवाचार के मेल से भारत के बदलते मार्केटिंग परिदृश्य को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
याप डिजिटल दिलाई वैश्विक पहचान
हेगड़े ने याप डिजिटल की स्थापना की और इसे एक एकीकृत मार्केटिंग एवं टेक्नोलॉजी कंपनी के रूप में विकसित किया, जिसकी मौजूदगी भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी है. उनके नेतृत्व में कंपनी ने डिजिटल मीडिया, कंटेंट, इन्फ्लुएंसर मार्केटिंग, डेटा एनालिटिक्स और प्रौद्योगिकी आधारित मार्केटिंग समाधानों के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई.
स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी दिया बढ़ावा
याप डिजिटल के अलावा अतुल हेगड़े भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम से भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे. उन्होंने रेनमेकर वेंचर्स (Rainmaker Ventures) की सह-स्थापना की और इसके माध्यम से कई शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स में निवेश किया तथा युवा उद्यमियों का मार्गदर्शन किया. नवाचार को बढ़ावा देना और नई पीढ़ी के उद्यमियों को सहयोग देना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल था.
विज्ञापन से शुरू हुआ था करियर
अतुल हेगड़े ने अपने करियर की शुरुआत विज्ञापन उद्योग से की थी. उन्होंने ब्रांडिंग, संचार और डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में व्यापक अनुभव हासिल किया, जिसके बाद याप डिजिटल की स्थापना की. उनका उद्देश्य एक ऐसी स्वतंत्र और प्रौद्योगिकी आधारित एजेंसी नेटवर्क तैयार करना था, जो वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सके.
वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का प्रदर्शन रहा मजबूत
हाल के वर्षों में अतुल हेगड़े याप डिजिटल के विस्तार का नेतृत्व कर रहे थे. वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा और उसका कर-पश्चात लाभ (PAT) लगभग दोगुना हो गया. उन्होंने कंपनी को तकनीक आधारित, पूर्ण-सेवा (फुल-स्टैक) मार्केटिंग कंपनी के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी रणनीति तैयार की थी.
एआई और वैश्विक विस्तार पर था फोकस
हाल ही में उन्होंने कंपनी के अगले चरण के विस्तार की योजना साझा की थी. इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), स्वामित्व वाले प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म, रणनीतिक अधिग्रहण और अंतरराष्ट्रीय विस्तार को कंपनी की भविष्य की प्रमुख रणनीति बताया गया था. उनका विजन डेटा, रचनात्मकता, कंटेंट और प्रौद्योगिकी को एकीकृत कर ब्रांडों की बदलती जरूरतों के अनुरूप समाधान उपलब्ध कराना था.
उद्योग के सम्मानित विचारक थे अतुल हेगड़े
अतुल हेगड़े को डिजिटल परिवर्तन, उपभोक्ता व्यवहार, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के भविष्य पर उनके विचारों के लिए उद्योग में काफी सम्मान दिया जाता था. वह विभिन्न मंचों पर अपने अनुभव और दृष्टिकोण साझा करते रहते थे. पेशेवर जीवन के अलावा उन्हें स्नीकर्स और समकालीन संस्कृति का भी विशेष शौक था, जो उनकी अलग पहचान का हिस्सा माना जाता था. उनके निधन से भारतीय विज्ञापन और डिजिटल मार्केटिंग उद्योग ने एक दूरदर्शी उद्यमी और मार्गदर्शक को खो दिया.
कंपनी ने 25 मार्च 2026 को IPO के लिए ड्राफ्ट दस्तावेज दाखिल किए थे. प्रस्तावित IPO में 8,000 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
बेंगलुरु स्थित मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल चेन मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Manipal Health Enterprises) को अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) से अंतिम मंजूरी मिल गई है. कंपनी ने 25 मार्च 2026 को IPO के लिए ड्राफ्ट दस्तावेज दाखिल किए थे.
8,000 करोड़ रुपये का होगा फ्रेश इश्यू
प्रस्तावित IPO में 8,000 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे. इसके अलावा, प्रमोटर इम्पीरियस हेल्थकेयर इन्वेस्टमेंट्स पीटीई. लिमिटेड और मणिपाल एजुकेशन एंड मेडिकल ग्रुप इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की ओर से 4,32,27,668 इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश (Offer for Sale-OFS) भी शामिल होगी. OFS के तहत TPG SG Magazine Pte. Ltd, Seventy Second Investment Company LLC, Ammar Sdn Bhd, Novo Holdings Invest Asia A/S और Phoenix Bear Investments LLC भी अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे.
जुटाई गई राशि का कहां होगा इस्तेमाल?
कंपनी ने बताया कि फ्रेश इश्यू से जुटाई जाने वाली राशि में से करीब 5,378 करोड़ रुपये का उपयोग उसकी प्रमुख सहायक कंपनी मणिपाल हॉस्पिटल्स प्राइवेट लिमिटेड के बकाया कर्ज और उस पर देय ब्याज के पूर्ण या आंशिक भुगतान के लिए किया जाएगा. इसके अलावा, 574 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी की स्टेप-डाउन सब्सिडियरी सह्याद्री हॉस्पिटल्स प्राइवेट लिमिटेड में अल्पांश हिस्सेदारी (Minority Stake) के अधिग्रहण के लिए किया जाएगा. शेष राशि का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए होगा.
प्री-IPO प्लेसमेंट पर भी विचार
कंपनी ने कहा कि वह बुक रनिंग लीड मैनेजर्स के साथ मिलकर 1,600 करोड़ रुपये तक के प्री-IPO प्लेसमेंट पर भी विचार कर सकती है. यदि यह प्लेसमेंट पूरा हो जाता है, तो फ्रेश इश्यू का आकार उसी अनुपात में घटा दिया जाएगा.
देशभर में 38 अस्पतालों का नेटवर्क
मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज देशभर में मल्टीस्पेशियलिटी अस्पतालों का संचालन करती है, जहां बाह्य रोगी सेवाओं (OPD) से लेकर जटिल तृतीयक और चतुर्थक स्तर के उपचार उपलब्ध कराए जाते हैं. 30 सितंबर 2025 तक कंपनी के पास 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 38 अस्पताल (प्रो-फॉर्मा आधार पर 48 अस्पताल) थे, जिनमें 10,761 लाइसेंस प्राप्त बेड (प्रो-फॉर्मा आधार पर 12,367 बेड) उपलब्ध थे.
CRISIL की रिपोर्ट के अनुसार, अस्पतालों की भौगोलिक मौजूदगी के लिहाज से यह भारत की सबसे बड़ी निजी अस्पताल श्रृंखला है. वहीं बेड क्षमता के आधार पर यह देश की सबसे बड़ी पैन-इंडिया मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल नेटवर्क और अस्पतालों की संख्या के आधार पर दूसरी सबसे बड़ी निजी अस्पताल श्रृंखला है.
नवंबर 2025 में शुरू किया 49वां अस्पताल
कंपनी ने नवंबर 2025 में बेंगलुरु में अपना 49वां अस्पताल शुरू किया, जिसके बाद 31 दिसंबर 2025 तक उसकी लाइसेंस प्राप्त बेड क्षमता बढ़कर 12,631 हो गई. वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने प्रो-फॉर्मा आधार पर 9,263.56 करोड़ रुपये का परिचालन राजस्व दर्ज किया, जो भारत की निजी अस्पताल श्रृंखलाओं में दूसरा सबसे अधिक था. वहीं वास्तविक आधार पर कंपनी का परिचालन राजस्व 8,242.25 करोड़ रुपये रहा.
छह महीने में 571.8 करोड़ रुपये का मुनाफा
30 सितंबर 2025 को समाप्त छह महीने की अवधि में कंपनी का परिचालन राजस्व 4,713 करोड़ रुपये रहा, जबकि इसी अवधि में उसका शुद्ध लाभ 571.8 करोड़ रुपये दर्ज किया गया.
सरकार ने OFS का फ्लोर प्राइस 1,400 रुपये प्रति शेयर तय किया है. संस्थागत निवेशक 7 जुलाई और खुदरा निवेशक 8 जुलाई को इस पेशकश में हिस्सा ले सकेंगे.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी कोचिन शिपयार्ड (Cochin Shipyard) में अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है. इसके लिए ऑफर फॉर सेल (OFS) लाया गया है, जिसके तहत निवेशकों को बाजार कीमत से कम दाम पर शेयर खरीदने का मौका मिलेगा. सरकार ने OFS का फ्लोर प्राइस 1,400 रुपये प्रति शेयर तय किया है, जो सोमवार के बंद भाव से करीब 7% कम है. संस्थागत निवेशक 7 जुलाई और खुदरा निवेशक 8 जुलाई को इस पेशकश में हिस्सा ले सकेंगे.
5.04% तक हिस्सेदारी बेच सकती है सरकार
सरकार पहले चरण में कोचिन शिपयार्ड की 2.52% हिस्सेदारी बेचेगी. यदि निवेशकों की ओर से अच्छी मांग मिलती है, तो अतिरिक्त 2.52% हिस्सेदारी भी बिक्री के लिए लाई जाएगी. इस तरह कुल 5.04% हिस्सेदारी OFS के जरिए बेची जा सकती है.
बाजार भाव से कम रखा गया फ्लोर प्राइस
सरकार ने OFS के लिए 1,400 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है. सोमवार को कोचिन शिपयार्ड का शेयर 1,504.75 रुपये पर बंद हुआ था. इस तरह निवेशकों को बाजार मूल्य की तुलना में करीब 7% कम कीमत पर शेयर खरीदने का अवसर मिलेगा.
कब मिलेगा निवेश का मौका?
OFS के तहत आज यानी 7 जुलाई को संस्थागत निवेशक (Non-Retail Investors) बोली लगा सकेंगे. वहीं 8 जुलाई को खुदरा निवेशकों (Retail Investors) के लिए इश्यू खुलेगा.
क्या होता है OFS?
ऑफर फॉर सेल (OFS) एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके जरिए सरकार या किसी सूचीबद्ध कंपनी का बड़ा शेयरधारक अपनी मौजूदा हिस्सेदारी निवेशकों को बेचता है. इसमें कंपनी नए शेयर जारी नहीं करती, बल्कि पहले से जारी शेयरों की बिक्री की जाती है.
सरकार के पास कितनी हिस्सेदारी?
31 मार्च 2026 तक कोचिन शिपयार्ड में केंद्र सरकार की 67.92% हिस्सेदारी थी. OFS के बाद यह हिस्सेदारी कुछ कम हो जाएगी. यह बिक्री सरकार की विनिवेश रणनीति का हिस्सा है. केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने विनिवेश और परिसंपत्ति मुद्रीकरण (Asset Monetisation) के जरिए 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है.
शेयर पर दिखा दबाव
OFS की घोषणा के बाद सोमवार को कोचिन शिपयार्ड का शेयर 1.25% की गिरावट के साथ 1,504.75 रुपये पर बंद हुआ. इससे पिछले कारोबारी सत्र में यह 1,523.75 रुपये पर बंद हुआ था. निवेशकों की नजर अब OFS को मिलने वाली प्रतिक्रिया और शेयर की आगे की चाल पर रहेगी.
सहकारिता मंत्रालय के पांचवें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि सरकार जल्द ही 'भारत टैक्सी' की तर्ज पर सहकारी यूटिलिटी एग्रीगेटर शुरू करेगी.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
केंद्र सरकार सहकारिता क्षेत्र को वित्तीय सेवाओं में मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने घोषणा की कि सरकार जल्द ही इफ्को-टोक्यो की तर्ज पर एक सहकारी जीवन बीमा कंपनी स्थापित करेगी. इसके साथ ही 'भारत टैक्सी' मॉडल पर आधारित एक सहकारी यूटिलिटी एग्रीगेटर भी शुरू किया जाएगा. सरकार का मानना है कि इन पहलों से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बीमा सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी और सहकारी समितियों की भूमिका और मजबूत होगी.
सहकारिता क्षेत्र में बीमा सेवाओं का होगा विस्तार
सहकारिता मंत्रालय के पांचवें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि सरकार जल्द ही 'भारत टैक्सी' की तर्ज पर सहकारी यूटिलिटी एग्रीगेटर शुरू करेगी. उन्होंने कहा कि सामान्य बीमा क्षेत्र में इफ्को-टोक्यो की सफलता से प्रेरणा लेते हुए अब सहकारी जीवन बीमा कंपनी बनाई जाएगी, जिससे बीमा क्षेत्र में सहकारी संस्थाओं की भागीदारी बढ़ेगी.
इफ्को-टोक्यो मॉडल से मिलेगी प्रेरणा
इफ्को-टोक्यो जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की स्थापना वर्ष 2000 में इफ्को और जापान के टोक्यो मरीन ग्रुप के संयुक्त उद्यम के रूप में हुई थी. कंपनी में इफ्को की 51% और टोक्यो मरीन ग्रुप की 49% हिस्सेदारी है. सरकार अब इसी मॉडल को आधार बनाकर सहकारी जीवन बीमा कंपनी विकसित करने की तैयारी कर रही है.
'भारत टैक्सी' का होगा विस्तार
अमित शाह ने कहा कि सहकारी मॉडल के तहत शुरू की गई 'भारत टैक्सी' योजना को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है. सरकार अगले दो वर्षों में इसका विस्तार देश के 500 शहरों तक करने की योजना बना रही है.
वित्तीय समावेशन को मिलेगा बढ़ावा
ग्रांट थॉर्नटन भारत के पार्टनर एवं फाइनेंशियल सर्विसेज रिस्क लीडर विवेक अय्यर ने कहा कि यह पहल सहकारिता मंत्रालय के वित्तीय समावेशन के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है. उनके अनुसार, सहकारी संस्थाएं पहले से ही सहकारी बैंकों के माध्यम से ऋण और इफ्को-टोक्यो के जरिए सामान्य बीमा क्षेत्र में सक्रिय हैं. अब यह मॉडल जीवन बीमा क्षेत्र तक विस्तारित किया जा सकता है.
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी संस्थाओं की मजबूत पकड़ और लोगों के साथ उनके भरोसेमंद संबंध बीमा की पहुंच बढ़ाने और ग्राहकों तक कम लागत में सेवाएं पहुंचाने में मदद करेंगे. हालांकि, किसी भी सहकारी बीमा कंपनी की सफलता के लिए मजबूत नियामकीय निगरानी और स्पष्ट संचालन व्यवस्था जरूरी होगी.
शुरुआती चरण में है योजना
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सहकारी जीवन बीमा कंपनी की योजना फिलहाल प्रारंभिक चरण में है. शुरुआती चर्चा के मुताबिक, कंपनी के प्रवर्तक देश की प्रमुख सहकारी संस्थाएं होंगी और बाद में अन्य भागीदारों को भी शामिल किया जा सकता है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कंपनी का ढांचा उन बहु-राज्य सहकारी समितियों की तरह हो सकता है, जिन्हें बीज, जैविक खेती और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अमूल, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी), इफ्को, कृभको और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) ने मिलकर स्थापित किया है.
देश में पहले से हैं 26 जीवन बीमा कंपनियां
वर्तमान में भारत में 26 जीवन बीमा कंपनियां संचालित हो रही हैं. प्रस्तावित सहकारी जीवन बीमा कंपनी के शुरू होने से सहकारी क्षेत्र की भागीदारी इस उद्योग में और मजबूत होगी, साथ ही ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बीमा सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है.
सोमवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स 521.16 अंक चढ़कर 78,285.07 और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 50 159.50 अंक की बढ़त के साथ 24,430.35 पर बंद हुआ था.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
घरेलू शेयर बाजार ने सोमवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ कारोबार समाप्त किया था. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) सेंसेक्स 521.16 अंक चढ़कर 78,285.07 और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) निफ्टी 50 159.50 अंक की बढ़त के साथ 24,430.35 पर बंद हुआ था. मजबूत मॉनसून की उम्मीद, विदेशी निवेशकों की खरीदारी और बैंकिंग शेयरों में तेजी ने बाजार को सहारा दिया. आज बाजार खुलने से पहले निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या यह तेजी बरकरार रहती है. खासतौर पर HDFC Bank, महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक जैसे शेयर फोकस में रह सकते हैं.
HDFC Bank समेत इन शेयरों ने दिखाई मजबूती
सोमवार को सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 13 बढ़त के साथ बंद हुए. HDFC Bank में सबसे अधिक 3.59% की तेजी दर्ज की गई. इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL), रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति सुजुकी, भारती एयरटेल, इटरनल, सन फार्मा, एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, टाइटन और लार्सन एंड टुब्रो के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए. वहीं दूसरी ओर कोटक महिंद्रा बैंक में सबसे अधिक 3.93% की गिरावट रही. इसके अलावा TCS, बजाज फिनसर्व, पावर ग्रिड, HCL Tech, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंडिगो, इंफोसिस, ITC, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), ट्रेंट, हिंदुस्तान यूनिलीवर और NTPC के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई.
ब्रॉडर मार्केट में भी रही खरीदारी
ब्रॉडर मार्केट में भी निवेशकों का रुझान सकारात्मक रहा. निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.45% और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.75% की बढ़त के साथ बंद हुए. सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी रियल्टी इंडेक्स छह महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी ऑटो इंडेक्स एक महीने के उच्च स्तर पर बंद हुआ. निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली.
आज इन शेयरों पर रहेगी निवेशकों की नजर
आज के कारोबार में कई शेयर निवेशकों के रडार पर रह सकते हैं. राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) ने टोरेंट फार्मास्यूटिकल्स और जेबी केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स के विलय को मंजूरी दे दी है. वरुण बेवरेजेज की केन्या इकाई ने करीब 305 करोड़ रुपये में देवयानी फूड इंडस्ट्रीज केन्या के डेयरी बेवरेज, जूस और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर कारोबार के अधिग्रहण का समझौता किया है. हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज ने अमेरिकी कंपनी स्मार्टरेंट के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित समाधान विकसित करने के लिए रणनीतिक साझेदारी की है. एम्बेसी डेवलपमेंट्स 1,170 करोड़ रुपये तक के डिबेंचर जारी कर अतिरिक्त पूंजी जुटाएगी. RITES को दक्षिण अफ्रीका से 35.82 मिलियन डॉलर का लोकोमोटिव आपूर्ति ऑर्डर मिला है. प्रिमो केमिकल्स ने फ्लो टेक केमिकल्स में शेष 51% हिस्सेदारी खरीदने को मंजूरी दी है. कॉनकॉर्ड एनवायरो सिस्टम्स के मुख्य वित्तीय अधिकारी अनीश गोयल ने इस्तीफा दे दिया है. सेजवन के ग्रोथ ओई फंड ने कर्णिका इंडस्ट्रीज में 3.2% हिस्सेदारी खरीदी है. एवेन्यू सुपरमार्ट्स (डीमार्ट) ने 300 करोड़ रुपये के कमर्शियल पेपर्स जारी किए हैं, जबकि ब्लू जेट हेल्थकेयर ने अपना क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) शुरू कर 531.70 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है. इसके अलावा जून तिमाही के कारोबारी अपडेट भी निवेशकों के फोकस में रहेंगे. ट्रेंट का स्टैंडअलोन राजस्व 19% बढ़कर 5,666 करोड़ रुपये, जुबिलेंट फूडवर्क्स का समेकित राजस्व 14.1% बढ़कर 2,569.3 करोड़ रुपये और टाइटन कंपनी का घरेलू कारोबार 37% तथा अंतरराष्ट्रीय कारोबार 128% बढ़ा है. इन सभी घटनाक्रमों के चलते आज इन शेयरों में अच्छी-खासी हलचल देखने को मिल सकती है.
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.)